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                <title>सोशल मीडिया - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सोशल मीडिया RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सोशल मीडिया की बढ़ती दखल से रिश्तों में दरार, टूटती शादियों की नई वजह बन रहा डिजिटल संसार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात स्पेशल रिपोर्ट</strong><br /><strong>जितेंद्र कुमार "राजेश"</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार। तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बन गया है, लेकिन इसका दूसरा पहलू पारिवारिक और वैवाहिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां शादियां टूटने के पीछे दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी, पारिवारिक हस्तक्षेप और आपसी मतभेद प्रमुख कारण माने जाते थे, वहीं अब सोशल मीडिया भी वैवाहिक विवादों की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पारिवारिक परामर्श केंद्रों और वैवाहिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच सोशल मीडिया को लेकर बढ़ता संदेह, ऑनलाइन मित्रता,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181118/due-to-the-increasing-interference-of-social-media-the-digital"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/file_00000000237472068f5244e947a5173e.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात स्पेशल रिपोर्ट</strong><br /><strong>जितेंद्र कुमार "राजेश"</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार। तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बन गया है, लेकिन इसका दूसरा पहलू पारिवारिक और वैवाहिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां शादियां टूटने के पीछे दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी, पारिवारिक हस्तक्षेप और आपसी मतभेद प्रमुख कारण माने जाते थे, वहीं अब सोशल मीडिया भी वैवाहिक विवादों की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पारिवारिक परामर्श केंद्रों और वैवाहिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच सोशल मीडिया को लेकर बढ़ता संदेह, ऑनलाइन मित्रता, पुराने संबंधों से दोबारा संपर्क, निजी जीवन को सार्वजनिक करना तथा घंटों मोबाइल और सोशल मीडिया पर व्यस्त रहना रिश्तों में तनाव पैदा कर रहा है। कई मामलों में यह तनाव इतना बढ़ जाता है कि बात अलगाव और तलाक तक पहुंच जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों में ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं, जहां सोशल मीडिया पर हुई बातचीत, पोस्ट, लाइक, कमेंट, फोटो शेयरिंग या ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। परिवार परामर्श केंद्रों में भी ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जहां सोशल मीडिया से जुड़ी गलतफहमियां वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया स्वयं समस्या नहीं है, बल्कि उसका अनियंत्रित उपयोग और उससे पैदा होने वाला अविश्वास रिश्तों को कमजोर करता है। कई बार लोग वास्तविक जीवन की अपेक्षा आभासी दुनिया में अधिक समय बिताने लगते हैं, जिससे पति-पत्नी के बीच संवाद कम होने लगता है और गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजशास्त्रियों के अनुसार, मजबूत वैवाहिक रिश्तों के लिए आपसी विश्वास, खुला संवाद और डिजिटल संतुलन बेहद आवश्यक है। यदि सोशल मीडिया का उपयोग संयम और समझदारी के साथ नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह पारिवारिक और वैवाहिक संबंधों के लिए और बड़ी चुनौती बन सकता है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात की सलाह</strong></p>
<p style="text-align:justify;">✔ सोशल मीडिया के उपयोग की समय सीमा तय करें।</p>
<p style="text-align:justify;">✔ पति-पत्नी एक-दूसरे से बातें छिपाने के बजाय खुलकर संवाद करें।</p>
<p style="text-align:justify;">✔ ऑनलाइन मित्रता और चैटिंग में पारदर्शिता बनाए रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">✔ किसी पोस्ट, लाइक या कमेंट को लेकर तुरंत निष्कर्ष पर न पहुंचें।</p>
<p style="text-align:justify;">✔ रिश्तों को मोबाइल स्क्रीन से ज्यादा समय दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 11:32:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वतंत्र प्रभात श्पेशल :  डिजिटल क्रांति के बीच मंडराया साइबर ठगी का साया</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार में 43% बढ़ी साइबर अपराध की रफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181114/independent-morning-special"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-12-at-23.03.061.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">​पटना ,स्वतंत प्रभात ब्यूरो ,एम पी रोशन </p>
<p style="text-align:justify;">भारत आज तेजी से 'डिजिटल इंडिया' की ओर कदम बढ़ा रहा है। यूपीआई , ऑनलाइन बैंकिंग, ई-कॉमर्स, रेलवे बुकिंग और डिजिटल वॉलेट ने आम नागरिकों की जिंदगी को  आसान बना दिया है। घर बैठे एक क्लिक पर पैसे ट्रांसफर करने से लेकर खरीदारी और सरकारी सेवाओं का लाभ  अब आम बात हो चुकी है। लेकिन, तकनीक की इस सुनहरी तस्वीर के पीछे एक डरावना सच भी छिपा है। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ देश में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन स्कैम और उपभोक्ता शोषण के मामलों में भी काफी तेजी  आ गई है। तकनीक ने जहां आम जनता को सहूलियत दी है, वहीं अपराधियों को लोगों की जेब और बैंक खातों तक पहुंचने का नया और आसान जरिया थमा दिया है।<br /><br />​मिनटों में साफ हो रही जीवनभर की गाढ़ी कमाई</p>
<p style="text-align:justify;">कमोबेश ​आज स्थिति यह हो गई है कि  रोजाना सेकड़ो लोग ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई स्कैम, फेक लोन ऐप्स, व्हाट्सएप हैकिंग, फर्जी कस्टमर केयर और अनधिकृत बैंकिंग लेनदेन  काधड़ल्ले से शिकार हो रहे हैं। शातिर साइबर अपराधी पलक झपकते ही लोगों की जीवनभर की जमा-पूंजी उड़ा रहे हैं।<br /><br />​साइबर अपराधियों के रडार पर बिहार; सुपौल कनेक्शन से बढ़ी चिंता<br />​साइबर अपराध के मामले में बिहार अब देश के सबसे संवेदनशील राज्यों में शुमार हो गया है।  राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरोNCRB एनसीआरबी और विभिन्न हालिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2024 में बिहार में साइबर अपराध के मामलों में लगभग 43 प्रतिशत की चौंकाने वाली वृद्धि दर्ज की गई है। दर्ज होने वाले अधिकांश मामले आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे ​चिंताजनक बात यह है कि अब बिहार के ग्रामीण और सीमावर्ती जिले भी इस नेटवर्क की चपेट में हैं। हाल के वर्षों में सुपौल जिला भी साइबर फ्रॉड और डिजिटल स्कैम की गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहा है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में कई ऐसे मामलों का खुलासा हुआ है, जिनके तार अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़े थे और उनका कनेक्शन सुपौल क्षेत्र में पाया गया।<br /><br />​क्यों आसान शिकार बन रहे हैं ग्रामीण इलाके?</p>
<p style="text-align:justify;">1 सुदूर गांवों तक मोबाइल और इंटरनेट की पहुंच।<br />   2 ​सीमित डिजिटल साक्षरता: लोग तकनीक का इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों से अनजान हैं।<br />3  ​बेरोजगारी: स्थानीय युवाओं का भटककर अपराधियों के झांसे में आना या खुद इस दलदल में शामिल होना।<br />  4 ​बुजुर्ग और छात्र निशाने पर: डिजिटल तकनीक की कम समझ रखने वाले बुजुर्ग और नौकरी-सस्ते लोन के चक्कर में छात्र आसानी से फंस रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">​कानूनी अधिकारों की  अनभिज्ञता बनी सबसे बड़ी कमजोरी</p>
<p style="text-align:justify;">सुरसा के मुँह की तरह बढ़ रहे ​इस संकट का सबसे गंभीर पहलू यह है कि अधिकांश पीड़ितों को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी ही नहीं होती। जागरूकता की कमी के कारण लोग समय पर शिकायत दर्ज नहीं करा पाते, जिससे अपराधियों पर नकेल कसना और डूबे हुए पैसे की रिकवरी करना बेहद मुश्किल हो जाता है। साइबर फ्रॉड अब सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि पीड़ितों के लिए गहरा मानसिक और सामाजिक संकट बनता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानें अपनी कानूनी अधिकार</p>
<p style="text-align:justify;">​देश का कानून डिजिटल लेनदेन में नागरिकों को मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करता है। 'इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट' 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम  और भारतीय रिजर्व बैंक  के दिशानिर्देश उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करते हैं।<br /><br />​हेल्पलाइन 1930 है रामबाण: यदि आप किसी ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। समय पर (गोल्डन ऑवर में) शिकायत दर्ज होने से फ्रॉड की गई राशि फ्रीज होने और रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।<br /><br />​कंज्यूमर फोरम की शरण: ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, डिफेक्टिव प्रोडक्ट, भ्रामक विज्ञापन या सेवा में कमी होने पर उपभोक्ता आयोग  में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।<br /><br />​बैंकों की जवाबदेही: डिजिटल पेमेंट फेल होने या अनधिकृत ट्रांजैक्शन की स्थिति में यदि उपभोक्ता की गलती नहीं है, तो बैंक और सर्विस प्रोवाइडर हर्जाने के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं। ​रेलवे व अन्य सेवाएं: रेलवे या अन्य ऑनलाइन सेवाओं में कन्फर्म टिकट होने के बावजूद सीट न मिलना या सेवा में गंभीर लापरवाही बरतने पर मुआवजे  का प्रावधान है।<br /><br />कहते हैं कानून के जानकार</p>
<p style="text-align:justify;">कानूनी जागरूकता , साइबर पीड़ितों को सही मार्गदर्शन देना और उपभोक्ता अधिकारों के लिए आवाज उठाना समाज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। जब तक समाज कानूनी रूप से जागरूक नहीं होगा, तब तक इस डिजिटल महामारी पर लगाम लगाना नामुमकिन है।</p>
<p style="text-align:justify;">-भास्कर सिंह ,अधिवक्ता<br /> पटना न्यायालय<br />​चुनौती बड़ी है, मिलकर लड़ना होगा<br />​आज आवश्यकता सिर्फ नए और कड़े कानून बनाने की नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को जागरूक करने की है। सरकार, न्यायपालिका, पुलिस प्रशासन, बैंकिंग संस्थानों और कानूनी पेशे से जुड़े लोगों को मिलकर एक ऐसा सुरक्षित इकोसिस्टम बनाना होगा, जहां तकनीकी विकास के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो। यदि समय रहते देश और समाज इस खतरे के प्रति सचेत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में साइबर फ्रॉड और उपभोक्ता शोषण भारत के सामने एक बहुत बड़ा सामाजिक और आर्थिक संकट बनकर खड़ा हो जाएगा।<br /><br />​ ​बिहार में साइबर अपराध का बढ़ता जाल </p>
<p style="text-align:justify;">बिहार में साइबर अपराध की स्थिति (वर्ष 2024-25)                    <br /> • कुल दर्ज मामले: 5,624 मामले (सबसे अधिक ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े) <br /> • कुल शिकायतें मिलीं: 11,764                              <br /> • निस्तारित मामले: 917 <br /> • फ्रीज की गई राशि: 106 करोड़ रुपये              |<br />• पीड़ितों को वापसी: 7.36 करोड़ रुपये  <br />अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़]<br />  सुपौल बना अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का केंद्र!                     <br /> • हॉटस्पॉट: सुपौल जिले के गनौड़ा और गौसपुर गांव।              <br /> • EOU की बड़ी कार्रवाई: आर्थिक अपराध इकाई ने 20 जुलाई 2025 को गौसपुर में हर्षित कुमार के घर  छापेमारी कर एक अवैध सिम बॉक्स  बरामद किया।सिम बॉक्स में 231 सक्रिय सिम कार्ड लगे हुए थे।  फर्जी सिम कार्डों के जरिए वीओआईपी (VoIP) कॉल्स को लोकल कॉल्स में बदला जाता था।                                        <br />| • कॉल डेटा: महज 3 दिनों (30 जून से 2 जुलाई 2025) के भीतर  51 हजार से अधिक स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कॉल्स की गईं। |<br />​[ग्लोबल सिंडिकेट: इन देशों से जुड़े हैं तार                        |<br />जांच एजेंसियों के अनुसार, बिहार के इस नेटवर्क के तार सीधे तौर पर वियतनाम, चीन और कंबोडिया जैसे देशों में सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों से जुड़े हैं। यह राज्य में साइबर अपराध के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और उससे निपटने की बड़ी चुनौती को रेखांकित करता है।<br /><br />बोले अधिकारी<br />हाल के बर्षो में बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए राज्य के सभी जिलों में साइबर सेल थाना स्थापित किया गया है।जहाँ त्वरित कार्यवाही की जाती है।<br />शुशील कुमार,आईपीएस   अधीक्षक सह नोडल अधिकारी<br />साइबर सेल सह  आर्थिक अपराध इकाई ,पटना</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181114/independent-morning-special</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 23:22:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">​<strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong><br /><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सुपौल जिले के भपटियाही में एक होटल में  रविवार को 'नेशनलिस्ट्स यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स'  बिहार की सुपौल इकाई के तत्वावधान में जिला स्तरीय एक दिवसीय पत्रकार सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले भर से आए पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "पत्रकारिता के बदलते दौर और AI की चुनौतियां" रहा।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0185.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="1200" height="1200" /></p>
<p style="text-align:justify;">​कार्यक्रम का शुभारंभ निर्मली जदयू  विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, भपटियाही प्रखंड प्रमुख विजय यादव, एनयूजे बिहार के प्रदेश सचिव कुमार अमर,जिलाध्यक्ष उपेन्द्र चंदन , सहित अन्य अतिथियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179450/district-level-press-conference-of-nuj-organized-in-bhaptiyahi-supaul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260517-wa0128.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">​<strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong><br /><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सुपौल जिले के भपटियाही में एक होटल में  रविवार को 'नेशनलिस्ट्स यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स'  बिहार की सुपौल इकाई के तत्वावधान में जिला स्तरीय एक दिवसीय पत्रकार सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले भर से आए पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "पत्रकारिता के बदलते दौर और AI की चुनौतियां" रहा।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0185.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="3840" height="2160"></img></p>
<p style="text-align:justify;">​कार्यक्रम का शुभारंभ निर्मली जदयू  विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, भपटियाही प्रखंड प्रमुख विजय यादव, एनयूजे बिहार के प्रदेश सचिव कुमार अमर,जिलाध्यक्ष उपेन्द्र चंदन , सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस सम्मेलन में प्रशासनिक स्तर से जिलाधिकारी (डीएम) सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरथ आर. एस., बीडीओ अच्युतम कुमार, सीओ धीरज कुमार, तथा भपटियाही थानाध्यक्ष प्रजेश कुमार दुबे समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0199.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="1600" height="900"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच्चाई और निष्पक्षता ही पत्रकारिता की असली पहचान: विधायक</strong></p>
<p style="text-align:justify;">निर्मली जदयू  विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और समाज को सही दिशा देने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस दौर में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदला है, लेकिन जमीनी सच्चाई और निष्पक्षता ही पत्रकारिता की असली पहचान है। उन्होंने पत्रकारों से समाजहित में निर्भीक होकर कार्य करने का आह्वान किया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0118.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="1280" height="960"></img></p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>खबरों को तेज बना सकता है AI, लेकिन मानवीय संवेदना जरूरी: डीएम</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​जिलाधिकारी सावन कुमार ने  कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने हर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है और पत्रकारिता भी इससे अछूती नहीं है। उन्होंने कहा कि एआई खबरों को तेज और व्यापक बना सकता है, लेकिन तथ्यों की पुष्टि और मानवीय संवेदनाओं की समझ केवल एक जिम्मेदार पत्रकार ही दे सकता है। डीएम ने कहा कि हमें प्रशासन में मीडिया का हमेशा सहयोग मिलता रहता है। चाहे कोई समस्या हो या परेशानी, मीडिया के माध्यम से तुरंत जानकारी मिल जाती है, जिस पर समय रहते समाधान कर दिया जाता है। उन्होंने पत्रकारों से तकनीक को अपनाने के साथ-साथ उसकी चुनौतियों को भी समझने की अपील की।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0416.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="4000" height="1792"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल युग में 'फेक न्यूज' बड़ी चुनौती: एसपी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​पुलिस अधीक्षक  शरथ आर. एस. ने कहा कि पत्रकार और पुलिस दोनों ही समाज के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाएं एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं। ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे सत्य और प्रमाणिक खबरों को ही जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस को भी पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका की जरूरत है ताकि समय रहते नेगेटिव खबरों और अफवाहों की पहचान हो सके।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0400.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="4160" height="3120"></img></p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>संगठन की मजबूती और एकजुटता का संकल्प</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, खबरों की विश्वसनीयता और एआई के बढ़ते हस्तक्षेप जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने विभिन्न स्थानीय व पेशेवर मुद्दों पर चर्चा की और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260517-wa0371.jpg" alt="सुपौल के भपटियाही में NUJ का जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित" width="4000" height="2250"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पत्रकार हुए सम्मानित</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंतिम चरण में सम्मेलन में उपस्थित जिला स्तरीय पत्रकार और पड़ोसी देश नेपाल के पत्रकारों को उपहार, अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सरायगढ़-भपटियाही के समस्त पत्रकारों का अहम योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज रोशन ने किया।जिला सम्मेलन ने न केवल पत्रकारों को एक साझा मंच प्रदान किया, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और आत्ममंथन का भी बेहतरीन अवसर दिया। सम्मेलन में हिंदुस्तान के ब्यूरो प्रमुख रवि कुमार ,दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रमुख भारत कुमार झा, अमरेंद्र कुमार, विनय मिश्रा, उपेंद्र चंदन, कुमार कारण लड्डू, विमल भारती, अमित झा, प्रिया रंजन सिंह राठौड़, सुशील कुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि लोग मौजूद थे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 22:01:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अफवाहों ने पूरे देश को हिला दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी और कीमतों में भारी उछाल की खबरें वायरल होने के बाद देश के अनेक शहरों में लोगों ने टैंक फुल करवाने की होड़ मचा दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सुबह 5 बजे से ही वाहन चालक लाइन में खड़े दिखे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-09-498_com.android.chrome.jpg" alt="पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें" width="680" height="453" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, प्रयागराज, नागपुर और हैदराबाद जैसे शहरों से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174356/long-queues-formed-at-petrol-pumps-due-to-rumors-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-02-265_com.android.chrome.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अफवाहों ने पूरे देश को हिला दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी और कीमतों में भारी उछाल की खबरें वायरल होने के बाद देश के अनेक शहरों में लोगों ने टैंक फुल करवाने की होड़ मचा दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सुबह 5 बजे से ही वाहन चालक लाइन में खड़े दिखे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-09-498_com.android.chrome.jpg" alt="पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें" width="680" height="453"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, प्रयागराज, नागपुर और हैदराबाद जैसे शहरों से वायरल वीडियो और तस्वीरों में सैकड़ों गाड़ियों की लंबी कतारें साफ दिख रही हैं। कई पंपों पर 'NO STOCK' के बोर्ड लग गए, जबकि कुछ जगहों पर लोग ड्रम, केन, बोतल और यहां तक कि दूध के डिब्बों में भी पेट्रोल-डीजल भरकर ले जाते नजर आए। पैनिक बाइंग के कारण कुछ पंपों पर सामान्य से 3-4 गुना ज्यादा बिक्री हुई, जिससे अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बन गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अफवाह का असर कहां-कहां?</strong></h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;">गुजरात: अहमदाबाद और वडोदरा में रात भर कतारें लगीं, कई पंपों पर पुलिस तैनात करनी पड़ी।</div>
<div style="text-align:justify;">-तेलंगाना: हैदराबाद में दो दिनों से लगातार भीड़, ऑटो और दोपहिया वाहनों की लंबी लाइनें।</div>
<div style="text-align:justify;">- मध्य प्रदेश: इंदौर, आगर मालवा, मंदसौर और धार में किसान और आम लोग घबराकर पहुंचे।</div>
<div style="text-align:justify;">- उत्तर प्रदेश: प्रयागराज, लखनऊ, बाराबंकी,सीतापुर गोंडा और अन्य इलाकों में अचानक रश देखा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">- राजस्थान: जालौर, बीकानेर और उदयपुर में आधी रात को भी पंपों पर हड़कंप मचा।</div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार और तेल कंपनियों (भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने तुरंत स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मध्य पूर्व के तनाव के बावजूद भारत की ईंधन सुरक्षा मजबूत बनी हुई है और हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ जहाज भी सुरक्षित पहुंच चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तेल कंपनियों ने अपील की कि नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें। अनावश्यक होर्डिंग से पंपों पर भीड़ बढ़ रही है, जो असली समस्या पैदा कर सकती है। कुछ राज्यों में प्रशासन ने पंप संचालकों को कतार व्यवस्था करने और बिक्री सीमित करने के निर्देश दिए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सरकार का आश्वासन:</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने कहा, “सप्लाई चेन सुचारू रूप से चल रही है। अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। कृपया सामान्य खपत जारी रखें और सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों से बचें।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व संघर्ष से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, लेकिन भारत के पास पर्याप्त भंडारण और विविध आयात स्रोत होने के कारण घरेलू बाजार पर तत्काल बड़ा असर नहीं पड़ रहा है। फिर भी, लंबे समय तक तनाव बने रहने पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभी के लिए स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अफवाहों ने एक बार फिर दिखा दिया कि सोशल मीडिया कितनी तेजी से घबराहट फैला सकता है। उपभोक्ताओं से अपील है — शांत रहें, जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं और आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 20:51:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेब में पलता अदृश्य ज़हर: सोशल मीडिया और युवा मन का संकट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center">  </p>
<blockquote class="format1">
<p class="MsoNormal" align="center">[<span lang="hi" xml:lang="hi">आभासी सफलता का दबाव और युवा मन का अवसाद</span>]</p>
<p class="MsoNormal" align="center">[<span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया: मनोरंजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानसिक प्रदूषण का नया दौर</span>]</p>
<p class="MsoNormal">  </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;" align="right">·      <strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">  </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी मानव सभ्यता को खतरा बाहरी प्रदूषणों से था—धुएँ से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्लास्टिक से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रसायनों से। पर आज सबसे घातक प्रदूषण हमारी जेब में रखा हुआ है—मोबाइल की चमकती स्क्रीन और उस पर दौड़ती सोशल मीडिया की दुनिया। यह प्रदूषण दिखाई नहीं देता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर मन और चेतना को भीतर से क्षीण कर देता है। यह शरीर को नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मविश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मसम्मान और आशा को खा जाता है। यही कारण है</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173029/the-invisible-poison-growing-in-the-pocket-of-social-media"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/social_media_collection_2026.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;" align="center"> </p>
<blockquote class="format1">
<p class="MsoNormal" align="center">[<span lang="hi" xml:lang="hi">आभासी सफलता का दबाव और युवा मन का अवसाद</span>]</p>
<p class="MsoNormal" align="center">[<span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया: मनोरंजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानसिक प्रदूषण का नया दौर</span>]</p>
<p class="MsoNormal"> </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;" align="right">·      <strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी मानव सभ्यता को खतरा बाहरी प्रदूषणों से था—धुएँ से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्लास्टिक से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रसायनों से। पर आज सबसे घातक प्रदूषण हमारी जेब में रखा हुआ है—मोबाइल की चमकती स्क्रीन और उस पर दौड़ती सोशल मीडिया की दुनिया। यह प्रदूषण दिखाई नहीं देता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर मन और चेतना को भीतर से क्षीण कर देता है। यह शरीर को नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मविश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मसम्मान और आशा को खा जाता है। यही कारण है कि बीते कुछ वर्षों में युवाओं में अवसाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अकेलापन और आत्महत्या की घटनाओं के पीछे सोशल मीडिया की भूमिका तेजी से चर्चा में आई है। यह तकनीक सुविधा का साधन बनकर आई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अनियंत्रित उपयोग ने इसे मानसिक विष में बदल दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया का सबसे गहरा असर युवा मन की तुलना करने की प्रवृत्ति पर पड़ता है। यह मंच एक ऐसा आभासी संसार रच देता है जहाँ हर व्यक्ति अपनी जिंदगी का सबसे चमकदार पक्ष ही दिखाता है। महंगी कारें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शानदार यात्राएँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आकर्षक चेहरे और लगातार मिलती सफलता—इन दृश्यों को देखकर एक सामान्य युवा अनजाने में स्वयं को असफल समझने लगता है। उसे लगने लगता है कि बाकी सब लोग जीवन की दौड़ में उससे बहुत आगे निकल चुके हैं। यही निरंतर तुलना धीरे-धीरे आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है और व्यक्ति को भीतर से तोड़ने लगती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रतिक्रिया—लाइक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कमेंट और शेयर—एक प्रकार की मनोवैज्ञानिक लत पैदा करती है। हर बार जब किसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया मिलती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मस्तिष्क में डोपामिन नामक रसायन सक्रिय होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो क्षणिक खुशी देता है। लेकिन यही खुशी व्यक्ति को बार-बार उसी प्रतिक्रिया की तलाश में बाँध देती है। जब अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो निराशा और बेचैनी बढ़ जाती है। धीरे-धीरे यह मानसिक निर्भरता व्यक्ति के आत्मसम्मान को पूरी तरह बाहरी स्वीकृति पर आश्रित बना देती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस समस्या का दूसरा गंभीर पक्ष है साइबर बुलिंग। सोशल मीडिया ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसके साथ ही अपमान और उत्पीड़न के नए रास्ते भी खोल दिए। गुमनाम पहचान के पीछे छिपकर लोग दूसरों का मजाक उड़ाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपमानजनक टिप्पणियाँ करते हैं या निजी तस्वीरों को वायरल कर देते हैं। किशोर और युवा उम्र में आत्मसम्मान बेहद संवेदनशील होता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में सार्वजनिक अपमान मानसिक आघात बन जाता है। कई मामलों में यह अपमान इतना गहरा होता है कि पीड़ित युवा स्वयं को समाज के सामने असहाय महसूस करने लगता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सोशल मीडिया युवाओं के वास्तविक संबंधों को कमजोर कर रहा है। पहले दुख या तनाव के समय व्यक्ति परिवार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मित्रों या समाज के बीच समाधान खोजता था। अब वही व्यक्ति अपनी भावनाएँ स्क्रीन पर उकेर देता है। लेकिन वर्चुअल दुनिया में संवेदनशीलता का स्थान अक्सर प्रतिक्रिया और मनोरंजन ने ले लिया है। कई बार गंभीर पीड़ा को भी लोग हल्के में लेते हैं या उसे मजाक बना देते हैं। परिणामस्वरूप पीड़ित व्यक्ति और अधिक अकेला महसूस करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल लत का प्रभाव युवाओं की दिनचर्या पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। देर रात तक मोबाइल पर सक्रिय रहने से नींद प्रभावित होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चिंता और ध्यान की कमी बढ़ती है। पढ़ाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करियर और सामाजिक जीवन पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है। जब व्यक्ति बार-बार असफलता या असंतुलन महसूस करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके भीतर निराशा की भावना और गहरी होने लगती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया की एक और खतरनाक प्रवृत्ति है “परफेक्ट लाइफ” का भ्रम। यह मंच वास्तविक जीवन की जटिलताओं को छिपाकर केवल आकर्षक क्षणों को सामने लाता है। संघर्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">असफलता और साधारण जीवन के पल लगभग गायब रहते हैं। परिणामस्वरूप देखने वाले युवाओं को लगता है कि बाकी सभी लोग खुश और सफल हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल वही संघर्ष कर रहे हैं। यही भ्रम धीरे-धीरे आत्मसम्मान को कमजोर करता है और जीवन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हाल के वर्षों में कई देशों में किए गए अध्ययन यह संकेत देते हैं कि सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग और युवाओं में बढ़ती मानसिक समस्याओं के बीच स्पष्ट संबंध दिखाई देता है। चिंता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवसाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्महीनता और अकेलापन—ये सभी समस्याएँ अनियंत्रित सोशल मीडिया उपयोग से और बढ़ सकती हैं। जब व्यक्ति लगातार आभासी दुनिया में डूबा रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वास्तविक जीवन की चुनौतियों से जूझने की उसकी क्षमता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस समस्या का समाधान केवल तकनीक से दूरी बनाने में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसके विवेकपूर्ण उपयोग में छिपा है। युवाओं को यह समझाना आवश्यक है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली दुनिया पूरी सच्चाई नहीं होती। यह जीवन का केवल चुना हुआ और सजाया हुआ हिस्सा होता है। यदि युवा इस अंतर को समझ लें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे तुलना और निराशा के जाल से बच सकते हैं। इसके साथ ही डिजिटल अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है—सीमित समय तक उपयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित विश्राम और वास्तविक जीवन की गतिविधियों में भागीदारी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परिवार और शिक्षा संस्थानों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। माता-पिता को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए और उनकी भावनात्मक स्थिति को समझने का प्रयास करना चाहिए। विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल साक्षरता को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि युवा ऑनलाइन दुनिया के खतरों को पहचान सकें। यदि समाज समय रहते संवेदनशीलता और समर्थन का वातावरण बना सके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कई दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज तकनीक को नकारना संभव नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि वह हमारे जीवन की धड़कनों में शामिल हो चुकी है। प्रश्न यह नहीं कि सोशल मीडिया रहे या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह है कि हम उसका उपयोग किस विवेक और जिम्मेदारी के साथ करते हैं। यदि इसका संतुलित और सजग उपयोग हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यही माध्यम ज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रचनात्मकता और संवाद का सशक्त सेतु बन सकता है। लेकिन यदि नियंत्रण खो जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यही चमकती स्क्रीन धीरे-धीरे मानसिक विष बनकर हमारी युवा पीढ़ी की ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मविश्वास और आशा को भीतर ही भीतर निगल सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज आवश्यकता है कि समाज इस अदृश्य खतरे को गंभीरता से समझे। प्लास्टिक पर्यावरण को प्रदूषित करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सोशल मीडिया का असंतुलित प्रभाव मन और विचारों को प्रदूषित कर सकता है। यदि हम युवाओं को सुरक्षित और सशक्त भविष्य देना चाहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हमें उन्हें आभासी चमक से अधिक वास्तविक जीवन के मूल्य सिखाने होंगे। तभी यह पीढ़ी निराशा के अंधेरे में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आत्मविश्वास और संतुलन की रोशनी में आगे बढ़ सकेगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173029/the-invisible-poison-growing-in-the-pocket-of-social-media</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 21:31:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Viral Video: ‘मोहब्बत होती तो ले देते…’ 12 हजार के गिफ्ट पर पत्नी का हाई-वोल्टेज ड्रामा, पति मांगता रहा माफी; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पति-पत्नी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस को जन्म दे दिया है। वीडियो में एक महिला कैमरे के सामने फूट-फूट कर रोती नजर आ रही है, जबकि उसका पति पीछे से लगातार माफी मांगता दिखाई देता है।</p>
<h3><strong>12 हजार के गिफ्ट को लेकर विवाद</strong></h3>
<p>वायरल वीडियो में महिला का कहना है कि उसे एक दुकान पर 12 हजार रुपये की एक चीज बहुत पसंद आई थी, लेकिन पति ने पैसे नहीं होने का हवाला देकर उसे खरीदने से मना कर दिया। इस बात से आहत होकर महिला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169172/viral-video-if-there-was-love-i-would-have-taken"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/cc2.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पति-पत्नी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस को जन्म दे दिया है। वीडियो में एक महिला कैमरे के सामने फूट-फूट कर रोती नजर आ रही है, जबकि उसका पति पीछे से लगातार माफी मांगता दिखाई देता है।</p>
<h3><strong>12 हजार के गिफ्ट को लेकर विवाद</strong></h3>
<p>वायरल वीडियो में महिला का कहना है कि उसे एक दुकान पर 12 हजार रुपये की एक चीज बहुत पसंद आई थी, लेकिन पति ने पैसे नहीं होने का हवाला देकर उसे खरीदने से मना कर दिया। इस बात से आहत होकर महिला भावुक हो गई और कैमरे पर अपना दर्द बयां करने लगी।</p>
<p>महिला वीडियो में कहती सुनाई देती है,<br />“अगर सच्ची मोहब्बत होती तो बिना कहे मेरी ख्वाहिश समझ जाते।”</p>
<p>वहीं, पति अपनी आर्थिक मजबूरी बताते हुए पत्नी से बार-बार माफी मांगता नजर आता है और कहता है कि फिलहाल उसकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह महंगा गिफ्ट खरीद सके।</p>
<h3><strong>पति सही या पत्नी? दो गुटों में बंटे लोग</strong></h3>
<p>जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर यूजर्स दो गुटों में बंट गए।</p>
<h4><strong>पति के समर्थन में लोग</strong></h4>
<p>कई यूजर्स ने पति का पक्ष लेते हुए लिखा कि एक मिडिल क्लास व्यक्ति दिन-रात मेहनत करता है और हर इच्छा पूरी कर पाना संभव नहीं होता। लोगों का कहना है कि सिर्फ दिखावे के लिए कर्ज लेकर या जरूरत से ज्यादा खर्च करना सही नहीं है।</p>
<p>एक यूजर ने लिखा,<br />“सुबह 8 से रात 8 बजे तक काम करने वाला इंसान हर बार महंगा गिफ्ट नहीं दे सकता।”</p>
<h4><strong>पत्नी के समर्थन में तर्क</strong></h4>
<p>वहीं, पत्नी के समर्थन में लोगों का कहना है कि अगर घर संभालने वाली महिला साल में एक बार कुछ मांग ले, तो उसे इस तरह टालना उसकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है, ताकि उन्हें ऐसी स्थितियों का सामना न करना पड़े।</p>
<h3><strong>क्या वीडियो है स्क्रिप्टेड?</strong></h3>
<p>इस बीच कई लोगों ने वीडियो को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं। कुछ यूजर्स का मानना है कि यह वीडियो पूरी तरह स्क्रिप्टेड हो सकता है और व्यूज बटोरने के लिए बनाया गया है। लोगों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति निजी पारिवारिक मुद्दों को इस तरह कैमरे पर लाकर सार्वजनिक नहीं करता।</p>
<p>एक यूजर ने लिखा,<br />“अगर मामला इतना निजी है, तो इसे रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डालने की क्या जरूरत थी?”</p>
<h3><strong>रिश्तों और आर्थिक समझ की बहस</strong></h3>
<p>यह वीडियो केवल एक गिफ्ट विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने रिश्तों में समझ, आर्थिक संतुलन और अपेक्षाओं को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है। कुछ लोग इसे भावनाओं और पैसों के बीच संतुलन की कमी बता रहे हैं, तो कुछ इसे सोशल मीडिया की लोकप्रियता पाने का तरीका मान रहे हैं।</p>
<p><strong>फिलहाल, यह वीडियो लगातार वायरल हो रहा है और लोगों के बीच बहस का विषय बना हुआ है कि इस मामले में पति सही है या पत्नी।</strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/nandantwts/status/2020590334758338892?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2020590334758338892%7Ctwgr%5E5d81a16d4d2c21deaa2ad11194afba038df699db%7Ctwcon%5Es1_&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Ftrending%2Fviral-video-wife-crying-for-12k-gift-husband-apologizing-sparks-internet-debate-3683024.html">https://twitter.com/nandantwts/status/2020590334758338892?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2020590334758338892%7Ctwgr%5E5d81a16d4d2c21deaa2ad11194afba038df699db%7Ctwcon%5Es1_&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Ftrending%2Fviral-video-wife-crying-for-12k-gift-husband-apologizing-sparks-internet-debate-3683024.html</a></blockquote>
<p><strong>

</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:29:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;ठाकुर&quot; हूं होश ठिकाने लगा दूंगी, महिला बैंक अधिकारी की अभद्रता का वीडियो वायरल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">  पनकी क्षेत्र स्थित एचडीएफसी बैंक की एक शाखा से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बैंक के अंदर महिला कर्मचारी और एक महिला खाताधारक के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है। आरोप है कि खाताधारक की शिकायत पर बैंक कर्मी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और खुद को "ठाकुर" बताते हुए धमकी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद बैंक कर्मियों के व्यवहार और ग्राहक सेवा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला खाताधारक काउंटर के सामने खड़ी है और बैंक कर्मचारी से किसी समस्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168830/i-am-a-thakur-i-will-bring-you-to-your"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001632259.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> पनकी क्षेत्र स्थित एचडीएफसी बैंक की एक शाखा से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बैंक के अंदर महिला कर्मचारी और एक महिला खाताधारक के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है। आरोप है कि खाताधारक की शिकायत पर बैंक कर्मी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और खुद को "ठाकुर" बताते हुए धमकी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद बैंक कर्मियों के व्यवहार और ग्राहक सेवा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला खाताधारक काउंटर के सामने खड़ी है और बैंक कर्मचारी से किसी समस्या को लेकर बात कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बातचीत के दौरान माहौल अचानक गर्म हो जाता है. आरोप है कि महिला बैंक कर्मी खुद को ठाकुर बताते हुए दबदबा दिखाने की कोशिश करती है और खाताधारक को धमकाती है। इसी दौरान वह मेज पर रखे कागज उठाकर महिला की ओर फेंकने का प्रयास भी करती दिखाई देती<br />है।<br />              घटना के समय वहां मौजूद अन्य बैंक कर्मचारी स्थिति को संभालने की कोशिश करते हैं। वीडियो में एक अन्य महिला कर्मचारी बीच-बचाव करते हुए नजर आती है, जो विवाद को शांत कराने का प्रयास करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, कथित रूप से नाराज बैंक कर्मी रुकने का नाम नहीं लेती और लगातार ऊंचे स्वर में बात करती रहती है। वीडियो में वह महिला खाताधारक से यह कहते हुए भी सुनी जाती है कि यह बात अपने पति से जाकर करो। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">कई यूजर्स ने बैंक कर्मी के व्यव पर सवाल उठाते हुए इसे ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार बताया है। लोगों का कहना है कि बैंक जैसी संस्थाओं में ग्राहकों से शालीनता और धैर्य के साथ बात की जानी चाहिए, भले ही विवाद की स्थिति क्यों न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 16:06:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टंट के दौरान लगी आग, दोस्त ने पानी समझकर छिड़क दिया पेट्रोल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लाहौर।</strong> सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज की चाहत में लोग अब अपनी जान तक जोखिम में डालने लगे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला पाकिस्तान के लाहौर से सामने आया है, जहां बसंत उत्सव के दौरान एक युवक को आग से जुड़ा स्टंट करना भारी पड़ गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, युवक छत पर खड़े होकर मुंह से आग निकालने (फायर ब्रीदिंग) का स्टंट कर रहा था। उसने पेट्रोल को मुंह में लेकर आग जलाने की कोशिश की, लेकिन अचानक पेट्रोल भड़क गया और आग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168828/fire-broke-out-during-stunt-friend-mistook-it-for-water"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/petrol.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लाहौर।</strong> सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज की चाहत में लोग अब अपनी जान तक जोखिम में डालने लगे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला पाकिस्तान के लाहौर से सामने आया है, जहां बसंत उत्सव के दौरान एक युवक को आग से जुड़ा स्टंट करना भारी पड़ गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, युवक छत पर खड़े होकर मुंह से आग निकालने (फायर ब्रीदिंग) का स्टंट कर रहा था। उसने पेट्रोल को मुंह में लेकर आग जलाने की कोशिश की, लेकिन अचानक पेट्रोल भड़क गया और आग उसके होंठों से चिपक गई। देखते ही देखते लपटों ने पूरे चेहरे को अपनी चपेट में ले लिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">🔹 आग की चपेट में आया युवक, मची अफरा-तफरी</h3>
<p style="text-align:justify;">वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक दर्द से चीखता नजर आ रहा है। मौके पर मौजूद दोस्त घबरा गए और आग बुझाने की कोशिश करने लगे। कोई पानी फेंकने लगा तो कोई पास रखी टंकी की ओर दौड़ पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान एक युवक ने गलती से पानी समझकर पेट्रोल की बोतल आग में झुलस रहे युवक पर छिड़क दी, जिससे आग और भड़क गई। हालात बिगड़ते देख लोगों ने जलता हुआ कपड़ा पास की छत पर फेंक दिया, जिससे वहां बैठे व्यक्ति को भी अपनी कुर्सी छोड़कर भागना पड़ा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">🔹 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो</h3>
<p style="text-align:justify;">यह वीडियो इंस्टाग्राम पर <strong>@shoaibvirk2.0</strong> नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो के वायरल होने के बाद नेटिजन्स ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कमेंट सेक्शन में लोग युवक और उसके दोस्तों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों की आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा,<br />“जब पता है कि ये जानलेवा है, तो ऐसा स्टंट क्यों करना?”<br />वहीं दूसरे ने कहा,<br />“सोशल मीडिया के लिए जान जोखिम में डालना बेवकूफी है।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">🔹 चेतावनी और सबक</h3>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के खतरनाक स्टंट बिना प्रशिक्षण और सुरक्षा के करना बेहद जानलेवा हो सकता है। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की होड़ में ऐसी हरकतें न केवल व्यक्ति की जान के लिए खतरा बनती हैं, बल्कि दूसरों को भी जोखिम में डालती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना युवाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि लाइक्स और व्यूज से ज्यादा कीमती जीवन है।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/DUbbMVuCnYU/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==">https://www.instagram.com/reel/DUbbMVuCnYU/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==</a></strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168828/fire-broke-out-during-stunt-friend-mistook-it-for-water</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 15:59:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व महापौर के सोशल मीडिया पेज पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले युवक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात,</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह कार्रवाई प्रयागराज की पूर्व महापौर एवं भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री अभिलाषा गुप्ता नन्दी के सोशल मीडिया पेज पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस मामले में पूर्व महापौर की मीडिया सलाहकार पूनम अग्रवाल ने कोतवाली में तहरीर देकर संबंधित युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">तहरीर में बताया गया कि पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी एक कर्मठ, परिश्रमी और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168334/jal-jeevan-mission-scheme-failed-in-pm-modis-parliamentary-constituency"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260205-wa0265.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात,</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह कार्रवाई प्रयागराज की पूर्व महापौर एवं भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री अभिलाषा गुप्ता नन्दी के सोशल मीडिया पेज पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस मामले में पूर्व महापौर की मीडिया सलाहकार पूनम अग्रवाल ने कोतवाली में तहरीर देकर संबंधित युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">तहरीर में बताया गया कि पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी एक कर्मठ, परिश्रमी और समर्पित जनसेवक के रूप में जानी जाती हैं। उनकी सामाजिक एवं सार्वजनिक गतिविधियों को आमजन तक पहुंचाने में सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान में उनके फेसबुक पेज पर लगभग 3 लाख 57 हजार फॉलोअर्स जुड़े हुए हैं, जबकि इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी लाखों की संख्या में फॉलोअर्स मौजूद हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार, बीते दो-तीन दिनों से “शैलेश श्रीवास्तव” नामक फेसबुक आईडी से उनके विभिन्न पोस्ट के कमेंट सेक्शन में अत्यंत आपत्तिजनक और भय पैदा करने वाली टिप्पणियां की जा रही थीं। टिप्पणी में कथित रूप से मंत्री नन्दी को लेकर आपत्तिजनक भाषा और धमकी का प्रयोग किया गया, जिससे मानसिक आघात पहुंचा है। तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2010 में मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी पर आरडीएक्स रिमोट बम से प्राणघातक हमला हो चुका है, जिसमें एक वरिष्ठ पत्रकार और एक सिविल गनर की मृत्यु हुई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उस प्रकरण का ट्रायल इस समय अंतिम चरण में है। ऐसे संवेदनशील समय में की गई इस तरह की टिप्पणियों को गहरी साजिश का हिस्सा मानते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 21:45:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>WhatsApp पर अनजान नंबर से आ रही कॉल्स? फटाफट ऑन करें ये जरूरी सेटिंग, बचेगी ठगी से</title>
                                    <description><![CDATA[<h2>  </h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> WhatsApp पर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स आजकल साइबर ठगी का बड़ा जरिया बनती जा रही हैं। ऐसे में यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्हाट्सऐप ने एक खास फीचर दिया है, जिसकी मदद से आप इन कॉल्स से आसानी से बच सकते हैं।</p>
<p>WhatsApp के करोड़ों एक्टिव यूजर्स होने के कारण यह साइबर अपराधियों का भी पसंदीदा प्लेटफॉर्म बन चुका है। फ्रॉड करने वाले लोग अक्सर अनजान नंबरों से कॉल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। अगर आपके पास भी बार-बार ऐसे कॉल्स आ रही हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168236/calls-coming-from-unknown-numbers-on-whatsapp-turn-on-this"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/34819_69a3.jpg" alt=""></a><br /><h2> </h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> WhatsApp पर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स आजकल साइबर ठगी का बड़ा जरिया बनती जा रही हैं। ऐसे में यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्हाट्सऐप ने एक खास फीचर दिया है, जिसकी मदद से आप इन कॉल्स से आसानी से बच सकते हैं।</p>
<p>WhatsApp के करोड़ों एक्टिव यूजर्स होने के कारण यह साइबर अपराधियों का भी पसंदीदा प्लेटफॉर्म बन चुका है। फ्रॉड करने वाले लोग अक्सर अनजान नंबरों से कॉल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। अगर आपके पास भी बार-बार ऐसे कॉल्स आ रही हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है।</p>
<h3>क्या है Silence Unknown Callers फीचर?</h3>
<p>व्हाट्सऐप का <strong>Silence Unknown Callers</strong> फीचर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को अपने आप साइलेंट कर देता है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई ऐसा व्यक्ति कॉल करता है जिसका नंबर आपके फोन में सेव नहीं है, तो वह कॉल बिना रिंग हुए मिस हो जाएगी।</p>
<p>इससे यूजर गलती से भी ऐसे कॉल्स नहीं उठाते और ठगी का शिकार होने से बच जाते हैं।</p>
<h3>Android यूजर्स ऐसे करें सेटिंग ऑन</h3>
<p>अगर आप एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:</p>
<ul>
<li>
<p>सबसे पहले WhatsApp ओपन करें</p>
</li>
<li>
<p>ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें</p>
</li>
<li>
<p>Settings में जाएं</p>
</li>
<li>
<p>Privacy ऑप्शन चुनें</p>
</li>
<li>
<p>नीचे स्क्रॉल कर Calls पर टैप करें</p>
</li>
<li>
<p>Silence Unknown Callers को ऑन कर दें</p>
</li>
</ul>
<h3>iPhone यूजर्स के लिए तरीका</h3>
<p>iPhone यूजर्स भी इस फीचर को आसानी से एक्टिव कर सकते हैं:</p>
<ul>
<li>
<p>WhatsApp खोलें</p>
</li>
<li>
<p>Settings पर जाएं</p>
</li>
<li>
<p>Privacy सेक्शन में जाएं</p>
</li>
<li>
<p>Calls ऑप्शन पर टैप करें</p>
</li>
<li>
<p>Silence Unknown Callers को ऑन करें</p>
</li>
</ul>
<h3>क्या होंगे फायदे?</h3>
<ul>
<li>
<p>अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स अपने आप साइलेंट हो जाएंगी</p>
</li>
<li>
<p>बार-बार डिस्टर्ब होने से छुटकारा मिलेगा</p>
</li>
<li>
<p>साइबर फ्रॉड और ठगी से सुरक्षा मिलेगी</p>
</li>
<li>
<p>आपकी प्राइवेसी बनी रहेगी</p>
</li>
</ul>
<h3>क्यों जरूरी है ये फीचर?</h3>
<p>आज के समय में डिजिटल ठगी तेजी से बढ़ रही है। कई लोग अनजाने में कॉल उठाकर अपनी निजी जानकारी शेयर कर देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में यह फीचर आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।</p>
