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                <title>Swatantra Prabhat - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>परमाणु शक्ति संपन्न भारत में कब होगी बालिका शिक्षा शत-प्रतिशत।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr" style="text-align:justify;">भारत विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञान परंपराओं वाला देश रहा है। तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी जैसे विश्वविद्यालयों ने विश्व को शिक्षा का प्रकाश दिया। वैदिक काल में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के बौद्धिक, नैतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास को सुनिश्चित करना था।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br /></div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"> गार्गी, मैत्रेयी और लोपामुद्रा जैसी विदुषी महिलाओं ने सिद्ध किया था कि भारतीय संस्कृति में नारी शिक्षा का गौरवशाली इतिहास रहा है। किंतु मध्यकालीन सामाजिक रूढ़ियों और औपनिवेशिक शासन के प्रभाव से बालिका शिक्षा पिछड़ती चली गई। 1835 में लॉर्ड मैकाले ने अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू की। इसका उद्देश्य भारतीय समाज</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181062/when-will-girls-education-be-100-in-nuclear-power-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/4.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr" style="text-align:justify;">भारत विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञान परंपराओं वाला देश रहा है। तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी जैसे विश्वविद्यालयों ने विश्व को शिक्षा का प्रकाश दिया। वैदिक काल में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के बौद्धिक, नैतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास को सुनिश्चित करना था।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br /></div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"> गार्गी, मैत्रेयी और लोपामुद्रा जैसी विदुषी महिलाओं ने सिद्ध किया था कि भारतीय संस्कृति में नारी शिक्षा का गौरवशाली इतिहास रहा है। किंतु मध्यकालीन सामाजिक रूढ़ियों और औपनिवेशिक शासन के प्रभाव से बालिका शिक्षा पिछड़ती चली गई। 1835 में लॉर्ड मैकाले ने अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू की। इसका उद्देश्य भारतीय समाज में ऐसे कर्मचारियों का वर्ग तैयार करना था जो अंग्रेजी शासन के प्रशासनिक कार्यों को संचालित कर सके। आधुनिक विज्ञान और अंग्रेजी भाषा के प्रसार में इस शिक्षा प्रणाली का योगदान रहा, किंतु इसने भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक शिक्षा और कौशल आधारित शिक्षण को काफी हद तक हाशिए पर पहुंचा दिया। उस समय महिलाओं की शिक्षा लगभग नगण्य थी। समाज में बाल विवाह, पर्दा प्रथा और लैंगिक असमानता जैसी कुरीतियां लड़कियों की शिक्षा में बड़ी बाधा थीं।<br />समाज सुधारकों का योगदान</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;">+<br />ऐसे कठिन समय में सावित्रीबाई फुले और महात्मा ज्योतिराव फुले ने बालिका शिक्षा की अलख जगाई। 1848 में उन्होंने लड़कियों के लिए पहला आधुनिक विद्यालय प्रारंभ किया।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने महिला शिक्षा और सामाजिक सुधारों को नई दिशा दी। बाद में महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना।<br />डॉ. अंबेडकर का प्रसिद्ध संदेश</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />"शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।"<br />स्वतंत्र भारत में शिक्षा का विकास</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की साक्षरता दर लगभग 18 प्रतिशत थी। महिलाओं की साक्षरता तो 10 प्रतिशत से भी कम थी। संविधान निर्माताओं ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का मूल आधार माना।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />समय-समय पर कोठारी आयोग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968, 1986, सर्व शिक्षा अभियान, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा नई शिक्षा नीति 2020 जैसे प्रयास किए गए। इन प्रयासों से शिक्षा का दायरा बढ़ा और लड़कियों की विद्यालयों तक पहुंच बेहतर हुई।.आज भारत की साक्षरता दर 77 प्रतिशत के आसपास पहुंच चुकी है, जबकि महिला साक्षरता दर 70 प्रतिशत से अधिक है। यह प्रगति उत्साहजनक है, किंतु अभी भी पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता में अंतर बना हुआ है।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />विश्व के सर्वाधिक शिक्षित देशों से सीख<br />विश्व में फिनलैंड, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, जापान और नॉर्वे जैसे देशों की शिक्षा व्यवस्था विश्व में आदर्श मानी जाती है। फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />फिनलैंड में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन कौशल विकसित करना है। वहां बच्चों पर अनावश्यक परीक्षा का दबाव नहीं होता। शिक्षकों को अत्यंत सम्मान और स्वायत्तता प्राप्त है।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br /></div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"> बालिका और बालक के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता। सिंगापुर ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा साधन बनाया। वहां विज्ञान, गणित, तकनीक और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया जाता है। शिक्षा को उद्योगों और रोजगार से जोड़ा गया है।<br />जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में अनुशासन, नैतिकता, समयबद्धता और तकनीकी दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। परिणामस्वरूप ये देश सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद आर्थिक महाशक्ति बन गए।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;">भारत में प्रतिभा की कोई कमी कभी भी नहीं रही है, किंतु शिक्षा व्यवस्था अभी भी परीक्षा-केंद्रित बनी हुई है। रटंत प्रणाली, विद्यालयों की असमान गुणवत्ता, शिक्षकों की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों का अभाव आज भी चुनौतियां हैं।नई शिक्षा नीति 2020 ने इन समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसमें मातृभाषा आधारित शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षण और बहुविषयक अध्ययन पर बल दिया गया है। किंतु इसके वास्तविक लाभ तभी मिलेंगे जब इसका प्रभावी क्रियान्वयन हो। बालिका शिक्षा का सत प्रतिशत होना इसलिए भी आवश्यक है कि शिक्षित बेटी, समृद्ध परिवार</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />एक शिक्षित महिला अपने परिवार को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कार प्रदान करती है। वह अगली पीढ़ी की प्रथम शिक्षिका होती है।सामाजिक कुरीतियों का अंत भी।बाल विवाह, दहेज प्रथा, लैंगिक भेदभाव और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं को समाप्त करने में शिक्षा सबसे प्रभावी साधन है</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />विश्व बैंक सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का मानना है कि महिलाओं की शिक्षा में निवेश किसी भी देश के आर्थिक विकास को तीव्र गति देता है। यदि भारत की प्रत्येक बेटी शिक्षित होगी तो देश की उत्पादकता और आर्थिक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />शिक्षित महिलाएं स्वास्थ्य, पोषण और परिवार नियोजन के प्रति अधिक जागरूक होती हैं। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है।<br />आज महिलाएं विज्ञान, अंतरिक्ष, प्रशासन, राजनीति, सेना और उद्यमिता के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। शिक्षा उन्हें नेतृत्व और नवाचार की शक्ति प्रदान करती है।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />महापुरुषों की दृष्टि में नारी शिक्षा<br />स्वामी विवेकानंद ने कहा</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />"राष्ट्र की प्रगति का सबसे अच्छा मापदंड वहां की महिलाओं की स्थिति है।"डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का मत था कि<br />"महिलाओं का सशक्तिकरण और शिक्षा किसी राष्ट्र के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है।"पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा था<br />"एक महिला को शिक्षित करना एक पीढ़ी को शिक्षित करना है।"</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />इक्कीसवीं सदी ज्ञान, विज्ञान और नवाचार की सदी है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश की प्रत्येक बेटी शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगी। शिक्षा केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं है; यह सामाजिक चेतना, आर्थिक समृद्धि और राष्ट्रीय विकास का आधार है। मैकाले की शिक्षा प्रणाली से लेकर नई शिक्षा नीति तक भारत ने लंबी यात्रा तय की है, किंतु अभी मंजिल दूर है। यदि सरकार, समाज, परिवार और शैक्षणिक संस्थान मिलकर बालिका शिक्षा को शत-प्रतिशत अनिवार्य बनाने का संकल्प लें, तो भारत न केवल विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति बनेगा, बल्कि सबसे विकसित और ज्ञानवान राष्ट्रों की अग्रिम पंक्ति में भी खड़ा होगा।<br />क्योंकि किसी राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यालयों में नहीं, बल्कि उसकी शिक्षित बेटियों की आंखों में स्वप्न बनकर पलता है।<br /><br />संजीव ठाकुर, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिंतक, स्तंभकार, रायपुर छत्तीसगढ़, 9009 415 415,<div>कविता,</div><div>संजीव-नी।<br />शिक्षा का कवच।<br /><br />शिक्षा का कवच।<br />कुछ देना ही तो आइये,<br />नन्हीं बालिकाओं को<br />स्वर्ण के गहने नहीं,<br />शिक्षा का कवच दें।<br />उनकी हथेलियों में<br />रोटी के साथ-साथ<br />कुछ अक्षर भी रख दें,<br />जो भूख से जुझतीं<br />उन्हें ज्ञान की कुंजी दें<br />अँधेरे बंद कमरों में<br />रोशन-दान बनती,<br />ज्ञान की रोशनी के लिए<br />बंद रास्तों पर<br />एक नया आकाश फैला देती,<br />उनकी आँखों में<br />सिर्फ़ स्वप्न ना रखें ,<br />उन तक पहुँचने के पंख भी दें।<br />उन्हें ज्ञान दें कि<br />अपने हिस्से की धूप<br />खुद चुन सकें।<br />किताबें जब उनके हांथों में होंगी,<br />तो सदियों के कई बोझ<br />आप उतर जाएँगे।<br />कलम उँगलियों से चलेंगीं<br />तक़दीर की कविता भी<br />लिखी जाएगी।<br />शिक्षित बालिका<br />अपना जीवन ही नहीं संवारती,<br />आने वाली पीढ़ियों के लिए<br />उजला दीप बन जाती।<br />आइये,<br />बेटी को शिक्षा का रक्षा-कवच दें,<br />ताकि वह<br />अपने सपनों, अपने अधिकारों<br />अपने अस्तित्व की रक्षा<br />स्वयं कर सके।<br /><br />संजीव ठाकुर, रायपुर छत्तीसगढ़, 9009 415 415,</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:57:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर में 11 दिन में 7 बार 71 लेखपालों के तबादले,नियम में अनदेखी का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong> उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जनपद शाखा सिद्धार्थनगर की एक आकस्मिक बैठकगुरुवार को जिलाध्यक्ष  अजय कुमार गुप्त की अध्यक्षता में तहसील सभागार नौगढ़ में आहूत की गई। जिसमें जिला कार्यकारिणी के सभी  सदस्य एवं तहसील नौगढ़ के समस्त लेखपाल उपस्थित रहे। उक्त बैठक में उप जिलाधिकारी नौगढ़ द्वारा शासनादेश/परिषदादेश के विपरीत निर्धारित 10% से अधिक स्थानांतरण करके पिछले मात्र 11 दिनों में कुल 07 बार में पुनरावृति के साथ कुल 71 लेखपालों का हल्का परिवर्तन करने एवं स्थानांतरण में घोर अनियमितता बरते जाने पर उपस्थित सदस्यों द्वारा आक्रोश व्यक्त किया गया तथा उक्त स्थानांतरण आदेश को</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181060/allegations-of-ignoring-transfer-rules-of-71-accountants-in-siddharthnagar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781193319996.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong> उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जनपद शाखा सिद्धार्थनगर की एक आकस्मिक बैठकगुरुवार को जिलाध्यक्ष  अजय कुमार गुप्त की अध्यक्षता में तहसील सभागार नौगढ़ में आहूत की गई। जिसमें जिला कार्यकारिणी के सभी  सदस्य एवं तहसील नौगढ़ के समस्त लेखपाल उपस्थित रहे। उक्त बैठक में उप जिलाधिकारी नौगढ़ द्वारा शासनादेश/परिषदादेश के विपरीत निर्धारित 10% से अधिक स्थानांतरण करके पिछले मात्र 11 दिनों में कुल 07 बार में पुनरावृति के साथ कुल 71 लेखपालों का हल्का परिवर्तन करने एवं स्थानांतरण में घोर अनियमितता बरते जाने पर उपस्थित सदस्यों द्वारा आक्रोश व्यक्त किया गया तथा उक्त स्थानांतरण आदेश को निरस्त करके दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई।  बैठक में जिलाध्यक्ष  अजय कुमार गुप्त,जिला मंत्री  आनंद गौतम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणधीर यादव, जिला कोषाध्यक्ष रणधीर राणा, तहसील संयोजक महेंद्र कुमार साहनी, शिव शंकर, अमित कुमार, बैजनाथ चौधरी ,ज्योति सिंह, श्वेता कार्तिक आदि सैकड़ों लेखपाल उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:53:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="markdown markdown-main-panel enable-updated-hr-color" dir="ltr" style="text-align:justify;">
<p style="text-align:justify;"><strong>विशेष संवाददाता, बाराबंकी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने और बुनियादी सुविधाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ शुरू हुआ 'जल जीवन मिशन' अब उत्तर प्रदेश के गाँवों में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इसका सबसे जीवंत और प्रेरणादायी उदाहरण जनपद बाराबंकी के विकास खंड मसौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत <strong>इचौलिया</strong> में देखने को मिल रहा है। कभी दूरस्थ और पिछड़ेपन की मार झेलने वाले इस क्षेत्र में आज पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक शुद्ध पेयजल पहुँच रहा है, जिसने यहाँ के सामाजिक और स्वास्थ्य परिदृश्य को पूरी</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180830/special-ground-report-jal-jeevan-mission-became-a-mass-movement"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.46.jpeg" alt=""></a><br /><div class="markdown markdown-main-panel enable-updated-hr-color" dir="ltr" style="text-align:justify;">
<p style="text-align:justify;"><strong>विशेष संवाददाता, बाराबंकी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने और बुनियादी सुविधाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ शुरू हुआ 'जल जीवन मिशन' अब उत्तर प्रदेश के गाँवों में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इसका सबसे जीवंत और प्रेरणादायी उदाहरण जनपद बाराबंकी के विकास खंड मसौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत <strong>इचौलिया</strong> में देखने को मिल रहा है। कभी दूरस्थ और पिछड़ेपन की मार झेलने वाले इस क्षेत्र में आज पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक शुद्ध पेयजल पहुँच रहा है, जिसने यहाँ के सामाजिक और स्वास्थ्य परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.44.jpeg" alt="विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर" width="1200" height="1600"></img></p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>लंबी कतारों और दूषित पानी से मिली मुक्ति</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">कुछ समय पहले तक इचौलिया और उसके आस-पास के गाँवों में सुबह और शाम का वक्त सिर्फ पानी के इंतजाम में बीत जाता था। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को पीने के पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। गर्मियों के दिनों में जब पारंपरिक जल स्रोत और तालाब सूख जाते थे, तो यह समस्या और भी विकराल हो जाती थी। इसके अलावा, जमीन से निकलने वाले आर्सेनिक और बालू युक्त पानी के कारण ग्रामीणों को पेट और त्वचा से जुड़ी तमाम तरह की बीमारियाँ झेलनी पड़ती थीं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.44-(1).jpeg" alt="विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर" width="1600" height="1200"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जल जीवन मिशन (हर घर जल योजना) के लागू होने के बाद से यह पूरी जद्दोजहद अब इतिहास बन चुकी है। अब गाँव की महिलाओं को पानी के लिए घर से बाहर कदम नहीं रखना पड़ता।</p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>इचौलिया की आधुनिक जल संरचना: विकास का नया मॉडल</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">विकास खंड मसौली की ग्राम पंचायत इचौलिया में इस योजना को सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर बेहद आधुनिक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ तरीके से उतारा गया है। यहाँ स्थापित किया गया नया वाटर सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर किसी शहरी टाउनशिप से कम नहीं है। इस परियोजना के अंतर्गत निम्नलिखित अत्याधुनिक प्रणालियाँ तैयार की गई हैं:</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.42.jpeg" alt="विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर" width="1200" height="1600"></img></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>उच्च क्षमता वाला ओवरहेड टैंक (शिरोपरि जलाशय):</strong> पूरे गाँव में समान दबाव (Water Pressure) के साथ पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक विशाल और ऊँचे शिरोपरि जलाशय का निर्माण किया गया है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>गहरे बोर का नलकूप (ट्यूबवेल):</strong> भूजल के शुद्ध और सुरक्षित स्तर तक पहुँचने के लिए गहराई पर बोरिंग की गई है, जिससे स्वच्छ और बिना बालू वाला पानी मिलता है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>स्वचालित पंप हाउस प्रणाली:</strong> पानी की री-फिलिंग और सप्लाई की पूरी प्रक्रिया को ऑटोमैटिक (स्वचालित) बनाया गया है, जिससे मानवीय गलतियों की गुंजाइश खत्म हो गई है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>सोलर ऊर्जा आधारित संचालन प्रणाली:</strong> इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण-अनुकूल होना है। बिजली संकट से बेअसर, यह पूरी प्रणाली सौर ऊर्जा से संचालित होती है, जिससे बिजली बिल की बचत होती है और जलापूर्ति कभी बाधित नहीं होती।</p>
</li>
<li>
<p><strong>मजबूत बाउंड्रीवॉल और सुरक्षा प्रबंध:</strong> पूरे परिसर को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सुरक्षा दीवार (बाउंड्रीवॉल) और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षित रहे।</p>
</li>
<li>
<p><strong>व्यापक पाइपलाइन वितरण नेटवर्क:</strong> गाँव की हर गली और हर घर को कवर करते हुए एक मजबूत और टिकाऊ पाइपलाइन का जाल बिछाया गया है, जिससे अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी पूरा पानी मिल सके।</p>
</li>
</ul>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.41.jpeg" alt="विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर" width="1600" height="1200"></img></p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>2172 लोगों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">इस आधुनिक और सौर-ऊर्जा संचालित व्यवस्था के माध्यम से वर्तमान में इचौलिया गाँव के लगभग <strong>2172 नागरिकों</strong> को रोजाना नियमित अंतराल पर स्वच्छ, सुरक्षित और क्लोरीनीकृत पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।</p>
<blockquote>
<p><strong>स्वास्थ्य और समृद्धि का नया सवेरा:</strong></p>
<p>शुद्ध पानी मिलने से गाँव में जल जनित बीमारियों (Water-borne diseases) में भारी कमी दर्ज की गई है। स्थानीय पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) के आंकड़ों के मुताबिक, दूषित पानी से होने वाली बीमारियाँ अब न के बराबर रह गई हैं। साथ ही, पानी भरने में जो समय बर्बाद होता था, उसका उपयोग अब महिलाएँ स्वरोजगार और बच्चे पढ़ाई में कर रहे हैं।</p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">इचौलिया की यह सफलता कहानी अब मसौली ब्लॉक के अन्य पिछड़े गाँवों के लिए एक 'रोल मॉडल' बन गई है। यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यदि सरकारी योजनाओं को सही तकनीक और स्थानीय जनभागीदारी के साथ लागू किया जाए, तो ग्रामीण भारत का कायाकल्प दूर की कौड़ी नहीं है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180830/special-ground-report-jal-jeevan-mission-became-a-mass-movement</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 18:14:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन, सिंगापुर पर 25 गोल की जीत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने सिंगापुर को 25-0 से हराकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया है और एशिया कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को हुए मुकाबले में भारतीय टीम की तरफ से 10 अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। नौशीन नाज ने सर्वाधिक सात गोल (8′, 13′, 17′, 18′, 40′, 52′, 58′) किए। गीताश्री नम्मी, जिन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, ने पांच गोल (13′, 28′, 47′, 48′, 60′) किए, जबकि कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल (2′, 24′, 38′, 45′) किए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रियंका मिंज ने भी हैट्रिक (22′, 37′, 53′) बनाई,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180597/great-performance-by-indian-womens-under-18-hockey-team-25-goal-victory"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hj29nddbaaawe9q-1024x576.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने सिंगापुर को 25-0 से हराकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया है और एशिया कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को हुए मुकाबले में भारतीय टीम की तरफ से 10 अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। नौशीन नाज ने सर्वाधिक सात गोल (8′, 13′, 17′, 18′, 40′, 52′, 58′) किए। गीताश्री नम्मी, जिन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, ने पांच गोल (13′, 28′, 47′, 48′, 60′) किए, जबकि कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल (2′, 24′, 38′, 45′) किए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रियंका मिंज ने भी हैट्रिक (22′, 37′, 53′) बनाई, जबकि दीया (27′), नैन्सी सरोहा (36′), श्रुति कुमारी (40′), पुष्पा मांझी (47′), रश्मीन कौर (47′), और संदीपा कुमारी (51′) ने 1-1 गोल किए।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय टीम ने अपने आक्रामक खेल से मैच की शुरुआत में ही अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। कप्तान स्वीटी ने दूसरे मिनट में गोल किया। फिर नौशीन ने आठवें मिनट में बढ़त बढ़ाई। गीताश्री और नौशीन दोनों ने 13वें मिनट में गोल कर मैच पर भारत का दबदबा स्थापित कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे क्वार्टर में, भारतीय टीम ने अपना दबदबा और बढ़ाया, नौशीन ने दो तेज गोल किए। इसके बाद प्रियंका और स्वीटी ने हाफटाइम से पहले भारत की बढ़त बढ़ाने में मदद की।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रेक के बाद भी गोलों का सिलसिला जारी रहा। दीया और गीताश्री ने तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही गोल किए, जिसमें नैन्सी, प्रियंका, स्वीटी, नौशीन और श्रुति सभी ने गोल किए, जिससे भारत ने सिंगापुर की रक्षापंक्ति को तोड़ दिया। भारत ने आखिरी क्वार्टर में दस गोल किए। अंडर-18 स्तर पर भारतीय टीम के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से यह एक है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने मलेशिया, कोरिया और सिंगापुर के खिलाफ जीत हासिल की, और पूल ए में बिना हारे रिकॉर्ड और 9 अंक के साथ टॉप पर रहा। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:21:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रज्ञानानंद ने फिर किया कमाल, मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार हराया: नॉर्वे शतरंज 2026</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नॉर्वे शतरंज 2026 के आठवें दौर में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को एक बार फिर हराकर खिताब की दौड़ को रोमांचक बना दिया। वहीं भारतीय खिलाड़ियों डी. गुकेश और दिव्या देशमुख को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।</p><p style="text-align:justify;">20 वर्षीय प्रज्ञानानंद ने पिछले सप्ताह सफेद मोहरों से कार्लसन को हराया था और अब आठवें दौर में काले मोहरों से भी उन्हें मात दे दी। इसके साथ ही वह भारत के महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के बाद एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180595/in-the-eighth-round-of-norway-chess-2026-indias-young"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/555.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नॉर्वे शतरंज 2026 के आठवें दौर में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को एक बार फिर हराकर खिताब की दौड़ को रोमांचक बना दिया। वहीं भारतीय खिलाड़ियों डी. गुकेश और दिव्या देशमुख को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।</p><p style="text-align:justify;">20 वर्षीय प्रज्ञानानंद ने पिछले सप्ताह सफेद मोहरों से कार्लसन को हराया था और अब आठवें दौर में काले मोहरों से भी उन्हें मात दे दी। इसके साथ ही वह भारत के महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के बाद एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। साथ ही वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने क्लासिकल शतरंज में कार्लसन को तीन बार हराया है।</p><p style="text-align:justify;">एक अन्य मुकाबले में फ्रांस के अलीरेज़ा फिरोज़ा ने मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश डोम्माराजू को पराजित किया। सफेद मोहरों से खेलते हुए फिरोज़ा ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान की दौड़ को और दिलचस्प बना दिया।</p><p style="text-align:justify;">वहीं वेस्ली सो और विन्सेंट कीमर के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद हुए आर्मागेडन टाईब्रेक में वेस्ली सो ने जीत हासिल कर अतिरिक्त अंक अपने नाम किए।</p><p style="text-align:justify;">आठवें दौर के बाद वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। अलीरेज़ा फिरोज़ा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि प्रज्ञानानंद 12 अंकों के साथ खिताब की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं।</p><p style="text-align:justify;"><strong>महिला वर्ग में दिव्या को झटका</strong></p><p style="text-align:justify;">महिला वर्ग में कज़ाखस्तान की बिबिसारा अस्साउबायेवा ने भारत की दिव्या देशमुख को हराकर अपनी बढ़त मजबूत कर ली। काले मोहरों से खेलते हुए बिबिसारा ने समय के दबाव में आई दिव्या की गलतियों का फायदा उठाया और मुकाबला जीत लिया।</p><p style="text-align:justify;">दूसरे मुकाबले में चीन की झू जिनर ने महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराया। इस जीत के साथ झू जिनर और दिव्या देशमुख दोनों 10-10 अंकों पर पहुंच गई हैं।</p><p style="text-align:justify;">भारत की कोनेरू हम्पी और यूक्रेन की अन्ना मुज़िचुक के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। हालांकि आर्मागेडन टाईब्रेक में हम्पी ने काले मोहरों से जीत दर्ज कर अतिरिक्त अंक हासिल किए।</p><p style="text-align:justify;">महिला वर्ग में आठ दौर के बाद बिबिसारा अस्साउबायेवा 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। अन्ना मुज़िचुक 10.5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि दिव्या देशमुख और झू जिनर 10-10 अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:19:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन से IIM इंदौर प्रभावित,  कारणों और उपलब्धियों के प्रभावों पर करेगा व्यापक शोध</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से हर तरफ सनसनी फैला रखी है। आईपीएल में कम उम्र में अपनी असाधारण प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले वैभव अब एक खास अकादमिक अध्ययन का विषय बनेंगे। दरअसल, आईआईएम इंदौर उनकी 15 वर्ष की आयु में मिली सफलता, उसके पीछे के कारणों और उपलब्धियों के प्रभावों पर व्यापक शोध करेगा।</p><p style="text-align:justify;">आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि असाधारण प्रतिभा को यदि सही वातावरण, मार्गदर्शन और अवसर मिलें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180593/iim-indore-will-conduct-extensive-research-on-the-causes-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/vaibhav-sooryavanshi-2-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से हर तरफ सनसनी फैला रखी है। आईपीएल में कम उम्र में अपनी असाधारण प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले वैभव अब एक खास अकादमिक अध्ययन का विषय बनेंगे। दरअसल, आईआईएम इंदौर उनकी 15 वर्ष की आयु में मिली सफलता, उसके पीछे के कारणों और उपलब्धियों के प्रभावों पर व्यापक शोध करेगा।</p><p style="text-align:justify;">आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि असाधारण प्रतिभा को यदि सही वातावरण, मार्गदर्शन और अवसर मिलें तो वह असाधारण परिणाम दे सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी उपलब्धि के पीछे केवल व्यक्ति का प्रयास नहीं होता, बल्कि परिवार, प्रशिक्षकों, सामाजिक सहयोग और संस्थागत समर्थन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।</p><p style="text-align:justify;">हालांकि, हिमांशु राय ने माना कि कम उम्र में मिलने वाले यश और सफलता अपने साथ कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आती हैं। उन्होंने कहा कि अचानक लगातार मौके मिलने, उम्मीदों का दबाव और सोशल मीडिया की निगरानी से युवा प्रतिभा प्रभावित हो सकती है। आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर के मुताबिक, विश्व स्तर पर ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं, जहां जरूरत से अधिक अपेक्षाओं और मानसिक दबाव की वजह से प्रतिभाशाली खिलाड़ी मानसिक थकान और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूर हुए हैं।</p><p style="text-align:justify;">हिमांशु राय ने बताया कि इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आईआईएम इंदौर इस विषय पर व्यापक अध्ययन करने जा रहा है। इस शोध में उन सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक और संस्थागत कारणों का विश्लेषण किया जाएगा, जो कम उम्र में शानदार प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं के विकास में अहम किरदार निभाते हैं। उन्होंने बताया कि नेतृत्व, व्यवहार विज्ञान और मानव क्षमता के विशेषज्ञ मिलकर यह समझने का प्रयास करेंगे कि शुरुआती सफलता युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तिगत विकास और भविष्य की दिशा को किस तरह से प्रभावित करती है।</p><p style="text-align:justify;">डायरेक्टर के अनुसार, इस अध्ययन का उद्देश्य महज एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी की सफलता का विश्लेषण करना नहीं है, बल्कि ऐसे निष्कर्ष तैयार करना है, जो भविष्य में उभरने वाली युवा प्रतिभाओं के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकें। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह भी सुनिश्चित करना है कि खेल उपलब्धियों के साथ मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और समग्र विकास को समान महत्व मिले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:17:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीवी सिंधु ने थाईलैंड की बुसानन को हराकर दर्ज की दमदार जीत: इंडोनेशिया ओपन 2026</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">इंडोनेशिया ओपन 2026 में मंगलवार को भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने थाईलैंड की बुसानन ओंगबामरुंगफान को 25-23, 21-16 से मात देकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की।</p>
<p style="text-align:justify;">जकार्ता के इस्टोरा सेनायन स्टेडियम में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन आखिरकार 51 मिनट तक चले मुकाबले को अपने नाम किया। ​​सिंधु ने आक्रामक खेल शैली से पहले गेम को कड़े मुकाबले के बाद जीता और उसी ऊर्जा को दूसरे गेम में भी बरकरार रखते हुए सीधे सेटों में जीत सुनिश्चित की।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंधु को अब दूसरे राउंड में एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा, जहां उनका मुकाबला मौजूदा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180590/pv-sindhu-defeated-busanan-of-thailand-and-registered-a-strong"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/pv.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इंडोनेशिया ओपन 2026 में मंगलवार को भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने थाईलैंड की बुसानन ओंगबामरुंगफान को 25-23, 21-16 से मात देकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की।</p>
<p style="text-align:justify;">जकार्ता के इस्टोरा सेनायन स्टेडियम में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन आखिरकार 51 मिनट तक चले मुकाबले को अपने नाम किया। ​​सिंधु ने आक्रामक खेल शैली से पहले गेम को कड़े मुकाबले के बाद जीता और उसी ऊर्जा को दूसरे गेम में भी बरकरार रखते हुए सीधे सेटों में जीत सुनिश्चित की।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंधु को अब दूसरे राउंड में एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा, जहां उनका मुकाबला मौजूदा ओलंपिक चैंपियन और वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी एन से-यंग से होने की संभावना है। सिंधु ‘हेड-टू-हेड’ रिकॉर्ड में 0-9 से पीछे हैं और पिछले हफ्ते सिंगापुर ओपन के क्वार्टर फाइनल में भी वह इसी कोरियाई खिलाड़ी से हारी थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">अगले राउंड में जगह बनाने वाली एक और जोड़ी मेंस डबल्स में हरिहरन अमसकारुनन और एमआर अर्जुन की थी, जिन्होंने मलेशिया के 2016 ओलंपिक पदक विजेता टैन वी किओंग और उनके मौजूदा जोड़ीदार नूर मोहम्मद अजरीन पर सीधे गेमों में जीत दर्ज की।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की दिग्गज शटलर सिंधु साल 2023 के बाद पहली बार दुनिया के टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल हुई हैं, उन्होंने थाईलैंड की शटलर के खिलाफ लगातार 11वीं जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। बुसानन के खिलाफ ‘हेड-टू-हेड’ रिकॉर्ड में अब सिंधु 21-1 से आगे हैं। अब उनका मुकाबला कोरिया की टॉप सीड एन से-यंग और तुर्की की नेस्लिहान अरिन के बीच होने वाले मैच की विजेता से होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बाद में, हरिहरन और अर्जुन ने अनुभवी मलेशियाई जोड़ी को सिर्फ 33 मिनट में 21-18, 21-10 से मात दी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, लक्ष्य सेन को घरेलू पसंदीदा खिलाड़ी अल्वी फरहान के हाथों 21-19, 21-16 से हार का सामना करना पड़ा। अल्वी ने पिछले हफ्ते सिंगापुर ओपन में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी शि यू क्यूई को हराया था।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर, भारत की डबल्स टीमों के लिए यह एक कठिन दिन रहा। ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी, जो दो महीने से ज़्यादा समय बाद पहली बार एक साथ खेल रही थी, इंडोनेशिया की टीम फेब्रिआना द्विपुजी कुसुमा और मेलिसा ट्रायस पुस्पितासारी से 14-21, 12-21 से हार गई। मिश्रित युगल में, ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को छठी वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी गुओ शिन वा और चेन फांग हुई ने 11-21, 10-21 से हराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:14:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनएच-347 बी के उन्नयन को कैबिनेट की मंजूरी, मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-347बी के हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रूधी और देशगांव-जुलवानिया खंड के उन्नयन एवं चौड़ीकरण परियोजना को मंजूरी दे दी है। 233.653 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 4,415.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) पर विकसित किया जाएगा।</p>
