दूधिया रोशनी से नहाया श्री वार्ष्णेय मन्दिर

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जन्माष्टमी पर रोशनी से जगमग होता मंदिर

प्रातः दुग्धभिषेक, सांय काल आरती और मध्य रात्रि 12 बजे कन्हैया जी का होगा अवतरण

अलीगढ़।

श्री वार्ष्णेय मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व, धार्मिक आस्था और हर्षोल्लास के साथ हर वर्ष मनाया जाता है ।लेकिन इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व कोरोना संकट के कारण बिल्कुल अलग तरह का रहेगा। परम्पराओं का निर्वहन तो होगा कान्हा के जन्म भी होगा दुग्धभिषेक भी होगा लेकिन भक्त केवल इन सभी कार्यक्रमों का आनन्द केवल ऑनलाइन ही उठा पाएंगे ।


श्री वार्ष्णेय मंदिर के प्रवक्ता भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुये बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम के लिए सम्पूर्ण मंदिर प्रांगण को सतरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है। मन्दिर के उन्नत शिखर दूर से ही देखे जा सकते हैं जो अपनी अलग ही आभा बिखेर रहे हैं ।


उन्होंने आगे बताया कि इस विशेष अवसर पर मथुरा वृंदावन के कारीगरों द्वारा ठाकुर जी समेत सभी विग्रहो की आकर्षक पोशाक तैयार की गयी है ।
मंदिर प्रवक्ता भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक के अनुसार श्री कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम का शुभारम्भ 12 अगस्त को प्रातः 9रू30 बजे लडडू गोपाल जी के दुग्धभिषेक से होगा।
सांय काल ठाकुर जी की आरती होगी ।

रात्रि में 12 बजे श्री कृष्ण के जन्म के समय दुग्धभिषेक होगा तदुपरांत वासुदेव जी कान्हा जी को सूप में रखकर यमुना पार कर नंदबाबा के यहाँ छोड़कर आयेगे। इस लीला को देखने दूर दूर से भक्त श्री वार्ष्णेय मंदिर पहुचते रहे हैं लेकिन इस बार कोरोना संकट के कारण प्रशासन की गाइड लाइन को देखते हुए कोई भी सामूहिक कार्यक्रम नही होगा ।

मन्दिर के महंत और पुजारियों के साथ केवल व्यवस्था से जुड़े बन्धु ही मन्दिर प्रांगण में दर्शन लाभ ले सकेंगे । सामाजिक दूरी , मास्क , सनेटायजेशन का विशेष ध्यान रखा जाएगा ।
इस जन्माष्टमी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एवम भक्तों को घर घर दर्शन मिल सकें इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं मंदिर समिति की ओर से की जा रही हैं ।