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                <title>अन्य राज्य - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>अन्य राज्य RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बिना वैध पंजीकरण अमरनाथ यात्रा पर न आएं श्रद्धालु: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रीनगर</span><span lang="hi" xml:lang="hi">    </span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मनोज सिन्हा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने श्री अमरनाथ जी यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अपनी निर्धारित तिथि के लिए वैध पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराने के बाद ही यात्रा पर आएं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं के पहुंचने से यात्रा प्रबंधन प्रभावित हो रहा है और पंजीकृत यात्रियों को भी अनावश्यक इंतजार करना पड़ रहा है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शनिवार को श्री अमरनाथ जी यात्रा-</span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल ने यात्रा के समग्र प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धालुओं की आवाजाही</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182723/devotees-should-not-come-on-amarnath-yatra-without-valid-registration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/image.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रीनगर</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मनोज सिन्हा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने श्री अमरनाथ जी यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अपनी निर्धारित तिथि के लिए वैध पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराने के बाद ही यात्रा पर आएं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं के पहुंचने से यात्रा प्रबंधन प्रभावित हो रहा है और पंजीकृत यात्रियों को भी अनावश्यक इंतजार करना पड़ रहा है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शनिवार को श्री अमरनाथ जी यात्रा-</span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल ने यात्रा के समग्र प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धालुओं की आवाजाही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रैफिक नियंत्रण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आवास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पंजीकरण व्यवस्था तथा अन्य लॉजिस्टिक तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना वैध यात्रा पंजीकरण के जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। इस पर उपराज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">केवल निर्धारित तिथि के लिए वैध यात्रा पंजीकरण परमिट रखने वाले श्रद्धालुओं को ही पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मनोज सिन्हा ने कहा कि श्री अमरनाथ जी यात्रा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित क्षमता के अनुसार संचालित की जा रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुविधा और यात्रा के सुचारु संचालन के लिए पंजीकरण कार्यक्रम का सख्ती से पालन आवश्यक है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने जिन श्रद्धालुओं ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनसे अपील की कि वे फिलहाल अपनी यात्रा कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दें और पहले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वैध यात्रा पंजीकरण परमिट प्राप्त करें। इससे उन्हें जम्मू-कश्मीर पहुंचने पर किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू सहित नागरिक प्रशासन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा बलों और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यात्रा मार्गों की सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रैफिक प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आवास व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चिकित्सा सुविधाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं की भी समीक्षा की गई।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उपराज्यपाल ने सभी विभागों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंगर समितियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा प्रदाताओं तथा स्वयंसेवी संगठनों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि प्रत्येक श्रद्धालु के लिए श्री अमरनाथ जी यात्रा सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुगम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थित और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक बनी रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 21:48:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के कथित मॉड्यूल का किया भंडाफोड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अहमदाबाद।</span></strong></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (</span>ATS) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जैश-ए-मोहम्मद</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़े कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। एजेंसी ने गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त कार्रवाई के दौरान आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एटीएस का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए लोग संगठन के स्लीपर सेल के रूप में कार्य कर रहे थे और राज्य में आतंकी नेटवर्क का विस्तार करने के प्रयास में जुटे थे।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एटीएस के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे मामले का खुलासा एक गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू हुई जांच के दौरान हुआ। बताया गया</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182672/gujarat-ats-busts-alleged-module-of-jaish-e-mohammed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/image002.jpg" alt=""></a><br /><p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अहमदाबाद।