<p>परियोजना के तहत हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रूधी खंड के 125.01 किलोमीटर लंबे मौजूदा इंटरमीडिएट लेन मार्ग को पक्के कंधों सहित दो लेन में उन्नत किया जाएगा। वहीं देशगांव-जुलवानिया खंड के 108.643 किलोमीटर लंबे मौजूदा दो लेन मार्ग को चार लेन में विस्तारित किया जाएगा।</p>
<p>सरकार के अनुसार, यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180585/cabinet-approval-for-upgradation-of-nh-347b-is-a-big-gift"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/pm-modi-good-img.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-347बी के हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रूधी और देशगांव-जुलवानिया खंड के उन्नयन एवं चौड़ीकरण परियोजना को मंजूरी दे दी है। 233.653 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 4,415.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) पर विकसित किया जाएगा।</p>
<p>परियोजना के तहत हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रूधी खंड के 125.01 किलोमीटर लंबे मौजूदा इंटरमीडिएट लेन मार्ग को पक्के कंधों सहित दो लेन में उन्नत किया जाएगा। वहीं देशगांव-जुलवानिया खंड के 108.643 किलोमीटर लंबे मौजूदा दो लेन मार्ग को चार लेन में विस्तारित किया जाएगा।</p>
<p>सरकार के अनुसार, यह परियोजना बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों में सड़क की ज्यामितीय कमियों, तीखे मोड़ों और आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात जाम की समस्या का समाधान करेगी। परियोजना के तहत खरगोन जिले में 16.20 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास भी विकसित किया जाएगा।</p>
<p>सड़क उन्नयन के बाद इस मार्ग पर वाहनों की औसत गति बढ़ेगी, यात्रा समय कम होगा और सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा। इसके साथ ही ईंधन की खपत और वाहन संचालन लागत में कमी आएगी, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>यह परियोजना मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर संपर्क प्रदान करेगी। उन्नत कॉरिडोर प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत छह आर्थिक केंद्रों, पांच सामाजिक केंद्रों और पांच लॉजिस्टिक केंद्रों से जुड़ेगा।</p>
<p>इनमें एक वस्त्र क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क, एक औद्योगिक पार्क, दो सुपर थर्मल पावर प्लांट, दो आकांक्षी जिले — खंडवा और बड़वानी, तथा तीन जनजातीय जिले — बैतूल, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।</p>
<p>परियोजना इंदौर और नागपुर हवाई अड्डों, बैतूल और खंडवा रेलवे स्टेशनों तथा इंदौर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) को भी बेहतर संपर्क प्रदान करेगी। यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-47, राष्ट्रीय राजमार्ग-753, राष्ट्रीय राजमार्ग-347बीजी और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 के साथ-साथ राज्य राजमार्ग-15 और अन्य प्रमुख जिला मार्गों से जुड़ेगा।</p>
<p>इस कॉरिडोर से बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जैसे प्रमुख शहरों और कस्बों को लाभ मिलेगा तथा माल और यात्रियों की आवाजाही तेज होने से व्यापार, उद्योग और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी।</p>
<p>सरकार के अनुसार, परियोजना से लगभग 19.50 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष और 23 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होने का अनुमान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:05:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायली युवक की हत्या कर उसके बच्चे को जिन्दा ओवन में डाल दिया और पत्नी के साथ वे लोग तबतक रेप करते रहे जबतक</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>हमास-इजरायल</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">हमास ने 7 मई को एक इजरायली युवक की हत्या कर उसके बच्चे को जिन्दा ओवन में डाल दिया और पत्नी के साथ वे लोग तबतक रेप करते रहे जबतक बच्चा जलता रहा। कितने मुसलमानों ने कहा की वे मुस्लिम होने पर शर्मिंदा हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">हमास के २०-२० मुसलमानों ने #इजरायल के एक एक लड़कियों और छोटी छोटी बच्चियों के साथ रेप किया और उन्हें नग्न कर परेड निकाला। कितने मुसलमानों ने कहा की वे मुस्लिम होने पर शर्मिंदा हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">हमास ने इजरायल के स्त्रियों के साथ उनके पतियों के सामने निर्वस्त्र कर रेप किया। कितने #मुसलमानों ने कहा की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180574/after-killing-an-israeli-youth-they-put-his-child-alive"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-03-at-15.09.36.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>हमास-इजरायल</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">हमास ने 7 मई को एक इजरायली युवक की हत्या कर उसके बच्चे को जिन्दा ओवन में डाल दिया और पत्नी के साथ वे लोग तबतक रेप करते रहे जबतक बच्चा जलता रहा। कितने मुसलमानों ने कहा की वे मुस्लिम होने पर शर्मिंदा हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">हमास के २०-२० मुसलमानों ने #इजरायल के एक एक लड़कियों और छोटी छोटी बच्चियों के साथ रेप किया और उन्हें नग्न कर परेड निकाला। कितने मुसलमानों ने कहा की वे मुस्लिम होने पर शर्मिंदा हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">हमास ने इजरायल के स्त्रियों के साथ उनके पतियों के सामने निर्वस्त्र कर रेप किया। कितने #मुसलमानों ने कहा की वे मुस्लिम होने पर शर्मिंदा हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">अपहरण की गई एक इजरायली महिला को दो दिन तक भूखा रखा और तीसरे दिन मांस भात खाने केलिए दिया। खाने के बाद बताया की जो मांस वो खाई है वह उसके बच्चे का था। कितने मुसलमानों ने कहा की वे मुस्लिम होने पर शर्मिंदा हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">हमास ने ७ अक्टूबर को इजरायल में हमला कर १४०० निर्दोष नागरिकों को पुरे परिवार सहित उनके घरों में, #होटलों में, अस्पतालों में, गाड़ियों में मार दिया या जला दिया। कितने मुसलमानों ने कहा की वे मुस्लिम होने पर शर्मिंदा हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">हमास ने दर्जनों इजरायली बच्चों को जिन्दा जला दिया और अल्लाहु अकबर का नारा लगाते हुए ४० बच्चों की गर्दन रेतकर हत्या कर दिया। कितने मुसलमानों ने कहा की वे मुस्लिम होने पर शर्मिंदा हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे बर्बर हिंसक रेपिस्ट शैतानों का समर्थन करनेवाले न केवल इंसानियत और #मानवता के दुश्मन हैं बल्कि सभ्य समाज केलिए बहुत बड़ा खतरा हैं, उनसे सिर्फ सावधान रहने की जरूरत ही नहीं है बल्कि उनसे निपटने के लिए तैयारी करने की भी जरूरत है। क्योंकि आज वे उन शैतानों का समर्थन कर रहे हैं तो कल को यहाँ भी कर सकते हैं क्योंकि दोनों एक ही किताब पढ़ते हैं !!</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180574/after-killing-an-israeli-youth-they-put-his-child-alive</link>
