एम एन आई टी ने तैयार किया स्टेरिलाइजर बॉक्स कोरोना के संक्रमण को खत्म करने में होगा मददगार

‌ एम एन आई टी ने तैयार किया स्टेरिलाइजर बॉक्स।

‌ कोरोना के संक्रमण को खत्म करने में होगा मददगार।

‌ स्वतंत्र प्रभात

‌प्रयागराज

‌प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में नेशनल लेवल के एक नामचीन आईटी संस्थान ने लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए अनूठी तकनीक ईजाद की है. संस्थान ने एक ऐसा स्टेरिलाइजर बॉक्स तैयार किया है, जो कपड़ों, मास्क, फाइल, दूध के पैकेट व सब्जियों के साथ ही उसमें रखे गए किसी भी सामान को कुछ ही मिनटों में डिसइनफेक्ट यानी संक्रमित मुक्त कर देगा. इससे इन सामानों के जरिए कोरोना व दूसरे किसी तरह के वायरस के फैलने का खतरा तकरीबन खत्म हो जाएगा.जिसकी कीमत तीन से लेकर 10 हजार रुपये तक होगी।

‌दरअसल, वायरोलाइजर नाम के इस स्टेरिलाइजर बॉक्स को अल्ट्रा वायलट की सी किरणों के जरिए तैयार किया गया है. वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक, ये किरणें किसी भी तरह के वायरस को 99 फीसदी से भी ज्यादा तक खत्म कर देती हैं. इसका सफल परीक्षण करने के बाद संस्थान ने इसे अब लोगों के बीच मुहैया कराने का फैसला किया है. इसके लिए अल्ट्रा वायलट तकनीक पर बरसों से काम कर रही गर्ग टेलीकॉम कंपनी से एमओयू भी साइन किया जा चुका है. कंपनी ने अब इसका प्रोडक्शन शुरू कर दिया है. अगले हफ्ते से ये बाजार में आ जाएगा. फिलहाल, ये चार साइज में तैयार किया जा रहा है और इसकी कीमत तीन से लेकर दस हजार रुपये तक रखी गई

‌गौरतलब है कि प्रयागराज का मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कोरोना काल में इससे बचाव को लेकर लगातार रिसर्च कर रहा है. राष्ट्रीय महत्व का ये संस्थान देश के चुनिंदा और यूपी का इकलौता एनआईटी है. संस्थान के बायोटेक डिपार्टमेंट के पांच प्रोफेसरों डॉ. एनके सिंह, डॉ. अम्बर राय, डॉ. समीर श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष मणी और प्रोफेसर शिवेस शर्मा ने सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एक प्रोफेसर डॉ. वीपी सिंह के साथ मिलकर कोरोना वायरस के संक्रमण को डिसइनफेक्ट करने के लिए स्टेरिलाइजर बॉक्स तैयार किया. वायरोलाइजर नाम के इस स्टेरिलाइजर बॉक्स में किसी भी फाइल, रुपये, पर्स, चश्मा, घड़ी, न्यूज पेपर, सब्जियों, दूध के पैकेट और कपड़ों के साथ ही दूसरे  सामानों को रखकर  उन्हें आसानी से डिसइनफेक्ट किया जा सकता है. इसका प्रयोग परीक्षाओं के समय छात्र-छात्राओं को प्रश्नपत्र और कॉपियां देने में भी हो सकता है. इसके साथ ही, घरों में खाने -पीने के सामानों को भी इसके जरिए वायरस फ्री करने में इस्तेमाल हो सकता है. ये वायरोलाइजर लकड़ी के एक बॉक्स की शक्ल में तैयार किया गया है.

‌ये उपकरण बेहद कम लागत में बनकर तैयार हुआ है, यूवीसी तकनीक पर आधारित है. इस वाइरोलाइजर में अल्ट्रा वायोलेट सी किरणों से कोरोना के वायरस को डिसइनफेक्ट किया जाता है. लकड़ी के बाक्स में यूवीसी ट्यूब्स लगाई गई हैं. ये बॉक्स तीन से पांच मिनट में इसमें रखे गए सामानों को डिसइनफेक्ट करता है. संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव त्रिपाठी के मुताबिक, एमएनएनआईटी ने ये उपकरण मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नेशनल इनीशियेटिव फॉर डिजाइन इन्नोवेशन के तहत तैयार किया गया है. संस्थान ने इसके पेटेंट की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. कोरोना  के खतरे को कम करने के लिए एमएनएनआईटी द्वारा बनाए गए इस खास उपकरण की जबरदस्त डिमांड हो रही है.।

‌ प्रयागराज से दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट