ईपीएफ से फंड निकालना और ट्रांसफर करना होगा आसान

ईपीएफ में बेसिक सैलरी का 12 फीसदी काटकर  इतना ही योगदान कंपनी की तरफ से जमा होता है।  

नई दिल्ली।

ईपीएफ अकाउंट होल्‍डर नौकरी छोड़ने की तारीख को खुद अपडेट कर सकते हैं यानी वे ईपीएफओ के रिकॉर्ड में बता सकेंगे कि उन्‍होंने अपने संस्‍थान को कब छोड़ा.इस नियम के बदलने से ईपीएफ में जमा आपके पैसे अब होल्ड नहीं होंगे। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पहले इस तारीख को केवल संस्‍थान जिस कंपनी में आप नौकरी करते हैं वही अपडेट कर सकता था लेकिन इस नियम के बदलाव होने से नौकरी करने वालों के लिए अब सहूलियत दी जा रही है। अगर ईपीएफओ रिकॉर्ड में नौकरी छोड़ने की तारीख दर्ज नहीं है

तो ईपीएफ खाताधारक अपने ईपीएफ खाते से पैसा न तो निकाल सकते हैं न ट्रांसफर कर सकते हैं.ट्विटर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, एक्टिज डेट को अपडेट करने के लिए खाताधारक को ई-सेवा पोर्टल पर जानकर अपडेट करना होगा. ईपीएफओ की ओर से ट्विटर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, पहले नौकरी छोड़ने की तारीख नहीं होने से ​फंड निकालना या ट्रांसफर करना अटका रहता था. अब भविष्य निधि संगठन ने इस टेंशन को दूर करने के लिए यूनिफाइड पोर्टल पर एक नई सुविधा शुरू की है.कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने नौकरी करने वालों को राहत देते हुए एक बड़े नियम को आसान बना दिया है.

ईपीएफओ की ओर से ट्विटर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, ईपीएफओ ने अपने सिस्टम को और आसान बना दिया है. दरअसल, पहले नौकरी छोड़ने की तारीख  नहीं होने से ​फंड निकालना या ट्रांसफर करना अटका रहता था. अब भविष्य निधि संगठन ने इस टेंशन को दूर करने के लिए यूनिफाइड पोर्टल पर एक नई सुविधा शुरू की है. इस सुविधा के तहत कर्मचारी पिछली कंपनी छोड़ने की तारीख खुद अपडेट कर सकता है. जब कोई व्यक्ति किसी कंपनी में काम करना शुरू करता है तो उसकी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी उसकी सैलरी से काटा जाता है और इतना ही योगदान कंपनी की तरफ से दिया जाता है. व्यक्ति की सैलरी का 12 फीसदी कर्मचारी ईपीएफ में जमा हो जाता है जबकि कंपनी द्वारा किया गये योगदान का केवल 3.67 फीसदी ही इसमें जमा होता है बकाया का 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस में जमा हो जाता है.अब खुद डाल सकते हैं नौकरी छोड़ने की तारीख-कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन  ने अपने खाताधारकों के लिए एक ऑनलाइन सुविधा शुरू की है. इससे 
 ट्विटर पर दी गई जानकारी के मुताबिक- पूरा प्रोसेस

(1) सबसे पहले आपको अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन), पासवर्ड और कैप्‍चा कोड डालकर ई-सेवा पोर्टलर पर लॉग-इन करना होगा. लेकिन इसके लिए आपका यूएएन पोर्टल पर एक्टिवेट होना चाहिए.(2) लॉगइन के बाद आपको मैनेज टैब पर क्लिक करना होगा. इसके बाद ‘मार्क एक्जिट’ ऑप्‍शन पर क्लिक करें.(3) ऐसा करते ही आपकी स्‍क्रीन पर एक नया टैब खुल जाएगा. इम्‍प्‍लॉयर (नौकरी करने वाली कंपनी) और उस ईपीएफ अकाउंट को चुनें जिसके लिए एक्जिट डेट अपडेट करना चाहते हैं. कंपनी के अंतिम कॉन्ट्रिब्‍यूशन के बाद एक्जिट की तारीख केवल दो महीनों उपरांत ही दर्ज की जा सकती है. एक्जिट की डेट डालते वक्‍त आप कोई भी तारीख अंकित कर सकते हैं जिसमें कॉन्ट्रिब्‍यूशन किया गया है. ईपीएफओ के पासबुक रिकॉर्ड में आप इसे देख सकते हैं. साथ ही, नौकरी छोड़ने की तारीख और कारण को दर्ज करें.
(4) इसके बाद आपको रिक्‍वेस्‍ट ओटीपी पर क्लिक करना होगा. आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजा जाएगा. इस ओटीपी को दिए गए बॉक्स में डालें(5) अपडेट पर क्लिक करने के बाद ‘ओके’ पर क्लिक करें. आपके ईपीएफओ रिकॉर्ड में एक्जिट डेट दिखने लगेगी. एक्जिट डेट अपडेट हुई या नहीं इसके लिए आपको फिर से मेंबर ई-सेवा पोर्टल में लॉग-इन करना होगा.
(6) इसके बाद आपको ‘व्‍यू’ टैब पर क्लिक करके ‘सर्विस हिस्‍ट्री’ को सेलेक्‍ट करना होगा. आपकी स्‍क्रीन पर नया टैब खुल जाएगा. वेबपेज में उन सभी संस्‍थानों की लिस्‍ट दिखेगी जिनके साथ आपका ईपीएफ अकाउंट था. इसमें आपको ज्‍वाइंनिंग की तारीख, ईपीएफ से एक्जिट की तारीख, ईपीएस से ज्‍वानिंग की तारीख इत्‍याद‍ि जैसे ब्‍योरे शामिल हैं. इस तरह के नियम से जनता के पैसे होल्ड नहीं हो सकेंगे।

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