भाव शुद्ध हो तो दुष्टों का भी उद्धार करते हैं भगवान-चन्द्रमणि पाण्डेय(सुदामाजी)

भाव -शुद्ध- हो -तो- दुष्टों- का- भी उद्धार करते हैं भगवान-चन्द्रमणि पाण्डेय(सुदामाजी)

संसारीपुर स्थिति लबदहिया में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में पांचवें दिन बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामाजी ने व्यास पीठ का विधिवत पूजन अर्चन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का अयोजन अति पुनीत कार्य है इसके भाव पूर्वक श्रवण मात्र से ही मानव जीवन धन्य हो जाता है पूतना नामक राक्षसी जो कि भगवान को सामान्य सा बालक जानकर उनका वध करने गई थी किन्तु उसने मां के भाव से दुग्धपान कराया तो प्रभू ने उसका भी उद्धार कर दिया कालिया नाग की धर्मपत्नी ने पुत्रवत वत्सलता दिखाया

तो प्रभू ने कालिया को जीवनदान दे दिया इतना ही नहीं भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया के विष से दूषित यमुना की सफाई कर प्रकृति भी सिखलाया है।ऐसे में कथा श्रवण के साथ साथ हमें पर्यावरण की सुरक्षा व गौसंरक्षण का भी संकल्प लेना चाहिए श्री अयोध्याधाम से पधारे आचार्य मुक्तामणि शास्त्री ने ईश्वर की मनोहारी लीलाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन किया

गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है श्री बांकेबिहारी नन्दलाल मेरो है जैसी भजनों सुन श्रोतागण मंत्रमुग्ध भक्तिसागर में लीन नजर आये इस मौके पर पशुपतिनाथ चतुर्वेदी, अखिलेश चतुर्वेदी, चन्द्रप्रकाश तिवारी, डी.के.सिंह, आशुतोष मिश्र, कन्हैयालाल तिवारी, अभिषेक पाण्डेय, अम्ब्रीश मिश्र सहित हजारों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।

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