अयोध्याः 25 मार्च से 2 अप्रैल के बीच शुरू हो सकता है राम मंदिर का निर्माण

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हिंदू कैलेंडर वर्ष के अनुसार प्रतिपदा यानी चैत्र नवरात्र के दौरान 25 मार्च से 2 अप्रैल के बीच मंदिर निर्माण का शुभारंभ हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर का निर्माण उसी नक्शे के आधार पर होगा, जो राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने बनाए थे. राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने अबतक जो भी निर्माण कार्य करवाए हैं, उन सभी का उपयोग मंदिर के निर्माण में किया जाएगा.
केंद्र सरकार जल्द कर सकती है ट्रस्ट का ऐलानराम जन्मभूमि न्यास के नक्शे से ही होगा निर्माण
अयोध्या के वर्षों पुराने विवाद पर नवंबर महीने में देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने के अंदर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने को कहा था. यह अवधि 10 फरवरी को समाप्त हो रही है. ट्रस्ट गठन के लिए सरकार के पास 8 फरवरी तक का समय है, लेकिन सूत्रों की मानें तो ट्रस्ट में कौन-कौन से लोग होंगे, इसे लेकर फैसला लगभग लिया जा चुका है और इसका औपचारिक ऐलान जल्द ही कर दिया जाएगा.

सूत्रों का दावा है कि हिंदू कैलेंडर वर्ष के अनुसार वर्ष प्रतिपदा यानी चैत्र नवरात्र के दौरान 25 मार्च से 2 अप्रैल के बीच मंदिर निर्माण का शुभारंभ हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर का निर्माण उसी नक्शे के आधार पर होगा, जो राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने बनाए थे. राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने अबतक जो भी निर्माण कार्य करवाए हैं, उन सभी का उपयोग मंदिर के निर्माण में किया जाएगा. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठन के आदेश के बाद से ही आशंका जताई जा रही थी कि न्यास का नक्शा कहीं नया ट्रस्ट खारिज न कर दे.

ट्रस्ट में किसे मिलेगी जगह

सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट में 11 सदस्य होंगे. इनमें गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव और अयोध्या के जिलाधिकारी को पदेन जगह दी जाएगी. वहीं निर्मोही अखाड़े से एक सदस्य रहेंगे. राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्य गोपाल दास और राम जन्मभूमि आंदोलन से लगातार जुड़े रहे विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के महामंत्री चम्पत राय को भी ट्रस्ट में जगह दी जाएगी. इनके अलावा रिक्त 6 स्थान समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों से भरे जाएंगे. इन पर भी फैसला जल्द ही कर लिया जाएगा.
सरकार का वित्तीय सहयोग नहीं

राम मंदिर के निर्माण में सरकार की वित्तीय सहायता नहीं होगी. मंदिर का निर्माण जनता की भागीदारी से होगा. इसके लिए ट्रस्ट का एक बैंक अकाउंट खोला जाएगा और लोगों से चंदा एकत्रित किया जाएगा. ट्रस्ट के अकॉउंट में पेमेंट ऑनलाइन, पर्ची और डायरेक्ट कलेक्शन के जरिये किया जा सकेगा.