कुशीनगर: रेत की खेल में घरों में हार रही जिंदगी

👉 जब पास में साइकिल से चलने की कूबत नही रही वह आज सोने की खान कही जाने वाली बालू माफिया दबंग खान कहला रहे है।

👉 यूपी की सरकार है कि चाहे पीडब्ल्यूडी की सड़के बर्बाद हो या सिंचाई विभाग का बांध या सड़को पर मर रहे बेकसूर राहगीर के लिए पुलिस विभाग या खनन विभाग आदि जिम्मेदार सबके सब मुंह पर हण्डीप्लास्ट चिपका लिए है।

👉 यहा तो बालू में लिप्त गुंडे माफियाओं की खबरों से फूल रही है सांसे, सोशल मीडिया पर कुछ करने कराने की कर रहे है बातें

स्वतंत्र प्रभात की कलम से प्रमोद रौनियार
कुशीनगर, उप्र।

आपको बताते चले कि 9 मई 2021 के पहले से पीपी तटबंध पर ट्रैक्टरों की शोर-गुल में एक बंदर बहुत विचलित हो चुका है। यही कारण है कि पेड़ के झाड़ियों में छिप कर बैठा बंदर अचानक चलती ट्रैक्टर पर तपाक से कूद कर धुनाई शुरू कर रहा है।

इसी कारण 9 मई को पीपी बांध पर एक ट्रैक्टर चालक की मौत भी हो गई है। हालांकि कि हर बरस जिस सड़क पर जिस तरह बेलगाम चालक अबाध गति से बालू ट्रैकर लेकर चलते है उस सड़क पर पुलिस मौतों की पोस्टमार्टम भी करती रहती है।

अब उग्र बंदर से डरे सहमे बालू माफिया ठीकेदार ने ट्रैक्टर टाला चालकों से बांध छुड़ाकर जटहां बाजार व थाने के बगल से होकर जाने आने की मशविरा दे दिया है।

आज जटहां से होकर बालू लादने खदान में जा रहा एक बालू ट्रैक्टर चालक से पूछने पर बताया कि बांध पर एक घटना हो गई है। गांव वाले बांध से आने जाने से रोक रहे है।सवाल क्यो रोक रहे है तो चालक ने बताया कि ट्रैक्टर से एक घटना में एक ट्रैक्टर स्वामी चालक की मौत हो गई है।

पीड़ित परिवार ठीकेदार से पांच लाख रुपया मांग रहे है। इसी वजह से बांध छोड़ दिए है।चालक ने बताया कि ठीकेदार ने कहा है कि जब तक मुआवजा मांगने वालों से समझौता नही हो जा रहा है तब तक जटहां बाजार से चलने के लिए कहा है। हालांकि बांध पर एक उग्र बंदर भी प्राकृतिक संपत्ति लूटने पर अमादा बालू माफिया ट्रैक्टर चालको को मारपीट रहा है।

चालक से ठीकेदार का नाम पूछने पर अनभिज्ञता पूर्वक बताया है कि कोई संजय ठीकेदार है। उन्हीके आदेश निर्देश पर हम लोग बालू खदान में हो या जटहां बाजार मुख्य मार्ग से

चल रहे है।

एक तरफ पूरा देश कोरोना डायन से कराह रहा है दूसरे तरफ बेखौफ प्राकृतिक संतुलन बिगाड़ने में और प्राकृतिक संपदा को लूटने में जिम्मेदार लगे हुए है। यही चंद लोग है जिनके बदौलत बाढ़ मौसम में आपदा आती है।अब यह भी दिन दूर नही अगले माह 15 जून 2021 से मानसून आने वाला है।