जिले में बढ़ती जा रही कोरोना चेन, 6 नये केसो के साथ 48 पहुंची संख्या

नसीर ख़ान ब्यूरो
उन्नाव। जनपद में कोरोना चैन टूट नहीं पा रही है। इसे प्रथम दृष्टया स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ही माना जा रहा है क्योंकि जिला प्रशासन के निर्देशो का स्वास्थ्य विभाग द्वारा कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है। परिणामतः कोरोना पाजिटिव चैन बनाते जा रहे हैं। अगर इन्हें समय रहते ही क्वारंटीन अथवा आइसोलेट कर सुचारू उपचार किया जाये तो संभवतः जनपद में अप्रत्याशित रूप से बढ़ रहे कोरोना पाजिटिव केसो पर लगाम लगायी जा सकती है।

आज जिले में आधा दर्जन नये कोरोना पाजिटिव केस मिले। यह सभी केस उन्हीं स्थानो पर पाये गये जहां पूर्व में कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि नये केस भी पुराने मरीजो के संक्रमण से ही फैले हैं। वैसे भी कोरोना महमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लाापरवाही अखबारो की सुर्खियों में है। कहीं पीपीई किट की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो कहीं मरीजो को खराब भोजन तो कहीं प्रवासी मजदूरो का समय से चेकअप न कर उन्हें होम क्वारंटीन किये जाने की शिकायते आ रही हैं। इतना ही नहीं सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि जांच कराने जाने वाले मरीजो को सेम्पल लेकर घर में ही रहने के निर्देश दिये जा रहे हैं और उन्हें आइसोलेट नहीं किया जा रहा है।

जबकि रिपोर्ट आने में दो दिन का समय लगता है। ऐसे में यदि मरीज कोरोना पाजिटिव है तो वह दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। कमोवेश जनपद में कुछ ऐसा ही हो रहा है। शुक्लागंज के चम्पापुरवा व अचलगंज के छोटी रावल में मिले दोनो नये पाजिटिव केसो को पूर्व में मिले पाजिटिव केसो से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जाता है कि यहां पूर्व में मिले मरीजो को स्वास्थ्य विभाग ने सेम्पल लेकर होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी थी जो बाद में पाजिटिव मिले।

आज नये मिले केसो में दो शुक्लागंज के चम्पापुरवा, दो अचलगंज के रावल, एक गंजमुरादाबाद तथा एक असोहा थाना क्षेत्र के कालूखेड़ा का है और यहां पूर्व में इन सभी जगहो पर कोरोना पाजिटिव केस मिल चुके हैं। इस प्रकार अब जिले में कुल कोरोना पाजिटिव केसो की संख्या 48 पहुंच गयी है और अगर यह क्रम इसी रफ्तार से चलता रहा तो आने वाले समय में स्थिति भयावह हो सकती है।