समधी और स्थानीय विधायक की मदद से भ्रष्टाचार की सीढ़ियां चढ़े चीफ इंजीनियर

समधी और स्थानीय विधायक की मदद से भ्रष्टाचार की सीढ़ियां चढ़े चीफ इंजीनियर

समधी और स्थानीय विधायक की मदद से भ्रष्टाचार की सीढ़ियां चढ़ चीफ इंजीनियर बने महिपाल को तुरंत प्रभाव से रिवर्ट करने व शहर  में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को लेकर जन आवाज सोसाइटी ने पार्षदों का किया घेराव 

लोक डाउन में लूट खसौट के लिए लगाए गए 142 करोड के टेंडरों को हम ने रद्द करवाया था अब चीफ की सीट पानीपत में लाकर इन लूट के टेंडरों को दोबारा लगाने की साजिश –स्वामी

पानीपत  
शहर में कूड़ा उठान ,सफाई और चीफ इंजीनियर महिपाल कि गलत  तरीके से नियुक्ति को लेकर जन आवाज सोसाइटी के सदस्यों ने पार्षदों का घेराव कर लगभग 27 करोड के टेंडर जे. बी
.एम कंपनी को तुरंत प्रभाव से रद्द करवाने के लिए हाउस मीटिंग मैं प्रस्ताव पास करने की मांग की और नगर निगम में गलत तरीके से चीफ इंजीनियर पद पर पदोन्नति पाए महिपाल को वापिस जूनियर कार्यकारी अभियंता करवाने के लिए समर्थन मांगा
   जन आवाज सोसाइटी के प्रधान एवं  पूर्व जिला पार्षद जोगेंद्र स्वामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम पानीपत में मुख्य अभियंता के पद पर नियुक्त श्री महिपाल सिंह को उनके समसमधी और स्थानीय विधायक की मदद से भ्रष्टाचार की सीढ़ियां चढ़ चीफ इंजीनियर बने महिपाल को तुरंत प्रभाव से रिवर्ट करने व शहर  में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को लेकर जन आवाज सोसाइटी ने पार्षदों का किया घेराव Vo
लोक डाउन में लूट खसौट के लिए लगाए गए 142 करोड के टेंडरों को हम ने रद्द करवाया था अब चीफ की सीट पानीपत में लाकर इन लूट के टेंडरों को दोबारा लगाने की साजिश –स्वामी
पानीपत (22 फरवरी) शहर में कूड़ा उठान सफाई और चीफ इंजीनियर महिपाल कि गलत  तरीके से नियुक्ति को लेकर जन आवाज सोसाइटी के सदस्यों ने पार्षदों का घेराव कर लगभग 27 करोड के टेंडर जे. एम कंपनी को तुरंत प्रभाव से रद्द करवाने के लिए हाउस मीटिंग मैं प्रस्ताव पास करने की मांग की और नगर निगम में गलत तरीके से चीफ इंजीनियर पद पर पदोन्नति पाए महिपाल को वापिस जूनियर कार्यकारी अभियंता करवाने के लिए समर्थन मांगा
   जन आवाज सोसाइटी के प्रधान एवं  पूर्व जिला पार्षद जोगेंद्र स्वामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम पानीपत में मुख्य अभियंता के पद पर नियुक्त श्री महिपाल सिंह को उनके समझी और सहयोगी विधायक द्वारा लॉकडाउन में लगाए गए 142 करोड़ के टेंडरों को जो हम लोगों द्वारा आंदोलन कर रहे करवाए गए थे उनको दोबारा लगाने की मंशा से पूरे षडयंत्र के तहत महिपाल को चीफ इंजीनियर बनाया गया जिसका प्रमाण नीमबरी गांव में बनेडंपिंग सेंटर पर कूड़ा उठान के नाम पर जो टेंडर लॉकडाउन में 47 करोड का दिया गया था
अब उसको लगभग 27 करोड का कर दिया गया इसके बारे में कोई अधिकारी बता सकता है की जो 19/20  करोड़ कैसे गायब हो गए नेताओं की जेब में जाना था या अधिकारियों की उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से शहर में सफाई के नाम पर बहुत बड़ा घोटाला हो रहा है जो कार्य शहर में सफाई करना कूड़े को उठाना और उस से बिजली पैदा करना जेबीएम का कार्य था लेकिन आज यह सब हमारे शहर को लुभाने के लिए अलग-अलग टेंडर दे कर के खुले रूप से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है उन्होंने कहा कि जो जेबीएम कूड़ा भेजती है बेचती है उसके बाद लोगों के घरों से जा जाकर धन वसूली का कार्य करती है यह सब भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का कार्य है उन्होंने पार्षदों से का घेराव करते हुए कहा कि आपकी शहर के प्रति जिम्मेदारी बनती है लेकिन आप लोग इन सब से विमुख होकर शहर को लूटते हुए देख रहे हैं जो काफी निंदनीय है
       उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग में प्रमोशन के नाम पर करोड़ों के घोटाले हो रहे हैं और आप जनप्रतिनिधि खामोश बैठे हैं
      उन्होंने कहा कि महिपाल नगर सुधार मंडल से दिनांक 29 मार्च 2014 को डेपुटेशन पर हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग में आए थे और अब तक इनको मरज नहीं किया गया उसके बाद भी शहरी स्थानीय निकाय विभाग मैं मर्ज किए बिना ही अधीक्षक अभियंताऔर फिर चीफ बनाया जाना  जीरो टोलरेंस कहने वाली भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है
