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                <title>सोशल मीडिया - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सोशल मीडिया RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अफवाहों ने पूरे देश को हिला दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी और कीमतों में भारी उछाल की खबरें वायरल होने के बाद देश के अनेक शहरों में लोगों ने टैंक फुल करवाने की होड़ मचा दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सुबह 5 बजे से ही वाहन चालक लाइन में खड़े दिखे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-09-498_com.android.chrome.jpg" alt="पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें" width="680" height="453" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, प्रयागराज, नागपुर और हैदराबाद जैसे शहरों से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174356/long-queues-formed-at-petrol-pumps-due-to-rumors-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-02-265_com.android.chrome.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अफवाहों ने पूरे देश को हिला दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी और कीमतों में भारी उछाल की खबरें वायरल होने के बाद देश के अनेक शहरों में लोगों ने टैंक फुल करवाने की होड़ मचा दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सुबह 5 बजे से ही वाहन चालक लाइन में खड़े दिखे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-09-498_com.android.chrome.jpg" alt="पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें" width="680" height="453"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, प्रयागराज, नागपुर और हैदराबाद जैसे शहरों से वायरल वीडियो और तस्वीरों में सैकड़ों गाड़ियों की लंबी कतारें साफ दिख रही हैं। कई पंपों पर 'NO STOCK' के बोर्ड लग गए, जबकि कुछ जगहों पर लोग ड्रम, केन, बोतल और यहां तक कि दूध के डिब्बों में भी पेट्रोल-डीजल भरकर ले जाते नजर आए। पैनिक बाइंग के कारण कुछ पंपों पर सामान्य से 3-4 गुना ज्यादा बिक्री हुई, जिससे अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बन गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अफवाह का असर कहां-कहां?</strong></h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;">गुजरात: अहमदाबाद और वडोदरा में रात भर कतारें लगीं, कई पंपों पर पुलिस तैनात करनी पड़ी।</div>
<div style="text-align:justify;">-तेलंगाना: हैदराबाद में दो दिनों से लगातार भीड़, ऑटो और दोपहिया वाहनों की लंबी लाइनें।</div>
<div style="text-align:justify;">- मध्य प्रदेश: इंदौर, आगर मालवा, मंदसौर और धार में किसान और आम लोग घबराकर पहुंचे।</div>
<div style="text-align:justify;">- उत्तर प्रदेश: प्रयागराज, लखनऊ, बाराबंकी,सीतापुर गोंडा और अन्य इलाकों में अचानक रश देखा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">- राजस्थान: जालौर, बीकानेर और उदयपुर में आधी रात को भी पंपों पर हड़कंप मचा।</div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार और तेल कंपनियों (भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने तुरंत स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मध्य पूर्व के तनाव के बावजूद भारत की ईंधन सुरक्षा मजबूत बनी हुई है और हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ जहाज भी सुरक्षित पहुंच चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तेल कंपनियों ने अपील की कि नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें। अनावश्यक होर्डिंग से पंपों पर भीड़ बढ़ रही है, जो असली समस्या पैदा कर सकती है। कुछ राज्यों में प्रशासन ने पंप संचालकों को कतार व्यवस्था करने और बिक्री सीमित करने के निर्देश दिए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सरकार का आश्वासन:</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने कहा, “सप्लाई चेन सुचारू रूप से चल रही है। अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। कृपया सामान्य खपत जारी रखें और सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों से बचें।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व संघर्ष से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, लेकिन भारत के पास पर्याप्त भंडारण और विविध आयात स्रोत होने के कारण घरेलू बाजार पर तत्काल बड़ा असर नहीं पड़ रहा है। फिर भी, लंबे समय तक तनाव बने रहने पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभी के लिए स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अफवाहों ने एक बार फिर दिखा दिया कि सोशल मीडिया कितनी तेजी से घबराहट फैला सकता है। उपभोक्ताओं से अपील है — शांत रहें, जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं और आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 20:51:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेब में पलता अदृश्य ज़हर: सोशल मीडिया और युवा मन का संकट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">  </p>
<blockquote class="format1">
<p class="MsoNormal" align="center">[<span lang="hi" xml:lang="hi">आभासी सफलता का दबाव और युवा मन का अवसाद</span>]</p>
<p class="MsoNormal" align="center">[<span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया: मनोरंजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानसिक प्रदूषण का नया दौर</span>]</p>
<p class="MsoNormal">  </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;" align="right">·      <strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">  </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी मानव सभ्यता को खतरा बाहरी प्रदूषणों से था—धुएँ से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्लास्टिक से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रसायनों से। पर आज सबसे घातक प्रदूषण हमारी जेब में रखा हुआ है—मोबाइल की चमकती स्क्रीन और उस पर दौड़ती सोशल मीडिया की दुनिया। यह प्रदूषण दिखाई नहीं देता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर मन और चेतना को भीतर से क्षीण कर देता है। यह शरीर को नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मविश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मसम्मान और आशा को खा जाता है। यही कारण है</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173029/the-invisible-poison-growing-in-the-pocket-of-social-media"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/social_media_collection_2026.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center"> </p>
<blockquote class="format1">