</span></strong></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (</span>ATS) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जैश-ए-मोहम्मद</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़े कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। एजेंसी ने गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त कार्रवाई के दौरान आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एटीएस का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए लोग संगठन के स्लीपर सेल के रूप में कार्य कर रहे थे और राज्य में आतंकी नेटवर्क का विस्तार करने के प्रयास में जुटे थे।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एटीएस के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे मामले का खुलासा एक गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू हुई जांच के दौरान हुआ। बताया गया कि डिप्टी एसपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">हर्ष उपाध्याय</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को जैश-ए-मोहम्मद के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद तकनीकी और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके आधार पर गुजरात के बनासकांठा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवसारी और पाटन जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के देवास में संयुक्त छापेमारी की गई।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसी का दावा है कि संदिग्धों ने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong>'</strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद</span>'</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम से एक स्थानीय मॉड्यूल तैयार किया था। आरोप है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से नए लोगों से संपर्क स्थापित किया जाता था और संगठन की विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। एटीएस के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस मॉड्यूल को लगभग तीन लाख रुपये की फंडिंग भी प्राप्त हुई थी।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने एक पुरानी कार खरीदकर उसका स्वामित्व अपने नाम स्थानांतरित नहीं कराया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि उनकी गतिविधियों पर किसी प्रकार का संदेह न हो। एजेंसी का कहना है कि इस वाहन का उपयोग कथित तौर पर विभिन्न गतिविधियों के संचालन में किया जाता था।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एटीएस का आरोप है कि कुछ स्थानीय मदरसों में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong>'</strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दावत</span>'</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम से अभियान चलाकर नए लोगों तक पहुंचने और उन्हें संगठन की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही होगा।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्धों को सिद्धपुर स्थित</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जामिया अबुल हसन मदरसा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तथा एक अन्य संदिग्ध को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जामिया रहमानिया मदरसा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अहमद अब्दुल्लाह गाजीवाला</span>, </strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा</span>, </strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला</span>, </strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">जकारिया दुर्रा</span>, </strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मोहम्मद आमिर घाघा और मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सहित कुल आठ लोग शामिल हैं।</span></p>
<p class="m_-9148880386454094366isselectedend" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एटीएस के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तलाशी के दौरान </span>254 <span lang="hi" xml:lang="hi">पृष्ठों का कथित प्रचार सामग्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान में प्रकाशित कुछ पुस्तकें तथा आतंकी संगठन के सरगना</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मसूद अजहर</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को संबोधित बताए जा रहे कुछ पत्र भी बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जा रही है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसी ने कहा है कि पूरे नेटवर्क के अन्य संभावित संपर्कों और वित्तीय स्रोतों की भी गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 22:01:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी के बाद TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला, सिर पर लगी चोट</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोका। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर कथित रूप से हमला हुआ है। सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट की।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180387/tmc-mp-kalyan-banerjee-attacked-after-west-bengal-abhishek-banerjee"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/attack-on-kalyan-banerjee-1780211370965.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोका। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर कथित रूप से हमला हुआ है। सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोकते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए। तस्वीरों में नजर आया कि कल्याण बनर्जी भीड़ का सामना कर रहे थे। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। इस दौरान सुरक्षाबलों को स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए भी देखा गया। वहीं, टीएमसी समर्थकों ने कल्याण बनर्जी को संभाला और उन्हें भीड़ से दूर ले जाने का प्रयास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं अकेला आ रहा था। मेरे साथ कोई नहीं था। बीजेपी सदस्यों ने गाली-गलौज की और मेरे सिर पर बॉल से मारा। मेरे सिर से खून बह रहा है।" उन्होंने कहा, "अब लोग तय करेंगे कि यह सही है या गलत कि सांसदों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले, शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। वे चुनाव के बाद शनिवार को हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके काफिले पर अंडे व ईंट के टुकड़े फेंके और नारे लगाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, "फिलहाल इलाज घर पर ही किया जाएगा। जितनी जरूरत होगी, सलाइन और ऑक्सीजन घर पर ही दी जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो अभिषेक को इलाज के लिए हैदराबाद ले जाया जाएगा।"पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि हमले के बाद अभिषेक बनर्जी के सीने में ब्लड क्लॉट जम गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उस समय अभिषेक के सिर पर हेलमेट नहीं होता, तो घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 19:06:53 +0530</pubDate>
