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                <title>BIHAR SWATANTRA PRABHAT - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>आरोपी खाद दुकानदार को मिला  क्लीनचिट</title>
                                    <description><![CDATA[एसएओ ने अपने ही अधिकारी की जांच रिपोर्ट को झुठलाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186157/accused-fertilizer-shopkeeper-gets-clean-chit"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img_20260823_150833.jpg" alt=""></a><br /><p>सुपौल, स्वतंत्र प्रभात संवाददाता  -: जिस पर किसानों के बाजिव कीमत पर खाद बीज दिलाने की जिम्मेदारी हो अगर वही अधिकारीअपने कार्यो का सही निर्वहन करने में विफल हो तो बेचारे किसान क्या करे।जिले के त्रिबेनीगंज नगर परिषद स्थित  पूजा ट्रेडर्स नामक खाद दुकान में पाई गई  गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर कृषि विभाग की कार्रवाई की निष्पक्षता अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। जिस खाद विक्रेता के खिलाफ जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने की रिपोर्ट बीएओ ने की थी , उसे अब जिला कृषि पदाधिकारी और अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को जोड़ी ने पलक झपकते ही  क्लीनचिट दे दिया ।जो  चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार द्वारा दिए गए प्रतिवेदन  से  पूर्व की जांच रिपोर्ट के कई बिंदुओं पर ही सवाल खड़े होते दिखाई दे रहे हैं।<br />बताया जाता है कि जांच के दौरान दुकान के लाइसेंसी स्थान और वास्तविक संचालन स्थल को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बावजूद अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार का कहना है कि दुकानदार ने दुकान को वाजिब स्थल पर शिफ्ट कर दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि दुकान को अब निर्धारित स्थल पर शिफ्ट किया गया है, तो वर्षों से लाइसेंस में दर्ज स्थान के बजाय दूसरे स्थल पर दुकान संचालित होने की  अनियमितता के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?<br /><br /><strong>अपने ही अधिकारी की रिपोर्ट को झूठा बता दिया</strong></p>
<p>विभागीय कार्रवाई में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जांच करने वाले अधिकारी की रिपोर्ट और कुछ ही दिन बाद में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के जांच में आसमान धरती  अंतर कैसे आ गया। यदि जांच में दुकान के संचालन स्थल और स्टॉक में भारी अंतर कोउजागर किया गया था , तो बाद की रिपोर्टमें उन बिंदुओं को किस आधार पर सही माना गया, यह विभाग को स्पष्ट करना चाहिए।<br /><br /><strong>पीओएस और भौतिक स्टॉक के अंतर पर भी सवाल</strong></p>
<p>खाद की बिक्री और स्टॉक को लेकर पीओएस मशीन में दर्ज आंकड़े तथा भौतिक रूप सेदुकान में  उपलब्ध खाद के बीच अंतर मिलने की बात सामने आई थी। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि स्टॉक में अंतर की स्थिति को किस आधार पर संतोषजनक माना गया। क्या अंतर का विधिवत मिलान कराया गया? यदि कराया गया तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है? यही सवाल अब किसानों और खाद कारोबार से जुड़े लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।<br /><br /><strong>नकली खाद कैसे असली बन गए</strong></p>
<p>मामले में खाद की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल भी कम गंभीर नहीं हैं। यदि किसी खाद को लेकर नकली या संदिग्ध होने की रिपोर्ट की गईथी, तो उसकी जांच के लिए नमूना कहां भेजा गया और उसकी रिपोर्ट क्या आई,  बिना गुणवत्ता जांच के किसी संदिग्ध खाद को सही करार दिए जाने की स्थिति में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है।<br /><br /><strong>एसएओ के पुराने विवाद भी चर्चा में</strong></p>
<p>अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के कार्यकाल को लेकर विभागीय हलकों में पुराने विवादों की चर्चा भी अब तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष 3  मई को प्रखड़ के हरिहरपट्टी में एक कथित अवैध खाद दुकान के खिलाफ शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी पदाधिकारी की भूमिका चर्चा में रही थी। पूर्व पदस्थापना के दौरान उदाकिशुनगंज में भी उनके कार्यकाल को लेकर विवादों की चर्चा होने की बात कही जा रही है। <br />मामले को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी से पूछे जाने पर मिला गोलमोल जवाब भी कई सवालों को जन्म दे रहा है। विभाग यदि पूरी कार्रवाई को नियमसम्मत मानता है, तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि जांच में सामने आए प्रत्येक बिंदु का निस्तारण किस आधार पर किया गया और आरोपी दुकानदार को क्लीनचिट का निर्णय किस अधिकारी के स्तर से हुआ। अब सवाल यह है कि क्या विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर लाइसेंसी स्थल, वास्तविक दुकान, पीओएस रिकॉर्ड, भौतिक स्टॉक और खाद की गुणवत्ता जांच से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करेगा या फिर मामला विभागीय फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 15:14:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार फंड की कमी नहीं होने का दावा कर रही, सरकारी कर्मी बोले—फंड आया ही नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">धनरुआ। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी कर्मियों के वेतन में किसी तरह की परेशानी नहीं होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर धनरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में NHM के तहत कार्यरत एएनएम को चार माह से प्रथम वेतन का भुगतान नहीं होने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि वेतन भुगतान में देरी की वजह अस्पताल प्रभारी ने फंड उपलब्ध नहीं होने को बताया है।चार माह से वेतन नहीं मिलने से एएनएम आर्थिक परेशानी का सामना कर रही हैं।</p>
