दया वर्मा हत्याकांड : मर्डर की गुत्थी ठेका-पट्टी या सुनियोजित

लोग-बाग-हतप्रभ-हो-मन-हीं-मन-बहुतेरे-कयास-लगा-रहे-कोई-इसे-ठेकेदारी-में-ऊपजे-मतभेद-और-विवाद-को-कारण-मानता-तो-कोई-दिवंगत-वर्मा-के-राजनैतिक-गतिविधियों-का-तार-से-तार-जोड़कर-अपना-अलग-अलग-राग-अलाप-रहा..?
लोग-बाग-हतप्रभ-हो-मन-हीं-मन-बहुतेरे-कयास-लगा-रहे-कोई-इसे-ठेकेदारी-में-ऊपजे-मतभेद-और-विवाद-को-कारण-मानता-तो-कोई-दिवंगत-वर्मा-के-राजनैतिक-गतिविधियों-का-तार-से-तार-जोड़कर-अपना-अलग-अलग-राग-अलाप-रहा..?

अपराधिक टीम के तार वाल्मीकिनगर से जुड़ा होना कई सवालों को जन्म दे रहा..?

आखिर बबलू जायसवाल किस कुनबे के साथ मौका पर आया जो घटना के बाद धराया…?

हत्यारे दल में वाल्मीकिनगर के लोगों की मौजूदगी कहीं मामला सुनियोजित तो नहीं …?

– पुलिस कर रही हर पहलू की जाँच, जगह-जगह की जा रही छापेमारी

– स्वतंत्र प्रभात

(अमरेश कुमार सिंह, बगहा में)

पटना, (प्रदेश ब्यूरो-प्रमुख)। बगहा पुलिस जिला में ठेका-पट्टी अथवा राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का खूनी तांडव समूल क्षेत्र में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।

\लोग-बाग हतप्रभ हो मन हीं मन बहुतेरे कयास लगा रहे। कोई इसे ठेकेदारी में ऊपजे मतभेद और विवाद को कारण मानता तो कोई दिवंगत वर्मा के राजनैतिक गतिविधियों का तार से तार जोड़कर अपना अलग-अलग राग अलाप रहा..?

घटना के शिकार दया वर्मा की पत्नी कुमुद वर्मा की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी एक ओर नामजद अभियुक्तों के चलते पुलिस का रूख ठेका-प्रपंच में उपजे विवाद को आधार बना

 

बगहा के एक ठेकेदार शकील और उनके रहनुमाईयों की ओर मोड़ रही, तो मौके से वाल्मीकिनगर के बबलू जायसवाल का पकड़ा जाना ठेकापट्टी के साथ हीं साथ राजनीतिक घात की भी कहानी गढ़ता है,

जो वाल्मीकिनगर से सत्तारूढ़ दल के विधायक धीरेन्द्र प्रताप उर्फ रिंकू सिंह को भी निशाने पर खड़ा किया है! कारण, प्राथमिकी में स्थानीय विधायक भी नामजद बनाये गये हैं?

संयोगवश, घटना के बाद मौके से ग्रामीणों द्वारा गंभीर रूप से चोटिल वाल्मीकिनगर के तीन आरडी पुल का एक होटल व्यवसायी बबलू जायसवाल का पकड़ाना और पुलिस हिरासत में आना।

 

 

कई रहस्यों को जन्म देता है। राजनीतिक गतिविधियों के दृष्टिगत यह हत्याकांड कई सवाल सहज हीं पैदा करने लगा है। जन साधारण की नब्ज टटोलें तो दया वर्मा की हत्या की गुत्थी वाल्मीकिनगर से जुड़े होने की प्रबल सम्भावना है..?

लोगों में खुसर-फुसर इस बात की भी है कि हमलावर अपराधियों की पुरजोर पहचान पुलिस गिरफ्त में आये होटल व्यवसाई बबलू जायसवाल जहाँ करने में पुलिस का प्रबल सहायक बन सकता है

तो वहीं, इस घटना के बाद वाल्मीकिनगर के टंकी बाजार के ईर्द-गिर्द तितर-बितर हुये चरपहिया निजी वाहनों की घटनास्थल से शिनाख्त कराने का प्रयास यदि पुलिस महकमा स-समय करा ले तो

घटना में प्रयुक्त महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने की सम्भावनाएँ हैं। चौंकाऊँ, कदापि नहीं कि इस रहस्यमयी हत्याकांड की धूरी पुलिस जाँच में वाल्मीकिनगर बन चुका है..?

 

जरूरत है तो बस पुलिस कप्तान बगहा गोरख किरण कुमार जाधव के दिशा-निर्देश में एक निष्पक्ष जाँच की जिसका महत्वपूर्ण सुराग बबलू जायसवाल मौका पर उपस्थित जन समुदाय के सहयोग से पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।

ठेका-पट्टी हो या राजनीतिक दया वर्मा की हत्या सुनियोजित साजिश का नतीजा माना जा सकता है, जिसमें बबलू जायसवाल जैसे अन्य कुछ लोगों के मुखौटों का सच भी सामने आ सकता है।

बहरहाल, पुलिस महकमा एड़ी-चोटी एक कर मामले के पटाक्षेप में जुटा है। एसपी श्री जाधव के नेतृत्व में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।

यदि, सबकुछ ठीक रहा तो समय रहते पुलिस अपने माथे की सिलवटों को सामान्य करने के साथ ही पूर्व जिला पार्षद सह संवेदक दया वर्मा हत्याकांड का पटाक्षेप करने में सफल हो जाएगी!

बशर्ते सिरिसिया और वाल्मीकिनगर की जनता भयमुक्त हो पुलिस जाँच में निष्पक्ष सहयोग करे। क्योंकि, बगहा क्षेत्र के लिए यह घटना विस्मयपूर्ण और कायराना हरकत का पुख्ता सुबूत है।