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                <title>Featured - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>10 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी प्रयागराज की सड़कें बनीं तालाब</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> शहर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या एक बार फिर नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। करोड़ों रुपये खर्च कर नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावों के बावजूद कई प्रमुख सड़कें और चौराहे बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गए। लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन जलभराव में फंस रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगर निगम द्वारा मानसून से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके बावजूद शहर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184301/even-after-spending-rs-10-crore-the-roads-of-prayagraj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260729-wa0177.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> शहर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या एक बार फिर नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। करोड़ों रुपये खर्च कर नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावों के बावजूद कई प्रमुख सड़कें और चौराहे बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गए। लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन जलभराव में फंस रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर निगम द्वारा मानसून से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में बारिश के कुछ ही घंटों बाद सड़कें पानी से लबालब भर गईं। इससे नगर निगम की तैयारियों और कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जलभराव की बढ़ती शिकायतों और आमजन की नाराजगी को देखते हुए नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं के साथ विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा तत्काल जलनिकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कहा कि जहां भी लापरवाही या कार्य में अनियमितता पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में लोगों को घंटों तक जलभराव की समस्या झेलनी पड़ी। व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ, जबकि स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 22:21:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्षा मंत्री ने लखनऊ स्थित कमांड अस्पताल (केंद्रीय कमान) में डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ-</strong> उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित कमांड अस्पताल (केंद्रीय कमान) में डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। विशेष रूप से सैन्य चिकित्सा पर केंद्रित यह देश का पहला समर्पित शैक्षणिक और परिचालन विभाग है।  इस पहल का उद्देश्य युद्धकालीन चिकित्सा तैयारियों व अनुसंधान को बढ़ावा देना, स्वदेशी सिद्धांतों का विकास करना और भविष्य के <span>युद्धक्षेत्रों</span>  और मानवीय आपात स्थितियों के लिए <span>विशेषज्ञता</span>  का सृजन करना है। चिकित्सा सेवा महानिदेशालय (सेना) के तत्वावधान में स्थापित यह विभाग सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (एएफएमएस) की परिचालन चिकित्सा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img class="CToWUd a6T" src="https://ci3.googleusercontent.com/meips/ADKq_NbvrwM5Q4uO5jYctT_1tZ426FSb6_eAZKTRtHXRb8jceF-nRsMKEXT25jvrDVE0kXr_m_z7M1xKS0JnJbw_Hpw3TG3Ct20Mz27DpbghXcg9llwKvnMblbSyZ2Y=s0-d-e1-ft#https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/PIC2KEYS.jpeg" alt="PIC2KEYS.jpeg" /></p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184279/defense-minister-virtually-inaugurated-the-department-of-military-medicine-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/unnamed2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ-</strong> उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित कमांड अस्पताल (केंद्रीय कमान) में डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। विशेष रूप से सैन्य चिकित्सा पर केंद्रित यह देश का पहला समर्पित शैक्षणिक और परिचालन विभाग है।  इस पहल का उद्देश्य युद्धकालीन चिकित्सा तैयारियों व अनुसंधान को बढ़ावा देना, स्वदेशी सिद्धांतों का विकास करना और भविष्य के <span>युद्धक्षेत्रों</span> और मानवीय आपात स्थितियों के लिए <span>विशेषज्ञता</span> का सृजन करना है। चिकित्सा सेवा महानिदेशालय (सेना) के तत्वावधान में स्थापित यह विभाग सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (एएफएमएस) की परिचालन चिकित्सा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img class="CToWUd a6T" src="https://ci3.googleusercontent.com/meips/ADKq_NbvrwM5Q4uO5jYctT_1tZ426FSb6_eAZKTRtHXRb8jceF-nRsMKEXT25jvrDVE0kXr_m_z7M1xKS0JnJbw_Hpw3TG3Ct20Mz27DpbghXcg9llwKvnMblbSyZ2Y=s0-d-e1-ft#https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/PIC2KEYS.jpeg" alt="PIC2KEYS.jpeg"></img></p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक और सामाजिक विकास राष्ट्र निर्माण के आवश्यक पहलू हैं, लेकिन किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता और प्रगति का मूल आधार उसकी सेना की शक्ति और मनोबल में निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन सैनिकों को उन्नत चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करके राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा और साथ ही सैनिकों को यह भरोसा <span>दिलाएगा</span> कि जरूरत पड़ने पर उन्हें देखभाल और सहायता मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह विभाग सैन्य संबंधी आघात एवं क्षति नियंत्रण, युद्ध मनोचिकित्सा एवं दृढ़ता, पर्यावरण एवं परिचालन चिकित्सा, सैन्य चिकित्सा रसद, रासायनिक, जैविक, विकिरणीय, परमाणु एवं विस्फोटक (<span>सीबीआरएनई</span>) चिकित्सा <span>प्रतिक्रिया</span>, आपातकालीन चिकित्सा एवं गहन देखभाल, आपदा चिकित्सा एवं मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) के साथ-साथ अनुसंधान, लेखापरीक्षा एवं डेटा विश्लेषण जैसे प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह प्रौद्योगिकी-आधारित युद्धक्षेत्र चिकित्सा, सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण, टेलीमेडिसिन, दीर्घकालिक फील्ड देखभाल और चिकित्सा निर्णय सहायता में नवाचार को भी बढ़ावा देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विभाग का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में शैक्षणिक कार्यक्रमों की स्थापना और इन्हें शुरू के जाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद एचएडीआर और <span>सीबीआरएनई</span> चिकित्सा में उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की जाएगी और अंततः यह सैन्य चिकित्सा के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त केंद्र के रूप में विकसित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री राजनाथ सिंह ने सैन्य चिकित्सा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार अंतरिक्ष चिकित्सा निम्न पृथ्वी कक्षा में पायलटों और अंतरिक्ष यात्रियों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करती है, उसी प्रकार सैन्य चिकित्सा युद्ध और युद्ध जैसी स्थितियों के दौरान मानव शरीर पर पड़ने वाले शारीरिक और मानसिक तनावों का अध्ययन करती है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक दुनिया के कुछ सबसे जटिल क्षेत्रों और कठोरतम जलवायु में तैनात हैं, जहां उन्हें विविध चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह नया विभाग इन परिचालन वातावरणों के अनुरूप चिकित्सा प्रोटोकॉल विकसित करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ वर्तमान युग में सामूहिक विनाश के हथियारों का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यह विभाग अनुसंधान और विकास के केंद्र के रूप में कार्य करेगा और तेजी से हो रहे तकनीकी विकास से उत्पन्न होने