सट्टा और स्मैक कर रहा युवाओं को बर्बाद, कब लगेगी लगाम-:नुसरत अली

समाजसेवी नुसरत अली इंजीनियर

दिनेशशुक्ल

स्वतंत्रप्रभात

लहरपुर (सीतापुर) वैसे तो प्रदेश की योगी सरकार युवा देश का भविष्य, सबका साथ सबका विकास, महिला सशक्तिकरण, सब पढ़े सब बढ़े हजारों तरह के दावे करती है, लेकिन जब समाज के महत्वपूर्ण घटक युवा वर्ग की बात आती है, तो लहरपुर कोतवाली क्षेत्र में युवाओं का भविष्य सट्टे और स्मैक की लत में फंस कर अंधकार में नजर आता है।

स्मैक का नशा ले रहा युवाओं को गिरफ्त में

लहरपुर कस्बे की अगर बात करें तो एक लंबे समय से कस्बे के मोहल्ला बेहटी, छावनी, ताड़तले, भूलनपुर, बदायूं टोला, बागवानी टोला में स्मैक और सट्टे के कारोबारी काफी सक्रिय हैं। जो धीरे-धीरे स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को अपने जाल में फंसा कर एक ऐसे अंधेरे रास्ते पर ले जा रहे हैं, जिसका अंत या तो जुर्म की दहलीज पर होता है, या मौत के दरवाजे पर। हालांकि समय-समय पर पुलिस के द्वारा जुएं और कच्ची अवैध शराब से जुड़े लोगों पर छिटपुट कार्रवाइयों का दौर चलता है, मगर कुछ सफेदपोशों के संरक्षण में चल रहा यह सट्टे और स्मैक का अवैध कारोबार पुलिस की नाक के नीचे दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है।

 

विडंबना यह है कि अवैध कच्ची शराब, जुआ, सट्टा, स्मैक यह ऐसी बुराई है कि एक बार जब अपने जाल में फंसा लेती है तो फिर पैसे पाने के लिए इसी युवा वर्ग के लोग किसी भी अपराध को करने के लिए तैयार हो जाते हैं। सच्चाई के आईने में झांके तो जब तक इन अवैध कारोबारियों पर अंकुश नहीं लगाया जाता, तब तक पुलिस चाह कर भी अपराधों पर नियंत्रण नहीं कर सकती।

सट्टे का अवैध कारोबार

इस संबंध में कोतवाली क्षेत्र के ही ग्राम नेवादा के निवासी समाजसेवी नुसरत अली इंजीनियर ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर समाज में फैल रही इस कुरीति के संबंध में स्थानीय पुलिस द्वारा बरती जा रही लापरवाही के संबंध में ध्यानाकर्षण के लिए कहा है।

 

इस संबंध में जब हमारे संवाददाता द्वारा समाजसेवी नुसरत अली से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह स्मैक और सट्टे का कारोबार चंद सफेदपोश लोगों के द्वारा बुना गया एक ऐसा जाल है, जिसमें हमारे क्षेत्र का युवा फंसकर असमय मौत को गले लगाने के लिए मजबूर हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी सामाजिक बुराई है, जिसका हम सभी को एकजुट होकर मिलजुल कर सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि युवा ही देश का भविष्य है, और यदि युवा ही गलत रास्ते पर चला गया तो देश का भविष्य कैसे उज्जवल हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि पूर्व में वर्ष 2016 में भी मैंने इस संबंध में उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया था, जिस पर तत्कालीन कोतवाल ने कुछ लोगों के विरुद्ध छिटपुट कार्यवाही भी की थी, किंतु समय बीतने के साथ-साथ यह कारोबार एक बार फिर से पूरे लहरपुर में काबिज हो चुका है, और अब जब तक इस अवैध कारोबार में संलिप्त सफेदपोश लोगों की पहचान कर के उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक इस सट्टे और स्मैक के कारोबार से लहरपुर को मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।

अवैध कच्ची शराब का कारोबार

उन्होंने कहा कि इस बारे में समाज के जिम्मेदार लोगों को भी आगे आकर युवाओं को सट्टे और स्मैक के नशे से होने वाली हानियों के बारे में जागरूक करना होगा, तभी हम अपनी आगे आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सुरक्षित रखकर विकास के रास्ते पर आगे ले जा पाएंगे।

सूत्रों की माने तो लहरपुर में कुछ सफेदपोश लोग स्थानीय पुलिस के ही कुछ चंद लोगों की मिलीभगत के चलते यह पूरा गोरखधंधा चलाते हैं, और इस अवैध धंधे से होने वाली आय में से हर महीने एक बड़ा हिस्सा नजराने के तौर पर भी देते हैं, और यही नहीं इन अवैध कारोबारों से जुड़े लोग स्थितियों को भांप कर बहुत तेजी से सब को मैनेज करने में जुट जाते हैं।

यही कारण है कि कस्बे में तथाकथित रूप से सट्टे और स्मैक के चलते हो चुकी कई मौतों और अखबारों की सुर्खियों के बाद भी स्थानीय पुलिस प्रशासन इस दिशा में कोई कारगर कदम उठाने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। लेकिन इतना जरूर है कि अगर स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस दिशा में कोई कड़े कदम नहीं उठाए तो युवा भविष्य इसी तरह से बर्बाद होता रहेगा और वह दिन दूर नहीं जब हम सब “अब बहुत देर हो चुकी है” वाली स्थिति में होंगे।

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