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                <title>चार वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले दरोगा को 20साल की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>.चार  वर्षीय बच्ची को टॉफी देने का लालच देकर अपने कमरे में बुलाया और फिर उससे दुष्कर्म किया। घटना सामने आने पर पूरे राजस्थान में हड़कंप मच गया था। पीड़िता और उसके परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और आरोपी सब इंस्पेक्टर भूपेन्द्र सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस महकमे ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त भी कर दिया। मामले की जांच तेजी से पूरी की गई और पॉक्सो एक्ट के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से आरोपी के खिलाफ 33 गवाह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176460/the-inspector-who-raped-a-four-year-old-girl-was-sentenced-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/672b6205ea35d-delhi-court-discharges-accused-in-rape-case--cites-contradictory-whatsapp-chats-and-delayed-fir-061215776-16x9.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>.चार  वर्षीय बच्ची को टॉफी देने का लालच देकर अपने कमरे में बुलाया और फिर उससे दुष्कर्म किया। घटना सामने आने पर पूरे राजस्थान में हड़कंप मच गया था। पीड़िता और उसके परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और आरोपी सब इंस्पेक्टर भूपेन्द्र सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस महकमे ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त भी कर दिया। मामले की जांच तेजी से पूरी की गई और पॉक्सो एक्ट के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से आरोपी के खिलाफ 33 गवाह और 46 दस्तावेजी सबूत पेश किए गए। पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने गवाहों के बयानों और उपलब्ध सबूतों पर गौर करते हुए सब इंस्पेक्टर भूपेन्द्र सिंह यादव को दोषी करार दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सजा सुनाए जाने के बाद सब इंस्पेक्टर भूपेन्द्र सिंह यादव ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेगा । वहीं, पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार सैनी ने मामले को दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी द्वारा ही छोटी बच्ची के साथ इस तरह की घटना अत्यंत गंभीर है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:55:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने पाक्सो के आरोपी को किया बरी, कहा– नाबालिग अपनी मर्जी से गई थी, परिस्थितियां देखना भी जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मुंगेली जिले से जुड़े एक चर्चित POCSO मामले में अहम फैसला सुनाते हुए बड़ा संदेश दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी मामले में केवल पीड़िता की उम्र को आधार बनाकर आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि पूरे घटनाक्रम, साक्ष्यों और परिस्थितियों का निष्पक्ष मूल्यांकन जरूरी है. इसी आधार पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को असंगत मानते हुए आरोपी दीपक वैष्णव को बरी कर दिया. कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा.</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला 13 सितंबर 2022 का है. मुंगेली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175919/high-court-acquitted-pocso-accused-and-said-%E2%80%93-the-minor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/chhattisgarh-high-court-jobs_650x400_41472110383.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मुंगेली जिले से जुड़े एक चर्चित POCSO मामले में अहम फैसला सुनाते हुए बड़ा संदेश दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी मामले में केवल पीड़िता की उम्र को आधार बनाकर आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि पूरे घटनाक्रम, साक्ष्यों और परिस्थितियों का निष्पक्ष मूल्यांकन जरूरी है. इसी आधार पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को असंगत मानते हुए आरोपी दीपक वैष्णव को बरी कर दिया. कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा.</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला 13 सितंबर 2022 का है. मुंगेली जिले की एक नाबालिग लड़की स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो पिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. शिकायत में आशंका जताई गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है.</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के बाद विशेष POCSO कोर्ट, मुंगेली ने आरोपी दीपक वैष्णव को IPC की धारा 363 और 366 के साथ-साथ POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी माना था. ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को गंभीर अपराध का दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी.</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट में आरोपी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि पीड़िता और आरोपी के बीच पहले से संपर्क था. दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी और लड़की ने खुद अपनी इच्छा से आरोपी के साथ जाने का फैसला किया. दोनों ने मुंगेली, रायपुर, हैदराबाद और विजयवाड़ा जैसे शहरों की यात्रा की और करीब एक महीने तक साथ रहे. बचाव पक्ष का कहना था कि पूरे मामले में कहीं भी जबरदस्ती, दबाव या लालच के कोई साक्ष्य नहीं हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए उसकी सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं है. आरोपी ने उसे उसके माता-पिता की देखरेख से दूर ले जाकर अपराध किया है, जो सीधे तौर पर POCSO एक्ट के तहत दंडनीय है.