माँ बासमती सेवा संस्थान द्वारा सेवा के 70 दिन पूरे

माँ बासमती सेवा संस्थान द्वारा सेवा के 70 दिन पूरे

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गोरखपुर

02-06-2020 को माँ बासमती सेवा संस्थान के प्रबंधक रामनाथ निषाद अपने सहयोगियों के साथ गरीब जरुतमन्दों को भोजन व पानी मुहैया करा रहे हैं।

बतादें कि माँ बासमती सेवा संस्थान लॉकडाउन 1.0 के दुसरे दिन से अनलॉक 1.0 के दूसरे दिन तक लगातार प्रवासी मजदूरों तथा गरीबों तथा बेजुबान जानवरों में राहत सामग्री वितरण कर रही है।

आज तक गोरखपुर में 70 दिनों का अनवरत सेवा शायद ही कोई किया होगा। बहुत से सामाजिक कार्यकर्ता गण इस लॉकडाउन के शुरुआती में बहुत ज़ोर शोर से सेवा में जुड़े थे और सेवा कर भी रहे थे

परन्तु इतना लंबा लॉकडाउन चलने का अनुमान किसी को नही था।इसी कारण बीच मे कई लोग हार मान कर घर बैठने को मजबूर हो गए थे।परंतु माँ बासमती सेवा संस्थान की आज तक लगातार सेवा जारी है।जिस क्षेत्र में ऐसे समाज सेवी हो उस क्षेत्र के लोगों के लिए खुशी की बात है।

यही नही माँ बासमती सेवा संस्थान विगत 10 वर्षों से निःस्वार्थभाव से समाज सेवा में जुटी हुई है।इस अवसर पर माँ बासमती सेवा संस्थान के प्रबन्धक रामनाथ निषाद ने बताया कि मेरा प्रयास रहता है

कि ग़रीबों के बीच में रह कर जरुतमन्दों का सेवा करूं।उन्होंने कहा कि मेरी संस्था आज तक कोई सरकारी सहायता लेने का प्रयास नही किया है।

सेवा में जो भी खर्च आता है अपने पास से हमलोग व्यय करते हैं।उन्होंने ने कहा कि अब अनलॉक के कारण जन जीवन के लिए बहुत कुछ छुट दे दिया गया हैजिससे ज्यादा प्रवासी मजबूर अपने घरों में पहुंच चुके हैं

जो लोग बाकी हैं उनके लिए उच्च न्यायालय के आदेशानुसार अब राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुचाने तथा भोजन के लिए कोई रक़म नहीं ले सकते जिससे मजदूरों को काफी राहत मिला है

रामनाथ निषाद ने कहा कि यह कार्य सभी सरकारों को बहुत पहले कर देना चाहिए था अगर यह कार्य पहले हुआ होता तो कई प्रवासी मजदूर असमय अपना जान नहीं गवाएं होते पैदल चलने के लिए मजबूर नहीं हुए होते।

उन्होंने कहा कि लोगों के छुट के कारण हम जैसे समाजसेवी लोगों को बहुत राहत मिली है इसलिए हम चाहते हैं कि हमारे सभी गरीब प्रवासी मजबूर सुरक्षित अपने घर पहुँचे तथा सरकार द्वारा दिए गए गाइडलाइंस का पालन करते हुए अपने जीवन को फिर से संवारने का कोशिश करें।