<p class="MsoNormal" align="center">[<span lang="hi" xml:lang="hi">आभासी सफलता का दबाव और युवा मन का अवसाद</span>]</p>
<p class="MsoNormal" align="center">[<span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया: मनोरंजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानसिक प्रदूषण का नया दौर</span>]</p>
<p class="MsoNormal"> </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;" align="right">·      <strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी मानव सभ्यता को खतरा बाहरी प्रदूषणों से था—धुएँ से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्लास्टिक से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रसायनों से। पर आज सबसे घातक प्रदूषण हमारी जेब में रखा हुआ है—मोबाइल की चमकती स्क्रीन और उस पर दौड़ती सोशल मीडिया की दुनिया। यह प्रदूषण दिखाई नहीं देता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर मन और चेतना को भीतर से क्षीण कर देता है। यह शरीर को नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मविश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मसम्मान और आशा को खा जाता है। यही कारण है कि बीते कुछ वर्षों में युवाओं में अवसाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अकेलापन और आत्महत्या की घटनाओं के पीछे सोशल मीडिया की भूमिका तेजी से चर्चा में आई है। यह तकनीक सुविधा का साधन बनकर आई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अनियंत्रित उपयोग ने इसे मानसिक विष में बदल दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया का सबसे गहरा असर युवा मन की तुलना करने की प्रवृत्ति पर पड़ता है। यह मंच एक ऐसा आभासी संसार रच देता है जहाँ हर व्यक्ति अपनी जिंदगी का सबसे चमकदार पक्ष ही दिखाता है। महंगी कारें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शानदार यात्राएँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आकर्षक चेहरे और लगातार मिलती सफलता—इन दृश्यों को देखकर एक सामान्य युवा अनजाने में स्वयं को असफल समझने लगता है। उसे लगने लगता है कि बाकी सब लोग जीवन की दौड़ में उससे बहुत आगे निकल चुके हैं। यही निरंतर तुलना धीरे-धीरे आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है और व्यक्ति को भीतर से तोड़ने लगती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रतिक्रिया—लाइक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कमेंट और शेयर—एक प्रकार की मनोवैज्ञानिक लत पैदा करती है। हर बार जब किसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया मिलती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मस्तिष्क में डोपामिन नामक रसायन सक्रिय होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो क्षणिक खुशी देता है। लेकिन यही खुशी व्यक्ति को बार-बार उसी प्रतिक्रिया की तलाश में बाँध देती है। जब अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो निराशा और बेचैनी बढ़ जाती है। धीरे-धीरे यह मानसिक निर्भरता व्यक्ति के आत्मसम्मान को पूरी तरह बाहरी स्वीकृति पर आश्रित बना देती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस समस्या का दूसरा गंभीर पक्ष है साइबर बुलिंग। सोशल मीडिया ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसके साथ ही अपमान और उत्पीड़न के नए रास्ते भी खोल दिए। गुमनाम पहचान के पीछे छिपकर लोग दूसरों का मजाक उड़ाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपमानजनक टिप्पणियाँ करते हैं या निजी तस्वीरों को वायरल कर देते हैं। किशोर और युवा उम्र में आत्मसम्मान बेहद संवेदनशील होता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में सार्वजनिक अपमान मानसिक आघात बन जाता है। कई मामलों में यह अपमान इतना गहरा होता है कि पीड़ित युवा स्वयं को समाज के सामने असहाय महसूस करने लगता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सोशल मीडिया युवाओं के वास्तविक संबंधों को कमजोर कर रहा है। पहले दुख या तनाव के समय व्यक्ति परिवार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मित्रों या समाज के बीच समाधान खोजता था। अब वही व्यक्ति अपनी भावनाएँ स्क्रीन पर उकेर देता है। लेकिन वर्चुअल दुनिया में संवेदनशीलता का स्थान अक्सर प्रतिक्रिया और मनोरंजन ने ले लिया है। कई बार गंभीर पीड़ा को भी लोग हल्के में लेते हैं या उसे मजाक बना देते हैं। परिणामस्वरूप पीड़ित व्यक्ति और अधिक अकेला महसूस करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल लत का प्रभाव युवाओं की दिनचर्या पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। देर रात तक मोबाइल पर सक्रिय रहने से नींद प्रभावित होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चिंता और ध्यान की कमी बढ़ती है। पढ़ाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करियर और सामाजिक जीवन पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है। जब व्यक्ति बार-बार असफलता या असंतुलन महसूस करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके भीतर निराशा की भावना और गहरी होने लगती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया की एक और खतरनाक प्रवृत्ति है “परफेक्ट लाइफ” का भ्रम। यह मंच वास्तविक जीवन की जटिलताओं को छिपाकर केवल आकर्षक क्षणों को सामने लाता है। संघर्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">असफलता और साधारण जीवन के पल लगभग गायब रहते हैं। परिणामस्वरूप देखने वाले युवाओं को लगता है कि बाकी सभी लोग खुश और सफल हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल वही संघर्ष कर रहे हैं। यही भ्रम धीरे-धीरे आत्मसम्मान को कमजोर करता है और जीवन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हाल के वर्षों में कई देशों में किए गए अध्ययन यह संकेत देते हैं कि सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग और युवाओं में बढ़ती मानसिक समस्याओं के बीच स्पष्ट संबंध दिखाई देता है। चिंता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवसाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्महीनता और अकेलापन—ये सभी समस्याएँ अनियंत्रित सोशल मीडिया उपयोग से और बढ़ सकती हैं। जब व्यक्ति लगातार आभासी दुनिया में डूबा रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वास्तविक जीवन की चुनौतियों से जूझने की उसकी क्षमता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस समस्या का समाधान केवल तकनीक से दूरी बनाने में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसके विवेकपूर्ण उपयोग में छिपा है। युवाओं को यह समझाना आवश्यक है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली दुनिया पूरी सच्चाई नहीं होती। यह जीवन का केवल चुना हुआ और सजाया हुआ हिस्सा होता है। यदि युवा इस अंतर को समझ लें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे तुलना और निराशा के जाल से बच सकते हैं। इसके साथ ही डिजिटल अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है—सीमित समय तक उपयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित विश्राम और वास्तविक जीवन की गतिविधियों में भागीदारी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परिवार और शिक्षा संस्थानों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। माता-पिता को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए और उनकी भावनात्मक स्थिति को समझने का प्रयास करना चाहिए। विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल साक्षरता को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि युवा ऑनलाइन दुनिया के खतरों को पहचान सकें। यदि समाज समय रहते संवेदनशीलता और समर्थन का वातावरण बना सके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कई दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज तकनीक को नकारना संभव नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि वह हमारे जीवन की धड़कनों में शामिल हो चुकी है। प्रश्न यह नहीं कि सोशल मीडिया रहे या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह है कि हम उसका उपयोग किस विवेक और जिम्मेदारी के साथ करते हैं। यदि इसका संतुलित और सजग उपयोग हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यही माध्यम ज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रचनात्मकता और संवाद का सशक्त सेतु बन सकता है। लेकिन यदि नियंत्रण खो जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यही चमकती स्क्रीन धीरे-धीरे मानसिक विष बनकर हमारी युवा पीढ़ी की ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मविश्वास और आशा को भीतर ही भीतर निगल सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज आवश्यकता है कि समाज इस अदृश्य खतरे को गंभीरता से समझे। प्लास्टिक पर्यावरण को प्रदूषित करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सोशल मीडिया का असंतुलित प्रभाव मन और विचारों को प्रदूषित कर सकता है। यदि हम युवाओं को सुरक्षित और सशक्त भविष्य देना चाहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हमें उन्हें आभासी चमक से अधिक वास्तविक जीवन के मूल्य सिखाने होंगे। तभी यह पीढ़ी निराशा के अंधेरे में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आत्मविश्वास और संतुलन की रोशनी में आगे बढ़ सकेगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 21:31:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Viral Video: ‘मोहब्बत होती तो ले देते…’ 12 हजार के गिफ्ट पर पत्नी का हाई-वोल्टेज ड्रामा, पति मांगता रहा माफी; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पति-पत्नी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस को जन्म दे दिया है। वीडियो में एक महिला कैमरे के सामने फूट-फूट कर रोती नजर आ रही है, जबकि उसका पति पीछे से लगातार माफी मांगता दिखाई देता है।</p>
<h3><strong>12 हजार के गिफ्ट को लेकर विवाद</strong></h3>
<p>वायरल वीडियो में महिला का कहना है कि उसे एक दुकान पर 12 हजार रुपये की एक चीज बहुत पसंद आई थी, लेकिन पति ने पैसे नहीं होने का हवाला देकर उसे खरीदने से मना कर दिया। इस बात से आहत होकर महिला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169172/viral-video-if-there-was-love-i-would-have-taken"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/cc2.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पति-पत्नी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस को जन्म दे दिया है। वीडियो में एक महिला कैमरे के सामने फूट-फूट कर रोती नजर आ रही है, जबकि उसका पति पीछे से लगातार माफी मांगता दिखाई देता है।</p>
<h3><strong>12 हजार के गिफ्ट को लेकर विवाद</strong></h3>
<p>वायरल वीडियो में महिला का कहना है कि उसे एक दुकान पर 12 हजार रुपये की एक चीज बहुत पसंद आई थी, लेकिन पति ने पैसे नहीं होने का हवाला देकर उसे खरीदने से मना कर दिया। इस बात से आहत होकर महिला भावुक हो गई और कैमरे पर अपना दर्द बयां करने लगी।</p>
<p>महिला वीडियो में कहती सुनाई देती है,<br />“अगर सच्ची मोहब्बत होती तो बिना कहे मेरी ख्वाहिश समझ जाते।”</p>
<p>वहीं, पति अपनी आर्थिक मजबूरी बताते हुए पत्नी से बार-बार माफी मांगता नजर आता है और कहता है कि फिलहाल उसकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह महंगा गिफ्ट खरीद सके।</p>
<h3><strong>पति सही या पत्नी? दो गुटों में बंटे लोग</strong></h3>
<p>जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर यूजर्स दो गुटों में बंट गए।</p>
<h4><strong>पति के समर्थन में लोग</strong></h4>
<p>कई यूजर्स ने पति का पक्ष लेते हुए लिखा कि एक मिडिल क्लास व्यक्ति दिन-रात मेहनत करता है और हर इच्छा पूरी कर पाना संभव नहीं होता। लोगों का कहना है कि सिर्फ दिखावे के लिए कर्ज लेकर या जरूरत से ज्यादा खर्च करना सही नहीं है।</p>
<p>एक यूजर ने लिखा,<br />“सुबह 8 से रात 8 बजे तक काम करने वाला इंसान हर बार महंगा गिफ्ट नहीं दे सकता।”</p>
<h4><strong>पत्नी के समर्थन में तर्क</strong></h4>
<p>वहीं, पत्नी के समर्थन में लोगों का कहना है कि अगर घर संभालने वाली महिला साल में एक बार कुछ मांग ले, तो उसे इस तरह टालना उसकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है, ताकि उन्हें ऐसी स्थितियों का सामना न करना पड़े।</p>
<h3><strong>क्या वीडियो है स्क्रिप्टेड?</strong></h3>
<p>इस बीच कई लोगों ने वीडियो को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं। कुछ यूजर्स का मानना है कि यह वीडियो पूरी तरह स्क्रिप्टेड हो सकता है और व्यूज बटोरने के लिए बनाया गया है। लोगों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति निजी पारिवारिक मुद्दों को इस तरह कैमरे पर लाकर सार्वजनिक नहीं करता।</p>
<p>एक यूजर ने लिखा,<br />“अगर मामला इतना निजी है, तो इसे रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डालने की क्या जरूरत थी?”</p>
<h3><strong>रिश्तों और आर्थिक समझ की बहस</strong></h3>
<p>यह वीडियो केवल एक गिफ्ट विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने रिश्तों में समझ, आर्थिक संतुलन और अपेक्षाओं को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है। कुछ लोग इसे भावनाओं और पैसों के बीच संतुलन की कमी बता रहे हैं, तो कुछ इसे सोशल मीडिया की लोकप्रियता पाने का तरीका मान रहे हैं।</p>
