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                <title>किसान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>किसान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शारदीय खरीफ महाअभियान 2026 बना रस्म अदायगी, किसान रहे नदारद, विभागीय कर्मियों से भरी  प्रशिक्षण शिविर की कुर्सी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल किसानों को आधुनिक खेती, नई कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित शारदीय खरीफ महाअभियान 2026 का प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया। प्रखंड कृषि कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यशाला में मंच पर जनप्रतिनिधियों और कृषि अधिकारियों की मौजूदगी तो दिखी, लेकिन जिन किसानों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था, उनकी भागीदारी बेहद कम नजर आई। कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक सोनम रानी और प्रखंड प्रमुख काजल देवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उद्घाटन के बाद विधायक ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181108/shardiya-kharif-maha-abhiyan-2026-became-a-ritual-farmers-remained"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-12-at-19.24.26.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल किसानों को आधुनिक खेती, नई कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित शारदीय खरीफ महाअभियान 2026 का प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया। प्रखंड कृषि कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यशाला में मंच पर जनप्रतिनिधियों और कृषि अधिकारियों की मौजूदगी तो दिखी, लेकिन जिन किसानों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था, उनकी भागीदारी बेहद कम नजर आई। कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक सोनम रानी और प्रखंड प्रमुख काजल देवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उद्घाटन के बाद विधायक ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने तथा विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। साथ ही किसानों की समस्याओं के समाधान का भरोसा भी दिलाया। लेकिन कार्यक्रम स्थल की तस्वीरें और स्थानीय लोगों के दावे कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि अधिकांश पंचायतों के किसानों को कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">न गांवों में प्रचार-प्रसार हुआ और न ही किसानों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया। नतीजा यह रहा कि किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में वास्तविक किसानों की तुलना में कृषि विभाग के कर्मी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और अन्य कर्मचारी अधिक दिखाई दिए। स्थानीय किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग के अधिकांश कार्यक्रम अब किसानों के हित से अधिक विभागीय उपलब्धियां गिनाने और कागजी रिपोर्ट तैयार करने का माध्यम बन गए हैं।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-12-at-19.24.25.jpeg" alt="शारदीय खरीफ महाअभियान 2026 बना रस्म अदायगी, किसान रहे नदारद, विभागीय कर्मियों से भरी  प्रशिक्षण शिविर की कुर्सी" width="1280" height="928"></img></p>
<p style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि हर वर्ष प्रशिक्षण, जागरूकता और महाअभियान के नाम पर कार्यक्रम आयोजित होते हैं, लेकिन खेती करने वाले आम किसान तक न तो योजनाओं की पूरी जानकारी पहुंचती है और न ही उन्हें प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ मिलता है।एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा, "अगर यह किसानों का कार्यक्रम था तो किसान कहां थे? गांवों में किसी को इसकी जानकारी नहीं थी। विभाग कार्यालय में कार्यक्रम कर फोटो खिंचवा लेता है और बाद में रिपोर्ट में हजारों किसानों को लाभान्वित दिखा दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />कार्यक्रम में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी नीतीश कुमार ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को अनुदान योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। अधिकारियों ने उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक उपयोग, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी भी दी।<br />हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही बना रहा कि जब किसानों की उपस्थिति ही सीमित रही तो विभाग द्वारा दी गई जानकारियां आखिर किन तक पहुंचीं? यदि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में वास्तविक किसान ही शामिल नहीं होंगे तो सरकार की योजनाओं और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह खेतों तक कैसे पहुंचेगी?