उन्होंने कहा कि  उनके द्वारा 26 जून 2020 को अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग को शिकायत लिखकर महिपाल सिंह  को अधीक्षक अभियंता बनाए जाने पर सवाल खड़े किए थे लेकिन भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को पार करते हुए महिपाल  को संविधान का गला घोट कर मुख्य अभियंता तक बना दिया गया.
   उन्होंने कहा कि महिपाल सिंह द्वारा अपने खुद के प्रार्थना पत्र दिनांक 14 सितंबर 2020 मे अतिरिक्त मुख्य सचिव शहरी स्थानीय निकाय विभाग को लिखते है कि वह  29 मई 2014 से नगर सुधार मंडल से प्रतिनियुक्ति पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग में कार्यरत हैं परंतु शहरी स्थानीय निकाय विभाग में  मर्ज नहीं किया गया है अतः उन्हें विभाग में मर्ज किया जाए
 महिपाल सिंह  खुद मानते हैं कि उन्हें विभाग में मरज नहीं किया गया तो उन्हें अधीक्षक अभियंता के पद पर किस आधार पर प्रमोशन दी गई
 उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा मांगी गई सूचना में दिनांक 20 नवंबर 2020 को लिखित में दिया गया है कि पदोन्नति केवल पैतृक विभाग द्वारा ही की जाती है जबकि श्री महिपाल सिंह का पैतृक विभाग नगर सुधार मंडल है जिसमें ट्रस्ट इंजीनियर से ऊपर का पद ही नहीं होता नियमानुसार यदि महिपाल सिंह जब भी शहरी स्थानीय निकाय विभाग में मरज होंगे तो वह कार्यकारी अभियंता के पद पर मरज र्होंगे और उनकी वरिष्ठता उस समय के कार्यकारी अभियंताओं के सबसे नीचे होगी इससे पहले भी शहरी स्थानीय निकाय विभाग में जो कार्यकारी अभियंता नगर निगम  से मरज हुए हैं वह जूनियर मोस्ट काउंट किए गए हैं जैसा कि महिपाल सिंह के प्रमोशन फाइल की नोटिंग पेज नंबर 4 पर  लिखा गया है इसी प्रकार विजय ढाका के बारे में लिखा गया है कि वह 3अप्रैल 2017 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग में मर्ज किए गए और वह सबसे जूनियर मोस्ट काउंट किए
उन्होंने कहा कि  इसी प्रकार विजय गोयल आदि का भी महिपाल  की फाइल में वर्णन है कि कोई भी अधिकारी यदि दूसरे विभाग से मर्ज होता है तो वह सबसे जूनियर मोस्ट काउंट होता है
   प्रधानमंत्री ,मुख्यमंत्री और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने  मांग कि है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए  महिपाल  को चीफ इंजीनियर से रिवर्ट कर जूनियर मोस्ट कार्यकारी अभियंता बनाए जाने  व अब तक उनके द्वारा सरकार की  वित्तीय हानि की रिकवरी उनसे वसूल करने एवं उनके प्रमोशन में संलिप्त दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी अपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई
उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन हमेशा इस भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगा और पूरे प्रदेश स्तर पर सत्ता व विपक्ष के नेताओं को ज्ञापन सौंपकर प्रमोशन में हो रहे घोटाले का पर्दाफाश किया जाएगा
   इस अवसर पर रणजीत  भोला, कवलजीत सिंह, गोविंद सैनी सोनू पंडित ,सरदार जेपी सिंह , सुनील डावर, गौरव ,मुनसाद तोमर , अमित मलिक ,नरेश गुप्ता ,सरदार जसवीर सिंह ,सोनू गंभीर ,अमित कपूर ,धर्मवीर, संदीप चौहानआदि उपस्थित थे और सहयोगी विधायक द्वारा लॉकडाउन में लगाए गए 142 करोड़ के टेंडरों को जो हम लोगों द्वारा आंदोलन कर रहे करवाए गए थे उनको दोबारा लगाने की मंशा से पूरे षडयंत्र के तहत महिपाल को चीफ इंजीनियर बनाया गया जिसका प्रमाण नीमबरी गांव में बनेडंपिंग सेंटर पर कूड़ा उठान के नाम पर जो टेंडर लॉकडाउन में 47 करोड का दिया गया था अब उसको लगभग 27 करोड का कर दिया गया
इसके बारे में कोई अधिकारी बता सकता है की जो 19/20  करोड़ कैसे गायब हो गए नेताओं की जेब में जाना था या अधिकारियों की उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से शहर में सफाई के नाम पर बहुत बड़ा घोटाला हो रहा है जो कार्य शहर में सफाई करना कूड़े को उठाना और उस से बिजली पैदा करना जेबीएम का कार्य था लेकिन आज यह सब हमारे शहर को लुभाने के लिए अलग-अलग टेंडर दे कर के खुले रूप से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है उन्होंने कहा कि जो जेबीएम कूड़ा भेजती है बेचती है उसके बाद लोगों के घरों से जा जाकर धन वसूली का कार्य करती है यह सब भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का कार्य है उन्होंने पार्षदों से का घेराव करते हुए कहा कि आपकी शहर के प्रति जिम्मेदारी बनती है लेकिन आप लोग इन सब से विमुख होकर शहर को लूटते हुए देख रहे हैं जो काफी निंदनीय है
       उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग में प्रमोशन ओं के नाम पर करोड़ों के घोटाले हो रहे हैं और आप जनप्रतिनिधि खामोश बैठे हैं
      उन्होंने कहा कि महिपाल नगर सुधार मंडल से दिनांक 29 मार्च 2014 को डेपुटेशन पर हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग में आए थे और अब तक इनको मरज नहीं किया गया उसके बाद भी शहरी स्थानीय निकाय विभाग मैं मर्ज किए बिना ही अधीक्षक अभियंताऔर फिर चीफ बनाया जाना  जीरो टोलरेंस कहने वाली भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है
उन्होंने कहा कि  उनके द्वारा 26 जून 2020 को अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग को शिकायत लिखकर महिपाल सिंह  को अधीक्षक अभियंता बनाए जाने पर सवाल खड़े किए थे लेकिन भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को पार करते हुए महिपाल  को संविधान का गला घोट कर मुख्य अभियंता तक बना दिया गया.
   उन्होंने कहा कि महिपाल सिंह द्वारा अपने खुद के प्रार्थना पत्र दिनांक 14 सितंबर 2020 मे अतिरिक्त मुख्य सचिव शहरी स्थानीय निकाय विभाग को लिखते है कि वह  29 मई 2014 से नगर सुधार मंडल से प्रतिनियुक्ति पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग में कार्यरत हैं परंतु शहरी स्थानीय निकाय विभाग में  मर्ज नहीं किया गया है अतः उन्हें विभाग में मर्ज किया जाए
 महिपाल सिंह जी खुद मानते हैं कि उन्हें विभाग में मरज नहीं किया गया तो उन्हें अधीक्षक अभियंता के पद पर किस आधार पर प्रमोशन दी गई
 उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा मांगी गई सूचना में दिनांक 20 नवंबर 2020 को लिखित में दिया गया है कि पदोन्नति केवल पैतृक विभाग द्वारा ही की जाती है जबकि श्री महिपाल सिंह का पैतृक विभाग नगर सुधार मंडल है जिसमें ट्रस्ट इंजीनियर से ऊपर का पद ही नहीं होता नियमानुसार यदि महिपाल सिंह जब भी शहरी स्थानीय निकाय विभाग में मरज होंगे तो वह कार्यकारी अभियंता के पद पर मरज र्होंगे और उनकी वरिष्ठता उस समय के कार्यकारी अभियंताओं के सबसे नीचे होगी इससे पहले भी शहरी स्थानीय निकाय विभाग में जो कार्यकारी अभियंता नगर निगम  से मरज हुए हैं वह जूनियर मोस्ट काउंट किए गए हैं जैसा कि महिपाल सिंह के प्रमोशन फाइल की नोटिंग पेज नंबर 4 पर  विजय ढाका के बारे में लिखा गया है कि वह 3अप्रैल 2017 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग में मर्ज किए गए और वह सबसे जूनियर मोस्ट काउंट किए
उन्होंने कहा कि  इसी प्रकार विजय गोयल आदि का भी महिपाल  की फाइल में वर्णन है कि कोई भी अधिकारी यदि दूसरे विभाग से मर्ज होता है तो वह सबसे जूनियर मोस्ट काउंट होता है
   प्रधानमंत्री ,मुख्यमंत्री और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने  मांग कि है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए  महिपाल  को चीफ इंजीनियर से रिवर्ट कर जूनियर मोस्ट कार्यकारी अभियंता बनाए जाने  व अब तक उनके द्वारा सरकार की  वित्तीय हानि की रिकवरी उनसे वसूल करने एवं उनके प्रमोशन में संलिप्त दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी अपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई
उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन हमेशा इस भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगा और पूरे प्रदेश स्तर पर सत्ता व विपक्ष के नेताओं को ज्ञापन सौंपकर प्रमोशन में हो रहे घोटाले का पर्दाफाश किया जाएगा
सर पर इस अवसर पर रणजीत  भोला, कवलजीत सिंह, गोविंद सैनी सोनू पंडित ,सरदार जेपी सिंह , सुनील डावर, गौरव ,मुनसाद तोमर , अमित मलिक ,नरेश गुप्ता ,सरदार जसवीर सिंह ,सोनू गंभीर ,अमित कपूर ,धर्मवीर आदि उपस्थित थे

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