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                <title>Featured - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>मौसम परिवर्तन जल की कमी मिट्टी का कटाव परिवेश में हमारे किसान और कृषि पर संकट बढ़  रहा है, कृषि वैज्ञानिक - प्रोफेसर प्यारेलाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी।</p><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> हिमाचल प्रदेश में राजकीय कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे डॉक्टर अशोक कुमार प्यारेलाल ने कहा है कि मौसम परिवर्तन जल की कमी मिट्टी का कटाव परिवेश में हमारे किसान और किसी  पर संकट बढ़ रहा है। लगातार जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के मध्य नजर कृषि पर इसका क्या असर पड़ेगा इस संबंध में उन्होंने इलाहाबाद ब्यूरो के प्रमुख दयाशंकर त्रिपाठी से विस्तार से बातचीत की जिस पर उन्होंने कृषि पर पड़ने वाले दुष्परिणाम के कई कारण बताएं।उन्होंने कहा की जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण वनों की कटाई और जैव विविधता का ह्रास जैसी पर्यावरणीय चुनौतियां अब दूर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180800/climate-change-water-shortage-soil-erosion-the-crisis-on-our"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260605-wa0071.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी।</p><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> हिमाचल प्रदेश में राजकीय कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे डॉक्टर अशोक कुमार प्यारेलाल ने कहा है कि मौसम परिवर्तन जल की कमी मिट्टी का कटाव परिवेश में हमारे किसान और किसी  पर संकट बढ़ रहा है। लगातार जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के मध्य नजर कृषि पर इसका क्या असर पड़ेगा इस संबंध में उन्होंने इलाहाबाद ब्यूरो के प्रमुख दयाशंकर त्रिपाठी से विस्तार से बातचीत की जिस पर उन्होंने कृषि पर पड़ने वाले दुष्परिणाम के कई कारण बताएं।उन्होंने कहा की जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण वनों की कटाई और जैव विविधता का ह्रास जैसी पर्यावरणीय चुनौतियां अब दूर की समस्या नहीं रही यह सब सीधे हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही हैंजैसे अत्यधिक मौसम परिवर्तन जल की कमी मिट्टी का कटाव और घटती वायु गुणवत्ता।ऐसे परिवेश में हमारे किसान और कृषि पर संकट बढता जा रहा है।</p><p style="text-align:justify;">मौसम के बदलते तेवर से  किसानों बागवानो को  जहां बहुत अधिक लाभ  नहीं होने वाला है। वहीं दूसरी तरफ इस साल का मानसून आम जनता को  भी  परेशान करेगा। एक अनुमान के अनुसार इस साल सामान्य से कम वर्षा होगी और साथ में अल नीनो का प्रभाव  बहुत  ख़तरनाक होगा सूखा और गर्मी   बढ़ेगी जिसके कारण खरीफ की फसलों का उत्पादन काम होगा विशेष तौर पर उन क्षेत्रों में जहां फसलों की सिंचाई की सुविधा नही है वहां पर बिजाई देर से होगी।और उत्पादन भी कम होगा।और देश में महंगाई बढ़ेगी । आमदनी पिछले साल की अपेक्षा इस साल कम हहोगी।<br /></p><p style="text-align:justify;">आज विश्व का हर देश ईरान इजरायल अमेरिका युद्ध से भयंकर महंगाई के मोहाने पर खड़ा हो गया है। परन्तु युद्ध लड़ने वालों को मौसम मानसून  महंगाई और जनता से सरोकार नहीं है।  बस अपने को शक्तिशाली दिखाने की होड़ विश्व पटल पर लगी है कि मैं महान विजेता हूं ।इस युद्ध से भारत भी बहुत बड़े संकट के दौर से गुजर रहा है।देश में महंगाई बढ़ रही है ऊर्जा का दाम बढ़ रहा है।तो वहीं यह मानसून भारत पर अलग तरह से कहर बरपाने का संकेत देकर भारत की गरीब जनता को और गरीबी में जीने के लिए मजबूर कर रहा है</p><p style="text-align:justify;">भारत को तीन  तरफ से मार पड़ेगा ।खराब मानूसन  खाद  की कमी और ऊर्जा ।भले टी वी डिवेट  पर सरकार के समर्थक  लोग आंकड़ों के जाल में जनता को फंसाते रहे परन्तु सच्चाई इन  आंकड़ों से इतर है। युद्ध कब तक चलेगा यह अगस्त या आगे तक भी चल सकता है फिर देश में नोट बन्दी की तरह हर चीज पर प्रतिबंध जैसे बैंकों से कम रुपया निकालना तेल गैस पर प्रतिबंध हर चीज का सीमित उपयोग।आदि  क ई तरह के उपाय करने पड़ सकते हैं। खाद के संकट को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने एक जुन से तीस जुन तक खेत बचाओ अभियान शुरू करने जा रहा है जिसमे कृषि वैज्ञानिक किसानों को रासायनिक खाद का उपयोग कम करने हरी खाद को बढ़ावा देने याद गोबर की खाद का अधिक उपयोग करने के फायदे बतायेंगे ।</p><p style="text-align:justify;">किसानों को अपने खेत की कम होती उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए कौन-सा सही तरीका लाभ कारी होगा साथ में खेती में लागत कम लगे और उत्पादन बढे यह एक सही कदम है।अब किसानों को आधुनिक खेती के साथ पुरानी खेती को अपनाने की जरुरत है जिसमें हरी खाद कमृपोष्ट खाद का बहुत महत्व है परन्तु बहुत से छोटे मझोले किसानों के पास पशुधन यानि बैल गाय भैंस नहीं के बराबर है जिससे गोबर की खाद बनेऔर खेत बचे साथ में उत्पादन भी बढ़े।सत्तर के दशक में कम्पोस्ट खाद बनाने की सरकार द्वारा योजना चला ई ग ई किसानों ने  गोबर गैस  प्लांट लगवाया खाद का उपयोग किया खेती से मजदुरो का पलायन होना शुरू हुआ पशुधन कम हुए तो गोबर गैस प्लांट बंद होते गये।अब खेती ट्रैक्टर रासायनिक खाद पर निर्भर है।</p><p style="text-align:justify;">हिमाचल के साथ देश भर में पिछले दो महीने से रुक रुक कर बे मौसमी बारिश ओला तेज हवा के कारण किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है । जनहानि भी हुई है।मौसम की यह बेरूखी  ऊपरी हिमाचल में सेव  के किसानों और अन्य फल के किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है  । यह भी  एक अनुमान है कि हिमाचल प्रदेश वर्ष में 5000 से 6000 करोड़ का सेव  का कारोबार  हर साल होता है। जो इस साल  बे मौसम बरसात ओलावृष्टि से सेव का उत्पादन कम होने का अनुमान है। जिसके कारण  किसानों को 1500 से 2000 करोड़ का नुकसान होगा।  कम पैदावार का नुकसान आम जनता को भी उठाना पड़ता है कि फल सब्जियां अनाज दूध तेल सब महगे दामो  पर बिकेंगे गरीब और गरीब होता जाएगा व्यापारी अमीर होता जाएगा।<br /></p><p style="text-align:justify;">आईएमडी के अनुसार बरसात  कम हो सकती है प्रशांत महासागर  में अल नीनो का प्रभाव बढ़ रहा   है। मानसून इस साल जल्दी आयेगा ।उत्तर और मध्य भारत में कम बारिश हो सकती है खेती में फसलों के साथ फल  जैसे सेव  नाशपाती  का उत्पादन के साथ  बिजली उत्पादन कम हो सकता है।  मानसून कमजोर होने पर सीधा असर  फसलो  किसानों की आय और खाद्यान्न की कीमतों पर पड़ता है।   कमजोर मानसून से कम पैदावार होगी खरीफ की फसलों के साथ सब्जी फल  महंगें होगे। सिंचाई की लागत भी बढेगी सरकार का प्रयास रहा है कि जल संचयन को बढ़ावा  जाए।  यह प्रयास बहुत अच्छा नहीं हो पाया गांव-गांव अमृत सरोवर बन रहा है।  परंतु लाभ उतना नहीं मिलता है जितनी उम्मीद सरकार कर रही है अमृतसरोवर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है यदि किसानों को यह जानकारी पहले से हो कि मानसून कमजोर है और कम वर्षा होगी तो  अधिक पानी की फसलों की जगह कम पानी की फसलो जैसे बाजार ज्वार मक्का उड़द मूंग  तिल अन्य मिलट की फसलों की बिजाई करने से बहुत लाभ हो सकता है ।  </p><p style="text-align:justify;">सरकार को इन फसलों की खरीद  को भी सुनिश्चित करना होगा।  अरहर  मूग उड़द बाजरा के साथ मिश्रित खेती अधिक लाभकारी होगी ।जब मानसून कमजोर होता है तब इस तरह की खेती किसानों के लिए लाभदायक होती  है। इस वर्ष   ओलावृष्टि वारिस जो  हिमाचल और भारत के अन्य प्रदेशों में हो रही है।  जिसके परिणामस्वरूप  सबसे ज्यादा सेवव फल   उत्पादक किसान प्रभावित हो रहे हैं ।इस बदले मानसून से हिमाचल  मे सेव  का उत्पादन 50 से 70% कम होगा। बे मौसमी  बारिश से सेव  के पौधों में फूल काम हो गए हैं । मधुमक्खियां  से परगण भी काम हुआ है ।  हिमाचल में ढाई लाख परिवार बागवानी विशेष तौर पर सेव के ऊपर  निर्भर है।<br /></p><p style="text-align:justify;">भारत कृषि प्रधान देश है खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर  है तो दूध उत्पादन में पहले पायदान पर दुनिया में टिका हुआ है । सब्जी फल उत्पादन में भी दुनिया में अपना स्थान बनाया हुआ है।  परंतु अभी तक हमारे वैज्ञानिकों ने मौसम के अनुकूल या कम बारिश होने पर उस तरह के बीजों का ईजाद नहीं कर पाए हैं जो कम पानी में अधिक पैदावार दे सके। कुछ किस्में हैं  परन्तु उतना लाभदायक नहीं है। कमजोर मानसुन होने पर खाघानो के साथ फल सब्जियों का उत्पादन कम न हो । और देश में कम उत्पादन के कारण महंगाई न बढ़े परन्तु ऐसा नहीं हो पा रहा है।</p><p style="text-align:justify;"> किसानों को भी खेती से घाटा न हो वह भी  राहत महसुस करें कि कमजोर मानसून होने पर आय कम नहीं होंगी बस फसल बदल दे तो निश्चित ही आय होगी। यह देखा गया है कि धान लगाने वाला किसान जल्दी फसल नहीं बदलते है । वह धान पर ही टिका रहता है धान में अधिक सिंचाई के कारण लागत बढ़ जाता है।बाजार में सही मूल्य नहीं मिलता  है।तब किसानो  को नुकसान उठाना ही होता है ।अगर मानुसन के अनुरूप किसान सही फसल का चयन कर लेता है तो कभी भी किसान नुकसान में नहीं होगा बस उसके उत्पाद का सही बाजार मूल्य सरकार दे।<br /></p><p style="text-align:justify;">खरीफ के मौसम में  अधिकांश तौर पर पंजाब हरियाणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजस्थान के किसान धान की खेती करते हैं कम बारिश के कारण धान की खेती में अधिक सिंचाई की जरूरत होगी जो महंगे डीजल के कारण पैदावार में लागत  मूल्य को बढ़ाता है।बाजार में मूल्य कम मिलता है। कमजोर मानसून से होने वाले नुकसान से बचने के लिए बस मोटे अनाजों की खेती है  एक मात्र सही उपाय है।जिसमें पानी की बहुत कम जरुरत होती है। मिश्रित खेती जैसे बाजरा उड़द अरहर बाजरा अहरह उड़द की खेती लाभ कारी होगी।। </p><p style="text-align:justify;">इस तरह की खेती से डीजल और  बिजली की बचत भी हो सकती है।  साथ में रसायनिक खाद की जरुरत भी कम पड़ती है।इस वर्ष किसानों पर तीन तरह से   मार पड़ेगी पहली मार कि मानसुन कमजोर है। बारिश कम होंगी। दुसरी मार खाद भी कम मात्रा में मिलेगा।  तीसरा ऊर्जा की कमी ।कारण ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध से देश में यूरिया के साथ साथ पोटाश फास्फोरस जैसे खादों का जो आयात होता वह भी कम होगा जिससे किसानों को खरीफ के फसलों के लिए भरपूर रसायनिक खाद नहीं मिलेगा।</p><p style="text-align:justify;">पिछले साल देश ने बड़े शोर के साथ मोटे अनाजों के उत्पादन और उपयोग पर बहुत गोष्ठी और सेमीनार करके किसानों को जागरूक किया और इन मोटे अनाजों के उपयोग से लाभ के बारे में भी खुब चर्चा हुई परन्तु उत्पादन बढ़ा कितना इस पर बात उसके बाद नही हुआ। नहीं यह बताया गया कि देश में क्या यह भोजन की थाली में आया या बस पशुचारा में गया मुफ्त अनाज योजना में मोटे अनाज को वितरित किया गया परन्तु अधिकांश परिवारो  को जो मुफ्त में दिया गया उसे बाजार में बेच दिये।अब देश को मुफ्त अनाज वितरण को बन्द करें।<br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>विचारधारा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:16:19 +0530</pubDate>
