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                <title>किसान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>किसान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उर्वरक विक्रेताओं की बिक्री प्रतिबंधित करते हुए कारण बताओ नोटिस किया गया जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अम्बेडकरनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">माह अप्रैल तक यूरिया के लक्ष्य 1205 मी०टन के सापेक्ष 16461 मी0टन, डी०ए०पी० के लक्ष्य 709 मी०टन के सापेक्ष 4218 मी०टन, एन०पी०के० के लक्ष्य 82 मी०टन के सापेक्ष 3223 मी०टन, एस०एस०पी० के लक्ष्य 1545 मी०टन के सापेक्ष 14556 मी०टन एवं एम०ओ०पी० के लक्ष्य 119 मी०टन के सापेक्ष 154 मी०टन की उपलब्धता हुई है। जिसमें से वितरण के उपरान्त वर्तमान में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में संयुक्त रुप से यूरिया 15726 मी०टन, डी०ए०पी० 3717 मी०टन, एन0पी0के0 3147 मी०टन, एस०एस०पी० 14289 मी०टन एवं एम०ओ०पी० 138 मी०टन उपलब्ध है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में यूरिया व फास्फेटिक उर्वरको की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177560/fertilizer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260428-wa0980.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अम्बेडकरनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">माह अप्रैल तक यूरिया के लक्ष्य 1205 मी०टन के सापेक्ष 16461 मी0टन, डी०ए०पी० के लक्ष्य 709 मी०टन के सापेक्ष 4218 मी०टन, एन०पी०के० के लक्ष्य 82 मी०टन के सापेक्ष 3223 मी०टन, एस०एस०पी० के लक्ष्य 1545 मी०टन के सापेक्ष 14556 मी०टन एवं एम०ओ०पी० के लक्ष्य 119 मी०टन के सापेक्ष 154 मी०टन की उपलब्धता हुई है। जिसमें से वितरण के उपरान्त वर्तमान में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में संयुक्त रुप से यूरिया 15726 मी०टन, डी०ए०पी० 3717 मी०टन, एन0पी0के0 3147 मी०टन, एस०एस०पी० 14289 मी०टन एवं एम०ओ०पी० 138 मी०टन उपलब्ध है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में यूरिया व फास्फेटिक उर्वरको की पर्याप्त उपलब्धता है। जनपद को अयोध्या रैक प्वांइट से सहकारिता क्षेत्र में इफको कम्पनी की 1440 मी०टन (28800 बोरी) डी०ए०पी० शीघ्र ही जनपद को प्राप्त होगी। जनपद में यूरिया व फास्फेटिक उर्वरको की पर्याप्त उपलब्धता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला कृषि अधिकारी एवं कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रुम द्वारा अधिक मात्रा में यूरिया बिक्री करने वाले उर्वरक विक्रेताओं से दूरभाष पर उर्वरक वितरण के सम्बन्ध में जानकारी मांगी गयी परन्तु अधिक उर्वरक वितरण के सम्बन्ध में संतोषजनक जवाब न दिये जाने के कारण आज दिन मंगलवार को मेसर्स किसान खाद भण्डार टेकीपुर, मेसर्स डीलक्स खाद भण्डार खजुरी बाजार, मेसर्स संजय खाद भण्डार कुर्की बाजार, मेसर्स अग्रहरि खाद भण्डार सेमरी, सचिव साधन सहकारी समिति हैदराबाद, सचिव साधन सहकारी समिति, तरौली मुबारकपुर एवं सचिव साधन सहकारी समिति जलालपुर परशुराम की उर्वरकों की बिकी प्रतिबन्धित करते हुये कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा इसी के साथ आज मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी द्वारा 09 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमे मेसर्स इफको ई बाजार हरैया, बसखारी में माह मार्च व अप्रैल में अधिक यूरिया बिकी किये जाने और अभिलेख अपूर्ण रहने तथा मेसर्स विनोद फर्टिलाइजर्स, नसेड़ी द्वारा कोई भी अभिलेख न दिखाये जाने के कारण 02 कुल 09 दुकानो की उर्वरको की बिकी प्रतिबन्धित करते हुये कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">समस्त फुटकर उर्वरक विकेताओ को निर्देशित किया जाता है कि कृषक द्वारा बोई गयी फसल की अनुशंसा के अनुसार ही उर्वरक का वितरण करे तथा उर्वरक वितरण करते समय वितरण रजिस्टर में इसका उल्लेख अवश्य किया जाय कि किस फसल के लिये उर्वरक कय किया जा रहा है। अन्यथा कि दशा में अधिक उर्वरक बिकी किये जाने / बिना बोई गयी फसल पर उर्वरक बिकी किये जाने पर सम्बन्धित फुटकर उर्वरक विक्रेताओं (निजी/ सहकारिता) की बिकी प्रतिबन्धित करते हुये उनके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के सुसंगत प्राविधानों के अर्न्तगत कार्यवाही की जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उर्वरक से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के समस्या के लिये जनपद में कार्यालय जिला कृषि अधिकारी, अम्बेडकरनगर में उर्वरक कंट्रोल रुम स्थापित है जिसका नम्बर 9455485475 है। जनपद के कृषक उर्वरकों के सम्बन्ध में उक्त हेल्प लाइन नम्बर पर सम्पर्क कर उर्वरकों के सम्बन्ध में अपनी शिकायत दर्ज कराकर समाधान प्राप्त कर सकते है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 23:19:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आगजनी से फसल जलकर हुई राख</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> अज्ञात कारणों से खेत में आगजनी से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। लालगंज कोतवाली के मनीपुर में रविवार को दोपहर अज्ञात कारणों से गेहूं के खेत में आग लग गयी। इसके चलते गांव के प्रभाकर नाथ शुक्ल, भाष्कर नाथ शुक्ल, गणेश प्रसाद तिवारी, कृपाशंकर तिवारी, रमाशंकर तिवारी, सुधाकरनाथ के खेत में रखा भूसा जलकर राख हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं गांव के दिवाकर नाथ शुक्ल व विभाकर नाथ शुक्ल के दो बीघा खेत में गेहूं की फसल भी जलकर नष्ट हो गयी। सूचना पर लालगंज के फायर बिग्रेड पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177339/farmers-suffer-losses-due-to-crop-burning-due-to-arson"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260426-wa0135.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> अज्ञात कारणों से खेत में आगजनी से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। लालगंज कोतवाली के मनीपुर में रविवार को दोपहर अज्ञात कारणों से गेहूं के खेत में आग लग गयी। इसके चलते गांव के प्रभाकर नाथ शुक्ल, भाष्कर नाथ शुक्ल, गणेश प्रसाद तिवारी, कृपाशंकर तिवारी, रमाशंकर तिवारी, सुधाकरनाथ के खेत में रखा भूसा जलकर राख हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं गांव के दिवाकर नाथ शुक्ल व विभाकर नाथ शुक्ल के दो बीघा खेत में गेहूं की फसल भी जलकर नष्ट हो गयी। सूचना पर लालगंज के फायर बिग्रेड पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 18:47:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तहसील से गायब वरासत की फाइल, किसान दर-दर भटकने को मजबूर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> तहसील प्रशासन की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नायब तहसीलदार सरेनी न्यायालय से किसान की वरासत से जुड़ी पत्रावली पिछले छह महीनों से गायब है। पीड़ित किसान लगातार न्याय के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे कोई राहत नहीं मिल सकी है।क्षेत्र के मथूरपुर गांव निवासी सुनील कुमार ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वरासत से संबंधित महत्वपूर्ण पत्रावली बिना किसी सूचना के अचानक गायब हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित के अनुसार, कृष्णा देवी बनाम सुनील कुमार व सुशील कुमार बनाम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176999/heritage-file-missing-from-tehsil-farmers-forced-to-wander-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/cc4.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> तहसील प्रशासन की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नायब तहसीलदार सरेनी न्यायालय से किसान की वरासत से जुड़ी पत्रावली पिछले छह महीनों से गायब है। पीड़ित किसान लगातार न्याय के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे कोई राहत नहीं मिल सकी है।क्षेत्र के मथूरपुर गांव निवासी सुनील कुमार ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वरासत से संबंधित महत्वपूर्ण पत्रावली बिना किसी सूचना के अचानक गायब हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित के अनुसार, कृष्णा देवी बनाम सुनील कुमार व सुशील कुमार बनाम सुनील कुमार से संबंधित फाइलों का कोई अता-पता नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अब तक फाइल नहीं मिल पाई है, जिससे वरासत की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है।फाइल गायब होने के कारण किसान को अपने ही अधिकार के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे उसे आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान ने जिलाधिकारी मिथिलेश त्रिपाठी से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए जल्द से जल्द पत्रावली खोजवाकर वरासत प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है। वहीं, एसडीएम ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और पीड़ित को तहसीलदार से मिलकर अपनी समस्या रखने के निर्देश दिए गए हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 21:39:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कलवारी में पीएम प्रणाम – किसान सभा” आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र है किसानों को जागरूक करने के लिए  पीएमकेएसके कृषक भारती सेवा केंद्र, कलवारी पर “पीएम प्रणाम  किसान सभा” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती के साथ उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।सभा के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान अगौना विजय यादव एवं कृभको बस्ती के क्षेत्रीय प्रतिनिधि सुदीप सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कृभको के उत्पाद रायजोसुपर, सिवारिका, जिंक तथा बायो-फर्टिलाइजर के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> उन्होंने बताया कि पीएम प्रणाम योजना के तहत रासायनिक उर्वरकों का संतुलित प्रयोग कर लागत घटाई</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176941/pm-pranam-%E2%80%93-kisan-sabha%E2%80%9D-organized-in-calvary"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260422-wa0043.