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ओबरा में विकसित उत्तर प्रदेश@2047 पर हुआ मंथन, समाज के विभिन्न वर्गों ने दिए सुझाव
विकास और पर्यटन पर गहन मंथन
ओबरा तापीय परियोजना के गेस्ट हाउस में विकसित उत्तर प्रदेश@2047 पर विचार विमर्श
अजित सिंह ( ब्यूरो) के साथ कु. रीता की खास रिपोर्ट
ओबरा/सोनभद्र-
मुख्यमंत्री के समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश@2047 विजन को साकार करने के उद्देश्य से 13 सितंबर 2025 को ओबरा तापीय परियोजना के वी.आई.पी. गेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस कार्यक्रम का लक्ष्य वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने हेतु समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त कर उन्हें नीतिगत कार्ययोजनाओं में शामिल करना था।
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कार्यक्रम में महत्वपूर्ण अधिकारियों सहित अन्य लोगों ने लिया भाग
इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आईपीएस रामकृष्ण चतुर्वेदी और नारायण दत्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के प्राध्यापक डॉ. राकेश बाबू गौतम जैसे प्रबुद्धजनों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त ओबरा तापीय परियोजना की ओर से मुख्य महाप्रबंधक इं. आर.के. अग्रवाल, महाप्रबंधक (सी) इं. एस.के. सिंघल, और अधीक्षण अभियंता (सिविल) इं. ए.के. राय सहित अन्य अधिकारियों ने सहभागिता की।
जनपद प्रशासन से भी उच्च अधिकारी जिनमें जिला अर्थ एवं सांख्याधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी और श्रम विभाग से सहायक श्रमायुक्त तथा श्रम प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें ओबरा परियोजना, हिण्डाल्को और अन्य समीपवर्ती उद्योगों के श्रमिक संगठनों एवं प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जिससे यह संवाद समावेशी और व्यापक बन सका।
विजन @2047 पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विजन 2047 और सोनभद्र पर्यटन विकास से संबंधित वीडियो क्लिपिंग्स दिखाई गईं, जिन पर उपस्थित प्रतिभागियों के बीच गहन चर्चा हुई। सभी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, ऊर्जा, श्रमिक कल्याण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक और संतुलित नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया। श्रमिक संगठनों ने विशेष रूप से विजन 2047 को सफल बनाने के लिए कई रचनात्मक और व्यावहारिक सुझाव पेश किए।
सरकार का यह महत्वाकांक्षी मिशन प्रदेश को आत्मनिर्भर, औद्योगिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण बनाने का संकल्प है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य की विकास यात्रा में समाज के हर वर्ग को भागीदार बनाना है। कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन ओबरा परियोजना के अधीक्षण अभियंता अब्दुल निशात के मार्गदर्शन में श्री अनुराग मिश्रा द्वारा किया गया।
प्रतिभागियों ने बेहतर बनाये रखने के लिए इच्छा व्यक्त की
सभी प्रतिभागियों ने इस आयोजन को बेहद सार्थक और प्रभावी बताया और भविष्य में भी इस तरह के संवादात्मक कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने की इच्छा व्यक्त की। यह कार्यक्रम दिखाता है कि सरकार अपने विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए केवल शीर्ष-स्तरीय नीतियों पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि वह जमीन से जुड़े लोगों की राय और सुझावों को भी महत्व दे रही है।


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