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                <title>कोचिंग सेंटर फायरिंग मामले में खान सर की बढ़ीं मुश्किलें</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पटना।</strong> बिहार के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">(खान सर)</span></span></strong> एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पटना के कदमकुआं क्षेत्र स्थित कोचिंग संस्थान से जुड़े फायरिंग मामले में दर्ज एफआईआर के बाद कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। ताजा घटनाक्रम में खान सर ने फिलहाल अदालत में आत्मसमर्पण नहीं करने का फैसला लिया है और 8 जून को अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) के लिए याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने बताया कि उनके मुवक्किल फिलहाल पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर नहीं करेंगे। मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत अग्रिम जमानत की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180775/khan-sirs-problems-increased-in-coaching-center-firing-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/ljv6icj8_khan-sir_625x300_02_june_26.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटना।</strong> बिहार के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">(खान सर)</span></span></strong> एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पटना के कदमकुआं क्षेत्र स्थित कोचिंग संस्थान से जुड़े फायरिंग मामले में दर्ज एफआईआर के बाद कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। ताजा घटनाक्रम में खान सर ने फिलहाल अदालत में आत्मसमर्पण नहीं करने का फैसला लिया है और 8 जून को अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) के लिए याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने बताया कि उनके मुवक्किल फिलहाल पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर नहीं करेंगे। मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की जाएगी। अदालत के निर्णय के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग संस्थान के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए थे। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र संस्थान के बाहर एकत्र हो गए थे और पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रकरण में पुलिस ने खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, खान सर के समर्थकों का कहना है कि उन्हें साजिश के तहत विवाद में घसीटा जा रहा है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। मामले ने शिक्षा जगत और छात्र समुदाय में व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। अब सबकी निगाहें 8 जून को दाखिल होने वाली अग्रिम जमानत याचिका और अदालत के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत के आदेश के बाद मामले की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 19:45:04 +0530</pubDate>
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                <title>रणवीर सिंह और FWICE विवाद पहुंचा कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बॉलीवुड अभिनेता <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Ranveer Singh</span></span> एक नए विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर सिंह ने फिल्म इंडस्ट्री की संस्था FWICE (Federation of Western India Cine Employees) के खिलाफ कानूनी नोटिस भेजा है। मामला उनकी आगामी फिल्म <em>Don 3</em> से जुड़े विवाद और गैर-सहयोग निर्देश से संबंधित बताया जा रहा है। अब यह मामला अदालत तक पहुंच गया है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में नई बहस छिड़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार विवाद के बाद कई निर्माता और फिल्म संगठनों की नजर इस मामले पर टिकी हुई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का फैसला भविष्य में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180773/ranveer-singh-and-fwice-dispute-reaches-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(3).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बॉलीवुड अभिनेता <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Ranveer Singh</span></span> एक नए विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर सिंह ने फिल्म इंडस्ट्री की संस्था FWICE (Federation of Western India Cine Employees) के खिलाफ कानूनी नोटिस भेजा है। मामला उनकी आगामी फिल्म <em>Don 3</em> से जुड़े विवाद और गैर-सहयोग निर्देश से संबंधित बताया जा रहा है। अब यह मामला अदालत तक पहुंच गया है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में नई बहस छिड़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार विवाद के बाद कई निर्माता और फिल्म संगठनों की नजर इस मामले पर टिकी हुई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का फैसला भविष्य में कलाकारों और फिल्म संगठनों के संबंधों पर प्रभाव डाल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 19:39:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जर्मनी की राजनीति में बड़ा झटका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और विश्व राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले जर्मनी को इस सप्ताह एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की अस्थायी सदस्यता के चुनाव में जर्मनी को हार का सामना करना पड़ा, जिससे देश की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुए मतदान में जर्मनी आवश्यक समर्थन जुटाने में असफल रहा। पश्चिमी यूरोपीय समूह की सीटों के लिए हुए चुनाव में ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल को सफलता मिली, जबकि जर्मनी पहली बार इस तरह की महत्वपूर्ण हार का सामना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180771/big-shock-in-german-politics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/76959563_1006.webp" alt=""></a><br /><p>यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और विश्व राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले जर्मनी को इस सप्ताह एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की अस्थायी सदस्यता के चुनाव में जर्मनी को हार का सामना करना पड़ा, जिससे देश की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुए मतदान में जर्मनी आवश्यक समर्थन जुटाने में असफल रहा। पश्चिमी यूरोपीय समूह की सीटों के लिए हुए चुनाव में ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल को सफलता मिली, जबकि जर्मनी पहली बार इस तरह की महत्वपूर्ण हार का सामना कर रहा है।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में जर्मनी की विदेश नीति, विशेषकर यूक्रेन युद्ध, इज़राइल समर्थन और विदेशी सहायता बजट में कटौती जैसे मुद्दों ने कई देशों को उससे दूर कर दिया। यही कारण रहा कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों का अपेक्षित समर्थन जर्मनी को नहीं मिल सका।</p>
<p>जर्मनी के विदेश मंत्री और सरकारी अधिकारियों ने इस परिणाम पर निराशा व्यक्त की है। सरकार का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखेगी और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में योगदान देती रहेगी। हालांकि विपक्षी दलों ने इसे सरकार की कूटनीतिक विफलता करार दिया है और विदेश नीति की समीक्षा की मांग की है।</p>
<p>इस हार के बाद जर्मनी में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप और वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों के बीच संतुलन बनाने में जर्मनी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाया। इसके चलते उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को झटका लगा है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना केवल एक चुनावी हार नहीं बल्कि बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन का संकेत भी है। आने वाले समय में जर्मनी को अपनी विदेश नीति, विकास सहयोग कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को और मजबूत करना होगा ताकि वह विश्व मंच पर अपनी प्रभावशाली भूमिका बनाए रख सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 19:32:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय क्रिकेट में नई शुरुआत: श्रेयस अय्यर बने टी20 कप्तान</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 टीम की घोषणा करते हुए श्रेयस अय्यर को टीम इंडिया का नया कप्तान नियुक्त किया है। इसके साथ ही 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया गया है। यह फैसला भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">चयन समिति के इस फैसले ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपे जाने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180769/new-beginning-in-indian-cricket-shreyas-iyer-becomes-t20-captain"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/mixcollage-05-jun-2026-07-50-am-3912_1780626039022_1780626044183_72bd3fd6-95f0-44d3-b297-a840e2caf3d6.webp" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 टीम की घोषणा करते हुए श्रेयस अय्यर को टीम इंडिया का नया कप्तान नियुक्त किया है। इसके साथ ही 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया गया है। यह फैसला भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">चयन समिति के इस फैसले ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपे जाने के साथ ही भारतीय टीम में नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हो गया है। अय्यर को उनकी शानदार बल्लेबाजी, नेतृत्व क्षमता और घरेलू तथा आईपीएल क्रिकेट में सफल कप्तानी का इनाम मिला है।</p>
<p class="isSelectedEnd">टीम चयन की सबसे बड़ी खासियत बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का चयन रहा। मात्र 15 वर्ष की उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाकर उन्होंने इतिहास रच दिया है। आईपीएल 2026 में उनके विस्फोटक प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। उन्होंने पूरे सीजन में शानदार बल्लेबाजी करते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया।</p>
<p>मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा कि वैभव का प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना संभव नहीं था। उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बनाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 19:25:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' की शूटिंग पूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आवारापन 2' की शूटिंग पूरी हो गई है। फिल्म के निर्माताओं ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। निर्देशक नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी इस फिल्म की शूटिंग राजस्थान और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई खूबसूरत स्थानों पर की गई है।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">'आवारापन 2' वर्ष 2007 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म 'आवारापन' का सीक्वल है। पहली फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था और इसके गीत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180707/shooting-of-emraan-hashmis-awarapan-2-completed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/6afa2e2f1db9f1a5a3e25591f465c1b417591515317161302_original.webp" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आवारापन 2' की शूटिंग पूरी हो गई है। फिल्म के निर्माताओं ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। निर्देशक नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी इस फिल्म की शूटिंग राजस्थान और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई खूबसूरत स्थानों पर की गई है।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">'आवारापन 2' वर्ष 2007 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म 'आवारापन' का सीक्वल है। पहली फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था और इसके गीत आज भी लोकप्रिय हैं। ऐसे में सीक्वल को लेकर फैंस के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फिल्म की शूटिंग पूरी होने की जानकारी सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने खुशी जताई और फिल्म की रिलीज का इंतजार शुरू कर दिया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिलीज होने वाली यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फिल्मों को चुनौती दे सकती है।</p><p style="text-align:justify;">फिल्म निर्माता और कलाकारों को उम्मीद है कि 'आवारापन 2' दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी और पहली फिल्म की तरह सफलता हासिल करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:49:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>केएस भरत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज केएस भरत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 32 वर्षीय भरत ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने क्रिकेट सफर और परिवार के योगदान को याद किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">केएस भरत ने अपने संदेश में कहा कि उनके परिवार के चारों सदस्यों ने एक ही सपना देखा था और उसे पूरा करने के लिए वर्षों तक संघर्ष किया। उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भरत ने भारत के लिए सात टेस्ट मैच खेले और घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180704/big-blow-to-indian-cricket"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/375961.6.webp" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज केएस भरत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 32 वर्षीय भरत ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने क्रिकेट सफर और परिवार के योगदान को याद किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">केएस भरत ने अपने संदेश में कहा कि उनके परिवार के चारों सदस्यों ने एक ही सपना देखा था और उसे पूरा करने के लिए वर्षों तक संघर्ष किया। उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भरत ने भारत के लिए सात टेस्ट मैच खेले और घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई थी। विकेटकीपिंग के साथ-साथ उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां भी खेलीं। हालांकि, कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण उन्हें टीम में नियमित अवसर नहीं मिल सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संन्यास की घोषणा के बाद क्रिकेट जगत के कई खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उनके योगदान की सराहना की तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। भारतीय क्रिकेट में केएस भरत को एक मेहनती और समर्पित खिलाड़ी के रूप में याद किया जाएगा हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों के उभरने के बीच भरत का यह फैसला एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:45:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>भारतीय पत्रकार के लहजे पर ट्रंप की टिप्पणी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="container-wrapper one_column"><div class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div class="jg_paragraph"><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एक भारतीय पत्रकार के बोलने के अंदाज और भारी आवाज को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय पत्रकार ने भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर सवाल पूछा। इस पर ट्रंप ने पत्रकार के लहजे पर टिप्पणी करते हुए कहा, "क्या तुम भारत से हो? मुझे लगा कि तुम जर्मनी से हो।" हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ मजाक कर रहा हूं। तुम भारत से हो, यह बहुत अच्छी</p></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180700/i-thought-you-were-from-germany-but-you-are-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/donald-trump-2-780x470.webp" alt=""></a><br /><div class="container-wrapper one_column"><div class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div class="jg_paragraph"><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एक भारतीय पत्रकार के बोलने के अंदाज और भारी आवाज को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय पत्रकार ने भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर सवाल पूछा। इस पर ट्रंप ने पत्रकार के लहजे पर टिप्पणी करते हुए कहा, "क्या तुम भारत से हो? मुझे लगा कि तुम जर्मनी से हो।" हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ मजाक कर रहा हूं। तुम भारत से हो, यह बहुत अच्छी बात है।"</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बाद ट्रंप ने पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत हैं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके अच्छे मित्र हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच जल्द ही व्यापार समझौता हो जाएगा।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई दिल्ली के साथ संभावित ट्रेड डील पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों से काफी लाभान्वित हो रहा है और दोनों देश बहुत जल्द किसी समझौते पर पहुंचेंगे।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने इसे अनुचित और अपमानजनक बताया, जबकि अन्य ने इसे नस्लीय पूर्वाग्रह से जोड़कर आलोचना की। एक यूजर ने लिखा कि ऐसे बयान किसी राष्ट्रपति के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं, जबकि दूसरे ने इसे नस्लवाद का उदाहरण बताया।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन ने भारत सहित करीब 60 अर्थव्यवस्थाओं से होने वाले आयात पर अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके बावजूद हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में तेजी देखी गई है।</p><p style="text-align:justify;">भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में है और केवल कुछ मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। वहीं, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी संकेत दिया है कि समझौते के अधिकांश पहलुओं पर सहमति बन चुकी है और अब वार्ता शेष बिंदुओं को अंतिम रूप देने पर केंद्रित है।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:40:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रस्मअदायगी नहीं, जिम्मेदारी: भीषण गर्मी में पौधारोपण क्यों बन जाता है औपचारिकता?</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रमों की भरमार दिखाई देती है। सरकारी कार्यालयों से लेकर सामाजिक संगठनों तक, हर जगह पौधे लगाए जाते हैं और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जाती हैं। लेकिन इस वर्ष कानपुर समेत पूरे उत्तर भारत में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और लू के थपेड़े लोगों का जीना मुश्किल कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ऐसे में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है—क्या इस भीषण गर्मी में लगाए गए नन्हे पौधे जीवित रह पाएंगे?</strong></div>
<div style="text-align:justify;">वास्तविकता यह है कि बिना नियमित सिंचाई और देखभाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180684/why-does-tree-planting-become-a-formality-in-the-scorching"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001974815.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रमों की भरमार दिखाई देती है। सरकारी कार्यालयों से लेकर सामाजिक संगठनों तक, हर जगह पौधे लगाए जाते हैं और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जाती हैं। लेकिन इस वर्ष कानपुर समेत पूरे उत्तर भारत में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और लू के थपेड़े लोगों का जीना मुश्किल कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ऐसे में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है—क्या इस भीषण गर्मी में लगाए गए नन्हे पौधे जीवित रह पाएंगे?</strong></div>
<div style="text-align:justify;">वास्तविकता यह है कि बिना नियमित सिंचाई और देखभाल के अधिकांश पौधों का जीवित रहना बेहद कठिन है। केवल फोटो खिंचवाने या औपचारिकता निभाने के लिए पौधे लगाना पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि पौधों के साथ अन्याय है। यदि पौधा लगाने के बाद उसकी देखभाल नहीं की जाती, तो वह कुछ ही दिनों में सूख जाता है और पूरा प्रयास निरर्थक हो जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी जमीनी सच्चाई को ध्यान में रखते हुए "द कानपुर रिपोर्टर" की टीम ने निर्णय लिया है कि हम दिखावटी पौधारोपण से दूर रहेंगे और मानसून का इंतजार करेंगे। वर्षा ऋतु की पहली फुहार के साथ हमारी टीम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कम से कम 50 छायादार एवं फलदार पौधे लगाएगी। इतना ही नहीं, हम इन पौधों के बड़े होने तक उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज समाज में अधिकांश लोग अपने बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा, बैंक बैलेंस और संपत्ति जुटाने में पूरा जीवन लगा देते हैं। लेकिन शायद ही कोई उनके लिए स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध हवा की व्यवस्था करने के बारे में गंभीरता से सोचता है। यदि आने वाली पीढ़ी को सांस लेने के लिए स्वच्छ हवा ही उपलब्ध नहीं होगी, तो धन-संपत्ति का महत्व भी सीमित रह जाएगा। एक पेड़ केवल छाया ही नहीं देता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भविष्य भी प्रदान करता है। इसलिए इस मानसून केवल पौधा लगाने का संकल्प न लें, बल्कि उसे वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी भी स्वीकार करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात कानपुर टीम की अपील</strong></div>
<div style="text-align:justify;">इस मानसून दिखावे से दूर रहें। अपने घर, मोहल्ले, विद्यालय, कार्यालय या आसपास उपलब्ध स्थानों पर ऐसे पौधे लगाएं जो भविष्य में घने छायादार और फलदार वृक्ष बन सकें। आने वाली पीढ़ी को विरासत में केवल कंक्रीट के मकान नहीं, बल्कि एक हरा-भरा और स्वस्थ भविष्य भी दें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:12:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन, सिंगापुर पर 25 गोल की जीत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने सिंगापुर को 25-0 से हराकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया है और एशिया कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को हुए मुकाबले में भारतीय टीम की तरफ से 10 अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। नौशीन नाज ने सर्वाधिक सात गोल (8′, 13′, 17′, 18′, 40′, 52′, 58′) किए। गीताश्री नम्मी, जिन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, ने पांच गोल (13′, 28′, 47′, 48′, 60′) किए, जबकि कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल (2′, 24′, 38′, 45′) किए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रियंका मिंज ने भी हैट्रिक (22′, 37′, 53′) बनाई,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180597/great-performance-by-indian-womens-under-18-hockey-team-25-goal-victory"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hj29nddbaaawe9q-1024x576.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने सिंगापुर को 25-0 से हराकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया है और एशिया कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को हुए मुकाबले में भारतीय टीम की तरफ से 10 अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। नौशीन नाज ने सर्वाधिक सात गोल (8′, 13′, 17′, 18′, 40′, 52′, 58′) किए। गीताश्री नम्मी, जिन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, ने पांच गोल (13′, 28′, 47′, 48′, 60′) किए, जबकि कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल (2′, 24′, 38′, 45′) किए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रियंका मिंज ने भी हैट्रिक (22′, 37′, 53′) बनाई, जबकि दीया (27′), नैन्सी सरोहा (36′), श्रुति कुमारी (40′), पुष्पा मांझी (47′), रश्मीन कौर (47′), और संदीपा कुमारी (51′) ने 1-1 गोल किए।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय टीम ने अपने आक्रामक खेल से मैच की शुरुआत में ही अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। कप्तान स्वीटी ने दूसरे मिनट में गोल किया। फिर नौशीन ने आठवें मिनट में बढ़त बढ़ाई। गीताश्री और नौशीन दोनों ने 13वें मिनट में गोल कर मैच पर भारत का दबदबा स्थापित कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे क्वार्टर में, भारतीय टीम ने अपना दबदबा और बढ़ाया, नौशीन ने दो तेज गोल किए। इसके बाद प्रियंका और स्वीटी ने हाफटाइम से पहले भारत की बढ़त बढ़ाने में मदद की।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रेक के बाद भी गोलों का सिलसिला जारी रहा। दीया और गीताश्री ने तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही गोल किए, जिसमें नैन्सी, प्रियंका, स्वीटी, नौशीन और श्रुति सभी ने गोल किए, जिससे भारत ने सिंगापुर की रक्षापंक्ति को तोड़ दिया। भारत ने आखिरी क्वार्टर में दस गोल किए। अंडर-18 स्तर पर भारतीय टीम के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से यह एक है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने मलेशिया, कोरिया और सिंगापुर के खिलाफ जीत हासिल की, और पूल ए में बिना हारे रिकॉर्ड और 9 अंक के साथ टॉप पर रहा। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:21:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रज्ञानानंद ने फिर किया कमाल, मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार हराया: नॉर्वे शतरंज 2026</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नॉर्वे शतरंज 2026 के आठवें दौर में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को एक बार फिर हराकर खिताब की दौड़ को रोमांचक बना दिया। वहीं भारतीय खिलाड़ियों डी. गुकेश और दिव्या देशमुख को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।</p><p style="text-align:justify;">20 वर्षीय प्रज्ञानानंद ने पिछले सप्ताह सफेद मोहरों से कार्लसन को हराया था और अब आठवें दौर में काले मोहरों से भी उन्हें मात दे दी। इसके साथ ही वह भारत के महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के बाद एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180595/in-the-eighth-round-of-norway-chess-2026-indias-young"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/555.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नॉर्वे शतरंज 2026 के आठवें दौर में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को एक बार फिर हराकर खिताब की दौड़ को रोमांचक बना दिया। वहीं भारतीय खिलाड़ियों डी. गुकेश और दिव्या देशमुख को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।</p><p style="text-align:justify;">20 वर्षीय प्रज्ञानानंद ने पिछले सप्ताह सफेद मोहरों से कार्लसन को हराया था और अब आठवें दौर में काले मोहरों से भी उन्हें मात दे दी। इसके साथ ही वह भारत के महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के बाद एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। साथ ही वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने क्लासिकल शतरंज में कार्लसन को तीन बार हराया है।</p><p style="text-align:justify;">एक अन्य मुकाबले में फ्रांस के अलीरेज़ा फिरोज़ा ने मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश डोम्माराजू को पराजित किया। सफेद मोहरों से खेलते हुए फिरोज़ा ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान की दौड़ को और दिलचस्प बना दिया।</p><p style="text-align:justify;">वहीं वेस्ली सो और विन्सेंट कीमर के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद हुए आर्मागेडन टाईब्रेक में वेस्ली सो ने जीत हासिल कर अतिरिक्त अंक अपने नाम किए।