<p dir="ltr">इसको लेकर एएनएम के एक समूह ने अस्पताल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186078/government-is-claiming-that-there-is-no-shortage-of-funds"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/screenshot_2026_0822_184810.png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">धनरुआ। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी कर्मियों के वेतन में किसी तरह की परेशानी नहीं होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर धनरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में NHM के तहत कार्यरत एएनएम को चार माह से प्रथम वेतन का भुगतान नहीं होने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि वेतन भुगतान में देरी की वजह अस्पताल प्रभारी ने फंड उपलब्ध नहीं होने को बताया है।चार माह से वेतन नहीं मिलने से एएनएम आर्थिक परेशानी का सामना कर रही हैं।</p>
<p dir="ltr">इसको लेकर एएनएम के एक समूह ने अस्पताल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर लंबित वेतन के भुगतान की मांग की है। आवेदन में कर्मियों ने बताया है कि वे नियुक्ति के बाद से नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।मामले में अस्पताल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि फंड की कमी के कारण अभी एएनएम का भुगतान नहीं हो पाया है। फिलहाल फंड आया नहीं है। फंड प्राप्त होने के बाद सभी संबंधित एएनएम के लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।</p>
<p dir="ltr">ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार की ओर से सरकारी योजनाओं और कर्मियों के भुगतान के लिए पर्याप्त व्यवस्था होने के दावे किए जाते हैं, तो जमीनी स्तर पर चार माह से वेतन के लिए इंतजार कर रही इन महिला स्वास्थ्यकर्मियों को भुगतान के लिए फंड का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? अब एएनएम को फंड आने और अपने लंबित वेतन के भुगतान का इंतजार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 18:50:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कृषि विभाग बना 'अंधेर नगरी चौपट राजा ' चंद सिक्कों की खनक में बदल दिया साक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[​अनुमंडल कृषि अधिकारी पर लगा फर्जी  जांच रिपोर्ट देने  का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186076/agriculture-department-became-andher-nagari-chaupat-raja-and-evidence-was"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260821-wa02871.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल स्वतंत्र प्रभात  संवाददाता -:  सच को झूठ और झूठ को सच बनाने" की कहावत तो आपने सुनी होगी, लेकिन जब सरकारी फाइलों में दर्ज ठोस सबूतों को ही रातों-रात पलट दिया जाए, तो इसे विभाग की लाचारी कहें या 'लेन-देन' का खेल  ।बिहार के कृषि मंत्री बिजय कुमार सिन्हा भी इस खेल को देख शर्म महसूस करने लगेंगे कि उनके बिभाग में चम्बल के डाकू से बड़ा लुटेरा सफेदपोश अधिकारी मौजूद हैं। ताजा मामला में सुपौल जिले के त्रिबेनीगंज अनुमंडल में कृषि विभाग की कार्यशैली पर गम्भीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि अनुमंडल कृषि पदाधिकारी  मुकेश कुमार ने बीएओ के  जांच रिपोर्ट को झुठलाते हुए खाद माफियाओं को अभयदान दिया गया है।जिससे जिला प्रशासन और कृषि विभाग की साख पर गहरा धक्का लगा है।<br /><br />​<strong>जांच में मिली  थी गम्भीर धांधली, लेकिन एसओ के कृपा  बरसने से मुक्त हुआ दुकानदार </strong></p>
<p style="text-align:justify;">मालूम हो कि ​बीते 4 अगस्त को जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देश पर  प्रखंड कृषि पदाधिकारी त्रिबेनीगंज  ने नगर परिषद वार्ड-25 स्थित पूजा ट्रेडर्स नामक खाद दुकान में छापेमारी की थी। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई थीं मसलन ​स्थान परिवर्तन:खाद  दुकान लाइसेंस में दर्ज पते से अलग जगह पर अवैध रूप से बर्षो से  संचालित थी। ​स्टॉक व पीओएस में अंतर: डिस्प्ले बोर्ड गायब था और वास्तविक स्टॉक व पीओएस  मशीन केअंकित आंकड़ों में भारी गड़बड़ी पाई गई। ​बिना बिल की खाद: बिना बिल के ‘हरा सोना’ नामक मिक्सर खाद के 10 बैग जब्त किए गए (हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि संख्या सैकड़ों में थी)। ​उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत डीएओ ने  दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, बिक्री पर रोक लगाई गई और तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण  मांगा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>कागज पर निलंबन, सरजमीन पर होती रही बिक्री </strong></p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी दुकानदार के​निलंबन के 15 दिनों बाद भी कोई ठोस विभागीय कार्रवाई या केस दर्ज नहीं की गई। बल्कि आरोपी दुकानदार को बचाने के लिए रणनीति तैयार होने लगी।सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बिक्री पर रोक के बावजूद पूजा ट्रेडर्स से धड़ल्ले से खाद की बिक्री जारी रही।<br />​स्थानीय किसानों का कहना है कि जब जिला कृषि अधिकारी खुद दुकान को निलंबित करते हैं, तो फिर उसी दुकान से सरेआम खाद कैसे बिक सकती है? क्या निलंबित दुकान की निगरानी करने वाला कोई नहीं है, या फिर विभागीय अधिकारी आंखें मूंदकर बैठे हैं? इस बीच ​'सेटिंग-गेटिंग' का खेल चलता रहा।<br />एसओ ने बदली रिपोर्ट, डीएओ  ने साधी चुप्पी ​सूत्रों के मुताबिक, अनुमंडल कृषि अधिकारी मुकेश कुमार जो ऐसे कारनामे के लिए कुख्यात रहे हैं  ने प्रखंड कृषि अधिकारी की जांच रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों को ही पूरी तरह से घुमा दिया।और दुकानदार को ऑल इज वेल का प्रमाणपत्र दे दिया। ​एक तरफ प्रखड़ कृषि पदाधिकारी की  जांच रिपोर्ट  में जालसाजी पकड़ में आती है, वहीं दूसरी तरफ एसओ मुकेश  की 'क्लीन चिट' रिपोर्ट पर जिला कृषि पदाधिकारी ने बिना किसी गहन पड़ताल के  अपने कनीय पदाधिकारी को शर्मसार करने और मनोबल गिराने में कोई कोर कसर नही छोड़ते है।  विभागीय अधिकारियों के इन विरोधाभासी बयानों से साफ जाहिर है कि अंदरखाने लाखों रुपये के आर्थिक लेन-देन की चर्चाओं में दम व बल दोनो है।<br /><br /><strong>किसानों के हक पर डाका, स्वतंत्र जांच की उठी मांग</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अगर प्राथमिक जांच रिपोर्ट सही थी, तो उसे दरकिनार क्यों किया गया? और अगर रिपोर्ट गलत थी, तो शुरुआती कार्रवाई क्यों हुई? इन सवालों पर कृषि विभाग पूरी तरह निरुत्तर है। ​कार्रवाई के नाम पर की गई इस 'कागजी खानापूर्ति' का सीधा खामियाजा इलाके के गरीब किसानों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और किसानों ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराए। यदि जांच में अधिकारी और विक्रेता की मिलीभगत साबित होती है, तो दोनों पर प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन इतना अवश्य है कि अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार के इस हैरत अंग्रेज कारनामो और पैसे के खातिर अपना ईमान गिरवी रखने की चर्चा चारो तरफ हो रही है।<br /><br />अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार का बयान: "दुकानदार को लाइसेंस वाले स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। कोई गड़बड़ी नहीं है और उनके पास 'हरा सोना' खाद का वैध लाइसेंस है।"​जिला कृषि पदाधिकारी नीतीश कुमार भारती का अजीबोगरीब जवाब: "त्रिबेनीगंज एसओ  की रिपोर्ट के आधार पर दुकानदार को निलंबन मुक्त कर दिया गया है। मुझे आगे की कोई जानकारी नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 16:55:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चांदपुर पंचायत के वार्ड 11 में जलजमाव से ग्रामीण परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जगदीशपुर (भागलपुर)- चांदपुर पंचायत के वार्ड संख्या 11 में नाला एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेली टोला से कोयरी टोला तक नाला बनाया गया है, लेकिन नाले के पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी सड़क पर बहता रहता है। इससे जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बनी रहती है और राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण खुशबू देवी ने बताया कि तगेपुर गांव के वार्ड में अब तक सोलर लाइट की समुचित व्यवस्था नहीं की गई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185942/villagers-troubled-by-water-logging-in-ward-11-of-chandpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260821-wa0281.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जगदीशपुर (भागलपुर)- चांदपुर पंचायत के वार्ड संख्या 11 में नाला एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेली टोला से कोयरी टोला तक नाला बनाया गया है, लेकिन नाले के पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी सड़क पर बहता रहता है। इससे जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बनी रहती है और राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण खुशबू देवी ने बताया कि तगेपुर गांव के वार्ड में अब तक सोलर लाइट की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने की समस्या भी उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी एवं बरसात के दौरान पेयजल और जल निकासी की समस्या से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260821-wa0282.jpg" alt="चांदपुर पंचायत के वार्ड 11 में जलजमाव से ग्रामीण परेशान" width="1599" height="899"></img></p>
<p style="text-align:justify;">वहीं ग्रामीण विकास कुमार ने पंचायत में कराए गए कुछ विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संबंधित कार्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ तभी ग्रामीणों को मिलेगा, जब कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंचायत के उपमुखिया राजकुमार साह ने भी नाले की निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नाला तो बनाया गया है, लेकिन पानी की समुचित निकासी नहीं होने के कारण ग्रामीणों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की आवश्यकता बताई।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों से नाले की निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने, नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, सोलर लाइट लगाने तथा पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौके पर निशा देवी, अर्चना कुमारी, लकी देवी, शीला देवी, उषा देवी, अंजू देवी, ममता देवी, माला देवी, मीरा देवी, गुलशन कुमार, नीतीश कुमार, बबलू मंडल, कपिल मंडल, सौरभ कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 19:00:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>निलंबित दुकान में खाद की बिक्री पर  विभागीय अफसरों की चुप्पी से उठ रहे हैं सवाल </title>
                                    <description><![CDATA[सिर्फ शोकॉज कर विभाग ने साधी चुप्पी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185939/questions-are-being-raised-due-to-the-silence-of-departmental"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260821-wa0287.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल स्वतंत्र प्रभात संवाददाता - : जिले के त्रिवीनगंज खाद बिक्री में गंभीर अनियमितताओं के सामने आने के बाद भी कृषि विभाग की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने से अब सवाल सीधे विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर उठने लगे हैं।मालूम हो कि  नगर परिषद वार्ड-25 स्थित पूजा ट्रेडर्स में जांच के दौरान कई गड़बड़ियां मिलने के बाद जिला कृषि पदाधिकारी नेसंबंधित दुकान के  खाद की बिक्री पर रोक लगाते हुए लाइसेंस निलंबित करते हुए तीन दिन में शोकॉज मांगा  था। लेकिन  रोक के आदेश के बावजूद दुकान से खाद की बिक्री जारी है। सबसे बड़ा सवाल यह है किजिला कृषि पदाधिकारी  ने खुद दुकान को निलंबित किया है तो फिर उसी दुकान में खाद की बिक्री कैसे हो रही है?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जांच में खुली पोल, फिर कार्रवाई में उदारता क्यो</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिगत  4 अगस्त को प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देश पर सम्बंधित दुकान की जांच की थी। जांच में लाइसेंस में दर्ज स्थान के बजाय दूसरे स्थान पर दुकान चलाने, डिस्प्ले बोर्ड पर जरूरी सूचना और स्टॉक विवरण नहीं रखने तथा पीओएस मशीन और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर जैसी गड़बड़ियां सामने आई थीं।इतना ही नहीं, दुकान से बिना बिल के नकली ‘हरा सोना’ नामक मिक्सर खाद के 10 बैग भी मिले थे।हलाकि लोगो का आरोप है कि खाद की मात्रा सेकड़ो बेग थी ,लेकिन मात्र 10 बेग दिखाया गया। इन अनियमितताओं को विभाग ने उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना। इसके बाद लाइसेंस निलंबित कर बिक्री पर रोक लगा दी गई और दुकानदार से स्पष्टीकरण मांगा गया।लेकिन सवाल यहीं से शुरू होता है—जब जांच रिपोर्ट में इतनी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं तो 15 दिन बाद भी कार्रवाई आगे क्यों नहीं बढ़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कागज पर निलंबन, जमीन पर बिक्री!</strong></p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय आदेश के बावजूद दुकान से खाद की बिक्री की जा रही है। यदि यह सही है तो विभाग का बिक्री पर रोक का आदेश महज कागजी कार्रवाई बनकर रह गया है।ऐसे में कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से यह सवाल पूछा जाना स्वाभाविक है कि निलंबित दुकान की निगरानी कौन कर रहा है? बिक्री की शिकायतों पर जांच क्यों नहीं हुई? और यदि खाद बिक रही है तो कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?<br /><br /><strong>जांच करने वाले अधिकारी की रिपोर्ट ही कमजोर करने की चर्चा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मामले में सबसे गंभीर चर्चा विभागीय स्तर पर ही हो रही है। सूत्रों का दावा है कि प्रखंड कृषि पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट में सामने आई गड़बड़ियों पर आगे की कार्रवाई करने के बजाय उसे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। आरोप है कि अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार  जांच रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों को ही अलग नजरिए से देखने में जुटे हैं।यदि जांच रिपोर्ट सही है तो उसे दरकिनार करने की जरूरत क्यों पड़ी? और यदि रिपोर्ट गलत है तो विभाग ने उसी आधार पर दुकान का लाइसेंस निलंबित कर बिक्री पर रोक क्यों लगाई?<br />इन सवालों का जवाब अब शायद  कृषि विभाग के अधिकारियों के पास नही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्या निलंबन सिर्फ दिखावे की कार्रवाई?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गंभीर अनियमितताओं के बाद दुकान का लाइसेंस निलंबित किया गया, लेकिन न तो अब तक लाइसेंस रद्द हुआ और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इससे यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या निलंबन सिर्फ दिखावे की कार्रवाई थी?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लेनदेन की चर्चा, जांच की जरूरत</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर विभागीय मिलीभगत और आर्थिक लेनदेन की चर्चाएं भी हैं। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन जिस तरह जांच के बाद कार्रवाई ठंडी पड़ गई है और बिक्री पर रोक के बावजूद कथित रूप से खाद बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं, उससे इन चर्चाओं को बल जरूर मिल रहा है।जरूरत इस बात की है कि जिला प्रशासन और कृषि विभाग के वरीय अधिकारी पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराएं। जांच में यदि अधिकारी या दुकानदार दोषी पाए जाते हैं तो दोनों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई हो।स्थानीय किसानों का कहना है कि जब विभागीय अधिकारी खुद दुकान में गड़बड़ी पकड़ते हैं, बिक्री पर रोक लगाते हैं और लाइसेंस निलंबित करते हैं, तो फिर उसी आदेश को जमीन पर लागू कराने की जिम्मेदारी भी विभाग की है। यदि आदेश के बावजूद बिक्री होती है और अधिकारी आंखें मूंद लेते हैं तो इसका खामियाजा किसानों को ही भुगतना पड़ेगा।अब निगाह जिला कृषि विभाग के अगले कदम पर है कि क्या विभाग अपनी ही जांच रिपोर्ट पर कायम रहते हुए कठोर कार्रवाई करेगा या फिर मामला शोकॉज और कागजी खानापूर्ति में दबा दिया जाएगा</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 18:55:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>तुलसीदास जयंती पर बच्चों ने दिखाई साहित्यिक प्रतिभा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जगदीशपुर (भागलपुर)। गोस्वामी तुलसीदास जयंती के अवसर पर मध्य विद्यालय जगदीशपुर में कहानी, कविता, दोहा एवं चौपाई प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाध्यापक आशुतोष चंद्र मिश्र ने गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। प्रतियोगिता में श्रेया, परी, अनुप्रिया, रितु, नीशू, अनन्या, सौम्या एवं मौसम ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कहानी, कविता, दोहा एवं चौपाई के माध्यम से अपनी साहित्यिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर में साहित्यिक वातावरण बना दिया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260820-wa0198.jpg" alt="तुलसीदास जयंती पर बच्चों ने दिखाई साहित्यिक प्रतिभा" width="1200" height="1200" /></p>
<p style="text-align:justify;">वहीं भारती कुमारी, प्रतिमा मिश्रा एवं मीनाक्षी कुमारी ने भजन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भावपूर्ण बना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185892/children-showed-literary-talent-on-tulsidas-jayanti"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260820-wa0199.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जगदीशपुर (भागलपुर)। गोस्वामी तुलसीदास जयंती के अवसर पर मध्य विद्यालय जगदीशपुर में कहानी, कविता, दोहा एवं चौपाई प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाध्यापक आशुतोष चंद्र मिश्र ने गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। प्रतियोगिता में श्रेया, परी, अनुप्रिया, रितु, नीशू, अनन्या, सौम्या एवं मौसम ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कहानी, कविता, दोहा एवं चौपाई के माध्यम से अपनी साहित्यिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर में साहित्यिक वातावरण बना दिया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260820-wa0198.jpg" alt="तुलसीदास जयंती पर बच्चों ने दिखाई साहित्यिक प्रतिभा" width="1600" height="1200"></img></p>
<p style="text-align:justify;">वहीं भारती कुमारी, प्रतिमा मिश्रा एवं मीनाक्षी कुमारी ने भजन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भावपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य और गोस्वामी तुलसीदास की रचनात्मक परंपरा से परिचित होने का अवसर मिला। इस अवसर पर शिक्षिका वीणा कुमारी, शाहिना खातून, वीवी नाहिदा, प्रज्ञा, प्रीति कुमारी, प्रतिमा मिश्रा, भारती कुमारी, मीनाक्षी कुमारी, पुष्पलता कुमारी, नेहा कुमारी तथा शिक्षक अमित कुमार सिंह, राजीव कुमार सहित विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 23:09:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अवैध क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल। जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के बाजार स्थित एक हीरो शोरूम के सामने संचालित कथित अवैध क्लिनिक पर गुरुवार की शाम स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम को देखते ही कथित झोलाछाप चिकित्सक और कंपाउंडर मौके से भाग निकले। अचानक हुई कार्रवाई से क्लिनिक में अफरा-तफरी मच गई।</p><p style="text-align:justify;">छापेमारी के दौरान टीम ने क्लिनिक की बारीकी से जांच की। इस दौरान वहां मरीजों का इलाज होता मिला। क्लिनिक की स्थिति देखकर टीम भी कुछ देर के लिए हैरान रह गई।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185890/health-department-raids-illegal-clinic"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260820-wa0230.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल। जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के बाजार स्थित एक हीरो शोरूम के सामने संचालित कथित अवैध क्लिनिक पर गुरुवार की शाम स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम को देखते ही कथित झोलाछाप चिकित्सक और कंपाउंडर मौके से भाग निकले। अचानक हुई कार्रवाई से क्लिनिक में अफरा-तफरी मच गई।