<p><strong>फिलहाल, यह वीडियो लगातार वायरल हो रहा है और लोगों के बीच बहस का विषय बना हुआ है कि इस मामले में पति सही है या पत्नी।</strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/nandantwts/status/2020590334758338892?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2020590334758338892%7Ctwgr%5E5d81a16d4d2c21deaa2ad11194afba038df699db%7Ctwcon%5Es1_&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Ftrending%2Fviral-video-wife-crying-for-12k-gift-husband-apologizing-sparks-internet-debate-3683024.html">https://twitter.com/nandantwts/status/2020590334758338892?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2020590334758338892%7Ctwgr%5E5d81a16d4d2c21deaa2ad11194afba038df699db%7Ctwcon%5Es1_&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Ftrending%2Fviral-video-wife-crying-for-12k-gift-husband-apologizing-sparks-internet-debate-3683024.html</a></blockquote>
<p><strong>

</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:29:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;ठाकुर&quot; हूं होश ठिकाने लगा दूंगी, महिला बैंक अधिकारी की अभद्रता का वीडियो वायरल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">  पनकी क्षेत्र स्थित एचडीएफसी बैंक की एक शाखा से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बैंक के अंदर महिला कर्मचारी और एक महिला खाताधारक के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है। आरोप है कि खाताधारक की शिकायत पर बैंक कर्मी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और खुद को "ठाकुर" बताते हुए धमकी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद बैंक कर्मियों के व्यवहार और ग्राहक सेवा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला खाताधारक काउंटर के सामने खड़ी है और बैंक कर्मचारी से किसी समस्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168830/i-am-a-thakur-i-will-bring-you-to-your"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001632259.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> पनकी क्षेत्र स्थित एचडीएफसी बैंक की एक शाखा से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बैंक के अंदर महिला कर्मचारी और एक महिला खाताधारक के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है। आरोप है कि खाताधारक की शिकायत पर बैंक कर्मी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और खुद को "ठाकुर" बताते हुए धमकी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद बैंक कर्मियों के व्यवहार और ग्राहक सेवा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला खाताधारक काउंटर के सामने खड़ी है और बैंक कर्मचारी से किसी समस्या को लेकर बात कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बातचीत के दौरान माहौल अचानक गर्म हो जाता है. आरोप है कि महिला बैंक कर्मी खुद को ठाकुर बताते हुए दबदबा दिखाने की कोशिश करती है और खाताधारक को धमकाती है। इसी दौरान वह मेज पर रखे कागज उठाकर महिला की ओर फेंकने का प्रयास भी करती दिखाई देती<br />है।<br />              घटना के समय वहां मौजूद अन्य बैंक कर्मचारी स्थिति को संभालने की कोशिश करते हैं। वीडियो में एक अन्य महिला कर्मचारी बीच-बचाव करते हुए नजर आती है, जो विवाद को शांत कराने का प्रयास करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, कथित रूप से नाराज बैंक कर्मी रुकने का नाम नहीं लेती और लगातार ऊंचे स्वर में बात करती रहती है। वीडियो में वह महिला खाताधारक से यह कहते हुए भी सुनी जाती है कि यह बात अपने पति से जाकर करो। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">कई यूजर्स ने बैंक कर्मी के व्यव पर सवाल उठाते हुए इसे ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार बताया है। लोगों का कहना है कि बैंक जैसी संस्थाओं में ग्राहकों से शालीनता और धैर्य के साथ बात की जानी चाहिए, भले ही विवाद की स्थिति क्यों न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 16:06:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टंट के दौरान लगी आग, दोस्त ने पानी समझकर छिड़क दिया पेट्रोल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लाहौर।</strong> सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज की चाहत में लोग अब अपनी जान तक जोखिम में डालने लगे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला पाकिस्तान के लाहौर से सामने आया है, जहां बसंत उत्सव के दौरान एक युवक को आग से जुड़ा स्टंट करना भारी पड़ गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, युवक छत पर खड़े होकर मुंह से आग निकालने (फायर ब्रीदिंग) का स्टंट कर रहा था। उसने पेट्रोल को मुंह में लेकर आग जलाने की कोशिश की, लेकिन अचानक पेट्रोल भड़क गया और आग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168828/fire-broke-out-during-stunt-friend-mistook-it-for-water"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/petrol.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लाहौर।</strong> सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज की चाहत में लोग अब अपनी जान तक जोखिम में डालने लगे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला पाकिस्तान के लाहौर से सामने आया है, जहां बसंत उत्सव के दौरान एक युवक को आग से जुड़ा स्टंट करना भारी पड़ गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, युवक छत पर खड़े होकर मुंह से आग निकालने (फायर ब्रीदिंग) का स्टंट कर रहा था। उसने पेट्रोल को मुंह में लेकर आग जलाने की कोशिश की, लेकिन अचानक पेट्रोल भड़क गया और आग उसके होंठों से चिपक गई। देखते ही देखते लपटों ने पूरे चेहरे को अपनी चपेट में ले लिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">🔹 आग की चपेट में आया युवक, मची अफरा-तफरी</h3>
<p style="text-align:justify;">वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक दर्द से चीखता नजर आ रहा है। मौके पर मौजूद दोस्त घबरा गए और आग बुझाने की कोशिश करने लगे। कोई पानी फेंकने लगा तो कोई पास रखी टंकी की ओर दौड़ पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान एक युवक ने गलती से पानी समझकर पेट्रोल की बोतल आग में झुलस रहे युवक पर छिड़क दी, जिससे आग और भड़क गई। हालात बिगड़ते देख लोगों ने जलता हुआ कपड़ा पास की छत पर फेंक दिया, जिससे वहां बैठे व्यक्ति को भी अपनी कुर्सी छोड़कर भागना पड़ा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">🔹 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो</h3>
<p style="text-align:justify;">यह वीडियो इंस्टाग्राम पर <strong>@shoaibvirk2.0</strong> नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो के वायरल होने के बाद नेटिजन्स ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कमेंट सेक्शन में लोग युवक और उसके दोस्तों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों की आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा,<br />“जब पता है कि ये जानलेवा है, तो ऐसा स्टंट क्यों करना?”<br />वहीं दूसरे ने कहा,<br />“सोशल मीडिया के लिए जान जोखिम में डालना बेवकूफी है।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">🔹 चेतावनी और सबक</h3>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के खतरनाक स्टंट बिना प्रशिक्षण और सुरक्षा के करना बेहद जानलेवा हो सकता है। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की होड़ में ऐसी हरकतें न केवल व्यक्ति की जान के लिए खतरा बनती हैं, बल्कि दूसरों को भी जोखिम में डालती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना युवाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि लाइक्स और व्यूज से ज्यादा कीमती जीवन है।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/DUbbMVuCnYU/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==">https://www.instagram.com/reel/DUbbMVuCnYU/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==</a></strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168828/fire-broke-out-during-stunt-friend-mistook-it-for-water</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 15:59:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व महापौर के सोशल मीडिया पेज पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले युवक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात,</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह कार्रवाई प्रयागराज की पूर्व महापौर एवं भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री अभिलाषा गुप्ता नन्दी के सोशल मीडिया पेज पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस मामले में पूर्व महापौर की मीडिया सलाहकार पूनम अग्रवाल ने कोतवाली में तहरीर देकर संबंधित युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">तहरीर में बताया गया कि पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी एक कर्मठ, परिश्रमी और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168334/jal-jeevan-mission-scheme-failed-in-pm-modis-parliamentary-constituency"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260205-wa0265.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात,</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह कार्रवाई प्रयागराज की पूर्व महापौर एवं भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री अभिलाषा गुप्ता नन्दी के सोशल मीडिया पेज पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस मामले में पूर्व महापौर की मीडिया सलाहकार पूनम अग्रवाल ने कोतवाली में तहरीर देकर संबंधित युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">तहरीर में बताया गया कि पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी एक कर्मठ, परिश्रमी और समर्पित जनसेवक के रूप में जानी जाती हैं। उनकी सामाजिक एवं सार्वजनिक गतिविधियों को आमजन तक पहुंचाने में सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान में उनके फेसबुक पेज पर लगभग 3 लाख 57 हजार फॉलोअर्स जुड़े हुए हैं, जबकि इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी लाखों की संख्या में फॉलोअर्स मौजूद हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार, बीते दो-तीन दिनों से “शैलेश श्रीवास्तव” नामक फेसबुक आईडी से उनके विभिन्न पोस्ट के कमेंट सेक्शन में अत्यंत आपत्तिजनक और भय पैदा करने वाली टिप्पणियां की जा रही थीं। टिप्पणी में कथित रूप से मंत्री नन्दी को लेकर आपत्तिजनक भाषा और धमकी का प्रयोग किया गया, जिससे मानसिक आघात पहुंचा है। तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2010 में मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी पर आरडीएक्स रिमोट बम से प्राणघातक हमला हो चुका है, जिसमें एक वरिष्ठ पत्रकार और एक सिविल गनर की मृत्यु हुई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उस प्रकरण का ट्रायल इस समय अंतिम चरण में है। ऐसे संवेदनशील समय में की गई इस तरह की टिप्पणियों को गहरी साजिश का हिस्सा मानते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168334/jal-jeevan-mission-scheme-failed-in-pm-modis-parliamentary-constituency</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 21:45:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>WhatsApp पर अनजान नंबर से आ रही कॉल्स? फटाफट ऑन करें ये जरूरी सेटिंग, बचेगी ठगी से</title>
                                    <description><![CDATA[<h2>  </h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> WhatsApp पर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स आजकल साइबर ठगी का बड़ा जरिया बनती जा रही हैं। ऐसे में यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्हाट्सऐप ने एक खास फीचर दिया है, जिसकी मदद से आप इन कॉल्स से आसानी से बच सकते हैं।</p>
<p>WhatsApp के करोड़ों एक्टिव यूजर्स होने के कारण यह साइबर अपराधियों का भी पसंदीदा प्लेटफॉर्म बन चुका है। फ्रॉड करने वाले लोग अक्सर अनजान नंबरों से कॉल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। अगर आपके पास भी बार-बार ऐसे कॉल्स आ रही हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168236/calls-coming-from-unknown-numbers-on-whatsapp-turn-on-this"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/34819_69a3.jpg" alt=""></a><br /><h2> </h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> WhatsApp पर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स आजकल साइबर ठगी का बड़ा जरिया बनती जा रही हैं। ऐसे में यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्हाट्सऐप ने एक खास फीचर दिया है, जिसकी मदद से आप इन कॉल्स से आसानी से बच सकते हैं।</p>
<p>WhatsApp के करोड़ों एक्टिव यूजर्स होने के कारण यह साइबर अपराधियों का भी पसंदीदा प्लेटफॉर्म बन चुका है। फ्रॉड करने वाले लोग अक्सर अनजान नंबरों से कॉल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। अगर आपके पास भी बार-बार ऐसे कॉल्स आ रही हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है।</p>
<h3>क्या है Silence Unknown Callers फीचर?</h3>
<p>व्हाट्सऐप का <strong>Silence Unknown Callers</strong> फीचर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को अपने आप साइलेंट कर देता है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई ऐसा व्यक्ति कॉल करता है जिसका नंबर आपके फोन में सेव नहीं है, तो वह कॉल बिना रिंग हुए मिस हो जाएगी।</p>
<p>इससे यूजर गलती से भी ऐसे कॉल्स नहीं उठाते और ठगी का शिकार होने से बच जाते हैं।</p>
<h3>Android यूजर्स ऐसे करें सेटिंग ऑन</h3>
<p>अगर आप एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:</p>
<ul>
<li>
<p>सबसे पहले WhatsApp ओपन करें</p>
</li>
<li>
<p>ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें</p>
</li>
<li>
<p>Settings में जाएं</p>
</li>
<li>
<p>Privacy ऑप्शन चुनें</p>
</li>
<li>
<p>नीचे स्क्रॉल कर Calls पर टैप करें</p>
</li>
<li>
<p>Silence Unknown Callers को ऑन कर दें</p>
</li>
</ul>
<h3>iPhone यूजर्स के लिए तरीका</h3>
<p>iPhone यूजर्स भी इस फीचर को आसानी से एक्टिव कर सकते हैं:</p>
<ul>
<li>
<p>WhatsApp खोलें</p>
</li>
<li>
<p>Settings पर जाएं</p>
</li>
<li>
<p>Privacy सेक्शन में जाएं</p>
</li>
<li>
<p>Calls ऑप्शन पर टैप करें</p>
</li>
<li>
<p>Silence Unknown Callers को ऑन करें</p>
</li>
</ul>
<h3>क्या होंगे फायदे?</h3>
<ul>
<li>
<p>अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स अपने आप साइलेंट हो जाएंगी</p>
</li>
<li>
<p>बार-बार डिस्टर्ब होने से छुटकारा मिलेगा</p>
</li>
<li>
<p>साइबर फ्रॉड और ठगी से सुरक्षा मिलेगी</p>
</li>
<li>
<p>आपकी प्राइवेसी बनी रहेगी</p>
</li>
</ul>
<h3>क्यों जरूरी है ये फीचर?</h3>
<p>आज के समय में डिजिटल ठगी तेजी से बढ़ रही है। कई लोग अनजाने में कॉल उठाकर अपनी निजी जानकारी शेयर कर देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में यह फीचर आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।</p>
<h3>निष्कर्ष</h3>
<p>अगर आप भी WhatsApp पर आने वाली अनजान कॉल्स से परेशान हैं, तो तुरंत <strong>Silence Unknown Callers</strong> फीचर को ऑन करें। यह छोटा सा कदम आपको बड़े नुकसान से बचा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 19:16:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माघ मेला-2026 की छवि धूमिल करने की साजिश ।AI-Generated भ्रामक वीडियो फैलाने वाला अभियुक्त गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> माघ मेला-2026 जैसे पवित्र, धार्मिक एवं राष्ट्रीय महत्व के आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचाने की साजिश  प्रयागराज पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। सोशल मीडिया पर AI-Generated भ्रामक कंटेन्ट और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित कर पुलिस व साधु-संतों की छवि धूमिल करने वाले एक अभियुक्त को साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज की टीम ने गिरफ्तार किया है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार माघ मेला-2026 के दृष्टिगत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार कड़ी निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान फेसबुक प्रोफाइल Deepak Mukesh Tiwari के माध्यम से AI तकनीक से तैयार किए गए भ्रामक, तथ्यविहीन और नकारात्मक कंटेन्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167092/conspiracy-to-tarnish-the-image-of-magh-mela-2026-accused-spreading"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260123-wa0212.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> माघ मेला-2026 जैसे पवित्र, धार्मिक एवं राष्ट्रीय महत्व के आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचाने की साजिश  प्रयागराज पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। सोशल मीडिया पर AI-Generated भ्रामक कंटेन्ट और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित कर पुलिस व साधु-संतों की छवि धूमिल करने वाले एक अभियुक्त को साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज की टीम ने गिरफ्तार किया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार माघ मेला-2026 के दृष्टिगत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार कड़ी निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान फेसबुक प्रोफाइल Deepak Mukesh Tiwari के माध्यम से AI तकनीक से तैयार किए गए भ्रामक, तथ्यविहीन और नकारात्मक कंटेन्ट के प्रसारण की जानकारी सामने आई। इन पोस्टों के माध्यम से माघ मेला की छवि खराब करने के साथ-साथ समाज में</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आक्रोश, भय और वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। जांच के बाद पुलिस ने अभियुक्त दीपक कुमार तिवारी उर्फ मुकेश कुमार तिवारी,निवासी लखनपुर, थाना मेजा,कमिश्नरेट प्रयागराज, उम्र करीब 39 वर्ष, को दिनांक 22 जनवरी 2026 को ग्राम लखनपुर स्थित नन्द किशोर इंटर कॉलेज के पास से गिरफ्तार किया। अभियुक्त के कब्जे से एक एप्पल मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसका प्रयोग भ्रामक कंटेन्ट प्रसारित करने में किया जा रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरी कार्रवाई में थाना मेजा, साइबर क्राइम थाना एवं साइबर सेल प्रयागराज की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि माघ मेला- 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह, पुराना वीडियो या अपुष्ट जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज ने आमजन से अपील की है कि वे माघ मेला से संबंधित किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें और भ्रामक कंटेन्ट से दूरी बनाए रखें। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या <a href="http://www.cybercrime.gov.in/">www.cybercrime.gov.in</a> पर शिकायत दर्ज कराएं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/167092/conspiracy-to-tarnish-the-image-of-magh-mela-2026-accused-spreading</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 21:13:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मलिहाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर पर लगी मिट्टी (कालिख) साफ: सोशल मीडिया की आवाज के बाद हुई कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद (स्वतंत्र प्रभात)</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद : </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद क्षेत्र में मोहान रोड पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा लगाए गए संकेतक बोर्ड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की तस्वीरों पर आचार संहिता के दौरान लगी मिट्टी (कालिख) एक साल से अधिक समय से साफ नहीं हुई थी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह बोर्ड मलिहाबाद तहसील और थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है, जहां से एसडीएम, डीएम सहित आला अधिकारी रोजाना गुजरते हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया।यह मामला तब सुर्खियों में आया जब भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166850/mud-and-soot-smeared-on-cm-yogi-adityanaths-picture-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260120-wa0001.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद (स्वतंत्र प्रभात)</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद : </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद क्षेत्र में मोहान रोड पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा लगाए गए संकेतक बोर्ड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की तस्वीरों पर आचार संहिता के दौरान लगी मिट्टी (कालिख) एक साल से अधिक समय से साफ नहीं हुई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह बोर्ड मलिहाबाद तहसील और थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है, जहां से एसडीएम, डीएम सहित आला अधिकारी रोजाना गुजरते हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया।यह मामला तब सुर्खियों में आया जब भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसकी तस्वीरें साझा कर आवाज उठाई। उन्होंने सवाल किया कि इतने महत्वपूर्ण स्थान पर मुख्यमंत्री की तस्वीर पर लगी गंदगी को इतने लंबे समय तक क्यों अनदेखा किया गया। उनकी पोस्ट के वायरल होने के बाद मलिहाबाद नगर पंचायत ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्रेन की मदद से बोर्ड पर जमी मिट्टी को साफ कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ओर जहां प्रशासन दावा करता है कि मुख्यमंत्री की छवि और सम्मान सर्वोपरि है, वहीं दूसरी ओर उनके ही क्षेत्र में इतने करीब स्थित बोर्ड की अनदेखी लंबे समय तक जारी रही। सोशल मीडिया की सक्रियता के बिना शायद यह समस्या आज भी अनसुलझी रहती। हालांकि, अब सवाल यह है कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन स्वत: संज्ञान लेने की व्यवस्था मजबूत करेगा, या हर बार सोशल मीडिया पर आवाज उठने का इंतजार किया जाएगा?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही अधिकारियों से अपील की है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और पार्टी नेताओं/मुख्यमंत्री की छवि से खिलवाड़ न करें||</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166850/mud-and-soot-smeared-on-cm-yogi-adityanaths-picture-in</link>
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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 21:08:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यू-ट्यूबर वैभव यादव गिरफ्तार, हत्या के प्रयास सहित कई मामले थे </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज ।</strong> क्षेत्र में पुलिस ने यूट्यूबर वैभव सिंह यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वैभव पर हत्या के प्रयास, रंगदारी मांगने, छेड़खानी और मारपीट सहित कई मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार, इन मामलों के वादी लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हालांकि, वैभव की मां विमला देवी का आरोप है कि उनके बेटे को राजनीतिक द्वेष के चलते फर्जी केस में फंसाया गया है।पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई 17 दिसंबर को अनुज उपाध्याय पुत्र प्रेम सागर द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर की गई थी। अनुज ने आरोप लगाया था कि वैभव सिंह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166776/youtuber-vaibhav-yadav-arrested-in-multiple-cases-including-attempt-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260119-wa0243.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज ।</strong> क्षेत्र में पुलिस ने यूट्यूबर वैभव सिंह यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वैभव पर हत्या के प्रयास, रंगदारी मांगने, छेड़खानी और मारपीट सहित कई मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार, इन मामलों के वादी लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हालांकि, वैभव की मां विमला देवी का आरोप है कि उनके बेटे को राजनीतिक द्वेष के चलते फर्जी केस में फंसाया गया है।पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई 17 दिसंबर को अनुज उपाध्याय पुत्र प्रेम सागर द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर की गई थी। अनुज ने आरोप लगाया था कि वैभव सिंह यादव ने जान से मारने की नीयत से अपनी काली चार-पहिया गाड़ी से उन्हें कुचलने का प्रयास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान पीड़ित को हल्की चोटें आईं, लेकिन वह बच गया।मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस वैभव की तलाश कर रही थी।रविवार को मुखबिर की सूचना पर मेजा पुलिस ने मांडा थाना क्षेत्र के चांदपुर भभौरा गांव से उसे हिरासत में लिया। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद वैभव को जेल भेज दिया गया।सोमवार दोपहर मीडिया से बातचीत में वैभव के भाई लक्ष्मण यादव ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनके भाई को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत फंसाया गया। वहीं, डॉ. एम.के. यादव ने परिजनों से मुलाकात कर 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी और पूरे समाज की वैभव के साथ होने की बात कही।*यू-ट्यूबर वैभव यादव गिरफ्तार, हत्या के प्रयास सहित कई मामले थे दर्ज*
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 22:30:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भैसहां पीपा पुल के बाद पक्का पुल बनेगा या नहीं? सोशल मीडिया पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>खड्डा (कुशीनगर)। </strong>खड्डा तहसील क्षेत्र अंतर्गत गंडक नारायणी नदी पर ग्राम सभा भैसहां में बनाए गए पीपा पुल के बाद अब पक्के पुल के निर्माण को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या वास्तव में यहां स्थायी पुल का निर्माण होगा या फिर यह केवल आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि भैसहां पीपा पुल के निर्माण से खड्डा तहसील क्षेत्र के शिवपुर, हरिहरपुर, बाल गोविंद छपरा सहित करीब 50 से 60 हजार की आबादी को आवागमन की अस्थायी सुविधा मिली है। गंडक नारायणी नदी के उस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166666/questions-raised-on-social-media-whether-concrete-bridge-will-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img_20260119_101052.