</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों की गहराई से समीक्षा करने के बाद हाईकोर्ट ने साफ कहा कि “ले जाना” और “साथ जाना” दोनों अलग-अलग बातें हैं. कोर्ट ने माना कि रिकॉर्ड से यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने पीड़िता को जबरदस्ती या धोखे से उसके अभिभावकों की देखरेख से दूर किया. कोर्ट के अनुसार, यदि कोई लड़की खुद अपनी मर्जी से किसी के साथ जाती है, तो केवल इसी आधार पर अपहरण का अपराध सिद्ध नहीं किया जा सकता.</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने मेडिकल जांच और FSL रिपोर्ट पर भी गौर किया. रिपोर्ट्स में जबरन शारीरिक संबंध या हिंसा के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले. इस आधार पर कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों को ठोस साक्ष्यों के साथ साबित करने में विफल रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने पाया कि घटना के समय पीड़िता की उम्र करीब 15 वर्ष 10 माह थी. वह नाबालिग जरूर थी, लेकिन कोर्ट ने यह भी कहा कि हर मामले में केवल उम्र के आधार पर दोष तय नहीं किया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि जब परिस्थितियां यह दिखाती हों कि पीड़िता अपनी इच्छा से गई थी और कोई जोर-जबरदस्ती नहीं हुई, तो ऐसे मामलों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 21:39:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने विदेश यात्रा करके आए पुजारियों के मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर बड़ा फैसला सुनाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एंडोमेंट डिपार्टमेंट के उस सर्कुलर को लागू करने का आदेश दिया है जिसमें कहा गया है कि जो पुजारी विदेश गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें गर्भगृह में पुजारी का काम करने की इजाजत नहीं है.</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">धार्मिक परिषद की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक विदेश यात्रा करने वाले पुजारियों को मुख्य गर्भगृह में जाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूजा करने की इजाजत नहीं है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कोर्ट एंडोमेंट डिपार्टमेंट की इस दलील से सहमत था कि मंदिर के रीति-रिवाज और त्योहार आगम शास्त्र और मंदिर की परंपराओं के अनुसार होने चाहिए. हाई कोर्ट ने विदेश यात्रा करने वाले पुजारियों के</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175200/the-high-court-gave-a-big-decision-on-the-entry"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/2021032398.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एंडोमेंट डिपार्टमेंट के उस सर्कुलर को लागू करने का आदेश दिया है जिसमें कहा गया है कि जो पुजारी विदेश गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें गर्भगृह में पुजारी का काम करने की इजाजत नहीं है.</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">धार्मिक परिषद की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक विदेश यात्रा करने वाले पुजारियों को मुख्य गर्भगृह में जाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूजा करने की इजाजत नहीं है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कोर्ट एंडोमेंट डिपार्टमेंट की इस दलील से सहमत था कि मंदिर के रीति-रिवाज और त्योहार आगम शास्त्र और मंदिर की परंपराओं के अनुसार होने चाहिए. हाई कोर्ट ने विदेश यात्रा करने वाले पुजारियों के मंदिरों के मुख्य गर्भगृह में एंट्री पर एक अहम आदेश जारी किया है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कोर्ट ने एंडोमेंट डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और कमिश्नर को धार्मिक परिषद और श्रृंगेरी शारदा पीठम की तरफ से जारी गाइडलाइंस को लागू करने का आदेश दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके मुताबिक विदेश यात्रा करने वाले पुजारियों को मुख्य गर्भगृह में जाने और पूजा करने की इजाजत नहीं है. हाई कोर्ट के जज जस्टिस निम्मगड्डा वेंकटेश्वरलू ने 30 मार्च को इस बारे में एक आदेश जारी किया.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विजयवाड़ा के दुर्गा मल्लेश्वर स्वामीवरला मंदिर में काम करने वाले श्री चक्र नववर्ण अर्चना परायणदार सुब्रह्मण्यम ने हाल ही में हाई कोर्ट में एक केस फाइल किया. उन्होंने आरोप लगाया है कि एंडोमेंट डिपार्टमेंट ने 10 नवंबर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2010 को एक सर्कुलर जारी किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें विदेश से आए पुजारियों को गर्भगृह में जाने और भगवान की पूजा करने की इजाजत नहीं दी गई थी.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कोर्ट को बताया कि श्रृंगेरी शारदा पीठम जगद्गुरु श्री श्री श्री महातीर्थ भारती स्वामी ने 20 दिसंबर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2024 को एक स्टैंडर्ड जारी किया था जिसे एंडोमेंट डिपार्टमेंट लागू नहीं कर रहा है. याचिकाकर्ता की ओर से वकील के.आर. श्रीनिवास ने दलीलें पेश की. उन्होंने कहा कि जो पुजारी विदेश गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें मुख्य गर्भगृह में पूजा करने की इजाज़त दी जा रही है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि सिर्फ खानदानी पुजारी ही गर्भगृह में जा सकते हैं और भगवान की पूजा कर सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनके पास आध्यात्मिक अनुशासन हो.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">केआर श्रीनिवास ने कहा कि धार्मिक परिषद के सर्कुलर और शारदा पीठम के स्टैंडर्ड के मुताबिक पुजारियों को विदेश जाने की इजाजत नहीं है. उन्होंने बताया कि अगर कोई जाने की जिद करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इजाजत दी जा सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन लौटने के बाद उन्हें मुख्य मंदिर के गर्भगृह में पुजारी के तौर पर सेवा करने की इजाजत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि जो पुजारी विदेश गए हैं और वापस आए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें सिर्फ मंदिर के बाहर होने वाली पूजा और व्रत के लिए ही इजाजत होगी.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">महातीर्थ भारतीस्वामी के स्टैंडर्ड के मुताबिक सिर्फ वही लोग गर्भगृह में जा सकते हैं और पूजा कर सकते हैं जिन्होंने तीन दिन की संध्या वंदना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुरु उपदेश मंत्र जाप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैदिक पढ़ाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खाने के नियम और कड़े आध्यात्मिक अनुशासन का पालन किया हो.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्टैंडर्ड में कहा गया है कि जो लोग विदेश गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने परंपराओं के खिलाफ अपना चेहरा मुंडवाया है और बाल कटवाए हैं. उन्हें पवित्र जगह में जाने और पूजा करने की इजाजत नहीं है. एंडोमेंट डिपार्टमेंट के जारी सर्कुलर के मुताबिक मंदिर के रीति-रिवाज और त्योहार आगम शास्त्र और मंदिर की परंपराओं के हिसाब से करने होंगे.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एंडोमेंट डिपार्टमेंट के वकील ने जवाब दिया कि पहले जारी किए गए सर्कुलर और स्टैंडर्ड का पालन किया जाएगा. इन बातों को ध्यान में रखते हुए जज ने एंडोमेंट डिपार्टमेंट के जारी सर्कुलर में दी गई गाइडलाइंस और दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरी शारदा पीठम के दिए गए स्टैंडर्ड का पालन करने का आदेश दिया.</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 20:15:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब: जज के घर से चोरी मामले में आरोपी सिविल जज की अग्रिम जमानत याचिका खार‍िज</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज- </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पंजाब के पटियाला जिले कोर्ट ने जज के घर से सोना और गहने के चोरी के आरोप में घिरे जूनियर डिवीजन के जज विक्रम दीप सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरिंदर सिद्धू ने 1 अप्रैल को सुनवाई करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें एक दिवंगत न्यायिक अधिकारी के घर से संदिग्ध परिस्थितियों में बड़ी मात्रा में गहने और नकदी चोरी करने का आरोप लगा है. यही वजह है कि ये जमानत याचिका खारिज की जाती है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एक</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175191/anticipatory-bail-plea-of-civil-judge-accused-in-theft-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/judge-court-hathaugdha_09f2735a904ec83234d35279b0bed172.webp" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज- </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पंजाब के पटियाला जिले कोर्ट ने जज के घर से सोना और गहने के चोरी के आरोप में घिरे जूनियर डिवीजन के जज विक्रम दीप सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरिंदर सिद्धू ने 1 अप्रैल को सुनवाई करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें एक दिवंगत न्यायिक अधिकारी के घर से संदिग्ध परिस्थितियों में बड़ी मात्रा में गहने और नकदी चोरी करने का आरोप लगा है. यही वजह है कि ये जमानत याचिका खारिज की जाती है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एक न्यायिक अधिकारी पर लगे ये आरोप सार्वजनिक सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं. जांच में यह भी सामने आया कि सीसीटीवी में आरोपी अपने साथियों के साथ में बैग ले जाते देखे गए हैं. इसके साथ ही वहां से बाहर आते भी दिखाई दे रहे हैं. जिससे प्रथम दृष्टया संदेह मजबूत होता है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा मामला 21 मार्च का है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब दिवंगत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवलजीत सिंह के बेटे के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक डॉ. भूपिंदर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है. इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि 1 अगस्त 2025 को जज कंवलजीत सिंह के निधन के बाद कुछ लोग उनके घर में घुसे और वहां से सोना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गहने और नकदी ले गए. इस चोरी के आरोप विक्रम दीप सिंह पर लगाए गए हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपी विक्रम दीप सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया है. उन्‍होंने कहा कि मृतक के बेटे के कहने पर सामान सुरक्षित रखने के लिए उठाया था और बाद में लौटा दिया गया था. यह भी दलील दी कि मामला उनकी छवि खराब करने के लिए दर्ज किया गया है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि सामान आरोपी द्वारा मृतक के बेटे से संपर्क करने से पहले ही ले जाया गया था. मामले की जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है.अदालत ने व्हाट्सएप चैट्स को भी पर्याप्त सबूत मानने से इनकार कर दिया है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने कहा कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे उसका पद या रैंक कुछ भी हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समान है. ऐसे मामलों में विशेष संरक्षण नहीं दिया जा सकता है. मामले की गंभीरता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीसीटीवी साक्ष्य और बरामदगी की जरूरत को देखते हुए अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है.