कोरोना महामारी के दौरान घरेलू हिंसा व निवारण विषयक एक दिवसीय नि:शुल्क राष्ट्रीय बेमिनार का आयोजन

कोरोना -महामारी- के- दौरान घरेलू- हिंसा- व -निवारण-* विषयक एक दिवसीय नि:शुल्क राष्ट्रीय- बेमिना-र -का -आयोजन-
पहल, मनोचिकित्सा एवं परामर्श केंद्र, भट्टी, लोहता, वाराणसी के 7 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण करने के शुभ अवसर पर किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए श्रीमती मीना चौबे सदस्य, राज्य महिला कल्याण आयोग, उत्तर प्रदेश शासन ने कहा कि महिला पुरुष दोनों अपने विचारों में समुचित परिवर्तन तथा परवरिश से ही बच्चों को इसके प्रति जागरूक करें तो निश्चय ही घरेलू हिंसा को नियंत्रित किया जा सकता है

स्वतंत्र प्रभात वाराणसी

मनीष पांडेय

भारतवर्ष में भी दौरान कोरोना महामारी के दौरान घरेलू हिंसा में वृद्धि को देखते हुए इस सेमिनार का आयोजन किया गया है

 
पहल, मनोचिकित्सा एवं परामर्श केंद्र, भट्टी, लोहता, वाराणसी के 7 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण करने के शुभ अवसर पर किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए श्रीमती मीना चौबे सदस्य, राज्य महिला कल्याण आयोग, उत्तर प्रदेश शासन ने कहा कि महिला पुरुष दोनों अपने विचारों में समुचित परिवर्तन तथा परवरिश से ही बच्चों को इसके प्रति जागरूक करें तो निश्चय ही घरेलू हिंसा को नियंत्रित किया जा सकता है।अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. पी एन पांडेय, पूर्व संकायाध्यक्ष समाज विज्ञान संकाय, बी एच यू ने घरेलू हिंसा के सामाजिक परिपेक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि घरेलू हिंसा में कमी लाने के लिए आवश्यक है कि सामाजिकरण की प्रक्रिया में इसके रोकथाम के उपायों को शामिल किया जाय।प्रो संध्या ओझा, मनोविज्ञान विभाग, श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज वाराणसी ने बताया कि घरेलू हिंसा के  अनेक कारण है उनमें से एक प्रमुख कारण ससुराल में  महिला से लोगों की बहुत अधिक अपेक्षाएं पाल रखना है जिसके पूर्ण ना होने से  लोग घरेलू हिंसा पर उतर आते हैं। घरेलू हिंसा से पीड़ित मानसिक आघात के कारण  अपना मानसिक संतुलन खो देते हैं तो कुछ अवसाद के कारण आत्महत्या भी कर लेते हैं। डॉ राकेश त्रिपाठी एसोसिएट प्रोफेसर एवं  मनोवैज्ञानिक  जिरियाट्रिक विभाग, केजीएमसी  लखनऊ ने  वृद्धों के प्रति हो रहे  घरेलू हिंसा तथा उसके रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा किया।वेबीनार के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री एवं मनोवैज्ञानिक मनोज तिवारी ने  बताया कि करुणा महामारी के कारण दुनिया में अनेक समस्याएं खड़ी हुई है उनमें एक घरेलू हिंसा में बेतहाशा वृद्धि होना भी है, भारतवर्ष में भी दौरान कोरोना महामारी के दौरान घरेलू हिंसा में वृद्धि को देखते हुए इस सेमिनार का आयोजन किया गया है। केन्या में मनोवैज्ञानिक सेवाएं प्रदान करने वाली डॉ श्रद्धा त्रिपाठी ने भारत एवं अफ्रीकन देशों में लॉकडाउन के दौरान हो रहे घरेलू हिंसा पर विस्तार से चर्चा किया।डॉ मुकेश कुमार श्रीवास्तव समन्वय वेबीनार ने बताया कि इस वेबीनार को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा देखी गई इसमें शिक्षक मनोवैज्ञानिक समाजशास्त्री सामाजिक कार्यकर्ता विद्यार्थी गढ़ तथा उन्होंने प्रश्न उस के माध्यम से घरेलू हिंसा के नियमों और निराकरण के बारे में जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती प्रिया ने सरस्वती वंदना गा कर किया। डॉ मनीष मिश्रा ने बेबीनार का सारांश प्रस्तुत किया। संचालन डॉ मुकेश श्रीवास्तव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ मनोज तिवारी ने किया