वाले नए खतरों से निपटने में राष्ट्र को सक्षम बनाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र और एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में, भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे अधिक सैन्य योगदान देने वाले देशों में से एक है, और रक्षा बल राष्ट्रीय सीमाओं से परे आपदा जोखिम प्रबंधन (एचएडीआर) अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। यह सैन्य चिकित्सा विभाग आपदा प्रतिक्रिया, क्षेत्रीय अस्पताल तैनाती, सामूहिक हताहत प्रबंधन और महामारी नियंत्रण में विशेषज्ञता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विभाग की परिकल्पना सैन्य चिकित्सा के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में की गई है और यह सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के प्रमुख शैक्षणिक, अनुसंधान और सैद्धांतिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह सैन्य और परिचालन चिकित्सा में शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करेगा, युद्ध चिकित्सा, युद्ध शल्य चिकित्सा और आघात देखभाल जैसे क्षेत्रों में स्नातकोत्तर कार्यक्रमों को सुगम <span>बनाएगा</span> और भारत की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी अनुसंधान को बढ़ावा देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह विभाग सेना चिकित्सा कोर के युवा डॉक्टरों के लिए युद्धक्षेत्र नर्सिंग और जीवन रक्षक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह विभाग युवा चिकित्सा पेशेवरों के लिए करियर का एक नया मार्ग खोलेगा। छात्र अब सैन्य चिकित्सा में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे। इससे न केवल सेना के भीतर बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा अनुसंधान में भारत की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री राजनाथ सिंह ने निवारक स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इसे वास्तविक उपचार से पहले रक्षा की पहली पंक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने एक ऐसी प्रणाली विकसित करने का आह्वान किया जो रोग निगरानी, टीकाकरण, स्वच्छता, पोषण, शारीरिक फिटनेस, व्यावसायिक स्वास्थ्य और नियमित स्वास्थ्य जांच के माध्यम से प्रारंभिक चरण में ही स्वास्थ्य जोखिम की पहचान कर उसे कम कर सके। उन्होंने कहा कि निवारक स्वास्थ्य सेवा सीधे तौर पर युद्ध की तैयारी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), पहनने योग्य उपकरणों, भविष्यसूचक विश्लेषण और उन्नत <span>निदान</span> जैसी तकनीकों का लाभ उठाकर सैनिकों के स्वास्थ्य की वास्तविक समय में निगरानी और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की शीघ्र पहचान कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए इस नए सैन्य चिकित्सा विभाग को राष्ट्र की सैन्य मानसिकता में क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर इस विभाग को विश्व के सर्वश्रेष्ठ 'युद्धक्षेत्र चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में बदलना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img class="CToWUd a6T" src="https://ci3.googleusercontent.com/meips/ADKq_NahY58_vliBabl2mt1eAENKgFaJdeGMmXynoSIaOXKHfFp3dhg0HgoFpos02Dof_Eh9eb0SvSx86Gs3_3vxeO_hLJhIZEgz0PUwABszF9Vf7jXhXu2zAPpB1FM=s0-d-e1-ft#https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/PIC2K3P8.jpeg" alt="PIC2K3P8.jpeg"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता, सेना चिकित्सा कोर के महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल <span>वीपीएस</span> कौशिक और सेना चिकित्सा सेवा महानिदेशक एवं सेना चिकित्सा कोर के कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल सीजी मुरलीधरन, रक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री मनीष त्रिपाठी, कमांड अस्पताल (केंद्रीय कमान), लखनऊ के कमांडेंट मेजर जनरल आलोक भल्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विभाग की स्थापना स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने और रक्षा बलों की परिचालन तत्परता बढ़ाने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप की गई है। यह रक्षा रणनीति विजन 2026-30 के तहत प्रस्तावित वैश्विक सैन्य चिकित्सा केंद्र का भी पूरक है। इसका उद्घाटन एएफएमएस को एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-सक्षम, परिचालन की दृष्टि से प्रासंगिक और रोगी-केंद्रित सैन्य स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में परिवर्तित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, साथ ही यह भविष्य की <span>रक्षा</span> और राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के लिए भारत की तत्परता को भी मजबूत करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 22:01:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सिलेंडर ब्लास्ट से दहला मौजमपुर, मकान का लिंटर और दीवार गिरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर।</strong> शनिवार रात रसोईघर में खाना बनाते समय गैस रिसाव के बाद हुए भीषण सिलेंडर ब्लास्ट से पूरा इलाका दहल उठा। विस्फोट इतना तेज था कि मकान का लिंटर और एक दीवार भरभराकर गिर गई। आग की ऊंची लपटें उठने से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। हादसे में परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए, लेकिन मकान और घरेलू सामान को भारी नुकसान पहुंचा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगर के मोहल्ला मौजमपुर निवासी अंजू लता रस्तोगी का मकान पुलिस चौकी के निकट स्थित है। शनिवार रात करीब आठ बजे वह रसोईघर में खाना</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184142/cylinder-blast-shook-maujampur-houses-linter-and-wall-collapsed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260726_122746-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर।</strong> शनिवार रात रसोईघर में खाना बनाते समय गैस रिसाव के बाद हुए भीषण सिलेंडर ब्लास्ट से पूरा इलाका दहल उठा। विस्फोट इतना तेज था कि मकान का लिंटर और एक दीवार भरभराकर गिर गई। आग की ऊंची लपटें उठने से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। हादसे में परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए, लेकिन मकान और घरेलू सामान को भारी नुकसान पहुंचा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर के मोहल्ला मौजमपुर निवासी अंजू लता रस्तोगी का मकान पुलिस चौकी के निकट स्थित है। शनिवार रात करीब आठ बजे वह रसोईघर में खाना बनाने के लिए पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने गैस चूल्हा जलाने के लिए लाइटर जलाया, अचानक गैस ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग सिलेंडर तक पहुंच गई। स्थिति बिगड़ती देख परिवार के लोग जान बचाकर घर से बाहर निकल आए। कुछ ही क्षण बाद जोरदार धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। विस्फोट की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और मकान का लिंटर तथा एक दीवार ढह गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की सूचना तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना था कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो आग को शुरुआती चरण में ही काबू किया जा सकता था और मकान को इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। देरी को लेकर लोगों ने नाराजगी जताते हुए दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और उसे आसपास के मकानों तक फैलने से रोक दिया। पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित दूरी पर किया और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के मकानों में भी कंपन महसूस हुआ और लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। काफी देर तक घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लगी रही। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव के बाद आग लगने और सिलेंडर फटने की बात सामने आई है। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, क्योंकि परिवार के सभी सदस्य समय रहते बाहर निकल गए थे। हालांकि मकान को भारी क्षति पहुंची है और हजारों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 22:26:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तिरस्कार से तख्त तक: ‘कीड़ों’ ने सत्ता नहीं, सोच को चुनौती दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर युग अपने प्रतीक स्वयं गढ़ता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी कोई शब्द अपमान का पर्याय होता है और कभी वही शब्द परिवर्तन का ध्वज बन जाता है। हाल के दिनों में भारतीय लोकतंत्र ने यही देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की एक टिप्पणी में प्रयुक्त</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच’</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">शब्द को युवाओं ने अपमान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहचान बना लिया। देखते ही देखते वही</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का प्रतीक बन गया। जंतर-मंतर से उठी यह आवाज़ न किसी राजनीतिक दल की रैली थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न पारंपरिक छात्र आंदोलन</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">यह उस पीढ़ी का सामूहिक प्रतिरोध था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184132/from-contempt-to-throne-%E2%80%98insects%E2%80%99-challenged-thinking-not-power"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hq720.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर युग अपने प्रतीक स्वयं गढ़ता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी कोई शब्द अपमान का पर्याय होता है और कभी वही शब्द परिवर्तन का ध्वज बन जाता है। हाल के दिनों में भारतीय लोकतंत्र ने यही देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की एक टिप्पणी में प्रयुक्त</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच’</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">शब्द को युवाओं ने अपमान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहचान बना लिया। देखते ही देखते वही</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का प्रतीक बन गया। जंतर-मंतर से उठी यह आवाज़ न किसी राजनीतिक दल की रैली थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न पारंपरिक छात्र आंदोलन</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">यह उस पीढ़ी का सामूहिक प्रतिरोध था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने वर्षों तक परीक्षाएँ दीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पहली बार परीक्षा लेने वाली व्यवस्था को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसलिए केवल पदत्याग नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस शिक्षा तंत्र के विरुद्ध पहला सार्वजनिक अभियोग है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी जवाबदेही लंबे समय से टलती रही।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विचार जब व्यंग्य का वस्त्र पहन ले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सत्ता सबसे अधिक असहज होती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय छात्र आंदोलनों का इतिहास नारों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धरनों और टकरावों से भरा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सीजेपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने प्रतिरोध की नई व्याकरण रची। जिस शब्द को अपमान माना गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं ने उसे अपनी पहचान बना लिया। यह भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनोवैज्ञानिक विजय थी। महात्मा गांधी ने जैसे नमक को साम्राज्यवादी कानून के विरुद्ध नैतिक हथियार बनाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैसे ही इन युवाओं ने उपहास को अपनी ताकत बना लिया। पहली बार किसी व्यंग्यात्मक नाम ने राष्ट्रीय आंदोलन का प्रतीक बन यह साबित किया कि डिजिटल युग में प्रतीक बंदूक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुद्धिमत्ता गढ़ती है और सम्मान दूसरों की भाषा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मविश्वास से मिलता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हँसी कभी-कभी आँसुओं से अधिक क्रांतिकारी होती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सीजेपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की सबसे बड़ी ताकत उसका</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ह्यूमर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">था। जहाँ पारंपरिक आंदोलनों में गुस्सा भीड़ जुटाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं मीम्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रील्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यंग्यपूर्ण पोस्टरों और ‘कीड़े’ की थीम ने लाखों युवाओं को जोड़ दिया। पुलिस कार्रवाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लाठीचार्ज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बढ़ते तनाव और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बावजूद आंदोलन ने अपनी मुस्कान नहीं छोड़ी। यही उसकी सबसे बड़ी राजनीतिक सफलता थी। सूचना युग में इन युवाओं ने साबित किया कि विचार केवल भाषणों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रचनात्मक अभिव्यक्ति से भी फैलते हैं। यहाँ ह्यूमर मनोरंजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिरोध की रणनीति था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने आक्रोश को अराजकता बनने से रोका और आंदोलन को व्यापक सामाजिक समर्थन दिलाया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भविष्य की भूख सबसे बड़ी राजनीतिक ऊर्जा होती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सीजेपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की दूसरी ताकत उसका</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हंगर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">था—सत्ता परिवर्तन से अधिक भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था की भूख। नीट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बार-बार परीक्षाओं का रद्द होना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिणामों में देरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग माफिया का बढ़ता प्रभाव और विद्यार्थियों की आत्महत्याएँ अलग-अलग घटनाएँ नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस टूटते विश्वास के प्रमाण थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवार अपनी उम्मीद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बचत और संघर्ष से वर्षों से सँजोए हुए थे। सीजेपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने इसी मौन पीड़ा को संगठित किया। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस भूख की महत्वपूर्ण राजनीतिक अभिव्यक्ति है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन असली सवाल अब भी यही है—क्या केवल चेहरा बदलेगा या व्यवस्था का चरित्र भी</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">नीति की सबसे कठिन परीक्षा वही होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें प्रश्न जनता पूछती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नीट की अवधारणा गलत नहीं थी। पूरे देश के लिए एक समान परीक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेरिट आधारित चयन और पारदर्शिता उसका उद्देश्य था। लेकिन श्रेष्ठ विचार भी क्रियान्वयन पर लगातार उठते संदेहों से अविश्वसनीय हो जाते हैं। पेपर लीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा रद्द</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी अव्यवस्था और विलंब ने इस सुधार को संकट में बदल दिया। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का संकेत हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भारतीय शिक्षा की बीमारी कहीं अधिक गहरी है। सीबीआई जाँच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोषियों की गिरफ्तारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा रद्द करना और सीबीटी (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) आवश्यक कदम हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर वे लक्षणों का उपचार हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोग का नहीं। असली बीमारी उस संरचना में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ करोड़ों विद्यार्थियों का भविष्य एक केंद्रीकृत परीक्षा पर टिका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब शिक्षा नियंत्रण का औजार बन जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिभा सबसे पहले घायल होती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी व्यवस्था आज भी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कंट्रोल एंड कमांड मॉडल</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पर चल रही है। छात्र की जिज्ञासा से अधिक रैंक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और विद्यालयों की गुणवत्ता से अधिक प्रवेश परीक्षा की तैयारी को महत्व मिलता है। कोचिंग उद्योग शिक्षा का पूरक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समानांतर सत्ता बन चुका है। सफलता का अर्थ सीखना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चयनित होना रह गया है। ऐसे में प्रश्न है—क्या हमारी शिक्षा छात्र-केंद्रित है या परीक्षा-केंद्रित</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या हम ज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसंधान और सृजनशीलता विकसित कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या लाखों युवाओं को एक विशाल फ़िल्टर से गुजार रहे हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि शिक्षा का उद्देश्य केवल छँटनी रह जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो प्रतिभा का विस्तार संभव नहीं होगा। सीजेपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने यही मूल प्रश्न राष्ट्रीय बहस के केंद्र में रख दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">साहस सबसे अधिक तब चमकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उसके पीछे कोई सिंहासन न हो।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जंतर-मंतर पर डटे युवाओं ने लाठीचार्ज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुकदमे और डिजिटल ट्रोलिंग झेली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी उद्देश्य से नहीं डिगे। इस आंदोलन के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक चेहरा नहीं था।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अभिजीत दिपके</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे युवा चेहरे उभरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन नेतृत्व सामूहिक रहा। यही नई पीढ़ी का संदेश है—वह किसी मसीहा की प्रतीक्षा नहीं करती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयं मंच बनाती है। हर जनआंदोलन का खतरा यही है कि उसके शांत होते ही पुरानी व्यवस्था लौट आती है। सीजेपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने केवल इस्तीफा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि क्षतिपूर्ति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज मामलों की वापसी और व्यापक सुधारों की भी मांग की। यदि इन्हें केवल तत्कालिक शांति का उपाय माना गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो विफलता लौटेगी। इसलिए परीक्षा सुरक्षा में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्लॉकचेन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी पारदर्शी तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग उद्योग पर प्रभावी नियमन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विद्यालयों-महाविद्यालयों की गुणवत्ता और वैकल्पिक करियर पाथवे जैसे दीर्घकालिक सुधार अब अनिवार्य हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी आंदोलन की असली जीत सत्ता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोच बदलने में होती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सीजेपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने भारतीय लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था को आईना दिखाया। उसने साबित किया कि जिन्हें कभी ‘कीड़ा’ कहकर तुच्छ समझा गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही बदलाव की उड़ान बन सकते हैं। यह आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भविष्य की राजनीति का प्रोटोटाइप है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ भारी-भरकम संगठनों की जगह मुद्दा-आधारित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रचनात्मक नागरिक आंदोलन सत्ता से जवाब मांगेंगे। भारतीय शिक्षा की सबसे बड़ी फेलियर रिपोर्ट प्रश्नपत्र लीक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वह सोच है जिसने युवाओं को प्रतियोगिता का बंदी बना दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सृजन का स्वामी नहीं। अब परीक्षा नीट की नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीति की है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">जवाब पूरे तंत्र को देना है। यदि व्यवस्था यह संदेश समझ ले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो ‘कॉकरोच’ केवल प्रतीक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि ह्यूमर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हंगर और हिम्मत से बदलाव की पहचान बन जाएंगे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 22:15:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मलिहाबाद:खड़ौहा में दीवार ढहने से 11 वर्षीय शिवा की दर्दनाक मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र के खड़ौहा गांव में शनिवार दोपहर हुई मूसलाधार बारिश एक परिवार के लिए जिंदगी भर का गहरा जख्म बन गई। लगातार हो रही बारिश के चलते एक पुराने कच्चे मकान की मिट्टी की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय घर के बाहर गलीनुमा हिस्से में खेल रहे 11 वर्षीय शिवा दीवार के मलबे में दब गया। काफी प्रयासों के बाद जब ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं शिवा के साथ खेल रहा</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184121/painful-death-of-11-year-old-shiva-due-to-wall"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260725-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र के खड़ौहा गांव में शनिवार दोपहर हुई मूसलाधार बारिश एक परिवार के लिए जिंदगी भर का गहरा जख्म बन गई। लगातार हो रही बारिश के चलते एक पुराने कच्चे मकान की मिट्टी की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय घर के बाहर गलीनुमा हिस्से में खेल रहे 11 वर्षीय शिवा दीवार के मलबे में दब गया। काफी प्रयासों के बाद जब ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं शिवा के साथ खेल रहा उसका मामा का बेटा कृष्णा बाल-बाल बच गया।
<div> </div>
<div>जानकारी के अनुसार, यह हादसा गांव निवासी सुनील के पुराने कच्चे मकान के पास हुआ, जो अंबेडकर पार्क के निकट स्थित है। शनिवार दोपहर बारिश के दौरान शिवा और उसका ममेरा भाई कृष्णा मकान के गलियारे में खेल रहे थे। तभी अचानक जर्जर और बारिश से कमजोर हो चुकी मिट्टी की दीवार भरभराकर दोनों बच्चों की ओर गिर गई। मलबा गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। कृष्णा किसी तरह सुरक्षित निकल आया, लेकिन शिवा भारी मलबे के नीचे दब गया।</div>
<div> </div>
<div>घटना के समय पास में मौजूद एक अन्य बच्चे ने शोर मचाकर ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलते ही आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर करीब 20 मिनट तक लगातार मशक्कत कर मिट्टी और मलबा हटाया। काफी प्रयासों के बाद शिवा को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मासूम की मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।</div>
<div> </div>
<div>बताया जा रहा है कि शिवा अपने परिवार का चहेता था। उसके परिवार में माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मां का विलाप सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। गांव के लोगों ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।</div>
<div> </div>
<div>घटना की सूचना मिलते ही रहीमाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण कच्ची और जर्जर दीवार कमजोर हो गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।</div>
<div> </div>
<div>बरसात के मौसम में इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि पुराने और जर्जर कच्चे मकानों की समय रहते जांच और मरम्मत कितनी आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई परिवार ऐसे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो तेज बारिश के दौरान कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में जर्जर मकानों का सर्वे कराकर ऐसे भवनों को चिन्हित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 22:55:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मोदी सरकार के अहंकार की पराजय- प्रमोद तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफा देने को लोकतंत्र की जीत करार दिया है। उन्होने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के द्वारा दिया गया इस्तीफा यह साबित कर गया है कि सत्ता के अहंकार में डूबी हुई मोदी सरकार झुक भी सकती है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि शिक्षा मंत्री पद से धर्मेन्द्र प्रधान के त्याग पत्र देने से देश के युवाओं की जीत हुई है। उन्होने कहा कि मंत्री का इस्तीफा देना अहंकार की पराजय है। उन्होने कहा कि पेपरलीक को लेकर लोकसभा में नेता</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184119/dharmendra-pradhans-resignation-from-the-post-of-union-education-minister"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260725-wa0099.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफा देने को लोकतंत्र की जीत करार दिया है। उन्होने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के द्वारा दिया गया इस्तीफा यह साबित कर गया है कि सत्ता के अहंकार में डूबी हुई मोदी सरकार झुक भी सकती है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि शिक्षा मंत्री पद से धर्मेन्द्र प्रधान के त्याग पत्र देने से देश के युवाओं की जीत हुई है। उन्होने कहा कि मंत्री का इस्तीफा देना अहंकार की पराजय है। उन्होने कहा कि पेपरलीक को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने लम्बे समय से आंदोलनरत छात्रों की नैतिक मांगों को लेकर आवाज बुलन्द की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि मोदी सरकार को झुकाने के लिए राहुल गांधी जैसा संघर्षशील व्यक्तित्व होना चाहिए। सांसद प्रमोद तिवारी ने धर्मेन्द्र प्रधान  की घेराबंदी करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एक सौ बावन बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपरलीक हुए।  उन्होने कहा कि पूरे देश का युवा वर्ग यही चाहता था कि पर्चे लीक होने को लेकर शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेन्द्र प्रधान का फौरन इस्तीफा होना चाहिए। उन्होने कहा कि देश भर के युवाओं की भावनाओ के विपरीत शिक्षा मंत्री के पद से त्याग पत्र देने में धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा की गयी देरी निंदनीय है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि सच्चाई तो यह है कि धर्मेन्द्र प्रधान अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अन्त तक इस्तीफा देने से बचने में लगे रहे। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का त्याग पत्र देना मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष की एक बड़ी जीत है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बयान शनिवार को मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 22:53:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जालौन बीहड़ नहीं बल्कि विकास और विरासत की पहचान बना- योगी आदित्यनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>उरई(जालौन)- </strong>मुख्यमंत्री उप्र योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम उरई में आयोजित जनसभा में पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासपरक योजनाओं की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, आयुष्मान भारत योजना, कृषि एवं पशुपालन विभाग सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, आवास की चाबी, ऋण स्वीकृति, सोलर रूफटॉप स्वीकृति, कृषि यंत्र, गोल्डन कार्ड एवं अन्य सहायता सामग्री वितरित की। वहीं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के खातों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184109/jalaun-should-not-become-rugged-but-become-a-symbol-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260725-wa0085-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>उरई(जालौन)- </strong>मुख्यमंत्री उप्र योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम उरई में आयोजित जनसभा में पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासपरक योजनाओं की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, आयुष्मान भारत योजना, कृषि एवं पशुपालन विभाग सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, आवास की चाबी, ऋण स्वीकृति, सोलर रूफटॉप स्वीकृति, कृषि यंत्र, गोल्डन कार्ड एवं अन्य सहायता सामग्री वितरित की। वहीं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के खातों में 13 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये की सीसीएल, आरएफ एवं सीआईएफ धनराशि हस्तांतरित कर महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को नई मजबूती प्रदान की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/fb_img_1784979453444-(1).jpg" alt="जालौन बीहड़ नहीं बल्कि विकास और विरासत की पहचान बना- योगी आदित्यनाथ" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बटन दबा कर जनपद जालौन को 1273.96 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें 216 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा 158 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, विद्युत, नगर विकास, पुलिस एवं राजस्व विभाग से जुड़ी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में जिन प्रमुख विकास कार्यों को गति मिली उनमें उरई तहसील का नवीन भवन, पुलिस लाइन में टाइप-ए एवं टाइप-बी आवासीय भवन, मेडिकल कॉलेज में 50 शैय्या क्रिटिकल केयर यूनिट, नगर पालिका कालपी की पेयजल योजना, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, राठ-कालपी-मदारीपुर मार्ग का सुदृढ़ीकरण, उरई-इटौरा मार्ग का चौड़ीकरण, जालौन देवी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों का चौड़ीकरण, कालपी अग्निशमन केंद्र के भवन, उरई तहसील परिसर में एनआईसी भवन, हाईटेक नर्सरी की स्थापना तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए जनपद जालौन की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को नमन किया। उन्होंने जालौन माता मंदिर, बैरागढ़ स्थित मां शारदा मंदिर, महर्षि वेदव्यास की जन्मभूमि तथा ऋषि जलवान की तपोभूमि का स्मरण करते हुए कहा कि यह भूमि वीरता, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की प्रतीक रही है। महारानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे एवं नाना साहब पेशवा के संघर्षों से जुड़ी यह धरती देश के गौरवशाली इतिहास की साक्षी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कालपी का हस्तनिर्मित कागज, विश्व प्रसिद्ध मटर तथा ओडीओपी योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि कालपी के हैंडमेड पेपर को जीआई टैग मिलने के बाद उसका निर्यात ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और जापान सहित अनेक देशों में हो रहा है, जो जालौन के लिए गौरव की बात है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260725-wa0091-(1).jpg" alt="जालौन बीहड़ नहीं बल्कि विकास और विरासत की पहचान बना- योगी आदित्यनाथ" width="432" height="288"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय बुंदेलखंड सूखा, पलायन, बीहड़ और दस्यु गतिविधियों के कारण जाना जाता था, लेकिन आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह क्षेत्र विकास का नया मॉडल बन चुका है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे, प्रस्तावित औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, सोलर ऊर्जा परियोजनाओं तथा सिंचाई योजनाओं ने पूरे क्षेत्र को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि देश का पहला सोलर एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड में विकसित हो रहा है, जिससे लगभग एक लाख घरों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जालौन को औद्योगिक, कृषि एवं निवेश के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर, फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप, डाटा सेंटर क्लस्टर तथा एमएसएमई आधारित उद्योगों के माध्यम से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि नून नदी के पुनर्जीवन, अमृत सरोवरों के निर्माण, गो-संरक्षण, ग्रामीण विकास, पेयजल योजनाओं तथा कृषि आधारित परियोजनाओं ने जालौन को विकास के नए मानक स्थापित करने वाला जनपद बनाया है। रंगोली ग्राम पंचायत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की पहली ऐसी ग्राम पंचायत बनी है जिसने जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को प्राप्त कर गरीबी उन्मूलन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। माफिया, संगठित अपराध एवं नकल माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया के लिए अब सिर्फ दो ही जगह बची है, जेल या जहन्नुम। नकल माफिया भी नहीं बचेंगे। उनकी संपत्ति जब्त होगी, 10 साल तक जेल और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड को डकैत और माफिया के डर से निकालकर विकास की नई पहचान दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले शाम होते ही बुंदेलखंड में लोगों की आवाजाही बंद हो जाती थी और डकैतों का आतंक शुरू हो जाता था। आज डबल इंजन की सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत कर पूरे क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ दिया है। बुंदेलखंड में 56 हजार एकड़ क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसकी कनेक्टिविटी में जालौन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और डाटा सेंटर क्लस्टर जैसी परियोजनाएं लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। प्रदेश सरकार ने संगठित अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। अब तक 600 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा, ‘हमने कहा था माफिया मिट्टी में मिलेंगे और आज वे मिट्टी में मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नकल माफिया के खिलाफ सख्त कानून लाने का फैसला किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जो छात्र-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसे 10 साल तक जेल और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। पिछले 48 घंटे में 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया, कई लोगों को जेल भेजा गया और उनकी संपत्तियों की जांच शुरू हो गई है और नीट पेपर लीक मामले में किसी भी दोषी को सरकार बख्शेगी नहीं। हमारी सरकार हो या संगठन दोनों जगहों पर महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। इस जनपद में तो भाजपा की जिलाध्यक्ष महिला है इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से गरीब, किसान, महिला और युवाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनपद जालौन को 1273.96 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिनमें 216 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा 158 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज में 50 शैय्या क्रिटिकल केयर यूनिट, पुलिस लाइन के आवासीय भवन, कालपी पेयजल योजना, उरई-इटौरा मार्ग का चौड़ीकरण, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सड़क एवं पुल निर्माण सहित अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयास और सरकार की प्रतिबद्धता के कारण जालौन निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर एवं विकसित जालौन, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बनेगा और विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री संजय सिंह गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष/ प्रशासक घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, विधान परिषद सदस्य बाबूलाल तिवारी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर शाहू, जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, पालिकाध्यक्ष उरई गिरजा चौधरी, पालिकाध्यक्ष कोंच प्रदीप कुमार गुप्ता, पालिकाध्यक्ष जालौन नेहा पुनीत मित्तल, पालिकाध्यक्ष कालपी अरविंद यादव, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, पूर्व विधायक केशव सिंह सेंगर, पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर, पूर्व विधायक अरुण महरोत्रा, पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन, क्षेत्रीय मंत्री संजीव उपाध्याय, पूर्व जिला अध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता, उदयन पालीवाल, रामेंद्र सिंह सेंगर, जगदीश तिवारी, ब्रजभूषण सिंह सहित मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 22:43:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पहली बारिश में बह गया विकास</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर-खीरी, फूलबेहड़।</strong> सांच को आंच नहीं"और "समय से बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं होता" ये कहावतें उस समय चरितार्थ होती दिखीं, जब लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लाखों रुपये की लागत से निर्मित ग्राम लौकिहा से इब्राहिमपुर संपर्क मार्ग पहली ही बरसात में जगह-जगह धंस गया। जिस सड़क को ग्रामीणों के लिए विकास की नई राह बताया गया था, वही अब खतरे का रास्ता बन चुकी है।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की घोर अनदेखी की गई। सड़क की डामर परत उखड़ गई, किनारे धंस गए और नीचे की मिट्टी खुलकर बाहर आ गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तस्वीरें इस बात की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183977/development-washed-away-in-the-first-rain"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/photo-01.........jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर-खीरी, फूलबेहड़।</strong> सांच को आंच नहीं"और "समय से बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं होता" ये कहावतें उस समय चरितार्थ होती दिखीं, जब लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लाखों रुपये की लागत से निर्मित ग्राम लौकिहा से इब्राहिमपुर संपर्क मार्ग पहली ही बरसात में जगह-जगह धंस गया। जिस सड़क को ग्रामीणों के लिए विकास की नई राह बताया गया था, वही अब खतरे का रास्ता बन चुकी है।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की घोर अनदेखी की गई। सड़क की डामर परत उखड़ गई, किनारे धंस गए और नीचे की मिट्टी खुलकर बाहर आ गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तस्वीरें इस बात की गवाही देती हैं कि निर्माण कार्य में कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही हुई है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।चोर की दाढ़ी में तिनका","ऊँची दुकान, फीका पकवान", और हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और" जैसी कहावतें ग्रामीणों की जुबान पर हैं। उनका कहना है कि कागजों में सड़क मजबूत दिखाई गई, लेकिन हकीकत पहली बारिश में ही सामने आ गई।  