</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग वर्षों से कागजी आंकड़ों और औपचारिक बैठकों के सहारे अपनी उपलब्धियां गिनाता रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर किसान आज भी समय पर बीज, खाद, सिंचाई सुविधा और योजनाओं की जानकारी के लिए भटकते रहते हैं। कई किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अक्सर एक विशेष समूह या चुनिंदा लोगों को ही बुलाया जाता है, जिससे आम किसानों की भागीदारी प्रभावित होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">शारदीय खरीफ महाअभियान 2026 के इस आयोजन ने एक बार फिर कृषि विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि विभाग वास्तव में किसानों को सशक्त बनाना चाहता है तो उसे कार्यालयों से निकलकर गांवों तक पहुंचना होगा। अन्यथा किसानों के नाम पर होने वाले ऐसे कार्यक्रम केवल भाषण, फोटो सेशन और कागजी उपलब्धियों तक ही सीमित रह जाएंगे, जबकि खेतों में मेहनत करने वाला किसान जानकारी और सुविधा दोनों से वंचित रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>किसान</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 22:51:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनी किसानों की समस्याएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, कृषि वैज्ञानिकों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में किसानों की समस्याओं एवं कृषि विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में उपनिदेशक कृषि ने गत किसान दिवस की कार्यवाही एवं अनुपालन आख्या प्रस्तुत की, जिस पर उपस्थित कृषकों ने संतोष व्यक्त किया। इस दौरान किसानों द्वारा विद्युत पोल हटाने, सिंचाई व्यवस्था एवं माइनरों में पानी न पहुंचने जैसी समस्याएं उठाई गईं, जिन पर जिलाधिकारी ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179894/district-magistrate-listened-to-the-problems-of-farmers-during-farmers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260522-wa0938.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, कृषि वैज्ञानिकों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में किसानों की समस्याओं एवं कृषि विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में उपनिदेशक कृषि ने गत किसान दिवस की कार्यवाही एवं अनुपालन आख्या प्रस्तुत की, जिस पर उपस्थित कृषकों ने संतोष व्यक्त किया। इस दौरान किसानों द्वारा विद्युत पोल हटाने, सिंचाई व्यवस्था एवं माइनरों में पानी न पहुंचने जैसी समस्याएं उठाई गईं, जिन पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को हरी खाद, धान की नर्सरी उपचार, उन्नत खेती तकनीक एवं फसल उत्पादन बढ़ाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। साथ ही वर्तमान में उपलब्ध खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन एवं मिनी किट के विषय में भी जानकारी प्रदान की गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260522-wa0936.jpg" alt="IMG-20260522-WA0936" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में पशुओं के टीकाकरण संबंधी समस्या उठने पर जिलाधिकारी ने तत्काल शासन स्तर पर वार्ता कर आवश्यक वैक्सीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। पशुपालन को आयवर्धन का सशक्त माध्यम बताते हुए एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी, उन्नत नस्ल संवर्धन, वर्मीकम्पोस्ट निर्माण एवं 90 प्रतिशत अनुदान पर बकरी पालन योजनाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और किसानों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अधिशाषी अभियंता विद्युत, नलकूप विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को विभागीय योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी। अंत में उप कृषि निदेशक द्वारा सभी अधिकारियों एवं कृषकों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी किसान दिवस बैठक 17 जून 2026 को आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 17:58:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रामीण विकास की नई दिशा: रोजगार से समृद्धि तक का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत के ग्रामीण विकास की कहानी समय के साथ लगातार बदलती रही है। कभी रोजगार गारंटी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य केवल गरीब परिवारों को अस्थायी राहत देना था, लेकिन अब देश गांवों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के साथ नया ग्रामीण रोजगार एवं विकास ढांचा सामने आया है, जिसका उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी विकास की नींव तैयार करना है।</p>
<p>नई व्यवस्था में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक करने का प्रस्ताव ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179217/new-direction-of-rural-development-journey-from-employment-to-prosperity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/kishan.png" alt=""></a><br /><p>भारत के ग्रामीण विकास की कहानी समय के साथ लगातार बदलती रही है। कभी रोजगार गारंटी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य केवल गरीब परिवारों को अस्थायी राहत देना था, लेकिन अब देश गांवों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के साथ नया ग्रामीण रोजगार एवं विकास ढांचा सामने आया है, जिसका उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी विकास की नींव तैयार करना है।</p>