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र है किसानों को जागरूक करने के लिए  पीएमकेएसके कृषक भारती सेवा केंद्र, कलवारी पर “पीएम प्रणाम  किसान सभा” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती के साथ उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।सभा के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान अगौना विजय यादव एवं कृभको बस्ती के क्षेत्रीय प्रतिनिधि सुदीप सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कृभको के उत्पाद रायजोसुपर, सिवारिका, जिंक तथा बायो-फर्टिलाइजर के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> उन्होंने बताया कि पीएम प्रणाम योजना के तहत रासायनिक उर्वरकों का संतुलित प्रयोग कर लागत घटाई जा सकती है और मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनाए रखी जा सकती है। इस अवसर पर कृषक भारती सेवा केंद्र कलवारी के सचिव शिवम गुप्ता ने किसानों से अपील की कि भविष्य में खाद की संभावित समस्या से बचने के लिए सभी किसान शीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक किसान मौजूद रहे और उन्होंने कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की गई।</div></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 19:31:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओसवाल गन्ना किसानों का बकाया 2 वर्ष का भुगतान न होने को लेकर पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता डी एम से मिली </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>ओसवाल चीनी मिल किसानों का भुगतान न करने गन्ना समिति ने मिल मालिक पर जो मुकदमा दर्ज कराया है वह अपनी मन वांछित धाराओं में कराया है जिससे उसकी गिरफ्तारी न करें हो सके जिससे उस पर भुगतान करने का दबाव न बने इसको लेकर सुनीता गंगवार ने कहा कि गन्ना समिति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए कि समिति ने 24000 लगभग किसानों के साथ अन्याय किया है। एक गुनहगार को गन्ना समिति व स्थानीय पुलिस ने मिलकर बचाने का जो प्रयास किया है उसका दंड किसान भुगत रहे हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके लिए स्थानीय पुलिस व गन्ना</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176833/the-president-of-the-social-organization-advocate-sunita-dm-took"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img_20260421_173205.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>ओसवाल चीनी मिल किसानों का भुगतान न करने गन्ना समिति ने मिल मालिक पर जो मुकदमा दर्ज कराया है वह अपनी मन वांछित धाराओं में कराया है जिससे उसकी गिरफ्तारी न करें हो सके जिससे उस पर भुगतान करने का दबाव न बने इसको लेकर सुनीता गंगवार ने कहा कि गन्ना समिति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए कि समिति ने 24000 लगभग किसानों के साथ अन्याय किया है। एक गुनहगार को गन्ना समिति व स्थानीय पुलिस ने मिलकर बचाने का जो प्रयास किया है उसका दंड किसान भुगत रहे हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके लिए स्थानीय पुलिस व गन्ना समिति पर भी सक्षम धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए । इस संबंध में तीन दिन पूर्व  संस्था अध्यक्ष ने किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ बरेली जोन के एडीजी को भी गन्ना समिति व स्थानीय पुलिस के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए पत्र सोपा था जिस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया के इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कार्यवाही करेंगे क्योंकि प्रशासन के लिखित आश्वासन नाकाम होने पर 27 तारीख को नवाबगंज तहसील में किसान वापस आ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपना सवाल लेकर कि मंडल आयुक्त ने एक निराधार क्षेत्र विधायक द्वारा लिखी गई आपत्ति पर नीलामी प्रक्रिया रोककर गन्ना किसानों का भुगतान रुकवा दिया आक्रोशित किसान जो 2 साल से आर्थिक दंड भुगत रहा है उसकी और कोई देखने वाला नहीं सभी एक गुनहगार को बचाने में लगे है ।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 19:16:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनरेगा कर्मियों की कलमबंद हड़ताल, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">मिश्रिख़ (सीतापुर) ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन ब्लॉक मिश्रिख के बैनर तले मनरेगा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया। इस दौरान कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी  मिश्रिख को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। हड़ताल के आह्वान के तहत ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और लेखा सहायकों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें कलमबंद हड़ताल का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176754/penal-strike-of-mnrega-workers-memorandum-submitted-to-bdo"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260420-wa00071.