स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन किसान, छात्र, एंबुलेंस, स्कूल वाहन और भारी वाहन गुजरते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सड़क धंसने से लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है और दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच हो, दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा सड़क का पुनर्निर्माण मानकों के अनुरूप कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कहावत है_ झूठ के पांव नहीं होते, और सच्चाई देर से सही लेकिन सामने जरूर आती है।" पहली ही बरसात ने सड़क निर्माण की असलियत उजागर कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जनता के टैक्स के लाखों रुपये की जवाबदेही तय होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? जनता की निगाहें अब लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 22:47:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बेटे की मौत से दुखी पूर्व अध्यक्ष छात्र संघ ने कानपुर में खुद को गोली से उढ़ाया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> मौत किसी न किसी बहाने से इंसान को अपने साथ ले जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष के साथ, जिन्हें मौत बेटे के गम के बहाने अपने साथ ले गई। उन्होंने कानपुर में खुद को गोली से उड़ा दिया। यह घटना यहां के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र अंतर्गत बसंत विहार में हुई। परिवार के अनुसार, आलोक सिंह कल मंगलवार शाम अपने कमरे में गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। जानकारी के मुताबिक आज बुधवार सुबह जब देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा. बिस्तर पर उनका खून</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183961/saddened-by-the-death-of-his-son-former-student-union"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002119745-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> मौत किसी न किसी बहाने से इंसान को अपने साथ ले जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष के साथ, जिन्हें मौत बेटे के गम के बहाने अपने साथ ले गई। उन्होंने कानपुर में खुद को गोली से उड़ा दिया। यह घटना यहां के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र अंतर्गत बसंत विहार में हुई। परिवार के अनुसार, आलोक सिंह कल मंगलवार शाम अपने कमरे में गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। जानकारी के मुताबिक आज बुधवार सुबह जब देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा. बिस्तर पर उनका खून से लथपथ शव पड़ा मिला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान पुलिस द्वारा कीगई प्रारंभिक जांच में पता चला कि आलोक सिंह ने अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से सिर में गोली मारी। फिलहाल कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है ।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।इस बीच यह भी पता चला है कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाई भी रहे आलोक सिंह की पत्नी विनीता पिछले दो वर्षों से दोनों बेटियों के साथ लखनऊ में रह रही थीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का कहना है कि बेटे की मौत के बाद पारिवारिक दूरी और तनाव के कारण आलोक सिंह शराब का अधिक सेवन भी करने लगे थे। वहीं दूसरी हनुमंत विहार थाना प्रभारी ने प्रारंभिक जांच में घटना आत्महत्या ही प्रतीत होने की संभावना जताते हुए आलोक सिंह की लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लेने और घटना की जांच किए जाने की बात कही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 22:32:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>6 वर्षों से मरम्मत के इंतजार में दर्जनों गांवों को जोड़ने व गन्ना क्रय केंद्र तक जाने वाली  सड़क जर्जर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के ग्रामीण क्षेत्र की कुछ सडके जर्जर हो गई हैं जगह-जगह गढ्ढे में पानी भर गया है ग्रामीणों को आने-जाने में हो रही है भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है जनप्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्र की सड़क पर ध्यान नहीं दे रहे हैं पिछले 10 वर्षों से सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है जिसके कारण गड्ढे में तब्दील हो गई है विश्वास सूत्रों से पता चला की हर तीसरे साल सड़कों की मरम्मत में लाखों रुपए खर्च हो जा रहे हैं जबकि धरातल पर सच्चाई कुछ और बयां कर रही है जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण की नींद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183957/the-road-connecting-dozens-of-villages-and-leading-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260721-wa00931.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के ग्रामीण क्षेत्र की कुछ सडके जर्जर हो गई हैं जगह-जगह गढ्ढे में पानी भर गया है ग्रामीणों को आने-जाने में हो रही है भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है जनप्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्र की सड़क पर ध्यान नहीं दे रहे हैं पिछले 10 वर्षों से सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है जिसके कारण गड्ढे में तब्दील हो गई है विश्वास सूत्रों से पता चला की हर तीसरे साल सड़कों की मरम्मत में लाखों रुपए खर्च हो जा रहे हैं जबकि धरातल पर सच्चाई कुछ और बयां कर रही है जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ताजा मामलाकलवारी थाना क्षेत्र के चकदहा से तुरकौलिया, मनौआ सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले राम-जानकी मार्ग पर स्थित बदहाल सड़क स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। हल्की बारिश होते ही सड़क कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालक और साइकिल सवार अक्सर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, जबकि राहगीरों का बिना कीचड़ से सने इस रास्ते से निकल पाना लगभग असंभव हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है। गन्ना पेराई सत्र शुरू होने पर इसी मार्ग से बड़ी संख्या में गन्ने से लदे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चीनी मिलों की ओर जाती हैं। सड़क से करीब 500 मीटर आगे गन्ने की तौल के लिए कांटा भी स्थित है, जिससे भारी वाहनों का आवागमन लगातार बना रहता है। ऐसे में जर्जर सड़क और जलभराव के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। आसपास के ग्रामीण इसी चिंता में रहते हैं कि कहीं कोई गंभीर दुर्घटना न हो जाए।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार विधायक, सांसद और संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं तथा मौखिक रूप से भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पहले जो सड़क बनी हुई थी, उसे भी नई सड़क निर्माण के नाम पर ठेकेदार ने उखाड़ दिया। बाद में यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि इस हिस्से की सड़क स्वीकृत नहीं थी और दूसरी सड़क स्वीकृत होने के कारण गलती से इसे उखाड़ दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पिछले पांच से छह वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी है। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार इस मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।तुरकौलिया के पूर्व ग्राम प्रधान सूर्य प्रकाश उर्फ पिंटू का ने बताया कि सड़क की मरम्मत को लेकर उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और जिलाधिकारी तक से मौखिक तथा लिखित रूप से कहा लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई |</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए सड़क जीवन रेखा है जिससे होकर रोजाना हजारों की तादाद में स्कूली बच्चे तथा अन्य लोग पैदल से लेकर चार पहिया वाहन से आया -जाया करते हैं, गन्ना क्रय केंद्र का कांटा होने की वजह से बड़े ट्रक भी आते हैं जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं |क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से राम-जानकी मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर आवागमन सुचारु करने तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 22:28:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मलिहाबाद: प्रधान का कार्यकाल खत्म, सचिव और ब्लॉक अधिकारियों की लापरवाही से चाँदपुर गंदगी में डूबा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ। </strong>मलिहाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत सुरगौला के ग्राम चाँदपुर की स्थिति जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। गांव में जगह-जगह खुली नालियां, रास्तों पर फैली गंदगी और उगी झाड़ियां ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो गए हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब प्रधान का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, जिसके</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183792/malihabad-pradhans-tenure-ends"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260719-wa0017.