<p>नई व्यवस्था में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक करने का प्रस्ताव ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे खेतिहर मजदूरों, छोटे किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अतिरिक्त आय का सहारा मिलेगा। साथ ही मजदूरी भुगतान को समयबद्ध और सीधे बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था पारदर्शिता को मजबूत करेगी।</p>
<p>इस नई योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रोजगार को गांवों के विकास कार्यों से जोड़ा गया है। अब केवल अस्थायी काम कराने के बजाय जल संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था, ग्रामीण सड़कें, भंडारण केंद्र, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे जैसे कार्यों पर जोर दिया जाएगा। इससे गांवों में रोजगार के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियां भी तैयार होंगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाएं कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद करेंगी, जबकि ग्रामीण बाजार और भंडारण सुविधाएं किसानों की आय में सुधार ला सकती हैं। इसके अलावा छोटे स्तर के ग्रामीण उद्योगों और स्थानीय उद्यमों को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>नई व्यवस्था में ग्राम पंचायतों की भूमिका भी पहले से अधिक महत्वपूर्ण होगी। गांव स्तर पर विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी और स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों का चयन होगा। इससे योजनाओं में स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी और विकास अधिक प्रभावी बन सकेगा।</p>
<p>तकनीक के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। डिजिटल उपस्थिति प्रणाली, भू-टैगिंग, सामाजिक ऑडिट और ऑनलाइन निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भ्रष्टाचार कम करने और जवाबदेही बढ़ाने में मदद करेंगी।</p>
<p>ग्रामीण भारत आज तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में केवल रोजगार देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। गांवों को मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर कृषि व्यवस्था और स्थानीय आर्थिक अवसरों की जरूरत है। यही कारण है कि यह नया मॉडल रोजगार योजना से आगे बढ़कर ग्रामीण समृद्धि का आधार बनने की कोशिश करता दिखाई देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 12:27:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान और देश का विकास ही इफको का संकल्प।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
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<div style="text-align:justify;">वर्तमान कृषि की दशा व दिशा बदलने के लिए  इफको के उत्पादों को सुलभ रूप से देश के हर कोने में किसानों के पास पहुंचने में इफको ई- बाजार का बहुत योगदान है। </div>
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<div style="text-align:justify;">उक्त बातें श्री एन.के.भाटिया, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर इफको ई बाजार लिमिटेड नई दिल्ली विपणन ने बतौर विशिष्ट अतिथि,  इफको ई बाजार पूर्वी उत्तर प्रदेश के 36 बिक्री अधिकारियों की प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।  कार्यक्रम का प्रारंभ  "किसान और देश का विकास ही इफको का संकल्प" के भाव के साथ दीप प्रज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  श्री पी.के.</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179180/iffcos-resolve-is-to-develop-farmers-and-the-country"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0132.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान कृषि की दशा व दिशा बदलने के लिए  इफको के उत्पादों को सुलभ रूप से देश के हर कोने में किसानों के पास पहुंचने में इफको ई- बाजार का बहुत योगदान है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त बातें श्री एन.के.भाटिया, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर इफको ई बाजार लिमिटेड नई दिल्ली विपणन ने बतौर विशिष्ट अतिथि,  इफको ई बाजार पूर्वी उत्तर प्रदेश के 36 बिक्री अधिकारियों की प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।  कार्यक्रम का प्रारंभ  "किसान और देश का विकास ही इफको का संकल्प" के भाव के साथ दीप प्रज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  श्री पी.के. सिंह , इकाई प्रमुख इफको फूलपुर इकाई ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया एवं प्रोत्साहित करते हुए कहा की इफको गुणवत्तापूर्ण उर्वरक को बनाने में जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है ।  इफको जैसा विश्वास सभी के एक साथ प्रयास से ही बनता है।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में कॉर्डेट फूलपुर के प्रधानाचार्य डॉ डी.के. सिंह ने तकनीकी सत्र में  इफको के स्मार्ट उर्वरकों नैनो यूरिया प्लस, नैनों  डीएपी , नैनो कापर, नैनो जिंक एवं विभिन्न जल विलय उर्वरकों  के प्रयोग की तकनीकी जानकारी दी। वर्तमान कृषि में मिट्टी के स्वास्थ्य के की बात कहते हुए कहा की मिट्टी में जीवांश कार्बन की मात्रा को बढ़ाने के लिए कार्य करना होगा। इसके लिए किसान भाइयों को कार्बनिक खादों, हरी खाद,जैव उर्वरकों एवं जैव अपघटकों के प्रयोग को जिम्मेदारी पूर्वक बताना होगा । किसान भाइयों को प्रेरित करना होगा कि वे अपनी मिट्टी की जांच कर के मृदा कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग सुनिश्चित करें  ताकि आत्मनिर्भर कृषि से आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाया जा सके। कृषि में जैव उर्वरकों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने की जरूरत है ताकि मिट्टी में मित्र जीवों की संख्या मे वृद्धि हो और सस्ती एवं टिकाऊ खेती का रास्ता बने।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर  इफको ई बाजार लिमिटेड के श्री अमरदीप तिवारी, आलोक कुमार यादव , कार्डेट फूलपुर के श्री राजेश कुमार सिंह, मुकेश तिवारी , अमित कुमार सहित कॉरडेट टीम उपस्थित रही। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को कोरडेट की गतिविधियों से परिचित कराया गया एवं विभिन्न इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया  साथ ही इफको नैनो यूरिया संयंत्र एवं  यूरिया संयंत्र का भ्रमण कराया गया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 20:26:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल में फॉर्मर रजिस्ट्री को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात | पटना , बिहार ब्यूरो</strong></div>
<div><strong>  प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div>  </div>
<p>सुपौल जिले के सभी रैयत कृषकों का फॉर्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने को लेकर मंगलवार को नगर भवन में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी सावन कुमार ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी फॉर्मर रजिस्ट्री आईडी धारक कर्मी प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य को कैंप मोड में संचालित किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसानों का समय पर निबंधन हो सके। अंचलाधिकारियों को अपने स्तर से नियमित समीक्षा करने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179098/district-level-training-regarding-former-registry-in-supaul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0199.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात | पटना , बिहार ब्यूरो</strong></div>
<div><strong> प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div> </div>
<p>सुपौल जिले के सभी रैयत कृषकों का फॉर्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने को लेकर मंगलवार को नगर भवन में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी सावन कुमार ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी फॉर्मर रजिस्ट्री आईडी धारक कर्मी प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य को कैंप मोड में संचालित किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसानों का समय पर निबंधन हो सके। अंचलाधिकारियों को अपने स्तर से नियमित समीक्षा करने तथा सभी संबंधित कर्मियों को विभागीय निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से कार्य निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260512-wa0196.jpg" alt="सुपौल में फॉर्मर रजिस्ट्री को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण" width="4080" height="3060"></img></p>
<p>जिलाधिकारी ने जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर कंट्रोल रूम गठित करने का भी निर्देश दिया। साथ ही जिला कृषि पदाधिकारी को प्रतिदिन शाम 4:30 बजे तक प्रगति की समेकित रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260512-wa0197.jpg" alt="सुपौल में फॉर्मर रजिस्ट्री को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण" width="1600" height="723"></img></p>
<p>प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक बीज उत्पादन, उप परियोजना निदेशक आत्मा, अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, हल्का कर्मचारी, किसान सलाहकार, विकास मित्र, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत कार्यपालक सहायक, इंदिरा आवास सहायक, बंदोबस्त अमीन, कानूनगो एवं राजस्व कर्मचारी सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>किसान</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 21:04:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नदौल रेलवे स्टेशन पर छिनतई की साजिश नाकाम, हथियार के साथ दो गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता मनोज कुमार की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<p style="text-align:justify;"><strong>मसौढ़ी।</strong> नदौल रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रेन में छिनतई की योजना बना रहे दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी प्लेटफॉर्म पर वारदात को अंजाम देने की फिराक में बैठे थे। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हथियार और कारतूस के साथ दबोच लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि नदौल रेलवे स्टेशन पर कुछ अपराधी ट्रेन में छिनतई की घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178467/snatching-plot-foiled-at-nadaul-railway-station-two-arrested-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/bihar-10.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता मनोज कुमार की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<p style="text-align:justify;"><strong>मसौढ़ी।</strong> नदौल रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रेन में छिनतई की योजना बना रहे दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी प्लेटफॉर्म पर वारदात को अंजाम देने की फिराक में बैठे थे। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हथियार और कारतूस के साथ दबोच लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि नदौल रेलवे स्टेशन पर कुछ अपराधी ट्रेन में छिनतई की घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर छापेमारी की। इस दौरान दो युवक पुलिस को देखते ही भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर दोनों को पकड़ लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तार आरोपियों की पहचान (27 वर्ष) एवं (31 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों मसौढ़ी थाना क्षेत्र के बैरमचक गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">तलाशी के दौरान पिन्टु बिन्द के पास से एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा, 8000 रुपये नकद एवं एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। वहीं जय प्रकाश कुमार के पास से 1500 रुपये नकद और एक पर्स बरामद हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पिन्टु बिन्द का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ जहानाबाद रेल थाना में चोरी, छिनतई एवं आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य थानों से भी उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से रेलवे स्टेशन एवं आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>किसान</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 19:00:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बायोफोर्टिफाइड धान की खेती से सुधरेगा स्वास्थ्य, कुपोषण पर लगेगी रोक : डॉ सर्वजीत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने किसानों से बायोफोर्टिफाइड धान की किस्मों की खेती अपनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि यदि किसान बायोफोर्टिफाइड धान की खेती करते हैं, तो इससे न केवल अच्छी उपज प्राप्त होगी, बल्कि मानव स्वास्थ्य में भी सुधार होगा और कुपोषण जैसी गंभीर समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. सर्वजीत ने बताया कि बायोफोर्टिफाइड चावल आयरन और जिंक जैसे आवश्यक खनिज तत्वों का अच्छा स्रोत है। इन पोषक तत्वों से भरपूर अनाज के सेवन से शरीर में पोषण की कमी दूर होती है, एनीमिया जैसी बीमारियों से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178289/cultivation-of-biofortified-paddy-will-improve-health-and-prevent-malnutrition"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/42.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने किसानों से बायोफोर्टिफाइड धान की किस्मों की खेती अपनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि यदि किसान बायोफोर्टिफाइड धान की खेती करते हैं, तो इससे न केवल अच्छी उपज प्राप्त होगी, बल्कि मानव स्वास्थ्य में भी सुधार होगा और कुपोषण जैसी गंभीर समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. सर्वजीत ने बताया कि बायोफोर्टिफाइड चावल आयरन और जिंक जैसे आवश्यक खनिज तत्वों का अच्छा स्रोत है। इन पोषक तत्वों से भरपूर अनाज के सेवन से शरीर में पोषण की कमी दूर होती है, एनीमिया जैसी बीमारियों से बचाव होता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुपोषण एक बड़ी चुनौती है, जिसे बायोफोर्टिफाइड फसलों के माध्यम से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के विभिन्न संस्थानों तथा कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा बायोफोर्टिफाइड प्रजातियों के विकास पर लगातार कार्य किया जा रहा है। धान की प्रमुख बायोफोर्टिफाइड किस्मों में  सीआर धान  310,  311 और  315 शामिल हैं। ये प्रजातियां 125 से 130 दिन में तैयार होती हैं तथा इनकी उपज 45 से 50 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त डीआरआर धान 45,  48 और  49 भी महत्वपूर्ण बायोफोर्टिफाइड प्रजातियां हैं, जो 130 से 135 दिन में पककर तैयार होती हैं और 48 से 52 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक उपज देती हैं। इन प्रजातियों में जिंक की मात्रा 22 से 25 पीपीएम तक पाई जाती है, जबकि सामान्य धान की किस्मों में जिंक की मात्रा केवल 12 से 16 पीपीएम होती है।उन्होंने बताया कि जिंको  राइस एमएस नामक प्रजाति में जिंक की मात्रा 27.4 पीपीएम तक पाई जाती है,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। जिंक एक महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व है, जो शरीर की वृद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। डॉ. सर्वजीत ने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक धान की किस्मों के साथ-साथ बायोफोर्टिफाइड प्रजातियों की खेती को प्राथमिकता दें, ताकि खेती लाभकारी होने के साथ समाज भी स्वस्थ और पोषित बन सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178289/cultivation-of-biofortified-paddy-will-improve-health-and-prevent-malnutrition</link>
