<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/category/55/technology" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>टेक्नोलॉजी - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/category/55/rss</link>
                <description>टेक्नोलॉजी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वियोगी बागवानी  का शुभारंभ, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-9 में शनिवार को वियोगी बागवानी का उद्घाटन पूर्व जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार झा, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, प्रगतिशील किसान राजेंद्र यादव, प्लस-टू बालिका उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार तथा योगेंद्र कुमार वियोगी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं नारियल फोड़कर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उद्घाटन के बाद बागवानी के संचालकसमाजसेवी  योगेंद्र कुमार वियोगी ने सभी अतिथियों का स्वागत फूल-माला एवं अंगवस्त्र देकर  किया।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार झा ने कहा कि यह केवल एक नर्सरी नहीं, बल्कि समाज, विशेषकर युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184451/launch-of-viyogi-gardening-gave-message-of-environmental-protection"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/bihar1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-9 में शनिवार को वियोगी बागवानी का उद्घाटन पूर्व जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार झा, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, प्रगतिशील किसान राजेंद्र यादव, प्लस-टू बालिका उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार तथा योगेंद्र कुमार वियोगी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं नारियल फोड़कर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उद्घाटन के बाद बागवानी के संचालकसमाजसेवी  योगेंद्र कुमार वियोगी ने सभी अतिथियों का स्वागत फूल-माला एवं अंगवस्त्र देकर  किया।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार झा ने कहा कि यह केवल एक नर्सरी नहीं, बल्कि समाज, विशेषकर युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और उससे उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच पौधों का महत्व और बढ़ गया है। पौधे न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन भी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए प्रत्येक व्यक्ति से कम-से-कम एक पौधा लगाने तथा फलदार वृक्षों के रोपण का आह्वान किया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/bihar,,1.jpg" alt="फलदार व छायादार पौधे लगाने की अपील, युवाओं को प्रकृति से जोड़ने की पहल" width="1600" height="900"></img></p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक फलदार एवं छायादार पौधे लगाने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">बागवानी के संचालक योगेंद्र कुमार वियोगी ने बताया कि उनकी नर्सरी में विभिन्न प्रजातियों के सैकड़ों फलदार, औषधीय एवं सजावटी पौधे उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी उनका उद्देश्य है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में  वार्ड पार्षद रामसुंदर साह, भूपेन्द्र यादव ,गोरी अग्रवाल ,रामकृष्ण यादव, डॉ शुरेश यादव, खुशबू कुमारी ,दिलीप कुमार सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, किसान एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>किसान</category>
                                            <category>बिज़नेस रिलीज़</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184451/launch-of-viyogi-gardening-gave-message-of-environmental-protection</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184451/launch-of-viyogi-gardening-gave-message-of-environmental-protection</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:53:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/bihar1.jpg"                         length="310485"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल युग में हिंदी साहित्य की नई शुरुआत </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>जोधपुर।</strong> हिंदी और भारतीय भाषाओं के साहित्य को डिजिटल रूप में पाठकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से “हिंदीज़ा” ऐप का ऑनलाइन लॉन्च 14 जुलाई को किया जाएगा। यह ऐप साहित्य प्रेमियों के लिए एक ऐसा मंच होगा, जहाँ वे ई-बुक्स, डिजिटल पत्रिकाएँ और विभिन्न साहित्यिक रचनाएँ आसानी से पढ़ सकेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">“हिंदीज़ा” ऐप के संस्थापक जसराज बिश्नोई ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में पढ़ने की आदत को नई दिशा देने के लिए इस ऐप की शुरुआत की जा रही है। ऐप में उपन्यास, कहानियाँ, कविताएँ, प्रेरणादायक साहित्य, जीवनी तथा अन्य विषयों की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। साथ ही “दैनिक निर्माण”</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182713/new-beginning-of-hindi-literature-in-digital-era-%E2%80%9Chindiza%E2%80%9D-app"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas5.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>जोधपुर।</strong> हिंदी और भारतीय भाषाओं के साहित्य को डिजिटल रूप में पाठकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से “हिंदीज़ा” ऐप का ऑनलाइन लॉन्च 14 जुलाई को किया जाएगा। यह ऐप साहित्य प्रेमियों के लिए एक ऐसा मंच होगा, जहाँ वे ई-बुक्स, डिजिटल पत्रिकाएँ और विभिन्न साहित्यिक रचनाएँ आसानी से पढ़ सकेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">“हिंदीज़ा” ऐप के संस्थापक जसराज बिश्नोई ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में पढ़ने की आदत को नई दिशा देने के लिए इस ऐप की शुरुआत की जा रही है। ऐप में उपन्यास, कहानियाँ, कविताएँ, प्रेरणादायक साहित्य, जीवनी तथा अन्य विषयों की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। साथ ही “दैनिक निर्माण” और “निर्माण पत्रिका” के अंक भी डिजिटल रूप में पढ़े जा सकेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि “हिंदीज़ा” केवल पाठकों के लिए ही नहीं, बल्कि नए लेखकों और रचनाकारों के लिए भी उपयोगी मंच बनेगा, जहाँ वे अपनी रचनाएँ और ई-बुक प्रकाशित कर सकेंगे। सरल और आकर्षक स्वरूप में तैयार किया गया यह ऐप पाठकों को कहीं भी और कभी भी पढ़ने की सुविधा देगा। साहित्य जगत में “हिंदीज़ा” ऐप के लॉन्च को लेकर उत्साह का वातावरण बना हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182713/new-beginning-of-hindi-literature-in-digital-era-%E2%80%9Chindiza%E2%80%9D-app</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182713/new-beginning-of-hindi-literature-in-digital-era-%E2%80%9Chindiza%E2%80%9D-app</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 19:49:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/hindi-divas5.jpg"                         length="137237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सब जूनियर नेशनल कराटे चैंपियनशिप में गीतांक आयुष ने जीता स्वर्ण पदक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पटना। उत्तराखंड के देहरादून में 3 से 7 जून 2026 तक आयोजित कियो सब जूनियर कराटे चैंपियनशिप-2026 में पटना के सुपौल जिले के रामनगर निवासी गीतांक आयुष ने स्वर्ण पदक जीतकर बिहार का नाम रोशन किया है।