राज्य शहीदों के नाम ऋषिकेश स्तिथ शहीद स्मारक के ध्वस्तीकरण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया-सुनील ध्यानी

राज्य शहीदों के नाम ऋषिकेश स्तिथ शहीद स्मारक के ध्वस्तीकरण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया

राज्य शहीदों के नाम ऋषिकेश स्तिथ शहीद स्मारक के ध्वस्तीकरण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया-सुनील ध्यानी

स्वतंत्र प्रभात न्यूज़

देहरादून। उत्तराखंड राज्य किसी सौगात में नही मिला बल्कि त्याग को बलिदानों के बदौलत मिला है।राज्य के शहीदों के नाम पर ऋषिकेश हरिद्वार रोड़ स्तिथ शहीद स्मारक का सरकार के आदेशों पर ध्वस्तीकरण करना शहीदों का सबसे बड़ा अपमान है। इससे राज्य की आंदोलनकारी भावनाओं पर ठेस पहुँची है।

ऋषिकेश शहर में हरिद्वार रोड पर सत्ताधारी नेताओं ने कब्जे किये है, लेकिन भेदभावपूर्ण रवैया आपकी सरकार कर रही है,साथ ही अपने चहेतों को बचाने के साथ संरक्षण दे रही है। आपकी सरकार माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल के जिस आदेश का पालन कर देहरादून शहर व अन्य शहरों में ध्वस्तीकरण किया जा रहा है वह पूर्णरूप से भेदभाव पूर्ण है। जिसका विरोध दल पूर्व में कर चुका है।कोर्ट के आदेशों का बहाना लेकर आपकी पार्टी जो प्रचंड बहुमत लेकर सत्तासीन है,जो हिंदुत्व का ठोंग करती है!

आज वही सरकार मंदिरों और धार्मिक स्थलों को ध्वस्त करवा रही है। राज्य के परिपेक्ष में हमारे शहीदों के स्मारकों को तोड़ रही है।जिस तरह कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।कोर्ट ने उसी आदेश पर अवैध मलिन बस्तियों को हटाने के लिये आदेशित किया है। लेकिन आपकी सरकार को वोट बैंक की राजनीति करनी है, मलिन बस्तियों को बचाने के लिये अध्यादेश आपकी सरकार लाती है लेकिन शहीदों के स्मारकों,धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिये कोई अध्यादेश नही लाती। जो सरासर दुर्भाग्य पूर्ण है।

हमारे शहीदों का इससे बड़ा क्या होगा? हिंदुत्व वाली प्रचंड बहुमत वाली भाजपानीत आपकी सरकार का चेहरा मंदिरों और धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण से चाल चेहरा चरित्र उजागर होता है। शासन में बैठे टॉप के ब्यूरोक्रेट्स जो ध्वस्तीकरण को असलिजामा पहना रहे है,खुद वो सरकारी जमीनों पर कब्जा किये बैठे हैं!आपकी सरकार ऐसे ब्यूरोक्रैट के सामने नतमस्तक है।

उक्रांद ऋषिकेश स्तिथ शहीद स्मारक के ध्वस्तीकरण का घोर विरोध करता है।यह शहीद स्मारक उक्रांद के द्वारा दल के पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार की अध्यक्षता में डॉ आर०के०गुप्ता के सहयोग से 2000-2001 में निर्मित हुआ और पहाड़ के गांधी स्व०इंद्रमणि बड़ोनी की पहली प्रतिमा स्थापित हुई थी। दल आर-पार की लड़ाई के लिये तैयार है।भेदभाव पूर्ण ध्वस्तीकरण का दल विरोध करता है।

विरोध स्वरुप ज्ञापन महानगर सुनील ध्यानी के नेतृत्व में जिला प्रशासन देहरादून को सौंपा गया। इस अवसर पर एन०के०गुसाईं,बहादुर सिंह रावत, राजेश्वरी रावत,अशोक नेगी,मनोज वर्मा,पीयूष सक्सेना,ऋषि राणा,समीर मुखर्जी,सीमा रावत, गोपाल उनियाल,अमित डोगरा आदि थे!

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