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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 22:49:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उर्वरक विक्रेताओं की बिक्री प्रतिबंधित करते हुए कारण बताओ नोटिस किया गया जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अम्बेडकरनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">माह अप्रैल तक यूरिया के लक्ष्य 1205 मी०टन के सापेक्ष 16461 मी0टन, डी०ए०पी० के लक्ष्य 709 मी०टन के सापेक्ष 4218 मी०टन, एन०पी०के० के लक्ष्य 82 मी०टन के सापेक्ष 3223 मी०टन, एस०एस०पी० के लक्ष्य 1545 मी०टन के सापेक्ष 14556 मी०टन एवं एम०ओ०पी० के लक्ष्य 119 मी०टन के सापेक्ष 154 मी०टन की उपलब्धता हुई है। जिसमें से वितरण के उपरान्त वर्तमान में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में संयुक्त रुप से यूरिया 15726 मी०टन, डी०ए०पी० 3717 मी०टन, एन0पी0के0 3147 मी०टन, एस०एस०पी० 14289 मी०टन एवं एम०ओ०पी० 138 मी०टन उपलब्ध है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में यूरिया व फास्फेटिक उर्वरको की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177560/fertilizer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260428-wa0980.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अम्बेडकरनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">माह अप्रैल तक यूरिया के लक्ष्य 1205 मी०टन के सापेक्ष 16461 मी0टन, डी०ए०पी० के लक्ष्य 709 मी०टन के सापेक्ष 4218 मी०टन, एन०पी०के० के लक्ष्य 82 मी०टन के सापेक्ष 3223 मी०टन, एस०एस०पी० के लक्ष्य 1545 मी०टन के सापेक्ष 14556 मी०टन एवं एम०ओ०पी० के लक्ष्य 119 मी०टन के सापेक्ष 154 मी०टन की उपलब्धता हुई है। जिसमें से वितरण के उपरान्त वर्तमान में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में संयुक्त रुप से यूरिया 15726 मी०टन, डी०ए०पी० 3717 मी०टन, एन0पी0के0 3147 मी०टन, एस०एस०पी० 14289 मी०टन एवं एम०ओ०पी० 138 मी०टन उपलब्ध है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में यूरिया व फास्फेटिक उर्वरको की पर्याप्त उपलब्धता है। जनपद को अयोध्या रैक प्वांइट से सहकारिता क्षेत्र में इफको कम्पनी की 1440 मी०टन (28800 बोरी) डी०ए०पी० शीघ्र ही जनपद को प्राप्त होगी। जनपद में यूरिया व फास्फेटिक उर्वरको की पर्याप्त उपलब्धता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला कृषि अधिकारी एवं कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रुम द्वारा अधिक मात्रा में यूरिया बिक्री करने वाले उर्वरक विक्रेताओं से दूरभाष पर उर्वरक वितरण के सम्बन्ध में जानकारी मांगी गयी परन्तु अधिक उर्वरक वितरण के सम्बन्ध में संतोषजनक जवाब न दिये जाने के कारण आज दिन मंगलवार को मेसर्स किसान खाद भण्डार टेकीपुर, मेसर्स डीलक्स खाद भण्डार खजुरी बाजार, मेसर्स संजय खाद भण्डार कुर्की बाजार, मेसर्स अग्रहरि खाद भण्डार सेमरी, सचिव साधन सहकारी समिति हैदराबाद, सचिव साधन सहकारी समिति, तरौली मुबारकपुर एवं सचिव साधन सहकारी समिति जलालपुर परशुराम की उर्वरकों की बिकी प्रतिबन्धित करते हुये कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा इसी के साथ आज मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी द्वारा 09 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमे मेसर्स इफको ई बाजार हरैया, बसखारी में माह मार्च व अप्रैल में अधिक यूरिया बिकी किये जाने और अभिलेख अपूर्ण रहने तथा मेसर्स विनोद फर्टिलाइजर्स, नसेड़ी द्वारा कोई भी अभिलेख न दिखाये जाने के कारण 02 कुल 09 दुकानो की उर्वरको की बिकी प्रतिबन्धित करते हुये कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">समस्त फुटकर उर्वरक विकेताओ को निर्देशित किया जाता है कि कृषक द्वारा बोई गयी फसल की अनुशंसा के अनुसार ही उर्वरक का वितरण करे तथा उर्वरक वितरण करते समय वितरण रजिस्टर में इसका उल्लेख अवश्य किया जाय कि किस फसल के लिये उर्वरक कय किया जा रहा है। अन्यथा कि दशा में अधिक उर्वरक बिकी किये जाने / बिना बोई गयी फसल पर उर्वरक बिकी किये जाने पर सम्बन्धित फुटकर उर्वरक विक्रेताओं (निजी/ सहकारिता) की बिकी प्रतिबन्धित करते हुये उनके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के सुसंगत प्राविधानों के अर्न्तगत कार्यवाही की जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उर्वरक