<br />सब जूनियर बालक 7 वर्ष आयु वर्ग (25 किलोग्राम) प्रतियोगिता में खेलते हुए गीतांक ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रमशः सिक्किम, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के खिलाड़ियों को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में गीतांक ने अपने सभी मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260622-wa0055.jpg" alt="जूनियर नेशनल कराटे चैंपियनशिप में गीतांक आयुष ने जीता स्वर्ण पदक" width="960" height="1200" /></p><p>गीतांक आयुष के पिता अजय कुमार सचिवालय में कार्यरत हैं,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181832/geetank-ayush-won-gold-medal-in-junior-national-karate-championship"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260622-wa0053.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना। उत्तराखंड के देहरादून में 3 से 7 जून 2026 तक आयोजित कियो सब जूनियर कराटे चैंपियनशिप-2026 में पटना के सुपौल जिले के रामनगर निवासी गीतांक आयुष ने स्वर्ण पदक जीतकर बिहार का नाम रोशन किया है।<br />सब जूनियर बालक 7 वर्ष आयु वर्ग (25 किलोग्राम) प्रतियोगिता में खेलते हुए गीतांक ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रमशः सिक्किम, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के खिलाड़ियों को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में गीतांक ने अपने सभी मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260622-wa0055.jpg" alt="जूनियर नेशनल कराटे चैंपियनशिप में गीतांक आयुष ने जीता स्वर्ण पदक" width="960" height="1280"></img></p><p>गीतांक आयुष के पिता अजय कुमार सचिवालय में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता स्वीटी आकृति गृहिणी हैं। गीतांक पटना में रहकर अपने कोच सुभाष कुमार के मार्गदर्शन में कराटे का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।कोच सुभाष कुमार ने बताया कि गीतांक बेहद मेहनती, जुनूनी और खेल के प्रति समर्पित खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी लगन और अनुशासन को देखते हुए यह विश्वास है कि वह भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बिहार का नाम रोशन करेंगे।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260622-wa00531.jpg" alt="जूनियर नेशनल कराटे चैंपियनशिप में गीतांक आयुष ने जीता स्वर्ण पदक" width="1280" height="960"></img></p><p>गीतांक की इस उपलब्धि पर शिक्षाविद हरेराम मंडल, निशांत, सत्यनारायण मंडल, अमन यादव, गौरी चौधरी, डॉ. संजय कुमार, ललित मंडल सहित क्षेत्र के लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181832/geetank-ayush-won-gold-medal-in-junior-national-karate-championship</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181832/geetank-ayush-won-gold-medal-in-junior-national-karate-championship</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 08:55:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260622-wa0053.jpg"                         length="247326"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी हर काम से नहीं हटती पीछे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जहां बढ़ती उम्र के साथ अधिकांश लोग दूसरों के सहारे जीवन व्यतीत करने लगते हैं, वहीं विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी अपनी मेहनत, आत्मनिर्भरता और अदम्य जीवटता से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी दिनचर्या किसी युवा महिला से कम नहीं है। घर के लगभग सभी काम वह स्वयं करती हैं और अपनी सक्रिय जीवनशैली से यह साबित कर रही हैं कि, इच्छाशक्ति मजबूत हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181678/purbin-an-elderly-mother-of-more-than-90-years-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0383.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहां बढ़ती उम्र के साथ अधिकांश लोग दूसरों के सहारे जीवन व्यतीत करने लगते हैं, वहीं विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी अपनी मेहनत, आत्मनिर्भरता और अदम्य जीवटता से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी दिनचर्या किसी युवा महिला से कम नहीं है। घर के लगभग सभी काम वह स्वयं करती हैं और अपनी सक्रिय जीवनशैली से यह साबित कर रही हैं कि, इच्छाशक्ति मजबूत हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      आपको बता दें कि, मां पुरबिन का परिवार भरा-पूरा है। उनके एक पुत्र संतलाल लोधी हैं, जो वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं, जबकि उनकी दो बेटियां विवाह के बाद अपने-अपने परिवारों में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर रही हैं। परिवार में बहू, दो नाती, दो नातिन और दो पनाती भी हैं। परिवार के सभी सदस्य उनका सम्मान करते हैं और उनकी देखभाल के लिए तत्पर रहते हैं, फिर भी मां पुरबिन आत्मनिर्भर जीवन जीना ही पसंद करती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         बुजुर्ग मां पुरबिन की एक विशेष इच्छा भी है। वह चाहती हैं कि, अपने जीवनकाल में अपने एक अविवाहित नाती का विवाह अपनी आंखों से देखें। यही इच्छा उनके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         उम्र बढ़ने के बावजूद उनकी दिनचर्या आज भी बेहद सक्रिय है। वह घर में झाड़ू लगाने से लेकर भोजन बनाने तक के सभी कार्य स्वयं करती हैं। पशुओं की देखभाल, गाय-भैंस का दूध निकालना, खैलर चलाकर मट्ठा तैयार करना, गोबर उठाना, चावल साफ करना तथा अपने हाथों से आटा गूंधकर मिट्टी के चूल्हे पर रोटियां बनाना उनके रोजमर्रा के कार्यों में शामिल है। उम्र के प्रभाव से उनकी कमर भले ही झुक गई हो, लेकिन उनके हौसले और कार्य करने की क्षमता में आज भी कोई कमी दिखाई नहीं देती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        ग्रामीण परिवेश में सादगीपूर्ण जीवन, नियमित शारीरिक श्रम और अनुशासित दिनचर्या को ही वह अपनी अच्छी सेहत का राज मानती हैं। उनका कहना है कि, शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने के लिए लगातार काम करना जरूरी है। यही कारण है कि, परिवार के मना करने के बावजूद वह स्वयं अपने काम करना पसंद करती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        मां पुरबिन बताती हैं कि, उनका बेटा ग्राम प्रधान होने के नाते उन्हें आराम करने की सलाह देता है, लेकिन वह मानती हैं कि, निष्क्रियता शरीर को कमजोर बना देती है। इसलिए वह अपने दैनिक कार्यों को ही व्यायाम और स्वास्थ्य का आधार मानती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        आज के समय में, जब कम उम्र में ही लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, मां पुरबिन की जीवनशैली समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आती है। उनकी मेहनत, अनुशासन और आत्मनिर्भरता यह सिखाती है कि, नियमित श्रम, सकारात्मक सोच और सक्रिय जीवनशैली इंसान को लंबे समय तक स्वस्थ, सक्षम और आत्मविश्वासी बनाए रख सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        मां पुरबिन की यह प्रेरणादायी कहानी न केवल ग्रामीण महिलाओं के लिए बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक मिसाल है। उनकी जीवटता और कर्मशीलता को देखकर सहज ही कहा जा सकता है कि, उम्र भले ही 90 पार कर जाए, लेकिन हौसले जवान हों तो जीवन की रफ्तार कभी नहीं थमती।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181678/purbin-an-elderly-mother-of-more-than-90-years-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181678/purbin-an-elderly-mother-of-more-than-90-years-of</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:17:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260619-wa0383.jpg"                         length="160937"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोशल मीडिया की बढ़ती दखल से रिश्तों में दरार, टूटती शादियों की नई वजह बन रहा डिजिटल संसार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात स्पेशल रिपोर्ट</strong><br /><strong>जितेंद्र कुमार "राजेश"</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार। तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बन गया है, लेकिन इसका दूसरा पहलू पारिवारिक और वैवाहिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां शादियां टूटने के पीछे दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी, पारिवारिक हस्तक्षेप और आपसी मतभेद प्रमुख कारण माने जाते थे, वहीं अब सोशल मीडिया भी वैवाहिक विवादों की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पारिवारिक परामर्श केंद्रों और वैवाहिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच सोशल मीडिया को लेकर बढ़ता संदेह, ऑनलाइन मित्रता,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181118/due-to-the-increasing-interference-of-social-media-the-digital"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/file_00000000237472068f5244e947a5173e.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात स्पेशल रिपोर्ट</strong><br /><strong>जितेंद्र कुमार "राजेश"</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार। तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बन गया है, लेकिन इसका दूसरा पहलू पारिवारिक और वैवाहिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां शादियां टूटने के पीछे दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी, पारिवारिक हस्तक्षेप और आपसी मतभेद प्रमुख कारण माने जाते थे, वहीं अब सोशल मीडिया भी वैवाहिक विवादों की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पारिवारिक परामर्श केंद्रों और वैवाहिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच सोशल मीडिया को लेकर बढ़ता संदेह, ऑनलाइन मित्रता, पुराने संबंधों से दोबारा संपर्क, निजी जीवन को सार्वजनिक करना तथा घंटों मोबाइल और सोशल मीडिया पर व्यस्त रहना रिश्तों में तनाव पैदा कर रहा है। कई मामलों में यह तनाव इतना बढ़ जाता है कि बात अलगाव और तलाक तक पहुंच जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों में ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं, जहां सोशल मीडिया पर हुई बातचीत, पोस्ट, लाइक, कमेंट, फोटो शेयरिंग या ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। परिवार परामर्श केंद्रों में भी ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जहां सोशल मीडिया से जुड़ी गलतफहमियां वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया स्वयं समस्या नहीं है, बल्कि उसका अनियंत्रित उपयोग और उससे पैदा होने वाला अविश्वास रिश्तों को कमजोर करता है। कई बार लोग वास्तविक जीवन की अपेक्षा आभासी दुनिया में अधिक समय बिताने लगते हैं, जिससे पति-पत्नी के बीच संवाद कम होने लगता है और गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजशास्त्रियों के अनुसार, मजबूत वैवाहिक रिश्तों के लिए आपसी विश्वास, खुला संवाद और डिजिटल संतुलन बेहद आवश्यक है। यदि सोशल मीडिया का उपयोग संयम और समझदारी के साथ नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह पारिवारिक और वैवाहिक संबंधों के लिए और बड़ी चुनौती बन सकता है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात की सलाह</strong></p>
<p style="text-align:justify;">✔ सोशल मीडिया के उपयोग की समय सीमा तय करें।</p>
<p style="text-align:justify;">✔ पति-पत्नी एक-दूसरे से बातें छिपाने के बजाय खुलकर संवाद करें।</p>
<p style="text-align:justify;">✔ ऑनलाइन मित्रता और चैटिंग में पारदर्शिता बनाए रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">✔ किसी पोस्ट, लाइक या कमेंट को लेकर तुरंत निष्कर्ष पर न पहुंचें।</p>
<p style="text-align:justify;">✔ रिश्तों को मोबाइल स्क्रीन से ज्यादा समय दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181118/due-to-the-increasing-interference-of-social-media-the-digital</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181118/due-to-the-increasing-interference-of-social-media-the-digital</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 11:32:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/file_00000000237472068f5244e947a5173e.png"                         length="2152487"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वतंत्र प्रभात श्पेशल :  डिजिटल क्रांति के बीच मंडराया साइबर ठगी का साया</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार में 43% बढ़ी साइबर अपराध की रफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181114/independent-morning-special"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-12-at-23.03.061.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">​पटना ,स्वतंत प्रभात ब्यूरो ,एम पी रोशन </p>
<p style="text-align:justify;">भारत आज तेजी से 'डिजिटल इंडिया' की ओर कदम बढ़ा रहा है। यूपीआई , ऑनलाइन बैंकिंग, ई-कॉमर्स, रेलवे बुकिंग और डिजिटल वॉलेट ने आम नागरिकों की जिंदगी को  आसान बना दिया है। घर बैठे एक क्लिक पर पैसे ट्रांसफर करने से लेकर खरीदारी और सरकारी सेवाओं का लाभ  अब आम बात हो चुकी है। लेकिन, तकनीक की इस सुनहरी तस्वीर के पीछे एक डरावना सच भी छिपा है। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ देश में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन स्कैम और उपभोक्ता शोषण के मामलों में भी काफी तेजी  आ गई है। तकनीक ने जहां आम जनता को सहूलियत दी है, वहीं अपराधियों को लोगों की जेब और बैंक खातों तक पहुंचने का नया और आसान जरिया थमा दिया है।<br /><br />​मिनटों में साफ हो रही जीवनभर की गाढ़ी कमाई</p>
<p style="text-align:justify;">कमोबेश ​आज स्थिति यह हो गई है कि  रोजाना सेकड़ो लोग ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई स्कैम, फेक लोन ऐप्स, व्हाट्सएप हैकिंग, फर्जी कस्टमर केयर और अनधिकृत बैंकिंग लेनदेन  काधड़ल्ले से शिकार हो रहे हैं। शातिर साइबर अपराधी पलक झपकते ही लोगों की जीवनभर की जमा-पूंजी उड़ा रहे हैं।<br /><br />​साइबर अपराधियों के रडार पर बिहार; सुपौल कनेक्शन से बढ़ी चिंता<br />​साइबर अपराध के मामले में बिहार अब देश के सबसे संवेदनशील राज्यों में शुमार हो गया है।  राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरोNCRB एनसीआरबी और विभिन्न हालिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2024 में बिहार में साइबर अपराध के मामलों में लगभग 43 प्रतिशत की चौंकाने वाली वृद्धि दर्ज की गई है। दर्ज होने वाले अधिकांश मामले आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे ​चिंताजनक बात यह है कि अब बिहार के ग्रामीण और सीमावर्ती जिले भी इस नेटवर्क की चपेट में हैं। हाल के वर्षों में सुपौल जिला भी साइबर फ्रॉड और डिजिटल स्कैम की गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहा है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में कई ऐसे मामलों का खुलासा हुआ है, जिनके तार अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़े थे और उनका कनेक्शन सुपौल क्षेत्र में पाया गया।<br /><br />​क्यों आसान शिकार बन रहे हैं ग्रामीण इलाके?</p>
<p style="text-align:justify;">1 सुदूर गांवों तक मोबाइल और इंटरनेट की पहुंच।<br />   2 ​सीमित डिजिटल साक्षरता: लोग तकनीक का इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों से अनजान हैं।<br />3  ​बेरोजगारी: स्थानीय युवाओं का भटककर अपराधियों के झांसे में आना या खुद इस दलदल में शामिल होना।<br />  4 ​बुजुर्ग और छात्र निशाने पर: डिजिटल तकनीक की कम समझ रखने वाले बुजुर्ग और नौकरी-सस्ते लोन के चक्कर में छात्र आसानी से फंस रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">​कानूनी अधिकारों की  अनभिज्ञता बनी सबसे बड़ी कमजोरी</p>
<p style="text-align:justify;">सुरसा के मुँह की तरह बढ़ रहे ​इस संकट का सबसे गंभीर पहलू यह है कि अधिकांश पीड़ितों को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी ही नहीं होती। जागरूकता की कमी के कारण लोग समय पर शिकायत दर्ज नहीं करा पाते, जिससे अपराधियों पर नकेल कसना और डूबे हुए पैसे की रिकवरी करना बेहद मुश्किल हो जाता है। साइबर फ्रॉड अब सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि पीड़ितों के लिए गहरा मानसिक और सामाजिक संकट बनता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानें अपनी कानूनी अधिकार</p>
<p style="text-align:justify;">​देश का कानून डिजिटल लेनदेन में नागरिकों को मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करता है। 'इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट' 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम  और भारतीय रिजर्व बैंक  के दिशानिर्देश उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करते हैं।<br /><br />​हेल्पलाइन 1930 है रामबाण: यदि आप किसी ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। समय पर (गोल्डन ऑवर में) शिकायत दर्ज होने से फ्रॉड की गई राशि फ्रीज होने और रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।<br /><br />​कंज्यूमर फोरम की शरण: ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, डिफेक्टिव प्रोडक्ट, भ्रामक विज्ञापन या सेवा में कमी होने पर उपभोक्ता आयोग  में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।<br /><br />​बैंकों की जवाबदेही: डिजिटल पेमेंट फेल होने या अनधिकृत ट्रांजैक्शन की स्थिति में यदि उपभोक्ता की गलती नहीं है, तो बैंक और सर्विस प्रोवाइडर हर्जाने के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं। ​रेलवे व अन्य सेवाएं: रेलवे या अन्य ऑनलाइन सेवाओं में कन्फर्म टिकट होने के बावजूद सीट न मिलना या सेवा में गंभीर लापरवाही बरतने पर मुआवजे  का प्रावधान है।<br /><br />कहते हैं कानून के जानकार</p>
<p style="text-align:justify;">कानूनी जागरूकता , साइबर पीड़ितों को सही मार्गदर्शन देना और उपभोक्ता अधिकारों के लिए आवाज उठाना समाज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। जब तक समाज कानूनी रूप से जागरूक नहीं होगा, तब तक इस डिजिटल महामारी पर लगाम लगाना नामुमकिन है।</p>
<p style="text-align:justify;">-भास्कर सिंह ,अधिवक्ता<br /> पटना न्यायालय<br />​चुनौती बड़ी है, मिलकर लड़ना होगा<br />​आज आवश्यकता सिर्फ नए और कड़े कानून बनाने की नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को जागरूक करने की है। सरकार, न्यायपालिका, पुलिस प्रशासन, बैंकिंग संस्थानों और कानूनी पेशे से जुड़े लोगों को मिलकर एक ऐसा सुरक्षित इकोसिस्टम बनाना होगा, जहां तकनीकी विकास के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो। यदि समय रहते देश और समाज इस खतरे के प्रति सचेत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में साइबर फ्रॉड और उपभोक्ता शोषण भारत के सामने एक बहुत बड़ा सामाजिक और आर्थिक संकट बनकर खड़ा हो जाएगा।<br /><br />​ ​बिहार में साइबर अपराध का बढ़ता जाल </p>
<p style="text-align:justify;">बिहार में साइबर अपराध की स्थिति (वर्ष 2024-25)                    <br /> • कुल दर्ज मामले: 5,624 मामले (सबसे अधिक ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े) <br /> • कुल शिकायतें मिलीं: 11,764                              <br /> • निस्तारित मामले: 917 <br /> • फ्रीज की गई राशि: 106 करोड़ रुपये              |<br />• पीड़ितों को वापसी: 7.36 करोड़ रुपये  <br />अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़]<br />  सुपौल बना अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का केंद्र!                     <br /> • हॉटस्पॉट: सुपौल जिले के गनौड़ा और गौसपुर गांव।              <br /> • EOU की बड़ी कार्रवाई: आर्थिक अपराध इकाई ने 20 जुलाई 2025 को गौसपुर में हर्षित कुमार के घर  छापेमारी कर एक अवैध सिम बॉक्स  बरामद किया।सिम बॉक्स में 231 सक्रिय सिम कार्ड लगे हुए थे।  फर्जी सिम कार्डों के जरिए वीओआईपी (VoIP) कॉल्स को लोकल कॉल्स में बदला जाता था।                                        <br />| • कॉल डेटा: महज 3 दिनों (30 जून से 2 जुलाई 2025) के भीतर  51 हजार से अधिक स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कॉल्स की गईं। |<br />​[ग्लोबल सिंडिकेट: इन देशों से जुड़े हैं तार                        |<br />जांच एजेंसियों के अनुसार, बिहार के इस नेटवर्क के तार सीधे तौर पर वियतनाम, चीन और कंबोडिया जैसे देशों में सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों से जुड़े हैं। यह राज्य में साइबर अपराध के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और उससे निपटने की बड़ी चुनौती को रेखांकित करता है।<br /><br />बोले अधिकारी<br />हाल के बर्षो में बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए राज्य के सभी जिलों में साइबर सेल थाना स्थापित किया गया है।जहाँ त्वरित कार्यवाही की जाती है।<br />शुशील कुमार,आईपीएस   अधीक्षक सह नोडल अधिकारी<br />साइबर सेल सह  आर्थिक अपराध इकाई ,पटना</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181114/independent-morning-special</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181114/independent-morning-special</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 23:22:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-12-at-23.03.061.jpeg"                         length="154899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टार प्लस का बहुप्रतीक्षित रोमांटिक म्यूजिकल ड्रामा 'सैराब' 2 जून, मंगलवार से। </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(230,126,35);"><strong>स्वतंत्र प्रभात।ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(230,126,35);"><strong>दया शंकर त्रिपाठी।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;">स्टार प्लस का बहुप्रतीक्षित रोमांटिक म्यूजिकल ड्रामा 'सैराब' 2 जून, मंगलवार की शाम दर्शकों के बीच दस्तक देने जा रहा है। शो को लेकर जिस तरह की चर्चा और उत्साह देखने को मिल रहा है, उससे यह तो स्पष्ट है कि दर्शक पहले एपिसोड के प्रसारण से पहले ही इसकी मुख्य जोड़ी से जुड़ाव महसूस करने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मदिराक्षी मुंडले और रोहित चंदेल अभिनीत 'सैराब' अपने पुराने दौर की रोमांटिक खूबसूरती, सुकून भरे संगीत और शानदार विजुअल्स की वजह से इन दिनों खूब चर्चा बटोर रहा है। यह शो एक मशहूर पॉप स्टार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180558/star-plus-much-awaited-romantic-musical-drama-sairab-airs-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260603-wa0185.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(230,126,35);"><strong>स्वतंत्र प्रभात।ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(230,126,35);"><strong>दया शंकर त्रिपाठी।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;">स्टार प्लस का बहुप्रतीक्षित रोमांटिक म्यूजिकल ड्रामा 'सैराब' 2 जून, मंगलवार की शाम दर्शकों के बीच दस्तक देने जा रहा है। शो को लेकर जिस तरह की चर्चा और उत्साह देखने को मिल रहा है, उससे यह तो स्पष्ट है कि दर्शक पहले एपिसोड के प्रसारण से पहले ही इसकी मुख्य जोड़ी से जुड़ाव महसूस करने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मदिराक्षी मुंडले और रोहित चंदेल अभिनीत 'सैराब' अपने पुराने दौर की रोमांटिक खूबसूरती, सुकून भरे संगीत और शानदार विजुअल्स की वजह से इन दिनों खूब चर्चा बटोर रहा है। यह शो एक मशहूर पॉप स्टार और एक साधारण युवती की अनोखी प्रेम कहानी को दर्शाता है, जिसने वर्षों तक समाज द्वारा बनाए गए नियमों और अपेक्षाओं के बीच अपनी जिंदगी बिताई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>शो का प्रोमो रिलीज़ होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई है। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">दर्शक इसकी नई और ताज़गी भरी कहानी के साथ-साथ मुख्य कलाकारों की शानदार केमिस्ट्री की भी जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई दर्शकों का मानना है कि 'सैराब' उन्हें उन भावनात्मक और दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानियों की याद दिलाता है, जिनके लिए कभी स्टार प्लस जाना जाता था। सोशल मीडिया पर "आखिरकार एक खूबसूरत रोमांटिक कहानी देखने को मिलेगी" और "यह शो पुराने स्टार प्लस शोज़ वाला फील दे रहा है" जैसे कमेंट्स लगातार देखने को मिल रहे हैं। वहीं, कई दर्शक नोयोनिका और ईशान को इस सीज़न की सबसे दिलचस्प नई ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में से एक मान रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ाते हुए, रोहित चंदेल और मदिराक्षी मुंडले को बीती रात प्रसारित हुए स्टार प्लस के भव्य कार्यक्रम 'फैशन के रंग, रिश्तों के संग' में चैनल की नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी के रूप में पेश किया गया। रंगारंग प्रस्तुतियों, शानदार परफॉर्मेंस और पूरे स्टार परिवार की मौजूदगी के बीच दर्शकों को इस नई जोड़ी की पहली झलक देखने को मिली, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान दोनों कलाकारों की मौजूदगी ने दर्शकों के बीच खास उत्साह पैदा किया। शो की शुरुआत से पहले ही उनकी केमिस्ट्री को लेकर जो चर्चा सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है, उसने 'सैराब' को लेकर उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। देखना दिलचस्प होगा कि क्या नोयोनिका और ईशान की यह अनोखी प्रेम कहानी दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना पाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180558/star-plus-much-awaited-romantic-musical-drama-sairab-airs-from</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180558/star-plus-much-awaited-romantic-musical-drama-sairab-airs-from</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:22:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260603-wa0185.jpg"                         length="75170"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">​<strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong><br /><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सुपौल जिले के भपटियाही में एक होटल में  रविवार को 'नेशनलिस्ट्स यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स'  बिहार की सुपौल इकाई के तत्वावधान में जिला स्तरीय एक दिवसीय पत्रकार सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले भर से आए पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "पत्रकारिता के बदलते दौर और AI की चुनौतियां" रहा।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0185.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="1200" height="1200" /></p>
<p style="text-align:justify;">​कार्यक्रम का शुभारंभ निर्मली जदयू  विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, भपटियाही प्रखंड प्रमुख विजय यादव, एनयूजे बिहार के प्रदेश सचिव कुमार अमर,जिलाध्यक्ष उपेन्द्र चंदन , सहित अन्य अतिथियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179450/district-level-press-conference-of-nuj-organized-in-bhaptiyahi-supaul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260517-wa0128.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">​<strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong><br /><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सुपौल जिले के भपटियाही में एक होटल में  रविवार को 'नेशनलिस्ट्स यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स'  बिहार की सुपौल इकाई के तत्वावधान में जिला स्तरीय एक दिवसीय पत्रकार सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले भर से आए पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "पत्रकारिता के बदलते दौर और AI की चुनौतियां" रहा।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0185.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="3840" height="2160"></img></p>
<p style="text-align:justify;">​कार्यक्रम का शुभारंभ निर्मली जदयू  विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, भपटियाही प्रखंड प्रमुख विजय यादव, एनयूजे बिहार के प्रदेश सचिव कुमार अमर,जिलाध्यक्ष उपेन्द्र चंदन , सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस सम्मेलन में प्रशासनिक स्तर से जिलाधिकारी (डीएम) सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरथ आर. एस., बीडीओ अच्युतम कुमार, सीओ धीरज कुमार, तथा भपटियाही थानाध्यक्ष प्रजेश कुमार दुबे समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0199.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="1600" height="900"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच्चाई और निष्पक्षता ही पत्रकारिता की असली पहचान: विधायक</strong></p>
<p style="text-align:justify;">निर्मली जदयू  विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और समाज को सही दिशा देने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस दौर में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदला है, लेकिन जमीनी सच्चाई और निष्पक्षता ही पत्रकारिता की असली पहचान है। उन्होंने पत्रकारों से समाजहित में निर्भीक होकर कार्य करने का आह्वान किया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0118.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="1280" height="960"></img></p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>खबरों को तेज बना सकता है AI, लेकिन मानवीय संवेदना जरूरी: डीएम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​जिलाधिकारी सावन कुमार ने  कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने हर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है और पत्रकारिता भी इससे अछूती नहीं है। उन्होंने कहा कि एआई खबरों को तेज और व्यापक बना सकता है, लेकिन तथ्यों की पुष्टि और मानवीय संवेदनाओं की समझ केवल एक जिम्मेदार पत्रकार ही दे सकता है। डीएम ने कहा कि हमें प्रशासन में मीडिया का हमेशा सहयोग मिलता रहता है। चाहे कोई समस्या हो या परेशानी, मीडिया के माध्यम से तुरंत जानकारी मिल जाती है, जिस पर समय रहते समाधान कर दिया जाता है। उन्होंने पत्रकारों से तकनीक को अपनाने के साथ-साथ उसकी चुनौतियों को भी समझने की अपील की।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0416.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="4000" height="1792"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल युग में 'फेक न्यूज' बड़ी चुनौती: एसपी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​पुलिस अधीक्षक  शरथ आर. एस. ने कहा कि पत्रकार और पुलिस दोनों ही समाज के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाएं एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं। ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे सत्य और प्रमाणिक खबरों को ही जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस को भी पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका की जरूरत है ताकि समय रहते नेगेटिव खबरों और अफवाहों की पहचान हो सके।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0400.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="4160" height="3120"></img></p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>संगठन की मजबूती और एकजुटता का संकल्प</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, खबरों की विश्वसनीयता और एआई के बढ़ते हस्तक्षेप जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने विभिन्न स्थानीय व पेशेवर मुद्दों पर चर्चा की और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0371.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="4000" height="2250"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पत्रकार हुए सम्मानित</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंतिम चरण में सम्मेलन में उपस्थित जिला स्तरीय पत्रकार और पड़ोसी देश नेपाल के पत्रकारों को उपहार, अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सरायगढ़-भपटियाही के समस्त पत्रकारों का अहम योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज रोशन ने किया।जिला सम्मेलन ने न केवल पत्रकारों को एक साझा मंच प्रदान किया, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और आत्ममंथन का भी बेहतरीन अवसर दिया। सम्मेलन में हिंदुस्तान के ब्यूरो प्रमुख रवि कुमार ,दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रमुख भारत कुमार झा, अमरेंद्र कुमार, विनय मिश्रा, उपेंद्र चंदन, कुमार कारण लड्डू, विमल भारती, अमित झा, प्रिया रंजन सिंह राठौड़, सुशील कुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि लोग मौजूद थे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179450/district-level-press-conference-of-nuj-organized-in-bhaptiyahi-supaul</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179450/district-level-press-conference-of-nuj-organized-in-bhaptiyahi-supaul</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 22:01:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0128.jpg"                         length="196247"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल में LPG और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | पटना , बिहार ब्यूरो</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  <em>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</em></strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<p style="text-align:justify;">सुपौल जिले में रसोई गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी सावन कुमार ने सभी तेल विपणन कंपनियों के विक्रय पदाधिकारियों एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बताया गया कि जिले में पेट्रोलियम पदार्थ एवं घरेलू LPG गैस की कोई कमी नहीं है और मांग के अनुरूप लगातार आपूर्ति की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">समीक्षा के दौरान नोडल पदाधिकारी LPG ने जानकारी दी कि जिले की 51 गैस एजेंसियों में करीब 13,405 गैस सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है तथा 4,055</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179095/adequate-availability-of-lpg-and-petrol-diesel-in-supaul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0186.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | पटना , बिहार ब्यूरो</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong> <em>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</em></strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<p style="text-align:justify;">सुपौल जिले में रसोई गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी सावन कुमार ने सभी तेल विपणन कंपनियों के विक्रय पदाधिकारियों एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बताया गया कि जिले में पेट्रोलियम पदार्थ एवं घरेलू LPG गैस की कोई कमी नहीं है और मांग के अनुरूप लगातार आपूर्ति की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">समीक्षा के दौरान नोडल पदाधिकारी LPG ने जानकारी दी कि जिले की 51 गैस एजेंसियों में करीब 13,405 गैस सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है तथा 4,055 अतिरिक्त सिलेंडर मिलने की संभावना है। सोमवार को 6,771 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए, जबकि वर्तमान में 23,368 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है। जिले में प्रतिदिन औसतन 5,532 घरेलू LPG सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शादी-विवाह के मौसम को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों एवं गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को पेट्रोल पंपों, गैस एजेंसियों और गैस-तेल का उपयोग करने वाले संस्थानों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल पंपों एवं गैस एजेंसियों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में बताया गया कि वैवाहिक कार्यक्रमों के अलावा श्राद्ध, मुंडन, उपनयन एवं अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी वाणिज्यिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। इसके लिए संबंधित रसोइयों एवं कैटरर्स को तेल कंपनियों में निबंधन कराना होगा, जिसे 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्ति को आवश्यक सिलेंडरों की संख्या एवं संभावित लोगों की जानकारी के साथ अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि पांच किलो वाले गैस सिलेंडर छात्रों, प्रवासी मजदूरों एवं युवा पेशेवरों को बिना पते के प्रमाण के भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 48 एजेंसियों पर LPG उपलब्ध है, जबकि शेष तीन एजेंसियों में शीघ्र आपूर्ति होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक 11 गैस एजेंसियों की जांच की जा चुकी है तथा 14 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर गैस सिलेंडरों के उपयोग को लेकर छापेमारी अभियान चलाया गया है। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग एवं कालाबाजारी के आरोप में जिले में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने बताया कि अस्पतालों एवं सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण भी जारी है ताकि पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। गैस संबंधी शिकायतों के लिए उपभोक्ता 24×7 इमरजेंसी हेल्पलाइन 1906 के अलावा IOCL, BPCL एवं HPCL के टोल फ्री नंबरों पर भी संपर्क कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179095/adequate-availability-of-lpg-and-petrol-diesel-in-supaul</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179095/adequate-availability-of-lpg-and-petrol-diesel-in-supaul</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 20:56:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260512-wa0186.jpg"                         length="519889"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वरजो इलेक्ट्रिक बाइक का पांचवा ब्रांच का भव्य शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता अतुल कुमार </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बेतिया। नगर बेतिया के मनसा टोला स्थित वरजो इलेक्ट्रिक बाइक की पांचवी शाखा का भविष्य शुभारंभ प्रोपराइटर शाहिद अली के माता सहित परिवार के द्वारा सामूहिक रूप से फीता काटकर इस शोरूम का उद्घाटन किया गया. बता दे की प्रोपराइटर शाहिद अली ने बताया कि इंडिया की सबसे बेस्ट इलेक्ट्रिक बाइक में एक वरजो इलेक्ट्रिक बाइक है जो अत्यधिक डिमांडों और क्षेत्रीय सुविधा के अनुकूल ग्राहकों की मांग पर पांचवी शाखा का आज उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ है</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इंडिया की सबसे बेस्ट सवारी में एक सवारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178874/grand-launch-of-the-fifth-branch-of-varjo-electric-bike"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260510-wa0185.