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                <title>सांस्कृतिक और धार्मिक - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सांस्कृतिक और धार्मिक RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सोशल मीडिया की बढ़ती दखल से रिश्तों में दरार, टूटती शादियों की नई वजह बन रहा डिजिटल संसार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात स्पेशल रिपोर्ट</strong><br /><strong>जितेंद्र कुमार "राजेश"</strong></p><p style="text-align:justify;">बिहार। तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बन गया है, लेकिन इसका दूसरा पहलू पारिवारिक और वैवाहिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां शादियां टूटने के पीछे दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी, पारिवारिक हस्तक्षेप और आपसी मतभेद प्रमुख कारण माने जाते थे, वहीं अब सोशल मीडिया भी वैवाहिक विवादों की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।</p><p style="text-align:justify;">पारिवारिक परामर्श केंद्रों और वैवाहिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच सोशल मीडिया को लेकर बढ़ता संदेह, ऑनलाइन मित्रता,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181118/due-to-the-increasing-interference-of-social-media-the-digital"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/file_00000000237472068f5244e947a5173e.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात स्पेशल रिपोर्ट</strong><br /><strong>जितेंद्र कुमार "राजेश"</strong></p><p style="text-align:justify;">बिहार। तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बन गया है, लेकिन इसका दूसरा पहलू पारिवारिक और वैवाहिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां शादियां टूटने के पीछे दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी, पारिवारिक हस्तक्षेप और आपसी मतभेद प्रमुख कारण माने जाते थे, वहीं अब सोशल मीडिया भी वैवाहिक विवादों की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।</p><p style="text-align:justify;">पारिवारिक परामर्श केंद्रों और वैवाहिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच सोशल मीडिया को लेकर बढ़ता संदेह, ऑनलाइन मित्रता, पुराने संबंधों से दोबारा संपर्क, निजी जीवन को सार्वजनिक करना तथा घंटों मोबाइल और सोशल मीडिया पर व्यस्त रहना रिश्तों में तनाव पैदा कर रहा है। कई मामलों में यह तनाव इतना बढ़ जाता है कि बात अलगाव और तलाक तक पहुंच जाती है।</p><p style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों में ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं, जहां सोशल मीडिया पर हुई बातचीत, पोस्ट, लाइक, कमेंट, फोटो शेयरिंग या ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। परिवार परामर्श केंद्रों में भी ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जहां सोशल मीडिया से जुड़ी गलतफहमियां वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर रही हैं।</p><p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया स्वयं समस्या नहीं है, बल्कि उसका अनियंत्रित उपयोग और उससे पैदा होने वाला अविश्वास रिश्तों को कमजोर करता है। कई बार लोग वास्तविक जीवन की अपेक्षा आभासी दुनिया में अधिक समय बिताने लगते हैं, जिससे पति-पत्नी के बीच संवाद कम होने लगता है और गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं।</p><p style="text-align:justify;">समाजशास्त्रियों के अनुसार, मजबूत वैवाहिक रिश्तों के लिए आपसी विश्वास, खुला संवाद और डिजिटल संतुलन बेहद आवश्यक है। यदि सोशल मीडिया का उपयोग संयम और समझदारी के साथ नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह पारिवारिक और वैवाहिक संबंधों के लिए और बड़ी चुनौती बन सकता है।</p><hr /><p style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात की सलाह</strong></p><p style="text-align:justify;">✔ सोशल मीडिया के उपयोग की समय सीमा तय करें।</p><p style="text-align:justify;">✔ पति-पत्नी एक-दूसरे से बातें छिपाने के बजाय खुलकर संवाद करें।</p><p style="text-align:justify;">✔ ऑनलाइन मित्रता और चैटिंग में पारदर्शिता बनाए रखें।</p><p style="text-align:justify;">✔ किसी पोस्ट, लाइक या कमेंट को लेकर तुरंत निष्कर्ष पर न पहुंचें।</p><p style="text-align:justify;">✔ रिश्तों को मोबाइल स्क्रीन से ज्यादा समय दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 11:32:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विख्यात कथावाचक राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज को मिली महामंडलेश्वर की उपाधि</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>अपनी ओजस्वी वाणी, मधुर कथा शैली एवं आध्यात्मिक प्रवचनों से देशभर के श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करने वाले विख्यात कथावाचक राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज को अंतरराष्ट्रीय संत ऋषि अखाड़ा द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय संत ऋषि अखाड़ा के प्रमुख जगद्गुरु श्री सच्चिदानंदन बाल प्रभु जी महाराज ने उन्हें प्रदान की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर आयोजित धार्मिक समारोह में संत समाज, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति में यह घोषणा की गई। संत समाज ने इसे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक चेतना के क्षेत्र में राज ऋषि माधव मुकुंद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180918/famous-storyteller-raj-rishi-madhav-mukund-maharaj-got-the-title"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001988605.