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">मिश्रिख़ (सीतापुर) ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन ब्लॉक मिश्रिख के बैनर तले मनरेगा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया। इस दौरान कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी  मिश्रिख को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। हड़ताल के आह्वान के तहत ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और लेखा सहायकों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें कलमबंद हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष अमित कश्यप, अश्वनी शुक्ल, सना खान, शिवसागर, रामनाथ सहित करीब आधा सैकड़ा मनरेगा कर्मी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 20:05:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महमूदाबाद ब्लॉक परिसर में भाकियू (टिकैत) का जोरदार प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महमूदाबाद-</strong> सीतापु विकास खण्ड महमूदाबाद के परिसर में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की तहसील इकाई के पदाधिकारियों और किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व में दिए गए ज्ञापन के आधार पर यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। किसानों ने गौशालाओं में चारा-भूसे की समुचित व्यवस्था, ग्राम पंचायतों में खराब पड़े सरकारी हैंडपंपों की मरम्मत सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भाकियू पदाधिकारियों का कहना था कि 19 तारीख तक समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में 20 तारीख को धरना-प्रदर्शन की चेतावनी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176752/strong-demonstration-of-bku-tikait-in-mahmudabad-block-premises"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260420-wa0003.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महमूदाबाद-</strong> सीतापु विकास खण्ड महमूदाबाद के परिसर में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की तहसील इकाई के पदाधिकारियों और किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व में दिए गए ज्ञापन के आधार पर यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। किसानों ने गौशालाओं में चारा-भूसे की समुचित व्यवस्था, ग्राम पंचायतों में खराब पड़े सरकारी हैंडपंपों की मरम्मत सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाकियू पदाधिकारियों का कहना था कि 19 तारीख तक समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में 20 तारीख को धरना-प्रदर्शन की चेतावनी के तहत सोमवार सुबह 11 बजे से प्रदर्शन शुरू किया गया।प्रदर्शन के दौरान तहसील अध्यक्ष सम्मत कुमार वर्मा ने प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने सचिव अर्जुन गुप्ता पर काम में लापरवाही और हीला हवाली का आरोप लगाया, जिसको लेकर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान किसान यूनियन के कई तहसीलों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें महमूदाबाद ब्लॉक अध्यक्ष पवन कुमार वर्मा, तहसील बिसवां के तहसील अध्यक्ष शिवराज सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। साथ ही बड़ी संख्या में किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में मौजूद रहे। तहसील अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी ब्लॉक प्रशासन की होगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 19:58:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चौका नदी पर पुल की मांग को लेकर सुमरावा ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[सुमरावा, हाजीपुर, घासीपुर, अदवारी, करेहका ऊंचागांव समेत आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों ने संयुक्त आवेदन में बताया कि चौका नदी दोनों किनारों पर बसे इन गांवों को जोड़ने के लिए कोई स्थायी पुल नहीं है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176330/sumrava-villagers-wrote-a-letter-to-the-chief-minister-demanding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260416-wa0025.jpg" alt=""></a><br /><p>सुमरावा (सकरन ब्लॉक) के  ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चौका नदी पर पक्के पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल न होने के कारण रोजमर्रा की जिंदगी, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।सुमरावा, हाजीपुर, घासीपुर, अदवारी, करेहका ऊंचागांव समेत आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों ने संयुक्त आवेदन में बताया कि चौका नदी दोनों किनारों पर बसे इन गांवों को जोड़ने के लिए कोई स्थायी पुल नहीं है। खासकर मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ जाने से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है और नाव के सहारे पार करने में जान का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>आवेदन में मुख्य समस्याओं का उल्लेख किया गया है:</strong></p>
<p><strong>आवागमन में भारी कठिनाई, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए। </strong></p>