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता अतुल कुमार </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बेतिया। नगर बेतिया के मनसा टोला स्थित वरजो इलेक्ट्रिक बाइक की पांचवी शाखा का भविष्य शुभारंभ प्रोपराइटर शाहिद अली के माता सहित परिवार के द्वारा सामूहिक रूप से फीता काटकर इस शोरूम का उद्घाटन किया गया. बता दे की प्रोपराइटर शाहिद अली ने बताया कि इंडिया की सबसे बेस्ट इलेक्ट्रिक बाइक में एक वरजो इलेक्ट्रिक बाइक है जो अत्यधिक डिमांडों और क्षेत्रीय सुविधा के अनुकूल ग्राहकों की मांग पर पांचवी शाखा का आज उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इंडिया की सबसे बेस्ट सवारी में एक सवारी वरजो की सवारी है इस इलेक्ट्रिक बाइक की खासियत यह है कि इसके सभी पार्ट्स सेल एंड सर्विस सेंटर में ही उपलब्ध कराए गए हैं ग्राहकों को इसके पार्ट्स के लिए इंतजार नहीं करना होगा, एट प्रजेंट में उनको सारी सुविधा सर्विस के समय ही उपलब्ध कराई जाएगी, बता दे कि इसकी प्रमुख एवं प्रथम शाखा रेड क्रॉस भवन के 10 कदम आगे है और दूसरी ब्रांच जो इमली चौक स्थित जहां सेल सर्विस के साथ-साथ बाइक के पार्ट्स भी मौजूद है, ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार यहां से भी इस चीज का लाभ उठा सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260510-wa0186.jpg" alt="ग्राहकों को इसके पार्ट्स के लिए इंतजार नहीं करना होगा" width="1599" height="899"></img></div>
<div style="text-align:justify;">वही जो मनसा टोला में इस इलेक्ट्रिक बाइक का भव्य शुभारम्भ हुआ है काफी संख्या में शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे, एवं इस इलेक्ट्रिक बाइक की खासियतो के बारे में जाना, यहां आम नागरिक चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र से हो या शहरी क्षेत्र से हो मजदूर हो, किसान हों अपनी सुविधा के अनुसार यातायात की दृष्टिकोण से अत्यधिक एवं कम दूरी के अनुकूल ऐसे मजबूत इलेक्ट्रिक बाइक को अपने लिए ले सकते हैं, जो कम दरों में करीब 33 हजार कीमत में और अत्यधिक दरों में करीब 60 से 65 हजार की कीमतों में इस ब्रांच में 9 वेरिएंट में मौजूद है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कंपनी के पश्चिमी चम्पारण डिस्ट्रीब्यूटर शहनवाज द्वारा यह बताया गया कि 33हजार कीमत वाले इलेक्ट्रिक बाइक जो एक चार्जिंग में करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, इसके अलावा 60हजार से ऊपर की कीमत वाली इलेक्ट्रिक बाइक 120 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर सकती है, कंपनी से संपर्क करने के लिए प्रोपराइटर शाहिद अली जिनका संपर्क नंबर 7250 299 295 पर ग्राहक संपर्क कर सकते हैं और इस इलेक्ट्रिक बाइक का लुफ्त उठा सकते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिज़नेस रिलीज़</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178874/grand-launch-of-the-fifth-branch-of-varjo-electric-bike</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178874/grand-launch-of-the-fifth-branch-of-varjo-electric-bike</guid>
                <pubDate>Sun, 10 May 2026 18:15:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260510-wa0185.jpg"                         length="143130"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लू की हवा का प्रकोप, कैसे सांस लेंगे हम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बेरहम तथा अप्राकृतिक प्रकृति के दोहन का परिणाम अब अपने चरम परिणामों के साथ हमारे सामने खड़ा है। आने वाले महीनों में मौसम वैज्ञानिकों ने जिस तीव्र गर्मी की आशंका जताई है, वह केवल मौसमी उतार-चढ़ाव नहीं बल्कि दशकों से जारी प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इंटरगवर्नमेंटल क्लाइमेटिक चेंज स्टडीज की नवीनतम रिपोर्टें स्पष्ट करती हैं कि वैश्विक तापमान औद्योगिक क्रांति के बाद लगभग 1.1 से 1.2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है और यदि वर्तमान उत्सर्जन दर जारी रही तो 2030 के दशक में यह 1.5 डिग्री की सीमा को पार कर जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ल्ड मेटियोरोलिजकल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177276/how-will-we-breathe-the-wrath-of-heat-wave"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/154169033.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बेरहम तथा अप्राकृतिक प्रकृति के दोहन का परिणाम अब अपने चरम परिणामों के साथ हमारे सामने खड़ा है। आने वाले महीनों में मौसम वैज्ञानिकों ने जिस तीव्र गर्मी की आशंका जताई है, वह केवल मौसमी उतार-चढ़ाव नहीं बल्कि दशकों से जारी प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इंटरगवर्नमेंटल क्लाइमेटिक चेंज स्टडीज की नवीनतम रिपोर्टें स्पष्ट करती हैं कि वैश्विक तापमान औद्योगिक क्रांति के बाद लगभग 1.1 से 1.2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है और यदि वर्तमान उत्सर्जन दर जारी रही तो 2030 के दशक में यह 1.5 डिग्री की सीमा को पार कर जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ल्ड मेटियोरोलिजकल ऑर्गेनाइजेशन ने हाल ही में चेतावनी दी है कि पिछले आठ वर्ष मानव इतिहास के सबसे गर्म वर्ष रहे हैं और दक्षिण एशिया विशेष रूप से चरम हीटवेव की चपेट में है। जब हम अपने विकास का इतिहास देखते हैं तो ब्रिटिश सत्ता के दौरान हमारे संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हुआ, परंतु विडंबना यह है कि स्वतंत्रता के बाद भी हमने उसी मॉडल को और तीव्र रूप में अपनाया, परिणामस्वरूप मनुष्य तो स्वतंत्र हुआ पर प्रकृति आज भी बंधनों में जकड़ी रही। यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंटल एजेंसी के अनुसार दुनिया हर वर्ष लगभग 1 करोड़ हेक्टेयर वन क्षेत्र खो रही है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है, जहाँ शहरीकरण और औद्योगीकरण की तेज रफ्तार ने जंगलों, जलस्रोतों और जैव विविधता पर गंभीर दबाव डाला है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमूमन हमारी जरूरत रोटी, कपड़ा, मकान और जल की थी, किंतु हमने विकास को उपभोग और विस्तार की अंधी दौड़ बना दिया, मशीनें जितनी विशाल होती गईं, मनुष्य उतना ही प्रकृति से दूर और बौना होता गया। फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के आंकड़े बताते हैं कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से विश्व की लगभग 33 प्रतिशत भूमि की उर्वरता प्रभावित हुई है, भारत में भी कई क्षेत्रों में मिट्टी की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है और भूजल स्तर खतरनाक रूप से नीचे जा रहा है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारत विश्व के उन देशों में शामिल है जहाँ जल संकट तेजी से गहराता जा रहा है और 2030 तक देश की जल मांग उपलब्ध संसाधनों से दोगुनी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब से हमने विकास के नाम पर उद्योगों की चिमनियाँ ऊँची कीं, मोबाइल क्रांति का बटन दबाया और डिजिटल संसार में प्रवेश किया, तब से प्रकृति की ध्वनियाँ धीमी पड़ती चली गईं, झरनों का कलकल स्वर, पक्षियों का कलरव और नदियों की जीवनदायिनी धारा जैसे विलुप्त होती जा रही है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार भारत के कई प्रमुख शहरों की वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुँच चुकी है, वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन अनुमान है कि वायु प्रदूषण के कारण हर वर्ष लाखों समयपूर्व मृत्यु हो रही हैं। अब प्रश्न यह है कि विकास के नाम पर हमें केवल डिजिटल इंडिया चाहिए या हरित भारत की भी आवश्यकता है, क्या बच्चों के हाथ में केवल इंटरनेट देकर हम भविष्य सुरक्षित कर लेंगे या उन्हें स्वच्छ हवा, जल और हरियाली भी देनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">हरा-भरा हिंदुस्तान और डिजिटल इंडिया विरोधी नहीं बल्कि पूरक हो सकते हैं, बशर्ते हम संतुलन बनाना सीखें। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा संस्थान के अनुसार नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेज़ी से बढ़ना ही जलवायु संकट से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय है और भारत ने सौर तथा पवन ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति भी की है, फिर भी यह प्रयास पर्याप्त नहीं है जब तक कि हम उपभोग की प्रवृत्ति को नियंत्रित न करें। महात्मा गांधी का यह कथन आज और भी प्रासंगिक हो उठता है कि पृथ्वी सभी की आवश्यकताओं को पूरा कर सकती है, किंतु किसी एक के लालच को नहीं। भारत की विडंबना यह है कि एक ओर महानगरों की चकाचौंध, मेट्रो, डिजिटल नेटवर्क और ऊँची इमारतें हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण भारत में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, किसान पसीना बहा रहा है और बच्चे दीपक या कैरोसिन की रोशनी में पढ़ रहे हैं, यह असमानता केवल आर्थिक नहीं बल्कि विकास के असंतुलित मॉडल की भी देन है।</p>
