एक तरफ भूखे मरते-भटकते बेजुबान तो दूसरी तरफ बेबस हैं किसान

एक-तरफ-भूखे-मरते-भटकते-बेजुबान-तो-दूसरी-तरफ-बेबस-हैं-किसान
इलाके का अन्नदाता पूरी पूरी रात जागकर सरहद की तरह अपने खेतों की रखवाली करने के लिए मजबूर कागजी आकंडे पेशकर प्रशास लूट रहा वह वाही

पाली(हरदोई)– इलाके मे आवारा छुट्टा पशुओं ने अपना आतंक इस कदर मचा रखा है कि जरा से चूके तो खेतों में खड़ी फसल को मिनटों ही चौपट कर देते हैं इन मवेशियों ने खेती-किसानी से जुड़े लोगों का दिन का सुकून और रात की नींद हराम कर रखी है क्षेत्र का अन्नदाता पूरी पूरी रात जाकर अपने खेतों की रखवाली करने के लिए मजबूर है गौ संरक्षण के नाम पर शासन द्वारा की गई कवायद जमीनी स्तर पर पूरी तरह से फेल नजर आ रही है

कहने को तो भरखनी ब्लाक में आवारा छुट्टा मवेशियों के संरक्षण के लिए नादखेडा, नईबस्ती, गैहाई, भोरापुर समेत करीब आधा दर्जन गाँवो मे आश्रय स्थल बनाए गए हैं चीन में आवारा मवेशियों को संरक्षित रखने के लिए उनके खाने-पीने के इंतजाम से लेकर उनकी देखभाल के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है जिस के रखरखाव पर शासन द्वारा भरी भरकम बजट खर्च किया जाता है
इसके बावजूद सड़कों से लेकर खेत खलियान आज तक आवारा छोटा मवेशियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है इलाके के अन्नदाताओ द्वारा हाड तोड़ मेहनत कर उनके खेतों में लहलहाती  खड़ी फसल को बचाने के लिए उन्हें पूरी पूरी रात जानने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है वहीं प्रशासन कागजी आंकड़े पेश कर वाहवाही लूटने में बात है इलाके का अन्नदाता त्रस्त