से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के समस्या के लिये जनपद में कार्यालय जिला कृषि अधिकारी, अम्बेडकरनगर में उर्वरक कंट्रोल रुम स्थापित है जिसका नम्बर 9455485475 है। जनपद के कृषक उर्वरकों के सम्बन्ध में उक्त हेल्प लाइन नम्बर पर सम्पर्क कर उर्वरकों के सम्बन्ध में अपनी शिकायत दर्ज कराकर समाधान प्राप्त कर सकते है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 23:19:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आगजनी से फसल जलकर हुई राख</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> अज्ञात कारणों से खेत में आगजनी से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। लालगंज कोतवाली के मनीपुर में रविवार को दोपहर अज्ञात कारणों से गेहूं के खेत में आग लग गयी। इसके चलते गांव के प्रभाकर नाथ शुक्ल, भाष्कर नाथ शुक्ल, गणेश प्रसाद तिवारी, कृपाशंकर तिवारी, रमाशंकर तिवारी, सुधाकरनाथ के खेत में रखा भूसा जलकर राख हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं गांव के दिवाकर नाथ शुक्ल व विभाकर नाथ शुक्ल के दो बीघा खेत में गेहूं की फसल भी जलकर नष्ट हो गयी। सूचना पर लालगंज के फायर बिग्रेड पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177339/farmers-suffer-losses-due-to-crop-burning-due-to-arson"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260426-wa0135.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> अज्ञात कारणों से खेत में आगजनी से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। लालगंज कोतवाली के मनीपुर में रविवार को दोपहर अज्ञात कारणों से गेहूं के खेत में आग लग गयी। इसके चलते गांव के प्रभाकर नाथ शुक्ल, भाष्कर नाथ शुक्ल, गणेश प्रसाद तिवारी, कृपाशंकर तिवारी, रमाशंकर तिवारी, सुधाकरनाथ के खेत में रखा भूसा जलकर राख हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं गांव के दिवाकर नाथ शुक्ल व विभाकर नाथ शुक्ल के दो बीघा खेत में गेहूं की फसल भी जलकर नष्ट हो गयी। सूचना पर लालगंज के फायर बिग्रेड पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 18:47:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तहसील से गायब वरासत की फाइल, किसान दर-दर भटकने को मजबूर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> तहसील प्रशासन की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नायब तहसीलदार सरेनी न्यायालय से किसान की वरासत से जुड़ी पत्रावली पिछले छह महीनों से गायब है। पीड़ित किसान लगातार न्याय के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे कोई राहत नहीं मिल सकी है।क्षेत्र के मथूरपुर गांव निवासी सुनील कुमार ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वरासत से संबंधित महत्वपूर्ण पत्रावली बिना किसी सूचना के अचानक गायब हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित के अनुसार, कृष्णा देवी बनाम सुनील कुमार व सुशील कुमार बनाम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176999/heritage-file-missing-from-tehsil-farmers-forced-to-wander-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/cc4.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> तहसील प्रशासन की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नायब तहसीलदार सरेनी न्यायालय से किसान की वरासत से जुड़ी पत्रावली पिछले छह महीनों से गायब है। पीड़ित किसान लगातार न्याय के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे कोई राहत नहीं मिल सकी है।क्षेत्र के मथूरपुर गांव निवासी सुनील कुमार ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वरासत से संबंधित महत्वपूर्ण पत्रावली बिना किसी सूचना के अचानक गायब हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित के अनुसार, कृष्णा देवी बनाम सुनील कुमार व सुशील कुमार बनाम सुनील कुमार से संबंधित फाइलों का कोई अता-पता नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अब तक फाइल नहीं मिल पाई है, जिससे वरासत की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है।फाइल गायब होने के कारण किसान को अपने ही अधिकार के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे उसे आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान ने जिलाधिकारी मिथिलेश त्रिपाठी से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए जल्द से जल्द पत्रावली खोजवाकर वरासत प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है। वहीं, एसडीएम ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और पीड़ित को तहसीलदार से मिलकर अपनी समस्या रखने के निर्देश दिए गए हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 21:39:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कलवारी में पीएम प्रणाम – किसान सभा” आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र है किसानों को जागरूक करने के लिए  पीएमकेएसके कृषक भारती सेवा केंद्र, कलवारी पर “पीएम प्रणाम  किसान सभा” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती के साथ उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।