<p><strong>बरसात में नाव से पार करते समय दुर्घटना का लगातार खतरा।किसानों को अपनी फसल नदी पार ले जाने में परेशानी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। </strong></p>
<p>मांग पत्र पर <strong>दीपक कुमार, साबिर खान, लवकुश,उमेश पटेल, सारजन गिरि, अनुराग पांडे, अनवर, रंजीत निर्मल,रिंकू</strong> सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए चौका नदी पर पक्के पुल के निर्माण की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जाए। ग्रामीणों ने लिखा है कि यह पुल क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए एक वरदान साबित होगा।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।सीतापुर जिले के कई इलाकों में नदियों पर पुलों की कमी लंबे समय से विकास की राह में बाधक बनी हुई है। यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू किया जाता है तो क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।</p>
<p><strong> नितिन कुमार (संवाददाता) सुमरावा सीतापुर। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:04:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sachin Bajpai]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ से बदली किसान की किस्मत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार की ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना का असर अब गांवों में साफ दिखने लगा है। सरसौल ब्लॉक के पाली भोगीपुर गांव के प्रगतिशील किसान राम जीवन ने आधुनिक स्प्रिंकलर तकनीक अपनाकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ाई है, बल्कि पानी और बिजली की बचत का भी उदाहरण पेश किया है। राम जीवन ने बताया कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में काफी पानी बर्बाद हो जाता था, लेकिन अब स्प्रिंकलर प्रणाली से फसलों को जरूरत के अनुसार पानी मिल रहा है। इससे पानी की खपत में करीब 50 प्रतिशत तक कमी आई है और फसल की गुणवत्ता भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176242/farmers-fortunes-changed-with-per-drop-more-crop-up-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001831608.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार की ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना का असर अब गांवों में साफ दिखने लगा है। सरसौल ब्लॉक के पाली भोगीपुर गांव के प्रगतिशील किसान राम जीवन ने आधुनिक स्प्रिंकलर तकनीक अपनाकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ाई है, बल्कि पानी और बिजली की बचत का भी उदाहरण पेश किया है। राम जीवन ने बताया कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में काफी पानी बर्बाद हो जाता था, लेकिन अब स्प्रिंकलर प्रणाली से फसलों को जरूरत के अनुसार पानी मिल रहा है। इससे पानी की खपत में करीब 50 प्रतिशत तक कमी आई है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पहले जहां 8.5 बीघा खेत की सिंचाई के लिए 10 एचपी की मोटर घंटों चलानी पड़ती थी, अब वही काम 5 एचपी की मोटर से कम समय में पूरा हो रहा है। इससे बिजली खर्च में भी बड़ी बचत हुई है। स्प्रिंकलर के जरिए पानी सीधे पौधों तक पहुंचता है, जिससे कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव हो पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राम जीवन ने बताया कि इस सिस्टम को लगाने में सरकार की ओर से 90 प्रतिशत अनुदान मिला, जिससे लाखों रुपये की लागत वाला यह सिस्टम उन्हें मात्र 27 हजार रुपये में उपलब्ध हो गया। किसान की इस सफलता से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी आधुनिक तकनीक अपनाने की रुचि बढ़ी है। यह पहल न केवल खेती को लाभकारी बना रही है, बल्कि गिरते भूजल स्तर को बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 19:14:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित कृषि विकसित भारत @2047 की दिशा में नवाचार और तकनीकी सशक्तिकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, उत्तर प्रदेश</strong></blockquote><p style="text-align:justify;">लखनऊ, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित छठवीं उ.प्र. कृषि विज्ञान कांग्रेस के तृतीय दिवस पर “विकसित कृषि विकसित भारत @2047 के लिये कृषि में परिवर्तन” विषय के अंतर्गत विभिन्न तकनीकी एवं विचार-विमर्श सत्रों का सफल आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम परिषद परिसर, आलमबाग, लखनऊ में संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश भर के कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।</p><p style="text-align:justify;">तृतीय दिवस के दौरान दो तकनीकी सत्रों के साथ-साथ दो ओरल प्रस्तुतीकरण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में “लाइवलीहुड सिक्योरिटी थ्रू डेयरी, लाइवस्टॉक, पोल्ट्री एंड फिश फार्मिंग: फ्यूचर फार्मिंग @2047” तथा “डिजिटल एग्रीकल्चर”</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175820/innovation-and-technological-empowerment-towards-developed-agriculture-developed-india-2047"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/dsc_0515.