संविधान की शपथ से कुशीनगर में एक अनोखी बनी शादी

स्वतंत्रप्रभात ब्यूरो रिपोर्ट-प्रमोद रौनियार

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक अनोखी शादी हुई। इसमें ना तो फेरे हुए, न ही अन्य वैवाहिक रस्में की हुई, न ही दहेज़ लिया गया। बल्कि नवयुगल ने संविधान की शपथ लेकर जीवन भर एक-दूसरे के साथ निभाने का संकल्प लिया।

तथागत बुद्ध की धरती कुशीनगर में बहुजन समाज पार्टी के नगर अध्यक्ष अमित कुमार का विवाह हर्षोल्लास के साथ सम्पन हुआ।परगन मठिया निवासी विश्वनाथ प्रसाद की पुत्री रिंकी गौतम के साथ पडरौना के बलुचहां निवासी वीरेन्द्र कुमार के पुत्र अमित कुमार सोमवार को परिणय सूत्र में बंधे।

यह शादी कई मायनों में अनोखी रही। विवाह समारोह के दौरान अग्नि के सात फेरे भी देखने को नहीं मिले। दूल्हा अमित कुमार जब अपनी बारात लेकर वधु के घर पहुंचे तब वहां वरिष्ठ अधिवक्ता दि कमिश्नर कोर्ट्स ऑफ गोरखपुर ओमप्रकाश जी ने नवयुगल को संविधान की शपथ दिलवाई।


इस अवसर पर एडवोकेट विजय गौतम, सुरेश चंद भारती, शाहिद लारी, विजेन्द्र पाल यादव, रामनाथ चौहान, राजू प्रजापति, मुहम्मद सैफ लारी, सलाहुद्दीन हिंदल, अरविंद कुमार, राजेश प्रताप, श्याम अम्बेडकर सहित कई समाजसेवी एवं बुद्धिजीवी लोग इस अनोखे विवाह के साक्षी बने।

इस विवाह पद्धति से विवाह में सम्मिलित हुए सभी मेहमान और दोनों पक्ष के परिवार के लोग दिखे काफी खुश

ये एक नई शुरुआत है जिसे इस विवाह में सम्मिलित हुए लोग अपनाने की बात करते दिखे जो एक सुखद अनुभूति रही। यह विवाह पूरे समाज को एक नई दिशा देने के साथ समाज के लिए एक क्रांतिकारी एवं साहसिक कदम के रूप में देखा जा है।

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