</p><p style="text-align:justify;">छापेमारी के दौरान टीम ने क्लिनिक की बारीकी से जांच की। इस दौरान वहां मरीजों का इलाज होता मिला। क्लिनिक की स्थिति देखकर टीम भी कुछ देर के लिए हैरान रह गई। टिन के चदरे से बने अस्थायी कमरे में मरीजों का इलाज किया जा रहा था। टीम ने इलाजरत मरीजों से पूछताछ करने के साथ-साथ क्लिनिक से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260820-wa0232.jpg" alt="अवैध क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी" width="1599" height="899"></img></p><p style="text-align:justify;">जांच के दौरान टीम को जानकारी मिली कि क्लिनिक का संचालन कथित रूप से शंभू कुमार द्वारा किया जा रहा था। स्थानीय स्तर पर बताया गया कि उक्त क्लिनिक लंबे समय से संचालित हो रहा था, जहां लगातार मरीजों का इलाज किया जा रहा था।</p><p style="text-align:justify;">छापेमारी के दौरान क्लिनिक में मौजूद मरीजों में कुमारखंड थाना क्षेत्र के भोकराहा निवासी 25 वर्षीय मनीषा कुमारी, पति आशीष कुमार, गर्भावस्था के इलाज के लिए पहुंची थीं। वहीं पिपरा थाना क्षेत्र के छिट दुवयाही वार्ड संख्या-19 निवासी 30 वर्षीय गुलशन खातून, पति मोहम्मद जमाल, वायरल फीवर के इलाज के लिए वहां मौजूद थीं। इसके अलावा मेढ़िया, त्रिवेणीगंज निवासी रंजन देवी, पति विंदेश्वरी यादव भी वायरल फीवर के इलाज के लिए क्लिनिक में मिलीं।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260820-wa0234.jpg" alt="अवैध क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी" width="1599" height="899"></img></p><p style="text-align:justify;">इस संबंध में अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ अभियान के तहत जांच की जा रही है। गुरुवार को बाजार स्थित एक क्लिनिक की जांच की गई है। जांच के दौरान कई साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p><p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लंबे समय से संचालित कथित अवैध क्लिनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 22:57:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खरादी मोहल्ले में दो-दो दिनों तक बिजली गुल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जगदीशपुर(भागलपुर)- जगदीशपुर प्रखंड की ग्राम पंचायत पुरैनी दक्षिणी के खरादी मोहल्ला, वार्ड संख्या 12 में बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहती है और कई बार लगातार दो-दो दिनों तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार पुरैनी बाजार में लगा ट्रांसफॉर्मर खरादी मोहल्ला, मोमिन टोला सहित घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा फैब्रिकेशन इकाइयों, आटा मिलों, कपड़ा बुनाई कार्यशालाओं एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का भी विद्युत भार संभाल रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि अधिक लोड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185721/electricity-failure-in-kharadi-locality-for-two-days"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/स्वतंत्र-प्रभात6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जगदीशपुर(भागलपुर)- जगदीशपुर प्रखंड की ग्राम पंचायत पुरैनी दक्षिणी के खरादी मोहल्ला, वार्ड संख्या 12 में बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहती है और कई बार लगातार दो-दो दिनों तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार पुरैनी बाजार में लगा ट्रांसफॉर्मर खरादी मोहल्ला, मोमिन टोला सहित घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा फैब्रिकेशन इकाइयों, आटा मिलों, कपड़ा बुनाई कार्यशालाओं एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का भी विद्युत भार संभाल रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि अधिक लोड के कारण बार-बार फेज फेल होने, तार जलने और अन्य तकनीकी खराबी की समस्या उत्पन्न होती रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों के मुताबिक छोटी तकनीकी खराबी को ठीक करने में भी कई बार 24 से 48 घंटे तक लग जाते हैं। भीषण गर्मी में लगातार बिजली गुल रहने से बच्चे, बुजुर्ग और आम उपभोक्ता परेशान हैं। वहीं बिजली पर निर्भर छोटे कारोबारियों के कामकाज पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व सरपंच तरन्नुम फिरदौस ने कहा कि ग्रामीणों ने उन्हें बिजली की समस्या से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि दो-दो दिनों तक बिजली के बिना रहना गंभीर समस्या है। बिजली विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं का विद्युत भार अलग-अलग करने तथा क्षेत्र में उच्च क्षमता का ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 22:04:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य विद्यालय जगदीशपुर में आयोजित हुआ मंजूषा उत्सव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जगदीशपुर/भागलपुर- अंग प्रदेश के लोक पर्व एवं सांस्कृतिक उत्सव बिहुला महोत्सव के अवसर पर मध्य विद्यालय जगदीशपुर में मंजूषा उत्सव का आयोजन किया गया। प्रधानाध्यापक आशुतोष चंद्र मिश्र के नेतृत्व में शिक्षिका प्रज्ञा एवं भारती कुमारी के सहयोग से छात्राओं ने मंजूषा कला की थीम पर आकर्षक पेंटिंग एवं रंगोली बनाकर अंग प्रदेश की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्सव में रितु, श्रेया, परी, सौम्या रानी, दीक्षा, मौसम, प्रिया, हनी, अनन्या, आराध्या, चंदा, रिमझिम एवं रीता सहित छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">छात्राओं द्वारा बनाई गई आकर्षक पेंटिंग एवं रंगोली ने विद्यालय परिसर को कलात्मक और सांस्कृतिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185531/manjusha-festival-organized-in-middle-school-jagdishpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260818-wa0246.