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, उत्तर प्रदेश</strong></blockquote><p style="text-align:justify;">लखनऊ, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित छठवीं उ.प्र. कृषि विज्ञान कांग्रेस के तृतीय दिवस पर “विकसित कृषि विकसित भारत @2047 के लिये कृषि में परिवर्तन” विषय के अंतर्गत विभिन्न तकनीकी एवं विचार-विमर्श सत्रों का सफल आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम परिषद परिसर, आलमबाग, लखनऊ में संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश भर के कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।</p><p style="text-align:justify;">तृतीय दिवस के दौरान दो तकनीकी सत्रों के साथ-साथ दो ओरल प्रस्तुतीकरण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में “लाइवलीहुड सिक्योरिटी थ्रू डेयरी, लाइवस्टॉक, पोल्ट्री एंड फिश फार्मिंग: फ्यूचर फार्मिंग @2047” तथा “डिजिटल एग्रीकल्चर” जैसे समकालीन और अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर गहन चर्चा हुई। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों का विश्लेषण करना और भविष्य के लिए टिकाऊ एवं तकनीकी समाधान प्रस्तुत करना था।</p><p style="text-align:justify;">प्रथम तकनीकी सत्र में कृषि एवं पशुपालन से जुड़े विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा करते हुए पशुधन क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पशुधन की उत्पादकता अपेक्षाकृत कम है, जिसका एक प्रमुख कारण देशी नस्लों पर अत्यधिक निर्भरता है। इसके अतिरिक्त चारे की कमी, पशु-चिकित्सा सुविधाओं का अभाव तथा बाजार तंत्र में बिचौलियों की भूमिका भी किसानों की आय पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। विशेषज्ञों ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत नस्लों के विकास, चारा प्रबंधन और सुदृढ़ पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर बल दिया।</p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img_0564.jpg.jpeg" alt="विकसित कृषि विकसित भारत @2047 की दिशा में नवाचार और तकनीकी सशक्तिकरण" width="1200" height="800"></img></p><p style="text-align:justify;">पोल्ट्री एवं पशुधन क्षेत्र में एंटीबायोटिक के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की गई। विशेषज्ञों ने इसे एक उभरते खतरे के रूप में चिन्हित करते हुए कहा कि एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस भविष्य में मानव और पशु स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। इस दिशा में वैज्ञानिक प्रबंधन, संतुलित दवा उपयोग तथा किसानों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।</p><p style="text-align:justify;">बकरी पालन, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, पर केंद्रित सत्र में उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि उचित प्रबंधन, बेहतर नस्लों के चयन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से इस क्षेत्र में आय बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं।</p><p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती को भी विशेष महत्व दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके समाधान के रूप में गोबर, गोमूत्र और अन्य जैविक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई। प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण में भी सहायक होती है।</p><p style="text-align:justify;">मृदा स्वास्थ्य पर हुई चर्चा में यह तथ्य सामने आया कि प्रदेश में मृदा जैविक कार्बन का स्तर लगातार गिर रहा है, जो कृषि के लिए गंभीर खतरा है। विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खाद, हरी खाद और फसल चक्र अपनाने की सलाह दी। इन उपायों से न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि जल धारण क्षमता में भी सुधार होगा, जिससे जल संकट की समस्या को कम किया जा सकेगा।</p><p style="text-align:justify;">“डिजिटल एग्रीकल्चर” पर केंद्रित सत्र में आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, सटीक खेती (प्रिसीजन फार्मिंग) और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल तकनीकों के माध्यम से किसानों को मौसम, फसल स्वास्थ्य और बाजार मूल्य की सटीक जानकारी मिल सकती है, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव है। यह तकनीकी हस्तक्षेप कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</p><p style="text-align:justify;">समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में दिनेश प्रताप सिंह (राज्यमंत्री, उद्यान, कृषि विपणन, कृषि निर्यात) उपस्थित रहे। उन्होंने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों और संस्थानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर 14 एकेडमी अवार्ड, 9 फेलो अवार्ड और 7 ऑनरेरी फेलोशिप प्रदान की गईं, जो कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।