तालाबी भूमि पर दबंगों द्वारा किया जा रहा अवैध कब्जा

तालाबी भूमि पर दबंगों द्वारा किया जा रहा अवैध कब्जा

कब्जे को मुक्त कराने के लिए उप जिलाधिकारी हैदर गढ़ द्वारा की गई गठित टीम

 राजस्व कर्मियों द्वारा उप जिलाधिकारी हैदर गढ़ के आदेशों को दरकिनार करते हुए गांव नहीं पहुंची टीम

हैदरगढ़ (बाराबंकी)।
तालाबी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए उपजिलाधिकारी द्वारा गठित राजस्व टीम की लापरवाही की हद हो गई। करीब एक माह का समय बीत जाने के बावजूद राजस्व टीम तालाब से अवैध कब्जा हटवाने गांव नहीं पहुंच सकी है, जबकि प्रदेश सरकार ग्राम समाज की जमीनों विशेषकर तालाब पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर बेहद सख्त है। इस सब के बाद भी सरकार के सख्त आदेशों को लेकर राजस्व अधिकारी गम्भीर नहीं है जिसका यह ताजा उदाहरण आपके सामने है। वहीं तालाब से अवैध कब्जा न हटाये जाने से नाराज शिकायतकर्ताओं ने पुनः उपजिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है। उक्त मामला लोनीकटरा थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव का है।
               गांव निवासी राज बहादुर सिंह, देव बक्श, श्याम बहादुर सिंह, नरवीर सिंह, राजन सिंह, दीपक कुमार सिंह, कृष्ण कुमार सिंह सहित ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से की गई शिकायत में बताया कि गाटा संख्या 590/645 जो सरकारी अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है। उक्त ग्राम समाज की तालाबी भूमि पर गांव के रहने वाले अजीत बहादुर सिंह पुत्र लल्लू सिंह द्वारा जबरन अवैध निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर गांव पहुंचे हल्का लेखपाल द्वारा अवैध निर्माण को रोकवा दिया गया।
लेखपाल के जाते ही फिर से तालाबी भूमि पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया गया जो अनवरत जारी है। जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा उक्त मामले की शिकायत तहसील जाकर उपजिलाधिकारी से की गई। उपजिलाधिकारी ने शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए तालाब की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने को लेकर राजस्व निरीक्षक त्रिवेदीगंज वीरेंद्र यादव की अगुवाई में छः सदस्यीय टीम 12 जनवरी को गठित की गई।
सबसे मजे कि बात यह है कि गठित राजस्व टीम ने उपजिलाधिकारी के आदेश को भी ताक पर रख दिया और तालाब की भूमि से अवैध कब्जा हटवाना उचित नहीं समझा कुल मिलाकर गठित राजस्व टीम के लिए उपजिलाधिकारी का आदेश मखौल बनकर रह गया जो बड़ी लापरवाही है। वहीं एक बार फिर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी की चौखट पर जाकर तालाबी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण व कब्जा हटाए जाने की मांग की है।

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