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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:19:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विवादित ढांचे पर झूठी खबरें चलाने वालों पर भड़के योगेश पासी,'फर्जी रिपोर्टिंग' का आरोप, कार्रवाई की मांग, प्रतिष्ठित समाचार पत्र चला रहे झूठी खबरें .!!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><br /></p><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div><img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/2b55/32.png" alt="⭕" />SHO ने कहा- नहीं मिली किसी टीम के आने की जानकारी, फिर कैसे छपी खबर?</div><div><br /></div><div><img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/2b55/32.png" alt="⭕" />विवादित ढांचे पर 'फर्जी रिपोर्टिंग' का आरोप, कार्रवाई की मांग</div><div><br /></div><div><img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/2b55/32.png" alt="⭕" />विवादित स्थल पर पुरातत्व टीम के दावे पर सवाल, योगेश पासी ने मांगी जांच</div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कलां स्थित विवादित ढांचे को लेकर कुछ समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों पर नया विवाद खड़ा हो गया है। कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा यह खबर प्रकाशित की गई कि विवादित स्थल पर पुरातत्व विभाग की दो सदस्यीय टीम पहुंची थी और उसने वहां कब्र एवं मस्जिद होने के प्रमाण मिलने की बात कही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">योगेश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180572/yogesh-pasi-angry-at-those-running-false-news-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260526-wa0010.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><br /></p><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div><img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/2b55/32.png" alt="⭕"></img>SHO ने कहा- नहीं मिली किसी टीम के आने की जानकारी, फिर कैसे छपी खबर?</div><div><br /></div><div><img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/2b55/32.png" alt="⭕"></img>विवादित ढांचे पर 'फर्जी रिपोर्टिंग' का आरोप, कार्रवाई की मांग</div><div><br /></div><div><img class="an1" src="https://fonts.gstatic.com/s/e/notoemoji/17.0/2b55/32.png" alt="⭕"></img>विवादित स्थल पर पुरातत्व टीम के दावे पर सवाल, योगेश पासी ने मांगी जांच</div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कलां स्थित विवादित ढांचे को लेकर कुछ समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों पर नया विवाद खड़ा हो गया है। कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा यह खबर प्रकाशित की गई कि विवादित स्थल पर पुरातत्व विभाग की दो सदस्यीय टीम पहुंची थी और उसने वहां कब्र एवं मस्जिद होने के प्रमाण मिलने की बात कही है। इस खबर को लेकर सुहेलदेव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी ने कड़ा विरोध जताया है और इसे पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन बताया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">योगेश पासी ने कहा कि कुछ तथाकथित पत्रकार और समाचार पत्र बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के खबरें प्रकाशित कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो सकता है। उनका कहना है कि यदि वास्तव में कोई सरकारी अथवा पुरातत्व विभाग की टीम विवादित स्थल पर पहुंची थी, तो इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? टीम के सदस्यों की पहचान क्या थी? उनका कोई फोटो, वीडियो या आधिकारिक बयान अब तक सामने क्यों नहीं आया?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इतने संवेदनशील मामले में यदि किसी जांच टीम ने कोई निष्कर्ष निकाला होता तो प्रशासन या संबंधित विभाग द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित कर जनता को जानकारी दी जाती। लेकिन अब तक ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है, जिससे इन खबरों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वहीं इस संबंध में मलिहाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक (SHO) सुरेंद्र सिंह भाटी ने भी बताया कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि किसी पुरातत्व विभाग की टीम ने विवादित ढांचे का निरीक्षण किया हो। SHO के इस बयान के बाद उक्त खबरों को लेकर और भी सवाल उठने लगे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">योगेश पासी ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थान स्वयं ही फैसला सुनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मामला अभी भी विवादित है और किसी सक्षम प्राधिकरण द्वारा कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की खबरें समाज में भ्रम फैलाने और लोगों को गुमराह करने का कार्य कर रही हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सुहेलदेव आर्मी प्रमुख ने कहा कि उनकी टीम पूरे मामले से संबंधित तथ्यों और प्रकाशित खबरों का संकलन कर रही है। जल्द ही संबंधित समाचार पत्रों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रशासन को लिखित शिकायत दी जाएगी और कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा बिना प्रमाण और बिना आधिकारिक पुष्टि के संवेदनशील खबरें प्रकाशित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या संस्था समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास न कर सके।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">फिलहाल विवादित ढांचे को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन आधिकारिक रूप से किसी भी विभाग द्वारा कब्र या मस्जिद होने संबंधी कोई सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे केवल प्रशासनिक और आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा अफवाहों से दूर रहें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:11:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर: विवाहिता ने कमरे के छत की कुंडी के सहारे साड़ी का फंदा लगाकर दी जान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के पड़रिया में मंगलवार को एक विवाहिता ने कमरे के छत की कुंडी के सहारे साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">थानाक्षेत्र ग्राम पड़रिया में मंगलवार को दोपहर से पहले एक विवाहिता ने किन्हीं कारण घर के दूसरे  तल पर एक कमरे में  छत की कुंडी के सहारे साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर शव को कुंडी से नीचे उतार पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180569/siddharthnagar-married-woman-committed-suicide-by-hanging-her-saree-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1780409582792.