पैसे में बिक रही गरीबों की उम्मीद

ali
राशन कार्ड बनवाने के नाम पर दलाल उपभोक्ताओं से दो सौ से लेकर पांच-पांच सौ रुपये तक वसूल रहे

जिला पूर्ति कार्यालय में दलालों की खूब कट रही चांदी

धर्मेन्द्र राघव


अलीगढ़।

जिला पूर्ति कार्यालय में इन दिनों दलालों की खूब चांदी कट रही है। खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्ड बनवाने के नाम पर दलाल उपभोक्ताओं से दो सौ से लेकर पांच-पांच सौ रुपये तक वसूल रहे हैं। हैरत देखिए कि आंखों के आगे हो रही इस खुली लूट से आपूर्ति विभाग को कोई सरोकार नहीं।
जिला पूर्ति कार्यालय में पिछले कई माह से खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्ड बनाने का काम चल रहा है। इसी के साथ वहां दलाल भी सक्रिय हो गए थे, जिनकी संख्या वर्तमान में दो दर्जन के आसपास है।

पटेल नगर निवासी शकुंतला देवी ने बताया कि वह जिला पूर्ति कार्यालय में राशन कार्ड बनवाने गई थी। वहां एक व्यक्ति उनके पास आकर बोला, अधिकारी आपका राशन कार्ड बनाने में एक से दो महीना लगा देंगे और बार-बार कागजों के नाम पर परेशान भी करेंगे। मैं आपका राशन कार्ड तीन दिन में बनवा दूंगा, लेकिन इसमें दो सौ रुपये का खर्च आएगा।
निरंजनपुरी निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि दो हफ्ते पहले जब वह जिला पूर्ति कार्यालय में राशन कार्ड बनवाने गए तो उनसे भी एक दलाल ने कार्ड बनवाने के लिए पांच सौ रुपये मांगे।

उन्होंने बताया कि उनके मोहल्ले में कई लोग तो पांच-पांच सौ रुपये दलालों दे चुके हैं। इतना ही नहीं, दलाल अब लोगों के घरों तक भी पहुंचने लगे हैं और राशन कार्ड बनवाकर उसे घर तक पहुंचाने के एक-एक हजार रुपये तक की वसूल रहे हैं। ऐसा नहीं कि विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक नहीं, लेकिन पता नहीं क्यों अधिकारी जानबूझकर विभाग में हो रही इस दलाली पर लगाम कसने की जरूरत महसूस नहीं कर रहे।


सरवर डाउन का हवाला देकर लूट-खसोट


जिला पूर्ति कार्यालय में मनमानी बंद नहीं हो रही है। इसको लेकर राशन कार्ड धारकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। डीएसओ कार्यालय में नए राशन कार्ड बनवाने, फार्म जमा करने, फीडिंग कराए जाने के अलावा नेट पर नाम दर्ज न होने सरीखी कई शिकायतों को लेकर रोजाना लोगों की भीड़ जुट रही है। यहां कर्मचारियों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। डीएम की सख्ती के बाद भी यहां पर अभी भी दलाल सक्रिय हैं जो कि उपभोक्ताओं को ऐंठने का काम कर रहे हैं।


प्रशासन की ओर से इनकी अभी तक निगरानी नहीं बढ़ाई गई। मंगलवार को दोपहर में विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। तहसील दिवस होने की वजह से यहां पर अधिकारी नहीं थे। फीडिंग कक्ष बाहर से बंद था। मुख्य कार्यालय को घेरकर बाहर से होमगार्ड बैठा था। जब लोगों ने अपनी शिकायतों को लेकर अंदर जाने की कोशिश की तो होमगार्ड ने बताया कि तहसील दिवस के कारण दफ्तर बंद है इस पर लोग आग बबूला हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।

लोगों का कहना था कि कई बार चक्कर लगा चुके हैं मगर कोई समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
डारी नगर के निवासी राधाचरन ने बताया कि वे चैथी बार यहां आए हैं कोई संतोषजनक जवाब ही नहीं दे रहा है। कल्पना मिश्रा ने आरोप लगाया कि पूर्ति विभाग में मनमानी की जा रही है। नेट पर नाम दर्ज न होने का हवाला देकर कोटेदार भी लूट खसोट मचाए हुए हैं।