<h3>निष्कर्ष</h3>
<p>अगर आप भी WhatsApp पर आने वाली अनजान कॉल्स से परेशान हैं, तो तुरंत <strong>Silence Unknown Callers</strong> फीचर को ऑन करें। यह छोटा सा कदम आपको बड़े नुकसान से बचा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168236/calls-coming-from-unknown-numbers-on-whatsapp-turn-on-this</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 19:16:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माघ मेला-2026 की छवि धूमिल करने की साजिश ।AI-Generated भ्रामक वीडियो फैलाने वाला अभियुक्त गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> माघ मेला-2026 जैसे पवित्र, धार्मिक एवं राष्ट्रीय महत्व के आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचाने की साजिश  प्रयागराज पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। सोशल मीडिया पर AI-Generated भ्रामक कंटेन्ट और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित कर पुलिस व साधु-संतों की छवि धूमिल करने वाले एक अभियुक्त को साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज की टीम ने गिरफ्तार किया है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार माघ मेला-2026 के दृष्टिगत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार कड़ी निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान फेसबुक प्रोफाइल Deepak Mukesh Tiwari के माध्यम से AI तकनीक से तैयार किए गए भ्रामक, तथ्यविहीन और नकारात्मक कंटेन्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167092/conspiracy-to-tarnish-the-image-of-magh-mela-2026-accused-spreading"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260123-wa0212.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> माघ मेला-2026 जैसे पवित्र, धार्मिक एवं राष्ट्रीय महत्व के आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचाने की साजिश  प्रयागराज पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। सोशल मीडिया पर AI-Generated भ्रामक कंटेन्ट और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित कर पुलिस व साधु-संतों की छवि धूमिल करने वाले एक अभियुक्त को साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज की टीम ने गिरफ्तार किया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार माघ मेला-2026 के दृष्टिगत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार कड़ी निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान फेसबुक प्रोफाइल Deepak Mukesh Tiwari के माध्यम से AI तकनीक से तैयार किए गए भ्रामक, तथ्यविहीन और नकारात्मक कंटेन्ट के प्रसारण की जानकारी सामने आई। इन पोस्टों के माध्यम से माघ मेला की छवि खराब करने के साथ-साथ समाज में</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आक्रोश, भय और वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। जांच के बाद पुलिस ने अभियुक्त दीपक कुमार तिवारी उर्फ मुकेश कुमार तिवारी,निवासी लखनपुर, थाना मेजा,कमिश्नरेट प्रयागराज, उम्र करीब 39 वर्ष, को दिनांक 22 जनवरी 2026 को ग्राम लखनपुर स्थित नन्द किशोर इंटर कॉलेज के पास से गिरफ्तार किया। अभियुक्त के कब्जे से एक एप्पल मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसका प्रयोग भ्रामक कंटेन्ट प्रसारित करने में किया जा रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरी कार्रवाई में थाना मेजा, साइबर क्राइम थाना एवं साइबर सेल प्रयागराज की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि माघ मेला- 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह, पुराना वीडियो या अपुष्ट जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज ने आमजन से अपील की है कि वे माघ मेला से संबंधित किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें और भ्रामक कंटेन्ट से दूरी बनाए रखें। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या <a href="http://www.cybercrime.gov.in/">www.cybercrime.gov.in</a> पर शिकायत दर्ज कराएं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/167092/conspiracy-to-tarnish-the-image-of-magh-mela-2026-accused-spreading</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 21:13:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मलिहाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर पर लगी मिट्टी (कालिख) साफ: सोशल मीडिया की आवाज के बाद हुई कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद (स्वतंत्र प्रभात)</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद : </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद क्षेत्र में मोहान रोड पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा लगाए गए संकेतक बोर्ड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की तस्वीरों पर आचार संहिता के दौरान लगी मिट्टी (कालिख) एक साल से अधिक समय से साफ नहीं हुई थी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह बोर्ड मलिहाबाद तहसील और थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है, जहां से एसडीएम, डीएम सहित आला अधिकारी रोजाना गुजरते हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया।यह मामला तब सुर्खियों में आया जब भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166850/mud-and-soot-smeared-on-cm-yogi-adityanaths-picture-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260120-wa0001.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद (स्वतंत्र प्रभात)</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद : </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद क्षेत्र में मोहान रोड पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा लगाए गए संकेतक बोर्ड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की तस्वीरों पर आचार संहिता के दौरान लगी मिट्टी (कालिख) एक साल से अधिक समय से साफ नहीं हुई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह बोर्ड मलिहाबाद तहसील और थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है, जहां से एसडीएम, डीएम सहित आला अधिकारी रोजाना गुजरते हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया।यह मामला तब सुर्खियों में आया जब भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसकी तस्वीरें साझा कर आवाज उठाई। उन्होंने सवाल किया कि इतने महत्वपूर्ण स्थान पर मुख्यमंत्री की तस्वीर पर लगी गंदगी को इतने लंबे समय तक क्यों अनदेखा किया गया। उनकी पोस्ट के वायरल होने के बाद मलिहाबाद नगर पंचायत ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्रेन की मदद से बोर्ड पर जमी मिट्टी को साफ कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ओर जहां प्रशासन दावा करता है कि मुख्यमंत्री की छवि और सम्मान सर्वोपरि है, वहीं दूसरी ओर उनके ही क्षेत्र में इतने करीब स्थित बोर्ड की अनदेखी लंबे समय तक जारी रही। सोशल मीडिया की सक्रियता के बिना शायद यह समस्या आज भी अनसुलझी रहती। हालांकि, अब सवाल यह है कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन स्वत: संज्ञान लेने की व्यवस्था मजबूत करेगा, या हर बार सोशल मीडिया पर आवाज उठने का इंतजार किया जाएगा?</div>
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<div style="text-align:justify;">स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही अधिकारियों से अपील की है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और पार्टी नेताओं/मुख्यमंत्री की छवि से खिलवाड़ न करें||</div>
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                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 21:08:07 +0530</pubDate>
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