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ। </strong>मलिहाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत सुरगौला के ग्राम चाँदपुर की स्थिति जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। गांव में जगह-जगह खुली नालियां, रास्तों पर फैली गंदगी और उगी झाड़ियां ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो गए हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब प्रधान का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, जिसके बाद सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे दिखाई दे रही है। आरोप है कि सफाईकर्मी मनमानी कर रहे हैं और नियमित सफाई नहीं की जा रही है, जिससे गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सचिव गांव की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं और पंचायत का रुख करना भी पसंद नहीं करते। वहीं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर भी लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो निरीक्षण किया गया और न ही समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांव की बदहाल तस्वीरें यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सफाई व्यवस्था और विकास कार्य धरातल पर क्यों दिखाई नहीं दे रहे हैं। यदि समय रहते नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई और रास्तों की साफ-सफाई नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम चाँदपुर की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेकर पंचायत सचिव, सफाई व्यवस्था और ब्लॉक स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा गांव में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाकर लोगों को गंदगी और संभावित बीमारियों से राहत दिलाई जाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 21:39:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत @2047 के निर्माण का नेतृत्व करें युवा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक सम्मेलन में जुटे 1500 से अधिक जांबाज</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>उत्तर प्रदेश (राजधानी लखनऊ)</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज 'माई भारत' राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए 1500 से अधिक युवा स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, स्वयंसेवा और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना तथा उन्हें 'नेशन फर्स्ट' (राष्ट्र प्रथम) की भावना के साथ <strong>विकसित भारत @2047</strong> के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183545/more-than-1500-brave-men-gathered-in-the-youth-rashtriya"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-17-at-18.09.48.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>उत्तर प्रदेश (राजधानी लखनऊ)</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज 'माई भारत' राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए 1500 से अधिक युवा स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, स्वयंसेवा और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना तथा उन्हें 'नेशन फर्स्ट' (राष्ट्र प्रथम) की भावना के साथ <strong>विकसित भारत @2047</strong> के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अमृतकाल के अगले 25 वर्ष युवाओं के: डॉ. मनसुख मांडविया</h2>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री <strong>डॉ. मनसुख मांडविया</strong> ने युवाओं में कर्तव्य और सेवा भाव का संचार किया। उन्होंने कहा:</p>
<blockquote>
<p>"अमृतकाल के अगले 25 वर्ष पूरी तरह से युवाओं के हैं। विकसित भारत का निर्माण हम आज देख रहे हैं, लेकिन उस विकसित भारत में वास्तविक जीवन हमारी युवा पीढ़ी जिएगी। इसलिए इसे संवारना और इसका नेतृत्व करना आपका परम कर्तव्य है।"</p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री ने देश की जनसांख्यिकी शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत की लगभग 65% आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को दोहराया जिसके तहत बिना किसी राजनीतिक या पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले <strong>एक लाख युवा नेताओं</strong> को तैयार करने का संकल्प लिया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">'माय भारत' पोर्टल: युवाओं के लिए 'वन स्टॉप सॉल्यूशन'</h2>
<p style="text-align:justify;">डॉ. मांडविया ने <strong>माय भारत पोर्टल (mybharat.gov.in)</strong> की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे देश के युवाओं के लिए एक क्रांतिकारी मंच बताया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री का युवाओं को त्रैमासिक लक्ष्य:</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>युवाओं को जोड़ना:</strong> अगले 3 महीनों में प्रत्येक स्वयंसेवक कम-से-कम <strong>300 नए युवाओं</strong> को 'माय भारत' मंच से जोड़े।</p>
</li>
<li>
<p><strong>क्लब पंजीकरण:</strong> हर स्वयंसेवक अपने स्तर पर <strong>100 सक्रिय युवा क्लबों</strong> का पंजीकरण सुनिश्चित करे।</p>
</li>
<li>
<p><strong>नशामुक्त भारत अभियान:</strong> स्वयंसेवक 'नशा मुक्त युवा - विकसित भारत' अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएं।</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी साझा किया कि 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' (VBYLD) के दौरान युवाओं द्वारा दिए गए कई महत्वपूर्ण सुझावों को <strong>केंद्रीय बजट 2026</strong> में विशेष स्थान मिला है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">'नेशन फर्स्ट चैलेंज' के विजेताओं का सम्मान</h2>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान देश के कोने-कोने से आए उन प्रतिभावान युवाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने 'नेशन फर्स्ट चैलेंज' में बाजी मारी। केंद्रीय मंत्री ने मंच पर शीर्ष पांच विजेताओं को सम्मानित किया:</p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>स्थान / विजेता का नाम</strong></td>
<td><strong>राज्य</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><span><strong>अभिषेक रामदास नाइकवाड़ी</strong></span></td>
<td><span>महाराष्ट्र</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>टी. रमेश</strong></span></td>
<td><span>तेलंगाना</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>नामरेड्डी ऋत्विक रेड्डी</strong></span></td>
<td><span>तेलंगाना</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>स्वामीकेरी वेंकट लोकेश</strong></span></td>
<td><span>आंध्र प्रदेश</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>कृष्णानंद जायसवाल</strong></span></td>
<td><span>उत्तर प्रदेश</span></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2 style="text-align:justify;">युवाओं ने ली 'नशा मुक्त भारत' की शपथ</h2>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री <strong>श्री गिरीश चंद्र यादव</strong> ने कार्यक्रम में कहा कि 'माय भारत' पोर्टल युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण की दिशा में मोड़ने का सबसे सशक्त जरिया बन चुका है। वहीं, युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव <strong>डॉ. पल्लवी जैन गोविल</strong> ने युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि जब युवा किसी सामाजिक बदलाव को अपना व्यक्तिगत संकल्प बना लेते हैं, तो देश में स्थायी परिवर्तन आना निश्चित है।</p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन के समापन पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान का पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति के संकल्प से गूंज उठा। उपस्थित सभी 1500 से अधिक स्वयंसेवकों ने <strong>'नशा मुक्त भारत'</strong> की शपथ ली। उन्होंने आने वाले समय में सेवा, अनुशासन और पूर्ण समर्पण के साथ एक आत्मनिर्भर, नशामुक्त और विकसित भारत के निर्माण का दृढ़ संकल्प दोहराया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस गरिमामयी अवसर पर उत्तर प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री सुहास एल.वाई., माई भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 18:30:31 +0530</pubDate>
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