</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 19:51:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घर में प्रार्थना सभा पर रोक नहीं, अनुमति की जरूरत नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज, </strong></span>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि किसी व्यक्ति को अपने घर में प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोकने वाला कोई कानून नहीं है। इसके लिए किसी भी प्राधिकरण से पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है बशर्ते इससे कानून-व्यवस्था या अन्य नियमों का उल्लंघन न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए पुलिस द्वारा जारी नोटिसों को रद्द किया, जिनमें याचिकाकर्ताओं को अपने घर में ईसाई समुदाय की प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोका गया था। अदालत ने कहा, “किसी व्यक्ति को अपने निवास स्थान पर प्रार्थना या प्रार्थना सभा आयोजित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174920/there-is-no-ban-on-holding-prayer-meetings-at-home"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/663804-chhattisgarh-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज, </strong></span>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि किसी व्यक्ति को अपने घर में प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोकने वाला कोई कानून नहीं है। इसके लिए किसी भी प्राधिकरण से पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है बशर्ते इससे कानून-व्यवस्था या अन्य नियमों का उल्लंघन न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए पुलिस द्वारा जारी नोटिसों को रद्द किया, जिनमें याचिकाकर्ताओं को अपने घर में ईसाई समुदाय की प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोका गया था। अदालत ने कहा, “किसी व्यक्ति को अपने निवास स्थान पर प्रार्थना या प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोकने वाला कोई कानून नहीं है। यदि यह बिना किसी अवैध गतिविधि के आयोजित की जाती है तो इसके लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में याचिकाकर्ता गांव गोधना, जिला जांजगीर-चांपा के निवासी हैं, जो वर्ष 2016 से अपने घर में प्रार्थना सभा आयोजित कर रहे थे। उनके अनुसार इन आयोजनों में किसी प्रकार की अव्यवस्था या अवैध गतिविधि नहीं होती थी। फिर भी पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर ऐसे आयोजनों से रोकने की कोशिश की।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि प्रार्थना सभा के दौरान शोर-शराबा या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है तो प्रशासन को कार्रवाई करने का अधिकार है। हालांकि, केवल इस आधार पर कि सभा आयोजित की जा रही है उसे रोका नहीं जा सकता। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं के नागरिक अधिकारों में हस्तक्षेप न करें और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न करें। इसी के साथ हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस नोटिसों को निरस्त करते हुए याचिका स्वीकार की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 19:22:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : हॉस्टल में मासूमों के साथ हो रहा था गंदा काम, शिकायत दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> गुजरात के भावनगर जिले के पालिताना गांव में स्थित एक हॉस्टल में नाबालिग बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. मामले में एक बच्चे के पिता ने हॉस्टल के अधीक्षक के खिलाफ पालिताना टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि, यह पूरी घटना तब सामने आई जब बच्चे ने यह बात बोलकर नहीं बल्कि लिखकर बताई है. घटना के बारे में पता चलने पर पीड़ित बच्चे के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.</p><p style="text-align:justify;">इस बारे में पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया कि उनका बच्चा पहले पालिताना के एक हॉस्टल में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174513/dirty-work-was-being-done-with-innocent-people-in-gujarat"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1200-675-26347233-thumbnail-16x9-guj.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> गुजरात के भावनगर जिले के पालिताना गांव में स्थित एक हॉस्टल में नाबालिग बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. मामले में एक बच्चे के पिता ने हॉस्टल के अधीक्षक के खिलाफ पालिताना टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि, यह पूरी घटना तब सामने आई जब बच्चे ने यह बात बोलकर नहीं बल्कि लिखकर बताई है. घटना के बारे में पता चलने पर पीड़ित बच्चे के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.</p><p style="text-align:justify;">इस बारे में पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया कि उनका बच्चा पहले पालिताना के एक हॉस्टल में 4, 5 और 6 क्लास तक पढ़ता था. फिर सातवीं क्लास में उसे वापस राजकोट ले जाया गया. लेकिन फिर उसे 8, 9 और 10 क्लास के लिए फिर से पालिताना हॉस्टल में पढ़ने के लिए भेज दिया गया.</p><p style="text-align:justify;">बच्चे के पिता ने कहा कि उन्होंने बच्चे को धर्म, संस्कार और पढ़ाई के मकसद से पालिताना भेजा था. 10वीं के एग्जाम खत्म होने के बाद, उनका बच्चा और उनके दोस्त मौज मस्ती करने प्लानिंग कर रहे थे. उसी दौरान बच्चे ने पिता के मित्र जो भावनगर में ही रहते है, हाथों से लिखे एक नोट की फोटो वाट्सएप पर भेज दी, और दोस्त ने पीड़ित बच्चे के पिता को फॉरवर्ड कर दी यह कह कर की उसकी पत्नी को इस बारे में कुछ न बताए और तुरंत भावनगर आ जाए.</p><p style="text-align:justify;">शिकायतकर्ता ने बताया कि हॉस्टल के अधीक्षक ने मेरे बच्चे के साथ गलत काम किया. मेरे बच्चे ने बताया कि यह काम 8वीं, 9वीं और 10वीं क्लास के बच्चों के साथ होता है. हमने अब इस बारे में शिकायत डीएसपी के पास भी दर्ज करा दी है.यह शिकायत पॉक्सो (POCSO) के सेक्शन 115 (1), सेक्शन 4 और 6 और जुवेनाइल एक्ट के सेक्शन 75 के तहत ली गई है. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 22:12:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रोफेसर ने क्लासरूम में मेडिकल छात्रा को किया प्रपोज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बेंगलुरु के बाहरी इलाके नेलमंगला के पास सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज में अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जहां एक प्रोफेसर ने क्लासरूम के अंदर एक छात्रा को चॉकलेट और फूल देकर प्रपोज़ करने की कोशिश की. इस घटना के बाद कॉलेज कैंपस में हंगामा और हिंसा भड़क उठी. इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में छात्रा को प्रोफेसर को चप्पल से पीटते हुए देखा गया, जबकि अन्य छात्रों ने कैंपस और कार के पास प्रोफेसर के साथ मारपीट की.