शिक्षा हमारा विकल्प नहीं, संकल्प है : अखिलेश यादव
शिक्षक दिवस पर 2000 शिक्षकों का सम्मान, बोले- शिक्षा पर ध्यान दिए बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता
लखनऊ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शिक्षक दिवस के अवसर पर गोमतीनगर स्थित लखनऊ पब्लिक कॉलेज में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के आयोजक लखनऊ पब्लिक स्कूल के संस्थापक एवं सांसद एसपी सिंह पटेल ने अखिलेश यादव का स्वागत किया। कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को शिक्षक दिवस की बधाई दी।
अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर पूरा देश पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारे लिए कोई विकल्प नहीं, बल्कि संकल्प है। विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब शिक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को संकल्प लेना चाहिए कि वह हमेशा शिक्षा और शिक्षकों का सम्मान करेगा।.jpeg)
उन्होंने कहा कि शिक्षा विरोधी, संकीर्ण सोच रखने वाले रूढ़िवादी और सामंतवादी विचारों के खिलाफ संघर्ष जारी रखना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा और शिक्षकों की उपेक्षा कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षकों के साथ सरकार का व्यवहार सभी के सामने है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और उनके सम्मान तथा अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।
2000 शिक्षकों का किया सम्मान
समारोह के दौरान अखिलेश यादव ने करीब 2000 शिक्षकों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में लखनऊ पब्लिक स्कूल की 18 शाखाओं के प्रधानाचार्य भी शामिल रहे। इस दौरान समाजवादी पार्टी की लखनऊ स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद प्रत्याशी एवं पूर्व एमएलसी कांति सिंह तथा लखनऊ शिक्षक क्षेत्र से विधान परिषद प्रत्याशी सुशील कुमार ने भी अखिलेश यादव का स्वागत किया।
सौहार्द बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी : अखिलेश
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार की प्राथमिकता भी सामाजिक सौहार्द होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी सौहार्द और भाईचारे में विश्वास करता है, जबकि भाजपा सरकार पर उन्होंने सौहार्द विरोधी होने का आरोप लगाया।
सहारनपुर की घटना को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और रामधन की कथित चोरी के मामले में भाजपा से जुड़े लोगों के पकड़े जाने के बाद पार्टी की साख प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और आस्थावान लोगों ने प्रभु राम के मंदिर में जो चढ़ावा दिया था, उसमें भी लूट की गई। हालांकि ये सभी आरोप अखिलेश यादव ने भाजपा पर लगाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और घटनाओं को साम्प्रदायिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। सहारनपुर मामले में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर कार्रवाई की गई, ताकि पीड़ित पक्ष उच्च न्यायालय का दरवाजा न खटखटा सके। उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित पक्ष उच्च न्यायालय जाता तो उसे न्याय मिल सकता था और इसके बाद उच्चतम न्यायालय जाने का भी रास्ता खुला रहता।
अखिलेश यादव ने भाजपा के पुराने राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने अपने शुरुआती दौर में मुस्लिम समाज के लोगों से भी चंदा लिया था और स्वयं को धर्मनिरपेक्ष दिखाने के लिए मुस्लिम व्यक्ति को प्रस्तावक बनाया था।
जेपी एनआईसी को लेकर सरकार पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपी एनआईसी) को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग जेपी एनआईसी को भ्रष्टाचार की इमारत बताते थे, वही आज प्रदेश में भ्रष्टाचार का कथित गोरखधंधा चला रहे हैं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि जेपी एनआईसी को जिस कीमत पर बेचा गया है, उतनी रकम केवल उसकी पार्किंग से ही प्राप्त हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जेपी एनआईसी की बिक्री से जुड़े अधिकारियों में से एक अधिकारी पहले गोरखपुर में तैनात था और वहीं से इस तरह के काम करने का तरीका सीखा गया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर बजट के दुरुपयोग और विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
गंगा-गोमती की सफाई और एक्सप्रेस-वे पर सवाल
अखिलेश यादव ने गंगा सफाई अभियान को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मां गंगा की सफाई के लिए आया बजट खर्च होने के बावजूद नदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गोमती नदी को भी बर्बाद कर दिया और सफाई के नाम पर केवल दावे किए जा रहे हैं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इस परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन सड़क बनने के बाद ही कई स्थानों पर टूट-फूट और गड्ढे दिखाई देने लगे। उन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में बजट की कथित लूट और भ्रष्टाचार हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार प्रदेश के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार है। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार के कामकाज को समझ रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।


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