</p><p style="text-align:justify;">आठवें दौर के बाद वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। अलीरेज़ा फिरोज़ा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि प्रज्ञानानंद 12 अंकों के साथ खिताब की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं।</p><p style="text-align:justify;"><strong>महिला वर्ग में दिव्या को झटका</strong></p><p style="text-align:justify;">महिला वर्ग में कज़ाखस्तान की बिबिसारा अस्साउबायेवा ने भारत की दिव्या देशमुख को हराकर अपनी बढ़त मजबूत कर ली। काले मोहरों से खेलते हुए बिबिसारा ने समय के दबाव में आई दिव्या की गलतियों का फायदा उठाया और मुकाबला जीत लिया।</p><p style="text-align:justify;">दूसरे मुकाबले में चीन की झू जिनर ने महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराया। इस जीत के साथ झू जिनर और दिव्या देशमुख दोनों 10-10 अंकों पर पहुंच गई हैं।</p><p style="text-align:justify;">भारत की कोनेरू हम्पी और यूक्रेन की अन्ना मुज़िचुक के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। हालांकि आर्मागेडन टाईब्रेक में हम्पी ने काले मोहरों से जीत दर्ज कर अतिरिक्त अंक हासिल किए।</p><p style="text-align:justify;">महिला वर्ग में आठ दौर के बाद बिबिसारा अस्साउबायेवा 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। अन्ना मुज़िचुक 10.5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि दिव्या देशमुख और झू जिनर 10-10 अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:19:26 +0530</pubDate>
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                <title>वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन से IIM इंदौर प्रभावित,  कारणों और उपलब्धियों के प्रभावों पर करेगा व्यापक शोध</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से हर तरफ सनसनी फैला रखी है। आईपीएल में कम उम्र में अपनी असाधारण प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले वैभव अब एक खास अकादमिक अध्ययन का विषय बनेंगे। दरअसल, आईआईएम इंदौर उनकी 15 वर्ष की आयु में मिली सफलता, उसके पीछे के कारणों और उपलब्धियों के प्रभावों पर व्यापक शोध करेगा।</p><p style="text-align:justify;">आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि असाधारण प्रतिभा को यदि सही वातावरण, मार्गदर्शन और अवसर मिलें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180593/iim-indore-will-conduct-extensive-research-on-the-causes-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/vaibhav-sooryavanshi-2-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से हर तरफ सनसनी फैला रखी है। आईपीएल में कम उम्र में अपनी असाधारण प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले वैभव अब एक खास अकादमिक अध्ययन का विषय बनेंगे। दरअसल, आईआईएम इंदौर उनकी 15 वर्ष की आयु में मिली सफलता, उसके पीछे के कारणों और उपलब्धियों के प्रभावों पर व्यापक शोध करेगा।</p><p style="text-align:justify;">आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि असाधारण प्रतिभा को यदि सही वातावरण, मार्गदर्शन और अवसर मिलें तो वह असाधारण परिणाम दे सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी उपलब्धि के पीछे केवल व्यक्ति का प्रयास नहीं होता, बल्कि परिवार, प्रशिक्षकों, सामाजिक सहयोग और संस्थागत समर्थन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।</p><p style="text-align:justify;">हालांकि, हिमांशु राय ने माना कि कम उम्र में मिलने वाले यश और सफलता अपने साथ कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आती हैं। उन्होंने कहा कि अचानक लगातार मौके मिलने, उम्मीदों का दबाव और सोशल मीडिया की निगरानी से युवा प्रतिभा प्रभावित हो सकती है। आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर के मुताबिक, विश्व स्तर पर ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं, जहां जरूरत से अधिक अपेक्षाओं और मानसिक दबाव की वजह से प्रतिभाशाली खिलाड़ी मानसिक थकान और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूर हुए हैं।</p><p style="text-align:justify;">हिमांशु राय ने बताया कि इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आईआईएम इंदौर इस विषय पर व्यापक अध्ययन करने जा रहा है। इस शोध में उन सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक और संस्थागत कारणों का विश्लेषण किया जाएगा, जो कम उम्र में शानदार प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं के विकास में अहम किरदार निभाते हैं। उन्होंने बताया कि नेतृत्व, व्यवहार विज्ञान और मानव क्षमता के विशेषज्ञ मिलकर यह समझने का प्रयास करेंगे कि शुरुआती सफलता युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तिगत विकास और भविष्य की दिशा को किस तरह से प्रभावित करती है।</p><p style="text-align:justify;">डायरेक्टर के अनुसार, इस अध्ययन का उद्देश्य महज एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी की सफलता का विश्लेषण करना नहीं है, बल्कि ऐसे निष्कर्ष तैयार करना है, जो भविष्य में उभरने वाली युवा प्रतिभाओं के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकें। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह भी सुनिश्चित करना है कि खेल उपलब्धियों के साथ मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और समग्र विकास को समान महत्व मिले।</p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:17:12 +0530</pubDate>
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