</p><p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और वैज्ञानिकों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी विशेषज्ञों ने एक स्वर में यह बात कही कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल तकनीक और टिकाऊ पद्धतियों को अपनाना अनिवार्य है।</p><p style="text-align:justify;">इस प्रकार, कृषि विज्ञान कांग्रेस का यह आयोजन न केवल वर्तमान चुनौतियों पर विचार करने का मंच बना, बल्कि भविष्य की कृषि को अधिक समृद्ध, टिकाऊ और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 20:18:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बेमौसम बारिश और आंधी से किसानों की बढ़ी चिंता, गेहूं की फसल को नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार शाम अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी के बाद बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल भीग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बारिश के कारण मड़ाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है। कई किसानों की कटी फसल अभी भी खेतों में पड़ी है, जो भीगने से खराब होने की कगार पर है। बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहने से किसानों की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175544/farmers-worries-increased-due-to-unseasonal-rain-and-storm-damage"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260408-wa0516.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार शाम अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी के बाद बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल भीग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बारिश के कारण मड़ाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है। कई किसानों की कटी फसल अभी भी खेतों में पड़ी है, जो भीगने से खराब होने की कगार पर है। बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहने से किसानों की बेचैनी और बढ़ गई है।रणमऊ गांव के प्रगतिशील किसान देवकुमार यादव ने बताया कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल ही किसानों के पूरे साल का सहारा होती है और ऐसे समय पर बारिश होना बेहद चिंताजनक है। ऐहार के किसान रामकृष्ण ने बताया कि मौसम के बदलाव के कारण मड़ाई में दिक्कत आ रही है और खेतों में काम ठप हो गया है। मजदूरों के खाली बैठने से लागत भी बढ़ रही है। पिलखा गांव के किसान दलपतसिंह ने कहा कि पहले हुई बारिश से फसल पहले ही गिर चुकी थी, अब दोबारा बारिश से नुकसान और बढ़ेगा, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 20:10:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान के तहत ग्राम पंचायतवार कैंप लगाकर छूटे हुए कृषकों फार्मर आईडी से किया जाएगा संतृप्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> मुख्य सचिव के निर्देश पर दिनांक 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक फार्मर आईडी विशेष अभियान का आयोजन किया जाना है, जिसमें जनपद के छूटे हुए कृषकों का ग्राम पंचायतवार कैंप लगाकर संतृप्तिकरण किया जाएगा। इसमें राजस्व विभाग,कृषि विभाग, ग्राम विकास, पंचायत राज विभाग, उद्यान विभाग, आपूर्ति विभाग एवं अन्य विभाग मिलकर ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित अभियान को सफल बनाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद स्तर के अधिकारियों द्वारा उक्त कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की जाएगी तथा कंट्रोल रूम द्वारा भी कर्मचारियों की प्रगति को मॉनिटर किया जाएगा। फार्मर आईडी से कृषकों को खाद, बीज, केसीसी तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि जैसी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175341/under-the-special-campaign-from-6th-april-to-15th-april"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/farmer--1750940633624.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> मुख्य सचिव के निर्देश पर दिनांक 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक फार्मर आईडी विशेष अभियान का आयोजन किया जाना है, जिसमें जनपद के छूटे हुए कृषकों का ग्राम पंचायतवार कैंप लगाकर संतृप्तिकरण किया जाएगा। इसमें राजस्व विभाग,कृषि विभाग, ग्राम विकास, पंचायत राज विभाग, उद्यान विभाग, आपूर्ति विभाग एवं अन्य विभाग मिलकर ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित अभियान को सफल बनाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद स्तर के अधिकारियों द्वारा उक्त कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की जाएगी तथा कंट्रोल रूम द्वारा भी कर्मचारियों की प्रगति को मॉनिटर किया जाएगा। फार्मर आईडी से कृषकों को खाद, बीज, केसीसी तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि जैसी योजनाओं के साथ अन्य योजनाओं से भी आच्छादित और लाभान्वित करने में मदद मिलेगी। उपनिदेशक कृषि ने बताया कि जिला अधिकारी  द्वारा उक्त कार्यक्रम हेतु विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 21:02:49 +0530</pubDate>
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