सभा के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान अगौना विजय यादव एवं कृभको बस्ती के क्षेत्रीय प्रतिनिधि सुदीप सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कृभको के उत्पाद रायजोसुपर, सिवारिका, जिंक तथा बायो-फर्टिलाइजर के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> उन्होंने बताया कि पीएम प्रणाम योजना के तहत रासायनिक उर्वरकों का संतुलित प्रयोग कर लागत घटाई</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176941/pm-pranam-%E2%80%93-kisan-sabha%E2%80%9D-organized-in-calvary"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260422-wa0043.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र है किसानों को जागरूक करने के लिए  पीएमकेएसके कृषक भारती सेवा केंद्र, कलवारी पर “पीएम प्रणाम  किसान सभा” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती के साथ उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।सभा के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान अगौना विजय यादव एवं कृभको बस्ती के क्षेत्रीय प्रतिनिधि सुदीप सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कृभको के उत्पाद रायजोसुपर, सिवारिका, जिंक तथा बायो-फर्टिलाइजर के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> उन्होंने बताया कि पीएम प्रणाम योजना के तहत रासायनिक उर्वरकों का संतुलित प्रयोग कर लागत घटाई जा सकती है और मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनाए रखी जा सकती है। इस अवसर पर कृषक भारती सेवा केंद्र कलवारी के सचिव शिवम गुप्ता ने किसानों से अपील की कि भविष्य में खाद की संभावित समस्या से बचने के लिए सभी किसान शीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक किसान मौजूद रहे और उन्होंने कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की गई।</div></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176941/pm-pranam-%E2%80%93-kisan-sabha%E2%80%9D-organized-in-calvary</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 19:31:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओसवाल गन्ना किसानों का बकाया 2 वर्ष का भुगतान न होने को लेकर पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता डी एम से मिली </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>ओसवाल चीनी मिल किसानों का भुगतान न करने गन्ना समिति ने मिल मालिक पर जो मुकदमा दर्ज कराया है वह अपनी मन वांछित धाराओं में कराया है जिससे उसकी गिरफ्तारी न करें हो सके जिससे उस पर भुगतान करने का दबाव न बने इसको लेकर सुनीता गंगवार ने कहा कि गन्ना समिति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए कि समिति ने 24000 लगभग किसानों के साथ अन्याय किया है। एक गुनहगार को गन्ना समिति व स्थानीय पुलिस ने मिलकर बचाने का जो प्रयास किया है उसका दंड किसान भुगत रहे हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके लिए स्थानीय पुलिस व गन्ना</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176833/the-president-of-the-social-organization-advocate-sunita-dm-took"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img_20260421_173205.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>ओसवाल चीनी मिल किसानों का भुगतान न करने गन्ना समिति ने मिल मालिक पर जो मुकदमा दर्ज कराया है वह अपनी मन वांछित धाराओं में कराया है जिससे उसकी गिरफ्तारी न करें हो सके जिससे उस पर भुगतान करने का दबाव न बने इसको लेकर सुनीता गंगवार ने कहा कि गन्ना समिति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए कि समिति ने 24000 लगभग किसानों के साथ अन्याय किया है। एक गुनहगार को गन्ना समिति व स्थानीय पुलिस ने मिलकर बचाने का जो प्रयास किया है उसका दंड किसान भुगत रहे हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके लिए स्थानीय पुलिस व गन्ना समिति पर भी सक्षम धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए । इस संबंध में तीन दिन पूर्व  संस्था अध्यक्ष ने किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ बरेली जोन के एडीजी को भी गन्ना समिति व स्थानीय पुलिस के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए पत्र सोपा था जिस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया के इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कार्यवाही करेंगे क्योंकि प्रशासन के लिखित आश्वासन नाकाम होने पर 27 तारीख को नवाबगंज तहसील में किसान वापस आ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपना सवाल लेकर कि मंडल आयुक्त ने एक निराधार क्षेत्र विधायक द्वारा लिखी गई आपत्ति पर नीलामी प्रक्रिया रोककर गन्ना किसानों का भुगतान रुकवा दिया आक्रोशित किसान जो 2 साल से आर्थिक दंड भुगत रहा है उसकी और कोई देखने वाला नहीं सभी एक गुनहगार को बचाने में लगे है ।</div>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 19:16:38 +0530</pubDate>
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