हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसलों व फलदार पौधों को भारी नुकसान

निर्मल सिंह

कागड़ा ! जहां एक तरफ कोरोना का संकट ऊपर से मौसम भी साथ नहीं दे रहा है।अप्रैल माह बीतने को आया है लेकिन मौसम के मिजाज बिगड़े हुए हैं।अभी सर्दी जाने का नाम नहीं ले रही है।ऊपरी क्षेत्रों में तो न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।हिमाचल प्रदेश में लगातार बिगड़ रहे मौसम के कारण किसानों और बागवानों की दिक्कतें बढ़ा दी है.
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों कागड़ा, चंम्बा ,ऊना ,हमीरपुर के अलावा अन्य जिलों में बीते दो दिन से चल रही तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।कई स्थानों पर गेहूं की फसल नष्ट हो गई है।भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई जिलों में फलदार पौधों का बूर को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
वहीं मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डा. मनमोहन सिंह ने फोन पर बात करते हुए बताया कि अगले 24 घंटे में राज्य के मैदानी व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में गरज के साथ वर्षा व उच्च पर्वतीय इलाकों में हिमपात की संभावना है।