दबंग जबरन बैनामा सुदा जमीन पर करना चाहते हैं कब्जा

पीड़ित की नहीं हो रही कहीं सुनवाई
भीटी, अम्बेडकरनगर। स्थानीय थाना क्षेत्र महरुआ के ग्राम पीठापुर का है जहां पर पीड़ित को जिला प्रशासन से कोई मदद ना मिलने पर गंभीर आरोप लगाते हुये मुख्यमंत्री से अवैध कब्जा हटवाए जाने और अपनी जान माल के सुरक्षा की मांग किया है। पीड़ित अजय कुमार पुत्र तुलसीराम निवासी ग्राम मीठापुर ने आरोप लगाया है कि गांव की गाटा संख्या 265 अ रकबा 0.640 हेक्टेयर जिस पर पीड़ित ने लगभग 20 वर्षों से बैनामा लेकर जमीन पर कब्जा करके खेती बारी कर रहा है। जिसमें विपक्षी मुन्नी देवी पत्नी रमाशंकर सिंह ने 2019 में इसी गाटे में रकबा 0.56 हेक्टेयर का बैनामा लिया और अपने अंश पर काबिज होकर खेती का कार्य कर रही हैं। फिर भी विपक्षी एवं उनके लड़के गुलाब सिंह, राजेश्वर सिंह, बृजेश सिंह और पिंटू सिंह पुत्र रमाशंकर सिंह निवासी मेढ़वा रघुवंशी ने पीड़ित की बैनामा सुदा भूमि पर अवैध कब्जा करने की नियत से पीड़ित की धान के फसल की रोपाई नहीं करने दिए जब पीड़ित व उसका परिवार 29 जून को धान की रोपाई कर रहा था तो विपक्षीगणों ने परिवार वालों के साथ मारपीट किया मारपीट में पीड़ित वह उसके परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन का इलाज जिला अस्पताल से लेकर लखनऊ तक चला लेकिन पुलिस ने मारपीट की मामूली धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर मामले को इतिश्री कर दिया।

पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी के ऊपर अनेक अपराधिक मामले महरुआ थाने में दर्ज हैं तथा वह एक गुंडा किस्म का व्यक्ति है जो उसके परिवार को जान से मारने एवं बैनामा शुदा भूमि पर कब्जा करने की धमकी बार बार दे रहे है। इसके पहले भी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश किया था। पीड़ित ने उप जिलाधिकारी भीटी को लिखित शिकायत पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन सुनवाई ना होने पर 13 दिसंबर 2019 को मंडल आयुक्त आयोध्या को लिखित शिकायत पत्र दिया था लेकिन उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुआ। पीड़ित जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक के यहां लिखित शिकायत पत्र दिया लेकिन आज तक पीड़ित को न्याय नहीं मिल सका पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि विपक्षी गण राजनीतिक किस्म के प्रभावशाली व्यक्ति होने के कारण उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती है और वह भूमाफिया किस्म के व्यक्ति हैं जो कि गरीब व्यक्तियों की जमीन हड़पने का प्रयास करते रहते हैं। पीड़ित का कहना है कि विपक्षी उसके साथ कभी भी साजिश कर जान से मार सकते हैं।

पीड़ित ने यह भी बताया कि उनका ड्राइवर अनुसूचित जाति का है अगर कोई उसके खिलाफ गांव में आवाज उठाता है तो पुलिस की मिलीभगत से एससी एसटी का मुकदमा पंजीकृत करा दिया जाता है जिससे क्षेत्र में विपक्षी के खिलाफ आवाज उठाने से लोग डरते हैं। महरुआ थाने में कई अपराधिक मुकदमा पंजीकृत होने के साथ-साथ गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी है लेकिन फिर भी विपक्षी दबंगई के बल पर दूसरों की जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहता है।

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