<p style="text-align:justify;">नीति आयोग की रिपोर्टों में भी जल संकट, कृषि संकट और पर्यावरणीय असंतुलन को गंभीर चुनौती के रूप में रेखांकित किया गया है। हमें यह स्वीकार करना होगा कि विकास का रास्ता हरित क्रांति, सतत संसाधन उपयोग और पर्यावरण संरक्षण से होकर ही गुजरता है, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोगैस, ज्वार-भाटा ऊर्जा जैसे विकल्प केवल विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता बन चुके हैं। यदि जल, खनिज और प्राकृतिक संसाधन ही समाप्त हो गए तो न तो उद्योग चलेंगे, न ऊर्जा उत्पादन होगा और न ही डिजिटल इंडिया का सपना साकार होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी कवि की पंक्ति आज सच लगती है कि यदि घर बनाओ तो एक पेड़ भी लगा लेना, क्योंकि वही पेड़ आने वाली पीढ़ियों की सांसों का आधार बनेगा। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम विकास की परिभाषा को पुनः परिभाषित करें, उसे केवल आर्थिक प्रगति नहीं बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, सामाजिक समानता और मानवीय संवेदनाओं के साथ जोड़ें, तभी हम अपनी 141 करोड़ जनसंख्या को स्वच्छ, सुरक्षित और संतुलित भविष्य दे पाएंगे और एक ऐसे भारत का निर्माण कर सकेंगे जहाँ हरित क्रांति और डिजिटल प्रगति साथ-साथ आगे बढ़ें, न कि एक-दूसरे के विकल्प बनकर खड़े हों।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177276/how-will-we-breathe-the-wrath-of-heat-wave</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177276/how-will-we-breathe-the-wrath-of-heat-wave</guid>
                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 17:29:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/154169033.webp"                         length="34874"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अफवाहों ने पूरे देश को हिला दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी और कीमतों में भारी उछाल की खबरें वायरल होने के बाद देश के अनेक शहरों में लोगों ने टैंक फुल करवाने की होड़ मचा दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सुबह 5 बजे से ही वाहन चालक लाइन में खड़े दिखे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-09-498_com.android.chrome.jpg" alt="पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें" width="680" height="453" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, प्रयागराज, नागपुर और हैदराबाद जैसे शहरों से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174356/long-queues-formed-at-petrol-pumps-due-to-rumors-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-02-265_com.android.chrome.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अफवाहों ने पूरे देश को हिला दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी और कीमतों में भारी उछाल की खबरें वायरल होने के बाद देश के अनेक शहरों में लोगों ने टैंक फुल करवाने की होड़ मचा दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सुबह 5 बजे से ही वाहन चालक लाइन में खड़े दिखे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-09-498_com.android.chrome.jpg" alt="पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें" width="680" height="453"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, प्रयागराज, नागपुर और हैदराबाद जैसे शहरों से वायरल वीडियो और तस्वीरों में सैकड़ों गाड़ियों की लंबी कतारें साफ दिख रही हैं। कई पंपों पर 'NO STOCK' के बोर्ड लग गए, जबकि कुछ जगहों पर लोग ड्रम, केन, बोतल और यहां तक कि दूध के डिब्बों में भी पेट्रोल-डीजल भरकर ले जाते नजर आए। पैनिक बाइंग के कारण कुछ पंपों पर सामान्य से 3-4 गुना ज्यादा बिक्री हुई, जिससे अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बन गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अफवाह का असर कहां-कहां?</strong></h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;">गुजरात: अहमदाबाद और वडोदरा में रात भर कतारें लगीं, कई पंपों पर पुलिस तैनात करनी पड़ी।</div>
<div style="text-align:justify;">-तेलंगाना: हैदराबाद में दो दिनों से लगातार भीड़, ऑटो और दोपहिया वाहनों की लंबी लाइनें।</div>
<div style="text-align:justify;">- मध्य प्रदेश: इंदौर, आगर मालवा, मंदसौर और धार में किसान और आम लोग घबराकर पहुंचे।</div>
<div style="text-align:justify;">- उत्तर प्रदेश: प्रयागराज, लखनऊ, बाराबंकी,सीतापुर गोंडा और अन्य इलाकों में अचानक रश देखा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">- राजस्थान: जालौर, बीकानेर और उदयपुर में आधी रात को भी पंपों पर हड़कंप मचा।</div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार और तेल कंपनियों (भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने तुरंत स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मध्य पूर्व के तनाव के बावजूद भारत की ईंधन सुरक्षा मजबूत बनी हुई है और हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ जहाज भी सुरक्षित पहुंच चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तेल कंपनियों ने अपील की कि नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें। अनावश्यक होर्डिंग से पंपों पर भीड़ बढ़ रही है, जो असली समस्या पैदा कर सकती है। कुछ राज्यों में प्रशासन ने पंप संचालकों को कतार व्यवस्था करने और बिक्री सीमित करने के निर्देश दिए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सरकार का आश्वासन:</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने कहा, “सप्लाई चेन सुचारू रूप से चल रही है। अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। कृपया सामान्य खपत जारी रखें और सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों से बचें।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व संघर्ष से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, लेकिन भारत के पास पर्याप्त भंडारण और विविध आयात स्रोत होने के कारण घरेलू बाजार पर तत्काल बड़ा असर नहीं पड़ रहा है। फिर भी, लंबे समय तक तनाव बने रहने पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभी के लिए स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अफवाहों ने एक बार फिर दिखा दिया कि सोशल मीडिया कितनी तेजी से घबराहट फैला सकता है। उपभोक्ताओं से अपील है — शांत रहें, जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं और आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174356/long-queues-formed-at-petrol-pumps-due-to-rumors-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174356/long-queues-formed-at-petrol-pumps-due-to-rumors-of</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 20:51:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-02-265_com.android.chrome.jpg"                         length="91036"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        