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>अपनी ओजस्वी वाणी, मधुर कथा शैली एवं आध्यात्मिक प्रवचनों से देशभर के श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करने वाले विख्यात कथावाचक राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज को अंतरराष्ट्रीय संत ऋषि अखाड़ा द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय संत ऋषि अखाड़ा के प्रमुख जगद्गुरु श्री सच्चिदानंदन बाल प्रभु जी महाराज ने उन्हें प्रदान की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर आयोजित धार्मिक समारोह में संत समाज, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति में यह घोषणा की गई। संत समाज ने इसे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक चेतना के क्षेत्र में राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों का सम्मान बताया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज वर्षों से श्रीमद्भागवत कथा, धार्मिक प्रवचनों एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों का संदेश देते आ रहे हैं। उनकी कथाओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं और उनके विचारों से प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उनकी लोकप्रियता देश के विभिन्न राज्यों तक फैली हुई है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">महामंडलेश्वर की उपाधि मिलने के बाद उनके अनुयायियों और भक्तों में हर्ष का माहौल है। श्रद्धालुओं ने इसे उनके आध्यात्मिक जीवन, धर्म सेवा और समाज के प्रति समर्पण का परिणाम बताया। इस अवसर पर उपस्थित संतों ने कहा कि राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक जागरण और समाज में आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार को नई गति मिलेगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उपाधि ग्रहण करने के पश्चात राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज ने सभी संतों, गुरुजनों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए सेवा, साधना और धर्म प्रचार की जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाता है। उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार एवं मानव कल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:43:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायत बबुरी के रोजगार सेवक जल सहयोग से रहागीरों को शरबत वितरण किया </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>भदपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत बबूरा बबूरी के रोजगार सेवक शैलेंद्र गंगवार ने आज ग्रामीणों के सहयोग से कि भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए क्यों लड़िया से नवाबगंज जाने वाली सड़क पर शरबत वितरण कर आने जाने वाले ग्रामीणों को शरबत पिलाकर गर्मी से राहत दिलाने का कार्य किया गया जिसको लेकर लोगों ने इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों को बधाई दी इसमें शमिल आईटी शैलेंद्र कुमार गंगवार ठाकुर विनय सिंह भीमसेन भगवान दास तुलाराम झांझर लाल आदि लोगों ने इस कार्य में सहयोग देकर सरवत वितरण कार्यक्रम को आयोजित कराया जिससे लोगों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180767/employment-servants-of-gram-panchayat-baburi-distributed-sherbet-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/2.---------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>भदपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत बबूरा बबूरी के रोजगार सेवक शैलेंद्र गंगवार ने आज ग्रामीणों के सहयोग से कि भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए क्यों लड़िया से नवाबगंज जाने वाली सड़क पर शरबत वितरण कर आने जाने वाले ग्रामीणों को शरबत पिलाकर गर्मी से राहत दिलाने का कार्य किया गया जिसको लेकर लोगों ने इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों को बधाई दी इसमें शमिल आईटी शैलेंद्र कुमार गंगवार ठाकुर विनय सिंह भीमसेन भगवान दास तुलाराम झांझर लाल आदि लोगों ने इस कार्य में सहयोग देकर सरवत वितरण कार्यक्रम को आयोजित कराया जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 19:15:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ज्येष्ठ मास के पांचवें मंगलवार पर बड़े हनुमान मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब।</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">स्वतंत्र प्रभात संवाददाता सरस सिंह </span></strong></p>
<p>प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में ज्येष्ठ मास के पांचवें मंगलवार को बंधवा स्थित प्रसिद्ध लेटे हुए बड़े हनुमान मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के भोर से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। बजरंगबली के दर्शन और पूजन के लिए प्रयागराज सहित आसपास के जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिरस, भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा।</p>
<p>मंगलवार सुबह मंगला आरती से पूर्व मंदिर के महंत बलबीर गिरी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बड़े हनुमान जी का विधि-विधान से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180528/on-the-fifth-tuesday-of-jyeshtha-month-there-was-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/fb_img_1780402670895~2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">स्वतंत्र प्रभात संवाददाता सरस सिंह </span></strong></p>
<p>प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में ज्येष्ठ मास के पांचवें मंगलवार को बंधवा स्थित प्रसिद्ध लेटे हुए बड़े हनुमान मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के भोर से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। बजरंगबली के दर्शन और पूजन के लिए प्रयागराज सहित आसपास के जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिरस, भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा।</p>
<p>मंगलवार सुबह मंगला आरती से पूर्व मंदिर के महंत बलबीर गिरी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बड़े हनुमान जी का विधि-विधान से अभिषेक कराया। अभिषेक में गंगाजल, दूध, शहद, हल्दी तथा अन्य पवित्र सामग्री का उपयोग किया गया। इसके बाद भगवान को विशेष वस्त्र, पुष्प, फल, मेवा और सुगंधित सामग्री अर्पित कर आकर्षक शृंगार किया गया।</p>
<p>अभिषेक और शृंगार के पश्चात घंट-घड़ियाल, शंख और नगाड़ों की मंगल ध्वनि के बीच मंगला आरती संपन्न हुई। आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिसने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया।</p>
<p><strong>भोर से ही लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें</strong></p>
<p>ज्येष्ठ मास के विशेष मंगलवार को लेकर भक्तों में भारी उत्साह दिखाई दिया। सुबह से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा दर्शन-पूजन की व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बड़े हनुमान जी के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगल कामनाओं के लिए प्रार्थना की।</p>
<p><strong>ज्येष्ठ मंगलवार का विशेष धार्मिक महत्व</strong></p>
<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगलवार भगवान हनुमान की आराधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से भय, रोग, संकट तथा नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। भक्तों का विश्वास है कि बड़े हनुमान जी के दर्शन से आरोग्य, सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।</p>
<p><strong>हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ से गूंजा परिसर</strong></p>
<p>मंदिर परिसर में सुबह से ही हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ का आयोजन निरंतर चलता रहा। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पाठ में भाग लिया और बजरंगबली के चरणों में मत्था टेककर अपने परिवार की खुशहाली, निरोग जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।</p>
<p><strong>शाम को लगेगा विशेष छप्पन भोग</strong></p>
<p>मंदिर प्रशासन के अनुसार दर्शन-पूजन का क्रम देर रात तक जारी रहेगा। शाम को बड़े हनुमान जी को विशेष छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।</p>
<p>ज्येष्ठ मास के पांचवें मंगलवार पर बड़े हनुमान मंदिर में उमड़ी श्रद्धा और भक्ति की यह अद्भुत छटा प्रयागराज की धार्मिक परंपराओं और सनातन आस्था की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करती रही। पूरे दिन मंदिर परिसर "जय श्रीराम" और "बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय" के जयकारों से गूंजता रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 23:28:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वतंत्त्र प्रभात स्पेशल-: सुल्तान पैलेस पर सरकार का यू-टर्न: ‘नहीं टूटेगी ऐतिहासिक धरोहर</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पटना ,स्वतंत्त्र प्रभात एम रोशन </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पांच सितारा होटल परियोजना पर उठे विवाद के बीच एनडीए सरकार की बड़ी सफाई दी है।पटना के ऐतिहासिक  सुल्तान पैलेस को लेकर जारी विवाद के बीच बिहार सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। राज्य के नए पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने साफ कहा है कि राज्य की ऐतिहासिक और विरासत इमारतों को तोड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पटना में अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि बिहार में जहां भी पुराने भवन और ऐतिहासिक संरचनाएं हैं, सरकार उन्हें पर्यटन के लिहाज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179078/governments-u-turn-on-sultan-palace-historical-heritage-will-not-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0243.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पटना ,स्वतंत्त्र प्रभात एम रोशन </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पांच सितारा होटल परियोजना पर उठे विवाद के बीच एनडीए सरकार की बड़ी सफाई दी है।पटना के ऐतिहासिक  सुल्तान पैलेस को लेकर जारी विवाद के बीच बिहार सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। राज्य के नए पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने साफ कहा है कि राज्य की ऐतिहासिक और विरासत इमारतों को तोड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पटना में अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि बिहार में जहां भी पुराने भवन और ऐतिहासिक संरचनाएं हैं, सरकार उन्हें पर्यटन के लिहाज से विकसित करेगी ताकि लोग राज्य की सांस्कृतिक विरासत को करीब से जान सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सुल्तान पैलेस नहीं टूटेगा मंत्री के बयान से थमी अटकलें</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि  सुल्तान पैलेस परिसर में प्रस्तावित पांच सितारा होटल परियोजना के लिए इस 104 साल पुरानी इमारत को गिराया जा सकता है। इन खबरों के बाद इतिहासकारों, संरक्षण वास्तुकारों और विरासत प्रेमियों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी।अब पर्यटन मंत्री के बयान के बाद इस विवाद पर काफी हद तक विराम लग गया है। मंत्री ने कहा कि बिहार में जहां भी इस तरह की पुरानी ऐतिहासिक इमारतें हैं, उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।”</div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि उन्होंने परियोजना की विस्तृत रूपरेखा पर ज्यादा जानकारी नहीं दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>इतिहासकारों और नागरिक संगठनों ने उठाई थी आवाज</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुल्तान पैलेस को बचाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। कई इतिहासकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं ने सरकार से अपील की थी कि इस ऐतिहासिक भवन को ध्वस्त करने के बजाय इसे हेरिटेज होटल परियोजना का हिस्सा बनाया जाए।विशेषज्ञों का कहना था कि देश के कई राज्यों में पुरानी इमारतों को संरक्षित रखते हुए उन्हें पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है और बिहार में भी यही मॉडल अपनाया जाना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>2022 के फैसले से पीछे हटी सरकार</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि बिहार मंत्रिमंडल ने 10 सितंबर 2024 को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत सुल्तान पैलेस परिसर में पांच सितारा हेरिटेज होटल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।इस फैसले में यह स्पष्ट किया गया था कि एक सदी पुरानी ऐतिहासिक संरचना को सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने 2022 में लिए गए उस पुराने निर्णय को भी पलट दिया था, जिसमें भवन को हटाने की बात सामने आई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>1922 में बना था सुल्तान पैलेस</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजधानी पटना के मध्य में स्थित यह ऐतिहासिक भवन वर्ष 1922 में प्रसिद्ध वकील सर सुल्तान अहमद द्वारा अपने आवास के रूप में बनवाया गया था। अपनी अनोखी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह इमारत राजधानी की पहचान मानी जाती है।विश्व विरासत दिवस से ठीक पहले आई रिपोर्टों के बाद इसके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब सरकार की ओर से आई पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया ने धरोहर प्रेमियों को कुछ राहत दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पर्यटन और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन की चुनौती</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार पर्यटन विकास और विरासत संरक्षण के बीच किस तरह संतुलन बनाती है। यदि सुल्तान पैलेस को संरक्षित रखते हुए हेरिटेज होटल परियोजना विकसित की जाती है, तो यह बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 20:22:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिव बाबा धाम में श्रद्धा, स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना के साथ संपन्न हुआ “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का जनपदीय मुख्य कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[सनातनी भाजपा से एमएलसी डॉ हरिओम पाण्डेय के अलावा नहीं दिखा कोई जिला स्तरीय नेता, पदाधिकारी व कार्यकर्ता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179013/the-district-main-program-of-%E2%80%9Csomnath-swabhiman-parv%E2%80%9D-concluded-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0843.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर</strong>।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अंतर्गत जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम सोमवार को शिव बाबा धाम में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद हरिओम पांडेय, जिलाधिकारी ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योत्स्ना बंधु, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी अकबरपुर प्रतीक्षा सिंह, जिला विकास अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, अधिशाषी अधिकारी अकबरपुर बीना सिंह, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260511-wa0844.jpg" alt="IMG-20260511-WA0844" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं एवं उपस्थित जनसमूह ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा एवं राष्ट्र गौरव के प्रतीक सोमनाथ मंदिर की गौरवगाथा को स्मरण करते हुए सामूहिक रूप से आस्था एवं स्वाभिमान का संदेश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के संबोधन का हुआ सजीव प्रसारण</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंतर्गत सोमनाथ ज्योतिर्लिंग से प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण व बनारस में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम का प्रसारण भी श्रद्धालुओं को दिखाया गया। जिसे लोगों ने अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ देखा। साथ ही जनपद, तहसील एवं विकास खंड स्तर पर स्थित विभिन्न शिवालयों में जनभागीदारी के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए एवं सजीव प्रसारण को दिखाया गया। विद्यालयों में निबंध लेखन, रंगोली प्रतियोगिता एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img20260511111727.jpg" alt="IMG20260511111727" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">विधान परिषद सदस्य हरिओम पाण्डेय ने किया संबोधित </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260511-wa0836.jpg" alt="IMG-20260511-WA0836" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद हरिओम पाण्डेय सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आत्मगौरव, संघर्ष, पुनर्निर्माण एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। गुजरात के प्रभास पाटन स्थित विश्वविख्यात सोमनाथ मंदिर भारतीय सभ्यता की अटूट श्रद्धा एवं पुनर्जागरण का जीवंत प्रतीक है, जिसने सदियों से देशवासियों को आत्मबल एवं एकता का संदेश दिया है। इसी क्रम में जनपद अंबेडकरनगर में भी यह कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह एवं जनसहभागिता के साथ संपन्न कराया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 07:57:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरला में रासलीला महोत्सव के सातवें दिन सुदामा चरित्र ने दर्शकों को किया भाव-विभोर</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता मनोज कुमार </strong></div>
<div><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div>  </div>
<p>धनरूआ। प्रखंड के हरला गांव में चल रहे भव्य रासलीला महोत्सव के सातवें दिन बरसाना वृंदावन से आए व्यास श्री नंदकिशोर जी के कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जी की मित्रता पर आधारित सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक मंचन किया गया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।</p>
<p>रासलीला में सुदामा जी के गरीबी भरे जीवन, पत्नी सुशीला द्वारा श्रीकृष्ण से मिलने के लिए प्रेरित करने तथा द्वारका पहुंचने तक की कथा का सुंदर चित्रण किया गया। जैसे ही द्वारपाल से सुदामा का नाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178790/sudama-character-left-the-audience-emotional-on-the-seventh-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260509-wa0166.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता मनोज कुमार </strong></div>
<div><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div> </div>
<p>धनरूआ। प्रखंड के हरला गांव में चल रहे भव्य रासलीला महोत्सव के सातवें दिन बरसाना वृंदावन से आए व्यास श्री नंदकिशोर जी के कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जी की मित्रता पर आधारित सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक मंचन किया गया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।</p>
<p>रासलीला में सुदामा जी के गरीबी भरे जीवन, पत्नी सुशीला द्वारा श्रीकृष्ण से मिलने के लिए प्रेरित करने तथा द्वारका पहुंचने तक की कथा का सुंदर चित्रण किया गया। जैसे ही द्वारपाल से सुदामा का नाम सुनकर भगवान श्रीकृष्ण नंगे पांव अपने मित्र से मिलने दौड़ पड़े, पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img_20260509_203127.jpg" alt="सुदामा चरित्र की भावुक प्रस्तुति ने रासलीला महोत्सव में बांधा समां" width="1100" height="1120"></img></p>
<p>मंचन में दिखाया गया कि श्रीकृष्ण ने अपने बाल सखा सुदामा को प्रेमपूर्वक महल में सिंहासन पर बैठाया और उनके चरणों को अपने आंसुओं से धोया। सुदामा द्वारा लाए गए चावलों को श्रीकृष्ण ने बड़े प्रेम से ग्रहण किया। कथा के अंत में श्रीकृष्ण की कृपा से सुदामा की दरिद्रता दूर होकर महल में परिवर्तित होने का दृश्य दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान कलाकारों के संवाद, संगीत और अभिनय ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन समिति के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178790/sudama-character-left-the-audience-emotional-on-the-seventh-day</link>
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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 20:33:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भक्तिमय वातावरण  हुआ विशाल भंडारा </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नवाबगंज/ </strong>क्षेत्र के पंडरी में सुप्रसिद्ध प्रकाण्ड विद्वान, विप्र शिरोमणि एवं ज्योतिषाचार्य परम आदरणीय पंडित जगदीश मिश्रा  के पैतृक ग्राम पंडरी में उनके परिजनों द्वारा नवनिर्मित भव्य  जगदीश्वर राम जानकी मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा का भव्य महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति की दिव्य अनुभूति के तहत मनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तीन दिवसीय वैदिक अनुष्ठान, पूजन, हवन एवं मंत्रोच्चारण के उपरांत रविवार को भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">वैदिक ऋचाओं और मंत्रों की पावन ध्वनि के माध्यमसे भगवान श्रीराम, माता जानकी,  अनुज लक्ष्मण  संकटमोचन हनुमान  तथा भगवान भोलेनाथ एवं उनके परिवार की दिव्य प्रतिमाओं को पूर्ण विधि-विधान के साथ मंदिर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178085/devotional-atmosphere"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1.------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नवाबगंज/ </strong>क्षेत्र के पंडरी में सुप्रसिद्ध प्रकाण्ड विद्वान, विप्र शिरोमणि एवं ज्योतिषाचार्य परम आदरणीय पंडित जगदीश मिश्रा  के पैतृक ग्राम पंडरी में उनके परिजनों द्वारा नवनिर्मित भव्य  जगदीश्वर राम जानकी मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा का भव्य महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति की दिव्य अनुभूति के तहत मनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तीन दिवसीय वैदिक अनुष्ठान, पूजन, हवन एवं मंत्रोच्चारण के उपरांत रविवार को भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">वैदिक ऋचाओं और मंत्रों की पावन ध्वनि के माध्यमसे भगवान श्रीराम, माता जानकी,  अनुज लक्ष्मण  संकटमोचन हनुमान  तथा भगवान भोलेनाथ एवं उनके परिवार की दिव्य प्रतिमाओं को पूर्ण विधि-विधान के साथ मंदिर में विराजमान किया गया है </div>
<div style="text-align:justify;">पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में।</div>
<div style="text-align:justify;">“<img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/1f6a9/32.png" alt="🚩"></img> जय श्रीराम <img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/1f6a9/32.png" alt="🚩"></img>”</div>
<div style="text-align:justify;">और</div>
<div style="text-align:justify;">“<img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/1f531/32.png" alt="🔱"></img> हर हर महादेव <img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/1f531/32.png" alt="🔱"></img>”</div>
<div style="text-align:justify;">के उद्घोषों से गुंजायमान रहा वातावरण।</div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश मिश्रा  के सानिध्य में सम्पन्न इस दिव्य आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भक्ति और आस्था से ओतप्रोत वातावरण ने सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया ऐसा प्रतीत हुआ अब कहीं स्वर्ग है तो यहीं पर है</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के समापन पर विशाल भण्डारे एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह नव निर्मित देवालय आने वाले समय में सनातन संस्कृति, धर्म एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणास्रोत बने — यही प्रभु श्रीराम एवं देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना की गई है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:49:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंदिर चोरी कांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों के सामान बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | सुपौल </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल: </strong>जिले के त्रिवेणीगंज, राजेश्वरी थाना क्षेत्र एवं सीमावर्ती मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र में मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सुपौल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बीते दिनों इन थाना क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों में चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। साथ ही मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र में भी इसी प्रकार की वारदात की सूचना मिली थी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटनाओं की गंभीरता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177992/temple-theft-case-exposed-three-accused-arrested-goods-worth-lakhs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260503-wa0045.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | सुपौल </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुपौल: </strong>जिले के त्रिवेणीगंज, राजेश्वरी थाना क्षेत्र एवं सीमावर्ती मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र में मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सुपौल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बीते दिनों इन थाना क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों में चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। साथ ही मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र में भी इसी प्रकार की वारदात की सूचना मिली थी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए सुपौल और मधेपुरा पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी त्रिवेणीगंज के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में त्रिवेणीगंज एवं शंकरपुर थाना के पुलिस पदाधिकारी तथा डीआईयू टीम को शामिल किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण एवं मानव सूचना के आधार पर विभिन्न संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 2 मई 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गिरफ्तार आरोपी:</strong></p>
<ol style="text-align:justify;">
<li>मो. साजिद, पिता मो. अब्दुल तालीब, साकिन मेहंदी बाजार, थाना शंकरपुर, जिला मधेपुरा</li>
<li>आशीष कुमार, पिता सुरेंद्र यादव, साकिन मेहंदी बाजार, थाना शंकरपुर, जिला मधेपुरा</li>
<li>अंकित कुमार, पिता राजकिशोर गुप्ता, साकिन गढ़िया, थाना गढ़िया, जिला मधेपुरा</li>
</ol>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने आरोपियों के पास से मंदिर से चोरी हुए कई सामान बरामद किए हैं, जिनमें घंटा-घंटी (लगभग 19 किलोग्राम), माता का श्रृंगार, चांदी के आभूषण, मुकुट, धूपदान, छत्री सहित अन्य सामग्री शामिल है। साथ ही चोरी में इस्तेमाल किया गया ऑटो भी जब्त किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से धार्मिक स्थलों में हो रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177992/temple-theft-case-exposed-three-accused-arrested-goods-worth-lakhs</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 15:17:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महायज्ञ से मानव जीवन का कल्याण एवं मोक्ष प्राप्ति का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज-</strong> सीता राम आश्रम में  बैजनाथ महाराज जी के सान्निध्य में भव्य महायज्ञ एवं पूजन-अर्चन का आयोजन संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य मानव जीवन को सफल बनाना, समस्त पापों का नाश करना तथा विश्व कल्याण की भावना को सुदृढ़ करना रहा।आज के मुख्य यजमान के रूप में वरिष्ठ पार्षद मयंक यादव (वार्ड नंबर 81, नैनी) ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर यज्ञ में आहुति दी। इस अवसर पर विद्वान आचार्यों ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महायज्ञ से न केवल वातावरण शुद्ध होता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177813/message-of-welfare-of-human-life-and-attainment-of-salvation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260501-wa00771.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज-</strong> सीता राम आश्रम में  बैजनाथ महाराज जी के सान्निध्य में भव्य महायज्ञ एवं पूजन-अर्चन का आयोजन संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य मानव जीवन को सफल बनाना, समस्त पापों का नाश करना तथा विश्व कल्याण की भावना को सुदृढ़ करना रहा।आज के मुख्य यजमान के रूप में वरिष्ठ पार्षद मयंक यादव (वार्ड नंबर 81, नैनी) ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर यज्ञ में आहुति दी। इस अवसर पर विद्वान आचार्यों ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महायज्ञ से न केवल वातावरण शुद्ध होता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में वरिष्ठ आचार्य वेद विद्या मार्तंड पंडित सुभाष चंद्र ओझा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार यादव, प्रदीप महरा, शिव शंकर दीक्षित, आलोक सिंह (एडवोकेट), नीरज शर्मा, प्रदीप तिवारी, राज सिंह, सुधीर प्रजापति, उमेश सेन, संजय श्रीवास्तव एवं कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण मौजूद रहे।इस आयोजन के दौरान पार्षद कार्यालय, दक्षिणी लोकपुर में भी धार्मिक वातावरण बना रहा और उपस्थित जनसमूह ने यज्ञ के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक बनाने का संकल्प लिया।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177813/message-of-welfare-of-human-life-and-attainment-of-salvation</link>
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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 18:58:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>29 अप्रैल से 9 मई तक होगा भव्य रुद्र महायज्ञ,  भंडारे का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong>सर्वजन कल्याण की भावना के साथ श्री रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन 29 अप्रैल से 9 मई 2026 तक नैनी क्षेत्र में किया जाएगा। यह महायज्ञ सीताराम आश्रम, प्रयागराज के पूज्य बैजनाथ जी महाराज के दिशा-निर्देशन में कुशल आचार्यों द्वारा संपन्न कराया जाएगा।कार्यक्रम का आयोजन दक्षिणी लोकपुर, सहारा चौराहा, नैनी (मीरा यादव के पास), पार्षद मयंक यादव के कार्यालय के पीछे किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आयोजन समिति के सदस्य संजय श्रीवास्तव ने बताया कि यह महायज्ञ विश्व कल्याण एवं जन-जन की सुख-समृद्धि के उद्देश्य से अत्यंत भव्य एवं दिव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन हवन-पूजन एवं धार्मिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177526/grand-rudra-mahayagya-bhandara-will-be-organized-from-29th-april"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas19.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong>सर्वजन कल्याण की भावना के साथ श्री रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन 29 अप्रैल से 9 मई 2026 तक नैनी क्षेत्र में किया जाएगा। यह महायज्ञ सीताराम आश्रम, प्रयागराज के पूज्य बैजनाथ जी महाराज के दिशा-निर्देशन में कुशल आचार्यों द्वारा संपन्न कराया जाएगा।कार्यक्रम का आयोजन दक्षिणी लोकपुर, सहारा चौराहा, नैनी (मीरा यादव के पास), पार्षद मयंक यादव के कार्यालय के पीछे किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयोजन समिति के सदस्य संजय श्रीवास्तव ने बताया कि यह महायज्ञ विश्व कल्याण एवं जन-जन की सुख-समृद्धि के उद्देश्य से अत्यंत भव्य एवं दिव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान होंगे। समापन अवसर पर 9 मई 2026, शनिवार को शाम 5:00 बजे से आहुति, हवन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में सादर आमंत्रित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177526/grand-rudra-mahayagya-bhandara-will-be-organized-from-29th-april</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:44:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीराम कथा में राम की बाल लीलाओं का वर्णन</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> बिस्कोहर कस्बे से सटे जनपद बलरामपुर सीमा पर स्थित मधुपुर पकड़ी गांव में चल रहे नौ दिवसीय श्री राम कथा के छठवें दिन रविवार की रात श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।यज्ञाचार्य दुर्गेश कुमार शास्त्री अयोध्या से आए हुए जगत गुरु स्वामी राम दिनेशाचार्य ने  श्रीराम  के बाल लीलाओं बारे में कथा सुनाई। जगत गुरु स्वामी राम दिनेशाचार्य ने  प्रभु श्रीराम की मनमोहक बाल लीलाओं का वर्णन कर भक्तों को भाव विभोर कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1777291160824.jpg" alt="श्रीराम कथा में राम की बाल लीलाओं का वर्णन" width="1200" height="800" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कथा के दौरान उन्होंने उस प्रसंग का  वर्णन किया, जब भगवान भोलेनाथ बालक राम के दर्शन की लालसा में भेष बदलकर अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने संदेश</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177412/description-of-rams-childhood-activities-in-shri-ram-katha"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1777291160841.jpg" alt=""></a><br /><div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> बिस्कोहर कस्बे से सटे जनपद बलरामपुर सीमा पर स्थित मधुपुर पकड़ी गांव में चल रहे नौ दिवसीय श्री राम कथा के छठवें दिन रविवार की रात श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।यज्ञाचार्य दुर्गेश कुमार शास्त्री अयोध्या से आए हुए जगत गुरु स्वामी राम दिनेशाचार्य ने  श्रीराम  के बाल लीलाओं बारे में कथा सुनाई। जगत गुरु स्वामी राम दिनेशाचार्य ने  प्रभु श्रीराम की मनमोहक बाल लीलाओं का वर्णन कर भक्तों को भाव विभोर कर दिया।</div>
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<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1777291160824.jpg" alt="श्रीराम कथा में राम की बाल लीलाओं का वर्णन" width="1200" height="800"></img></div>
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<div style="text-align:justify;">कथा के दौरान उन्होंने उस प्रसंग का  वर्णन किया, जब भगवान भोलेनाथ बालक राम के दर्शन की लालसा में भेष बदलकर अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने संदेश देते हुए कहा श्रीराम कथा केवल श्रवण का माध्यम नहीं है बल्कि यह जीवन की पाठशाला है। हमें भगवान राम के आदर्शों और उनके चरित्र को अपने वास्तविक जीवन में उतारना चाहिए तभी ऐसी कथाओं की सार्थकता है।</div>
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<div style="text-align:justify;">इस दौरान मुख्य यजमान धनीराम प्रजापति, सीताराम प्रजापति, विजय प्रजापति,पंकज प्रजापति,दयाराम प्रजापति, विजय कुमार, धर्मेन्द्र शुक्ला, मनीराम प्रजापति, डॉ मधुसूदन शुक्ला, विजय शरण मिश्रा, संजय सिंह, मोना पाण्डेय, रक्षा राम प्रजापति, विजय कुमार अग्रहरि चेयरमैन प्रतिनिधि ,कृपा शंकर प्रजापति सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।</div>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:03:44 +0530</pubDate>
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