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के पड़रिया में मंगलवार को एक विवाहिता ने कमरे के छत की कुंडी के सहारे साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थानाक्षेत्र ग्राम पड़रिया में मंगलवार को दोपहर से पहले एक विवाहिता ने किन्हीं कारण घर के दूसरे  तल पर एक कमरे में  छत की कुंडी के सहारे साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर शव को कुंडी से नीचे उतार पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मृतका खुशबू यादव (23 वर्ष) पत्नी दिनेश यादव ग्राम पड़रिया की रहने वाली थी। मृतका को दो वर्ष का एक बेटा भी है। मृतका के पति दिनेश यादव खेती के कार्य से घर से बाहर गये हुए थे। दिनेश की मां जब कमरे के पास गई, तो देखा बहू खुशबू यादव छत की कुंडी से लटक हुई मिली। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वह खुशबू को लटके देख रोने चिल्लाने लगी। रोने की आवाज सून लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो गई। पति को जानकारी होते ही वह भी रोते हुए खेत से घर वापस पहुंचा। उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी। मृतका का मायका बलरामपुर जिले के पचपेड़वा थाना ग्राम सेहरी है। मायका पक्ष वालों ने दहेज हत्या का उत्पीड़न की तहरीर पुलिस को दी है।आरोप लगाया है कि बेटी को मारकर लटका दिया गया है। मायके वालों ने पुलिस से कार्यवाही की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थाना शोहरतगढ़ प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने कहा कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिली है। जांचकर  विधिक कार्यवाही की जायेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:08:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काला नमक धान की खेती करने से किसान प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ - जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  <strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div><div><br /></div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 की अध्यक्षता में  कालानमक चावल(बुद्धा राइस) किसान सम्मेलन का आयोजन विकास खण्ड बर्डपुर के सभागार में सम्पन्न हुआ।</div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 ने उपस्थित कालानमक चावल के क्षेत्र में कार्य करने वाले एफपीओ, किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद का कालानमक चावल को एक जनपद एक उत्पाद में चयन किया गया है।</div><div><br /></div><div>  जनपद के बर्डपुर में सबसे अधिक व सबसे अच्छा कालानमक चावल का उत्पादन होता है। कालानमक चावल को महात्मा बुद्ध के प्रसाद के रूप में जाना जाता है। कालानमक चावल का थाईलैंड,, सिंगापुर व अन्य देशों में मांग अधिक</div><div><br /></div><div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1780411700011.jpg" alt="काला नमक धान की खेती करने से किसान प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ - जिलाधिकारी" width="1055" height="703" /><br /></div><div><br /></div><div> कालानमक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180567/farmers-can-get-more-profits-by-cultivating-black-salt-paddy"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1780411700032.jpg" alt=""></a><br /><div> <strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div><div><br /></div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 की अध्यक्षता में  कालानमक चावल(बुद्धा राइस) किसान सम्मेलन का आयोजन विकास खण्ड बर्डपुर के सभागार में सम्पन्न हुआ।</div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 ने उपस्थित कालानमक चावल के क्षेत्र में कार्य करने वाले एफपीओ, किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद का कालानमक चावल को एक जनपद एक उत्पाद में चयन किया गया है।</div><div><br /></div><div> जनपद के बर्डपुर में सबसे अधिक व सबसे अच्छा कालानमक चावल का उत्पादन होता है। कालानमक चावल को महात्मा बुद्ध के प्रसाद के रूप में जाना जाता है। कालानमक चावल का थाईलैंड,, सिंगापुर व अन्य देशों में मांग अधिक है। कालानमक  चावल के प्रोसेसिंग के लिए जनपद के खेसरहा में सीएफसी स्थापित किया गया है जिससे जनपद के किसानों को जोड़ा जायेगा, उनको उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कालानमक की खेती करने से सामान्य धान की अपेक्षा अधिक आय प्राप्त होगा। कृषि विभाग के विशेषज्ञों द्वारा कालानमक धान की खेती, बीज, रोग प्रबन्धन, हारवेस्टिग तथा निर्यात के बारे में जानकारी दिया गया है।</div><div><br /></div><div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1780411700011.jpg" alt="काला नमक धान की खेती करने से किसान प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ - जिलाधिकारी" width="1055" height="703"></img><br /></div><div><br /></div><div> कालानमक धान में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न कर जैविक उर्वरक का प्रयोग करें,जिससे कालानमक चावल की गुणवत्ता ठीक रहेगा। जनपद में कालानमक धान की खेती बढ़ा है। उन्होंने किसानों से अपील किया कि सभी लोग कालानमक धान की खेती अधिक से अधिक करें। कालानमक चावल की गुणवत्ता ठीक रखने के लिए उसमें मिलावट न करें। जिलाधिकारी द्वारा कालानमक चावल के उत्पादन, विपणन, ब्रांडिंग व पैकेजिंग पर विशेष जोर दिया गया।</div><div><br /></div><div> उन्होंने कहा कि कालानमक चावल के निर्यात के लिए अच्छी ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग करें तथा उस पर कालानमक में उपलब्ध पोषक तत्वों एवं लाभ के बारे में अंकित करें। कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जायेगा। किसानों को जो भी आवश्यक्ता होगी जिला प्रशासन व कृषि विभाग पूरी मदद करेगा। जिलाधिकारी द्वारा अशरफी लाल, दिनेश चौधरी, गंगाराम, चन्द्र मोहन, सूर्यप्रकाश को कालानमक धान की बीज वितरित किया गया।</div><div><br /></div><div>किसान सम्मेलन में डॉ0 सर्वजीत एवं डॉ0 मार्कण्डेय सिंह कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र सोहना द्वारा किसानों को कालानमक धान की खेती के लिए बीज शोधन, नर्सरी तैयार करने, रोग से बचाव, पोषक तत्व प्रबन्धन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया। </div><div><br /></div><div>इस अवसर पर उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय, जिला उद्यान अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, खण्ड विकास अधिकारी बर्डपुर ओम प्रकाश सिंह यादव व अन्य अधिकारी, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह की महिलायें तथा किसान  उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:05:14 +0530</pubDate>
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