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जगदीशपुर/भागलपुर- अंग प्रदेश के लोक पर्व एवं सांस्कृतिक उत्सव बिहुला महोत्सव के अवसर पर मध्य विद्यालय जगदीशपुर में मंजूषा उत्सव का आयोजन किया गया। प्रधानाध्यापक आशुतोष चंद्र मिश्र के नेतृत्व में शिक्षिका प्रज्ञा एवं भारती कुमारी के सहयोग से छात्राओं ने मंजूषा कला की थीम पर आकर्षक पेंटिंग एवं रंगोली बनाकर अंग प्रदेश की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्सव में रितु, श्रेया, परी, सौम्या रानी, दीक्षा, मौसम, प्रिया, हनी, अनन्या, आराध्या, चंदा, रिमझिम एवं रीता सहित छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">छात्राओं द्वारा बनाई गई आकर्षक पेंटिंग एवं रंगोली ने विद्यालय परिसर को कलात्मक और सांस्कृतिक रंग से भर दिया।<br />इस अवसर पर प्रधानाध्यापक आशुतोष चंद्र मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में स्थानीय भाषा, कला एवं संस्कृति को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। स्थानीय कला और संस्कृति समाज की पहचान तथा ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे आयोजनों से बच्चों के मानसिक एवं सांस्कृतिक विकास के साथ सीखने-सिखाने की प्रक्रिया भी सहज और रुचिकर बनती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में शिक्षिका शाहिना खातून, वीवी नाहिदा, प्रज्ञा, भारती कुमारी, नेहा कुमारी, पुष्पलता कुमारी, मीनाक्षी कुमारी, शिक्षक अमित कुमार सिंह, निर्भय कुमार, राजीव कुमार सहित विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 19:59:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जगदीशपुर में 104 भूमिहीन परिवारों को सौपें गए भूमि अधिकार पर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जगदीशपुर(भागलपुर) - बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा संचालित बसेरा-2 अभियान के तहत सोमवार को जगदीशपुर अंचल परिसर में भूमिहीन परिवारों के बीच भूमि अधिकार पर्चा का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुल 104 भूमिहीन परिवारों को भूमि अधिकार पर्चा प्रदान किया गया।</p><p style="text-align:justify;">अंचल प्रशासन के अनुसार, संबंधित राजस्व मौजा में उपलब्ध सरकारी भूमि के अनुसार लाभुकों को एक से दो डिसमिल भूमि का पर्चा दिया गया। पर्चा मिलने के बाद लाभुकों में खुशी का माहौल देखने को मिला।</p><p style="text-align:justify;">जगदीशपुर अंचलाधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि कई भूमिहीन परिवार लंबे समय से भूमि अधिकार पर्चा की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185477/land-rights-forms-handed-over-to-104-landless-families-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260817-wa0229.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जगदीशपुर(भागलपुर) - बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा संचालित बसेरा-2 अभियान के तहत सोमवार को जगदीशपुर अंचल परिसर में भूमिहीन परिवारों के बीच भूमि अधिकार पर्चा का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुल 104 भूमिहीन परिवारों को भूमि अधिकार पर्चा प्रदान किया गया।</p><p style="text-align:justify;">अंचल प्रशासन के अनुसार, संबंधित राजस्व मौजा में उपलब्ध सरकारी भूमि के अनुसार लाभुकों को एक से दो डिसमिल भूमि का पर्चा दिया गया। पर्चा मिलने के बाद लाभुकों में खुशी का माहौल देखने को मिला।</p><p style="text-align:justify;">जगदीशपुर अंचलाधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि कई भूमिहीन परिवार लंबे समय से भूमि अधिकार पर्चा की मांग कर रहे थे। सरकार के निर्देश के तहत पात्र भूमिहीन परिवारों को उपलब्ध भूमि के आधार पर भूमि अधिकार पर्चा प्रदान किया गया है।</p><p style="text-align:justify;">पर्चा प्राप्त करने वाली लाभुक महिलाओं ने बताया कि वे लंबे समय से भूमिहीन थीं। भूमि का अधिकार मिलने से उन्हें अपने परिवार के लिए स्थायी आश्रय की उम्मीद जगी है। लाभुकों ने सरकार और अंचल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।