सात माह बाद स्कूलों में लौटी रौनक,दिखे छात्र मकसूद अहमद भोपतपुरी

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स्वतंत्र प्रभात

भाटपार रानी,देवरिया।“न जाने इस चमन को क्या हो गया,खुशबू यहां की कहां खो गया।” शायर की ये पंक्तियां  कोरोना काल मे लगातार सात माह तक बंद रहे विद्यालयों पर सटीक बैठती है, जिनमें लम्बे समय तक विरानी छाई रही। इस दौरान विद्यालयों के छात्र रूपी फूल व पठन-पाठन रूपी सुगन्ध गायब रहे। वहीं सात माह बाद स्कूलों के खुलने के साथ खोई हुई रौनक वापस लौटी। लम्बे अंतराल के बाद माध्यमिक विद्यालयों में छात्र दिखे। बता दें कि कोरोना के बढ़ते हुए प्रकोप से बचाव हेतु भारत सरकार द्वारा 19 मार्च 2020 को सम्पूर्ण देश में जनता कर्फ्यू की घोषणा की गई।

वहीं 24 मार्च 2020 से सम्पूर्ण लॉक डाउन लागू कर दिया गया। यह लॉक डाउन समय-समय पर बढ़ता रहा। इस दौरान स्कूल-कालेज सब बन्द हो गए।वहीं सात माह बाद 19 अक्टूबर 2020 से जब कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के माध्यमिक विद्यालयों को सरकार द्वारा खोलने की घोषणा की गई, तो छात्रों व शिक्षकों की खुशियों का कोई ठिकाना नहीं रहा।सोमवार से नौवीं से बारहवीं कक्षाओं तक के विद्यालय खुल गए। हालांकि पहले दिन छात्रों की संख्या काफी कम रही।बावजूद इसके स्कूल आने वाले छात्रों का उत्साह व उमंग सातवें आसमान पर दिखा। छात्रों ने जब स्कूल गेट पर कदम रखा,तो वे खुशियों से मचल पड़े।

मानो उन्हें नए जीवनदान मिल गया हो।वहीं अपने महकते हुए फूलों को देखकर शिक्षकों का हृदय भी गदगद हो उठा। अध्यापकों ने अपने छात्रों की स्वर्णिम भविष्य की कामना की। इस प्रकार सात माह बाद विद्यालय पुनः गुलजार हो उठे।भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के पिपरा बघेल स्थिल आईबीएस इंटर कॉलेज में पढ़ाई के लिए पहुंचे दसवीं कक्षा के कुमारी खुशी,आंचल कुशवाहा, छोटी मिश्रा,अनिता कुशवाहा, श्वेता सिंह,सरिता सिंह,आनन्द कुशवाहा, अभय कुशवाहा, आदित्य सिंह,अमन मद्धेशिया, मिथुन गुप्ता, अश्वनी सिंह,अंकुश सिंह,रौनक सिंह आदि छात्र-छात्राओं ने बताया कि सात माह तक घर बैठे-बैठे हम लोग ऊब गए हैं। अब विद्यालय आकर मन व मष्तिष्क को काफी सुकून मिला है।

शिक्षक दुर्गेश मिश्र ने कहा कि इतने लम्बे समय तक छात्रों से दूर रहना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। ईश्वर करे कि पठन-पाठन का माहौल पटरी पर वापस लौट जाए।वहीं बंगरुआ स्थित नेहरू इंटर कॉलेज के दसवीं के मनीषा,अमृता सिंह, गुड़िया गुप्ता,करिश्मा गुप्ता, ज्योति,निशा,मुन्नी,विवेक यादव,युवराज सिंह, साबिर अंसारी आदि छात्र-छात्राओं ने कहा कि सात माह बाद क्लास रूम में कदम रखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।कोरोना ने हमें गुरुजनों व स्कूल से दूर कर दिया था।

नेहरू इंटर कॉलेज बंगरुआ के प्रधानाचार्य अभिषेक पांडेय व श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज हाता के प्रधानाचार्य रमाकांत सिंह ने बताया कि स्कूल आने के इच्छुक छात्रों के अभिभावकों से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाया जा रहा है। छात्रों का थर्मल स्क्रीनिंग भी की जा रही है।मास्क व सेनेटाइजर की अनिवार्यता के साथ शासन की गाइडलाइंस के मुताबिक पठन-पाठन शुरू हो गया है।कोरोना से बचाव व छात्रों का हित सर्वोपरि है।