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>खड्डा (कुशीनगर)। </strong>खड्डा तहसील क्षेत्र अंतर्गत गंडक नारायणी नदी पर ग्राम सभा भैसहां में बनाए गए पीपा पुल के बाद अब पक्के पुल के निर्माण को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या वास्तव में यहां स्थायी पुल का निर्माण होगा या फिर यह केवल आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि भैसहां पीपा पुल के निर्माण से खड्डा तहसील क्षेत्र के शिवपुर, हरिहरपुर, बाल गोविंद छपरा सहित करीब 50 से 60 हजार की आबादी को आवागमन की अस्थायी सुविधा मिली है। गंडक नारायणी नदी के उस पार बसे इन गांवों के ग्रामीण वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि नदी पार क्षेत्र में आज भी स्वास्थ्य सेवाओं का गंभीर संकट बना हुआ है। किसी महिला या गंभीर मरीज की हालत बिगड़ने पर खड्डा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुरकहां तक पहुंचने के लिए कोई सीधा सड़क मार्ग नहीं है। मजबूरी में मरीजों को नौरंगिया (बिहार) होते हुए लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय कर इलाज के लिए जाना पड़ता है। कई बार गंभीर मरीजों को बगहा, बिहार रेफर किया जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई बार जान तक चली जाती है, लेकिन यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर दबा दिया जाता है। पीपा पुल बनने के बाद जब पक्के पुल निर्माण की चर्चा सामने आई तो गंडक नारायणी नदी के रेता क्षेत्र के ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोगों को लगा कि स्थायी पुल बनने से महाराजगंज, सोहगी बर्वा और आसपास के क्षेत्रों से सीधा संपर्क स्थापित होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं सुलभ होंगी। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ दस्तावेजों से यह आशंका भी जताई जा रही है कि पक्का पुल निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस स्वीकृति नहीं मिली है और ग्रामीणों को केवल आश्वासन के सहारे रखा जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में अभी तक गंडक नारायणी नदी पर पक्के पुल निर्माण को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। फिलहाल यह मुद्दा केवल सोशल मीडिया और जनचर्चा तक सीमित नजर आ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं। भैसहां पक्का पुल निर्माण का सपना कब साकार होगा, यह आने वाले महीनों या वर्षों में ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल रेता क्षेत्र के ग्रामीणों की उम्मीदें अब भी एक ठोस निर्णय की राह देख रही हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 18:31:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: गांव वालों ने ताने सहकर भी नहीं मानी हार, UPSC क्रैक कर बनी IAS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Success Story: </strong>अपनी परेशानियों का रोना तो हर कोई रोता है। लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जो दिक्कतों का सामना कर अपना मुकाम हासिल करते है। आज हम आपको एक ऐसी ही IAS अफसर के बारें में बताने वाले है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/ias-priya.jpg" alt="IAS-Priya" width="807" height="605" /></p>
<p style="text-align:justify;">इस अफसर ने अपनी जिंदगी में कई उतार- चढ़ाव देखे, लेकिन हार नहीं मानी। यहां तक की पूरा गांव उसके विरोध में खड़ा हो गया। लेकिन यहां भी उसके कदम नहीं डगमगाए। फिर एक दिन ऐसा आया जब उसने UPSC क्रैक कर पूरे बिहार का नाम रोशन किया और विरोध करने वाले भी उसकी सफलता का जश्न मनाने लगे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158094/success-story-the-villagers-did-not-accept-defeat-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-23t145501.853.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Success Story: </strong>अपनी परेशानियों का रोना तो हर कोई रोता है। लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जो दिक्कतों का सामना कर अपना मुकाम हासिल करते है। आज हम आपको एक ऐसी ही IAS अफसर के बारें में बताने वाले है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/ias-priya.jpg" alt="IAS-Priya" width="807" height="605"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस अफसर ने अपनी जिंदगी में कई उतार- चढ़ाव देखे, लेकिन हार नहीं मानी। यहां तक की पूरा गांव उसके विरोध में खड़ा हो गया। लेकिन यहां भी उसके कदम नहीं डगमगाए। फिर एक दिन ऐसा आया जब उसने UPSC क्रैक कर पूरे बिहार का नाम रोशन किया और विरोध करने वाले भी उसकी सफलता का जश्न मनाने लगे। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पढ़ने से रोका</strong></p>
<p style="text-align:justify;">ये कहानी है बिहार से ताल्लुक रखने वाली आईएएस अफसर प्रिया रानी की। फुलवारी शरीफ के कुरकुरी गांव की रहने वाली प्रिया रानी ने यूपीएससी परीक्षा में 69वीं रैंक हासिल की। लेकिन उनका ये सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। बचपन में ही प्रिया काफी होनहार थी। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/3569927-ias-priya-rani.jpg" alt="3569927-ias-priya-rani" width="825" height="619"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दादा ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन पूरा गांव उनकी पढ़ाई के विरोध में खड़ा हो गया। ऐसे में सिर्फ उनका परिवार ही उनके साथ था। इस सफलता में प्रिया के दादा का काफी अहम योगदान रहा। जब पूरा गांव उनके खिलाफ खड़ा हो गया तो दादा ने साथ दिया। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चली गई पटना<br /></strong> <br />प्रिया रानी बताती हैं कि करीब 20 वर्ष पहले उनके दादा ने उन्हें पढ़ने के लिए पटना भेजा था। यहां अपने घर से दूर पटना में किराए के मकान में रहकर प्रिया ने अपनी पढ़ाई पूरी की और यहीं से उनका UPSC का सफर शुरू हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/latest-news---2025-10-23t145218.175.jpg" alt="Latest News - 2025-10-23T145218.175" width="871" height="490"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>UPSC का सफर </strong></p>
<p style="text-align:justify;">बीआईटी मेसरा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद प्रिया रानी ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली। हांलाकि उन्होनें हार नहीं मानी और फिर से एग्जाम दिया। लेकिन किस्मत का साथ उन्हें फिर से नहीं मिला। प्रिया रानी बताती हैं कि दो बार फेल होने के बाद थोड़ा मन डगमगाया था। लेकिन पापा का सपोर्ट बहुत ज्यादा था।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/3878084-ias-priya-rani-3.jpg" alt="3878084-ias-priya-rani-3" width="871" height="653"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऐसे बनीं IAS </strong></p>
<p style="text-align:justify;">'साल 2021 में मेरी रैंक AIR 284 थी लेकिन मैं संतुष्ट नहीं थी' और इसलिए मैंने चौथी बार एग्जाम दिया और UPSC 2023 में मुझे AIR 69 रैंक हासिल हुई। आपको बता दें कि प्रिया रानी कसौली हिमाचल प्रदेश में इंडियन डिफेंस सर्विस में अपना योगदान दे रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 14:57:35 +0530</pubDate>
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