</p><p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान अंचल के कर्मचारी, अमीन सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185477/land-rights-forms-handed-over-to-104-landless-families-in</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 21:29:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शोषित समाज दल की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भागलपुर(बिहार)- शोषित समाज दल,भागलपुर की ओर से आयोजित बैठक में संगठन को मजबूत करने एवं जिला कमेटी के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बिहार प्रदेश महासचिव मंज़र आलम की मौजूदगी में विभिन्न संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में जिला कमेटी के गठन की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही समाज के वंचित एवं जरूरतमंद लोगों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। प्रदेश महासचिव मंज़र आलम ने जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाने पर विशेष जोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185473/emphasis-on-organization-expansion-in-the-meeting-of-shoshit-samaj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260817-wa0228.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भागलपुर(बिहार)- शोषित समाज दल,भागलपुर की ओर से आयोजित बैठक में संगठन को मजबूत करने एवं जिला कमेटी के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बिहार प्रदेश महासचिव मंज़र आलम की मौजूदगी में विभिन्न संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में जिला कमेटी के गठन की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही समाज के वंचित एवं जरूरतमंद लोगों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। प्रदेश महासचिव मंज़र आलम ने जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाने पर विशेष जोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में संगठन को अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने तथा जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने का निर्णय लिया गया। कार्यकर्ताओं ने सामाजिक रूप से वंचित लोगों के हित में लगातार कार्य करने और संगठन के विस्तार को गति देने का संकल्प लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में अशरफ, जिला अध्यक्ष, दयाराम मंडल, आफताब, रिजवान, राजा, तस्लीम, खालिद बसरी, मुन्ना, वसी उल्लाह अंसारी, ग्यास रजा, संजय तांती, अनिल तांती सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185473/emphasis-on-organization-expansion-in-the-meeting-of-shoshit-samaj</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 20:32:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेटी के जन्म पर गूंजे ढोल-नगाड़े</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr" style="text-align:justify;">मसौढ़ी। राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने ऐसा जश्न मनाया कि अस्पताल परिसर खुशी से सराबोर हो गया। पुनपुन थाना क्षेत्र के पैमार घाट निवासी अंशु कुमार की पत्नी अमितांजली कुमारी ने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म की खुशी में परिजनों ने अस्पताल में मिठाइयां बांटी और ढोल-नगाड़ों के बीच फूल-मालाओं से सजी गाड़ी से नवजात को घर ले गए।परिजनों ने बच्ची का नाम अस्मिता भारती रखा है। अमितांजली कुमारी की यह पहली डिलीवरी थी। उनके पिता दिलीप रविदास, निवासी लखनौर बिदौली, मसौढ़ी, उन्हें प्रसव के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184968/drums-echoed-on-the-birth-of-a-daughter"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260808-wa0333.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr" style="text-align:justify;">मसौढ़ी। राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने ऐसा जश्न मनाया कि अस्पताल परिसर खुशी से सराबोर हो गया। पुनपुन थाना क्षेत्र के पैमार घाट निवासी अंशु कुमार की पत्नी अमितांजली कुमारी ने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म की खुशी में परिजनों ने अस्पताल में मिठाइयां बांटी और ढोल-नगाड़ों के बीच फूल-मालाओं से सजी गाड़ी से नवजात को घर ले गए।परिजनों ने बच्ची का नाम अस्मिता भारती रखा है। अमितांजली कुमारी की यह पहली डिलीवरी थी। उनके पिता दिलीप रविदास, निवासी लखनौर बिदौली, मसौढ़ी, उन्हें प्रसव के लिए मसौढ़ी पीएचसी लेकर पहुंचे थे। बेटी के जन्म की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।परिजन मनोज रविदास ने कहा, “हमारे घर में नन्ही परी का आगमन हुआ है। पहली संतान बेटी होने पर हम सभी बेहद उत्साहित हैं। बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं करना चाहिए। बेटियां लक्ष्मी का रूप होती हैं।”<br />पीएचसी में माता-पिता का सम्मान<br />बेटी के जन्म को खास बनाने में अस्पताल प्रबंधन ने भी पहल की। पीएचसी के पदाधिकारियों और कर्मियों ने नवजात के माता-पिता को फूल देकर सम्मानित किया। साथ ही बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र भी तत्काल बनाकर परिजनों को सौंप दिया गया। अस्पताल कर्मियों और वहां मौजूद अन्य प्रसूताओं के परिजनों ने भी नवजात और उसकी मां को आशीर्वाद दिया।अस्पताल के एक कर्मी ने कहा कि पहले समाज में बेटा और बेटी के बीच भेदभाव देखने को मिलता था, लेकिन अब बदलाव दिखाई दे रहा है। बेटी के जन्म पर परिवार का इस तरह खुशी मनाना सकारात्मक संदेश है। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म पर ऐसा उत्सव ही समाज में बदलाव की असली तस्वीर है।इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधक ललन कुमार सिंह समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सभी ने नवजात अस्मिता के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 23:40:57 +0530</pubDate>
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