बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
संवेदनशील स्थलों पर मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की होगी तैनाती
सोशल मीडिया पर रहेगी विशेष नजर।जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न
स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता अतुल कुमार
बेतिया। आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को जिले में शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं विधि-व्यवस्था के अनुरूप सम्पन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, असामाजिक गतिविधि अथवा साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर व्यापक तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में 23 मई, शनिवार को जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के सभी अनुमंडलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व 28 से 30 मई के बीच मनाये जाने की संभावना है। यह पर्व जिले में पूरी शांति, सद्भाव एवं आपसी भाईचारे के वातावरण में सम्पन्न कराया जाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी रखें तथा किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सजग एवं सतर्क रहें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के सभी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि धारा-126 एवं 135 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई में तेजी लायी जाये तथा बाउंड डाउन की कार्रवाई समय से पूरी की जाये ताकि असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जायेगा और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जायेगी। सोशल मीडिया की निगरानी को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि फेक वीडियो, भ्रामक फोटो अथवा अफवाह फैलाने वाले पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाये ताकि अफवाहों के कारण सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में अब तक शांति समिति की बैठक आयोजित नहीं की गई है, वहां शीघ्र बैठक करायी जाये तथा स्थानीय स्तर पर सक्रिय युवाओं एवं सामाजिक रूप से प्रभावशाली लोगों को भी शांति समिति से जोड़ा जाये। नगर निकाय क्षेत्रों में क्यूआरटी टीम को एक्टिव रखा जाय। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक बेतिया डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि सभी थाना क्षेत्रों में गश्ती एवं पेट्रोलिंग बढ़ायी जाये तथा पुलिस पदाधिकारी अपनी तैयारियां पूरी तरह दुरुस्त रखें। उन्होंने कहा कि पशु चोरी जैसी घटनाएं कई बार सामाजिक तनाव का कारण बनती हैं, इसलिए इस दिशा में विशेष सतर्कता बरती जाये। उन्होंने धारा-126 एवं 135 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने, शांति समिति की बैठकों में नये एवं सक्रिय लोगों को शामिल करने तथा सभी थानाध्यक्षों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने राइड गियर एवं सुरक्षा उपकरणों के उपयोग पर भी बल दिया। पुलिस अधीक्षक बगहा रामानंद कुमार कौशल ने कहा कि निरोधात्मक कार्रवाई संतोषजनक एवं प्रभावी होनी चाहिए।
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में पुनः शांति समिति की बैठक आयोजित करने तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि पर्व के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण कायम रखा जा सके। बैठक में उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, नगर आयुक्त बेतिया शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, एसडीएम बेतिया विकास कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी जिला गोपनीय शाखा सुजीत कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े रहे।


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