आलू किसानों को मिलेगी राहत, भंडारण और भाव के अंतर पर मिलेगा अनुदान

डीएम संतोष कुमार शर्मा के निर्देशन में उद्यान विभाग ने शुरू की दो महत्वपूर्ण योजनाएं, अधिकतम 200 कुंतल आलू पर मिलेगा अनुदान; ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य

विवेक शर्मा Picture
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आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए संचालित हैं दो योजनाएं

फिरोजाबाद।

जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देशन में आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा भामाशाह भाव स्थिरता कोष के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आलू की न्यूनतम उत्पादन लागत एवं विक्रय मूल्य के अंतर पर तथा निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी सी.पी. अवस्थी ने बताया कि दोनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को potato.uphorticulture.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

पंजीकरण के समय ये विवरण जरूरी

ऑनलाइन पंजीकरण करते समय किसान को अपना मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, खसरा-खतौनी एवं बैंक पासबुक का विवरण दर्ज करना होगा। निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान प्राप्त करने के लिए शीतगृह से निर्गत आलू आमद/तकपट्टी, आलू निकासी का प्रमाण अथवा गेट पास तथा शीतगृह में आलू भंडारण शुल्क भुगतान की रसीद पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

आलू बिक्री का प्रमाण भी करना होगा अपलोड

भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना का लाभ लेने के लिए किसान को मंडी अथवा शीतगृह के माध्यम से आलू विक्रय का प्रमाण पत्र तथा बैंक खाते में आलू का मूल्य प्राप्त होने का प्रमाण अपलोड करना होगा।

200 कुंतल तक मिलेगा अनुदान

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर ₹100 प्रति कुंतल की दर से अधिकतम 200 कुंतल प्रति कृषक तक अनुदान देय होगा।इसी प्रकार भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम उत्पादन लागत एवं विक्रय मूल्य के अंतर अथवा न्यूनतम उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत, दोनों में जो भी कम होगा, उसके बराबर अधिकतम 200 कुंतल आलू पर अनुदान देय होगा।

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डीबीटी के माध्यम से खाते में पहुंचेगी राशि

दोनों योजनाओं के अंतर्गत देय अनुदान का भुगतान डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसान के आधार प्रमाणित बैंक खाते में किया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी सी.पी. अवस्थी ने जनपद के सभी आलू उत्पादक किसान भाइयों से अपील की है कि वे समय से पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराकर इन आलू विकास योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।योजनाओं से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आलू उत्पादक किसान किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, कक्ष संख्या-218 एवं 221 में संपर्क कर सकते हैं।ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल: potato.uphorticulture.इन

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