</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार यह घटना सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज में हुई, जिसके मालिक कर्नाटक के गृह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174500/professor-proposed-to-medical-student-in-the-classroom"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/f9hp6dto_bengaluru-medical-college-medical-college-controversy-professor-proposes-student_160x120_26_march_26.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बेंगलुरु के बाहरी इलाके नेलमंगला के पास सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज में अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जहां एक प्रोफेसर ने क्लासरूम के अंदर एक छात्रा को चॉकलेट और फूल देकर प्रपोज़ करने की कोशिश की. इस घटना के बाद कॉलेज कैंपस में हंगामा और हिंसा भड़क उठी. इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में छात्रा को प्रोफेसर को चप्पल से पीटते हुए देखा गया, जबकि अन्य छात्रों ने कैंपस और कार के पास प्रोफेसर के साथ मारपीट की.</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार यह घटना सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज में हुई, जिसके मालिक कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर हैं. आरोपी की पहचान अब्दुल के रूप में हुई है. उस पर आरोप है कि उसने क्लासरूम के अंदर एक छात्रा को चॉकलेट और फूल देकर प्रपोज करने की कोशिश की. छात्रा ने तुरंत अपने क्लासमेट के सामने प्रोफेसर का विरोध किया.</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, प्रोफेसर ने अपने बचाव में कहा कि छात्रा ने खुद उससे प्यार का इजहार किया था और उसके पास इसका सबूत भी है. जैसे ही यह खबर फैली, दूसरे छात्र भी गुस्से में आ गए और उन्होंने प्रोफेसर का घेराव कर लिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई.</p>
<p style="text-align:justify;">हालात तब और बिगड़ गए जब छात्रा और दूसरे छात्रों ने मिलकर प्रोफेसर पर हमला कर दिया. वीडियो में छात्रा को अपनी चप्पल से प्रोफेसर को मारते हुए देखा जा सकता है, जबकि दूसरे छात्र भी उस पर हाथ-पैर चला रहे थे. बताया जा रहा है कि छात्रों ने प्रोफेसर का पूरे कैंपस में पीछा किया और उसकी कार के पास पहुंचकर उस पर दोबारा हमला किया. इस हमले में घायल होने के बावजूद, प्रोफेसर किसी तरह मौके से भाग निकलने में कामयाब रहा. यह मामला नेलमंगला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है. कॉलेज प्रशासन ने प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174500/professor-proposed-to-medical-student-in-the-classroom</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 21:51:40 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात में छह जजों को समय से पहले रिटायर होने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>राज्य सरकार ने छह जजों को "जनहित में" न्यायपालिका से "समय से पहले रिटायर" होने का निर्देश दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। यह आदेश गुजरात हाई कोर्ट की इस संबंध में की गई सिफ़ारिशों के बाद जारी किया गया।इनमें से पाँच ज़िला जज हैं, जबकि एक सीनियर सिविल जज हैं। गुजरात सरकार के विधि विभाग ने 16 मार्च को इस संबंध में अधिसूचनाएँ जारी कीं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिन पाँच ज़िला जजों को समय से पहले रिटायर होने के लिए कहा गया है, वे हैं: प्रथमेश श्रीवास्तव, प्रधान ज़िला जज, मोरबी; प्रशांत जोशी, प्रधान जज, फ़ैमिली कोर्ट, मोरबी;</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173879/order-for-premature-retirement-of-six-judges-in-gujarat"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/judges.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>राज्य सरकार ने छह जजों को "जनहित में" न्यायपालिका से "समय से पहले रिटायर" होने का निर्देश दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। यह आदेश गुजरात हाई कोर्ट की इस संबंध में की गई सिफ़ारिशों के बाद जारी किया गया।इनमें से पाँच ज़िला जज हैं, जबकि एक सीनियर सिविल जज हैं। गुजरात सरकार के विधि विभाग ने 16 मार्च को इस संबंध में अधिसूचनाएँ जारी कीं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिन पाँच ज़िला जजों को समय से पहले रिटायर होने के लिए कहा गया है, वे हैं: प्रथमेश श्रीवास्तव, प्रधान ज़िला जज, मोरबी; प्रशांत जोशी, प्रधान जज, फ़ैमिली कोर्ट, मोरबी; मोहम्मद इलियास मंडली, प्रधान जज, फ़ैमिली कोर्ट, पोरबंदर; अली हुसैन शेख, तीसरे अतिरिक्त ज़िला जज, राजकोट (धोराजी); और किरीट कुमार दर्जी, अतिरिक्त ज़िला जज, अरावली (मोडासा)।</p>
<p style="text-align:justify;">छठे न्यायिक अधिकारी की पहचान जयेश कुमार पारिख के रूप में हुई है, जो प्रधान सीनियर सिविल जज और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, ध्रांगध्रा (सुरेंद्रनगर ज़िला) हैं।सूत्रों ने बताया कि इन छह जजों को समय से पहले रिटायर करने का आदेश गुजरात सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2002 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है, जिसे गुजरात राज्य न्यायिक सेवा नियम, 2005 के नियम 21 के साथ पढ़ा जाता है;  सदस्य को उप-नियम (1) के तहत जनहित में रिटायर किया जाना चाहिए, इस पर कम से कम तीन बार विचार किया जाएगा; यानी, जब वह 50 वर्ष, 55 वर्ष और 58 वर्ष की आयु पूरी करने वाला हो।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 19:47:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेदांता एल्युमीनियम ने कमांड कंट्रोल रूम संचालित करने के लिए पूरी तरह महिलाओं की टीम तैनात की।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज। दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">  भारत के सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादक, वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा के लांजीगढ़ स्थित अपने एल्युमिना रिफाइनरी में डिस्ट्रिब्यूटेड कंट्रोल सिस्टम (डीसीएस) का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह महिलाओं की टीम तैनात करने की घोषणा की है।</div>
