भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र के पहले 51 देशों को डब्लूएनडी ने दी सार्वभौमिक सलामी

ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र के मूल सदस्य थे: सुरक्षा परिषद् के स्थायी पाँचों देश उसके अतिरिक्त देश- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, बोलीविया, ब्राजील, बाइलेरोशिया, कनाडा, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, क्यूबा, चेकोस्लोवाकिया, डेनमार्क, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, मिस्र, अल सल्वाडोर, इथियोपिया, ग्रीस, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, भारत, ईरान, इराक, लेबनान, लाइबेरिया, लक्समबर्ग, मेक्सिको नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, निकारागुआ, नॉर्वे, पनामा, पैराग्वे, पेरू, फिलीपींस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, सीरिया, तुर्की, यूक्रेन, उरुग्वे, वेनेजुएला, यूगोस्लाविया और पोलैंड 51वाँ देश पोलैंड हस्ताक्षर के लिये

स्वतंत्र प्रभात वाराणसी

मनीष पांडेय


-प्लेनेटरी पीस और प्लेनेटरी पोलिटिकल सिस्टम (आन्दोलन) की संस्थापक संस्था वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी ने संयुक्त राष्ट्र के 75 वर्षगाँठ यानि चल रहे वर्तमान वर्ष में आज 26 जून 2020 को बनारस हिन्दू विश्वविद्यलय, वाराणसी में संयुक्त राष्ट्र के गठन में बनने वाले पहले 50 सदस्य देश, जिन्होंने 26 जून 1945 को यूएनओ चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे, और बाद में हस्ताक्षर करने वाले देश पोलैंड (कुल 51 देश)सहित सभी देशों के राष्ट्रीयगान के साथ संयुक्त राष्ट्र ध्वज के सामने सार्वभौमिक सलामी दी गयी. यह सार्वभौमिक सम्मान वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी संस्था के अध्यक्ष जावैद अब्दुल्लाह द्वारा दुनिया के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत की ओर से सार्वभौमिक सलामी  के तौर पर दी. यह सलामी लगातार लगभग सवा घंटे तक दी गई.
ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र के मूल सदस्य थे: सुरक्षा परिषद् के स्थायी पाँचों देश उसके अतिरिक्त देश- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, बोलीविया, ब्राजील, बाइलेरोशिया, कनाडा, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, क्यूबा, चेकोस्लोवाकिया, डेनमार्क, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, मिस्र, अल सल्वाडोर, इथियोपिया, ग्रीस, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, भारत, ईरान, इराक, लेबनान, लाइबेरिया, लक्समबर्ग, मेक्सिको नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, निकारागुआ, नॉर्वे, पनामा, पैराग्वे, पेरू, फिलीपींस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, सीरिया, तुर्की, यूक्रेन, उरुग्वे, वेनेजुएला, यूगोस्लाविया और पोलैंड  51वाँ देश पोलैंड हस्ताक्षर के लिये 26 जून को उपस्थित नहीं हो सका था, उसने 15 अक्टूबर 1945 को हस्तक्षर किया था. संयुक्त राष्ट संघ की स्थापना का दिन 24 अक्टूबर 1945 है.
एमएलएसएम कॉलेज एलएनएमयू के प्रधानाचार्य प्रो. विद्यानाथ झा ने कहा कि 51 देशों की सदस्यता से संयुक्त राष्ट्र संघ की शुरुआत हुई थी और आज 193 देश हैं और दो औबज़र्वर देश कुल 195 देश हैं आज उसके सदस्य हैं. संयुक्त राष्ट्र की कल भी उपादयता थी आज भी है, और आगे भी रहने वाली है. दुनिया के सभी लोगों को अब सम्पूर्ण धरती को अपना समझकर इस विश्व संस्था से लाभान्वित होना चाहिये और विश्व की सभी सभ्यता की शांति और सुरक्षा के लिये अब संयुक्त राष्ट्र को और भी अहम भुमिका अदा करना चाहिए। इस अवसर पर वसुधैव कुटुम्बकम पार्टी के अध्यक्ष डॉ० अमरनाथ झा ने भी विचार प्रस्तुत किया. मौके पर विकास कुमार चौबे विशाल ने इस असाधारण कार्य में सहयोग दिया

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