बिहार भाजपा के सोशल मीडिया पोस्ट की जांच होगी, चुनाव आयोग ने दिया आदेश

सूबे के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने क्षेत्राधीन बिहार भाजपा के फेसबुक पर उक्त अवधि में किए गए पोस्ट की जांच करें और इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए मुख्यालय को सूचित करें। बिहार भाजपा के जिन पोस्ट पर आपत्ति जताते हुए शिकायत की गई है, उनमें प्रधानमंत्री के कई संदेश व भाषण भी शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा की सोशल मीडिया टीम द्वारा कवर की गई समाचार सामग्री पर भी आपत्ति जताई गई है। इनमें राजद व एनडीए के शासनकाल की तुलना और दोनों में फर्क बताया गया है।

चुनाव आयोग ने बिहार भाजपा के फेसबुक पेज पर बीते कुछ दिनों में किए गए पोस्ट की जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि बिहार भाजपा ने बिना मीडिया सर्टिफिकेशन के पीएम के भाषण समेत अन्य प्रचार संबंधी सामग्री पेज पर पोस्ट की है। ये पोस्ट 26 सितम्बर से लेकर एक अक्टूबर की अवधि के हैं। जांच का आदेश निर्वाचन विभाग के संयुक्त सचिव कन्हैया प्रसाद ने दिया है।

अधिसूचना जारी होने के बाद सर्टिफिकेशन जरूरी


चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही प्रचार सामग्रियों का मीडिया सर्टिफिकेशन अनिवार्य होता है। इसे आदर्श आचार संहिता के दायरे में रखा गया है। चुनाव आयोग से बिहार भाजपा के जिस अवधि के सोशल मीडिया पोस्ट की शिकायत की गई है, वह अधिसूचना के बाद के हैं।

विरोधी भी कर रहे एक-दूसरे की निगरानी


तमाम राजनीतिक दलों की सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ गई है। चुनाव आयोग का तंत्र तो निगरानी कर ही रहा है, विभिन्न राजनीतिक दलों के मीडिया सेल भी विरोधियों के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पैनी नजर रख रहे हैं। कुछ भी ऊंच-नीच दिखने पर मामला चुनाव आयोग तक पहुंचाया जा रहा है।

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