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<div style="text-align:justify;">  40 प्रशिक्षित महिला पेशेवरों का यह समूह अब रिफाइनरी के नर्व सेंटर को संचालित करेगा, जो संयंत्र संचालन के तकनीकी रूप से जटिल और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई यह पहल भारत में मुख्य औद्योगिक और प्रोसेस कंट्रोल</div>
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<div style="text-align:justify;">डीसीएस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173194/vedanta-aluminum-deployed-an-all-women-team-to-operate-the-command"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/वेदांता-एल्युमीनियम-ने-कमांड-कंट्रोल-रूम-संचालित-करने-के-लिए-पूरी-तरह-महिलाओं-की-टीम-तैनात-की।.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज। दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भारत के सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादक, वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा के लांजीगढ़ स्थित अपने एल्युमिना रिफाइनरी में डिस्ट्रिब्यूटेड कंट्रोल सिस्टम (डीसीएस) का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह महिलाओं की टीम तैनात करने की घोषणा की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> 40 प्रशिक्षित महिला पेशेवरों का यह समूह अब रिफाइनरी के नर्व सेंटर को संचालित करेगा, जो संयंत्र संचालन के तकनीकी रूप से जटिल और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई यह पहल भारत में मुख्य औद्योगिक और प्रोसेस कंट्रोल भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डीसीएस रिफाइनरी का मुख्य केंद्र है, जो सैकड़ों डेटा स्ट्रीम्स को एकीकृत करके उत्पादन प्रक्रियाओं पर सुचारु नियंत्रण सुनिश्चित करता है। इस डिजिटल कार्य में महिलाओं को शामिल करके वेदांता एल्युमीनियम एक समावेशी औद्योगिक कार्यबल बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। इनकी भूमिका में प्रक्रिया से जुड़े मानकों की रियल-टाइम निगरानी, संचालन के रुझानों का विश्लेषण, सुरक्षा अलार्म का आकलन करना और रिफाइनरी के संचालन को स्थिर, कुशल और सुरक्षित बनाए रखने के लिए त्वरित निर्णय लेना शामिल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमीनियम, ने कहा, “वेदांता एल्युमीनियम में महिलाओं को उच्च कौशल वाले औद्योगिक कार्यों में नेतृत्व देने के लिए सशक्त बनाना कोई पहल भर नहीं है, बल्कि कंपनी के रूप में हमारी दिशा भी है। जैसे-जैसे अधिक महिलाएँ कमांड सेंटर, स्मेल्टर, लोकोमोटिव और सुरक्षा प्रणालियों का संचालन कर रही हैं, हम ऐसा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित कर रहे हैं, जहाँ उत्कृष्टता के लिए लिंग कोई बाधा नहीं है। महिलाओं की भागीदारी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने की हमारी दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा इस विश्वास को दर्शाती है कि औद्योगिक विकास की अगली बड़ी छलांग में महिलाएँ अहम् भूमिका निभाएँगी।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह पहल उच्च कौशल वाले औद्योगिक कार्यों में महिलाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से वेदांता एल्युमीनियम द्वारा किए जा रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा है। टीम की एक सदस्य अंजनी कुमारी, डीसीएस, ने कहा, “कमांड सेंटर में काम करने से मुझे यह विश्वास मिलता है कि महिलाएँ भी विनिर्माण क्षेत्र में केंद्रीय भूमिका निभा सकती हैं। मुझे उम्मीद है कि हमारी टीम कई और युवा महिलाओं को इंजीनियरिंग और ऑपरेशंस में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में वेदांता एल्युमीनियम ने भारत की पहली पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित पॉटलाइन शुरू की है और स्मेल्टिंग तथा उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में 100 से अधिक महिलाओं को तैनात किया है। कंपनी ने अपने एल्युमीनियम संचालन में देश की पहली पूरी तरह महिला लोकोमोटिव इंजन क्रू भी शुरू की है, जिससे पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान भूमिकाओं में समावेशन के नए मानक स्थापित हुए हैं। इसके अलावा, वेदांता एल्युमीनियम ओडिशा में नाइट शिफ्ट में महिलाओं को शामिल करने वाली पहली कंपनी भी बनी। सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी को और मजबूत करते हुए, कंपनी ने अग्निवाहिनी नामक पूरी तरह महिला फायरफाइटिंग और आपातकालीन प्रतिक्रिया इकाई तैनात की है। इस इकाई के माध्यम से 100 से अधिक महिलाओं को अग्रिम पंक्ति के सुरक्षा कर्मियों के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जिससे संचालन में बेहतर तैयारी और मजबूत सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा मिला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाल ही में, वेदांता एल्युमीनियम 135 मेगावाट की एक पॉवर यूनिट का संचालन संभालने के लिए पूरी तरह महिलाओं की थर्मल पॉवर ऑपरेशंस टीम भी स्थापित की है, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाली औद्योगिक प्रथाओं में उसकी नेतृत्व भूमिका और भी मजबूत हुई है। अब बड़ी संख्या में महिलाएँ क्वालिटी लैबोरेटरी, डिजिटलीकरण से जुड़े कार्यों और माइनिंग इंजीनियरिंग जैसी भूमिकाओं में योगदान दे रही हैं। इसके साथ ही भारत के विनिर्माण क्षेत्र में उच्च तकनीक और उच्च जिम्मेदारी वाले पदों पर महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में वेदांता एल्युमीनियम के कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 21% है। कंपनी आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर पहले 35% और फिर 50% तक ले जाने की योजना बना रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए, कंपनी में प्रवेश स्तर (एंट्री-लेवल) की भर्तियों में अब 50% से अधिक महिलाएँ शामिल हैं, ताकि भविष्य में तकनीकी और नेतृत्व पदों पर महिलाओं की भागीदारी और अधिक बढ़ सके।</div>
<div style="text-align:justify;">जैसे-जैसे भारत के विनिर्माण और धातु क्षेत्र एक अधिक तकनीक-आधारित और संसाधन-केंद्रित भविष्य का समर्थन करने के लिए विस्तार कर रहे हैं, वेदांता एल्युमीनियम की पहलें यह सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती हैं कि महिलाएँ इस बदलाव का केवल हिस्सा ही न हों, बल्कि इसे आकार देने में अग्रणी भूमिका भी निभाएँ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 21:25:11 +0530</pubDate>
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