औद्यानिक एवं वानिकी वृक्षों की नर्सरी उत्पादन तकनीकी विषयक तीन दिवसीय प्रधान मंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान प्रशिक्षण हुआ संपन्न

स्वतंत्र प्रभात


अंबेडकर नगर

भीटी

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, पांती, अंबेडकर नगर द्वारा केंद्र पर औद्यानिक एवं वानिकी वृक्षों की नर्सरी उत्पादन तकनीकी विषयक तीन दिवसीय प्रधान मंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत जनपद अंबेडकरनगर में आए

प्रवासी कामगारों का प्रशिक्षण दिनांक 14 से 16 जुलाई 2020 तक संपन्न हुआ। नर्सरी उत्पादन से आय संवर्धन हेतु तीन विकास खंडों के विभिन्न गांव आदमपुर, तिन्दौली, पांती, मंशापुर, कटघर, मूसा, कटठा इत्यादि से 35 से अधिक प्रवासी कामगारों ने भाग लिया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ

राम जीत ने उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन में बताया कि प्रवासी कामगार फल, सब्जी, वानिकी वृक्षों (आम, अमकद, पपीता, बेल, आंवला की उन्नतशील प्रजातियां) की उन्नतशील प्रजातियों की पौध तैयार कर अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं।

जनपद अंबेडकरनगर में फल वानिकी वृक्षों की नर्सरी बहुत कम तथा अच्छी गुणवत्ता वाली फौज की कमी बनी रहती है। इस प्रकार नर्सरी तैयार कर पोज बेचकर आए संवर्धन करके रोजगार स्थापित किया जा सकता है

तथा प्रवासी कामगारों को प्रशिक्षण के पश्चात अपना रोजगार स्थापित कर आए संवर्धन में मदद मिलेगी। उद्यान वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ विनय कुमार ने नर्सरी स्थापित करने की पूरी तकनीकी के विषय में 3 दिन चर्चा करके विस्तार से कौशल प्रदर्शन सिखाया। नर्सरी का रेखांकन मात्र वृक्ष खण्ड स्थापित कर नर्सरी शेड, पॉलीहाउस, एग्रीनेट का निर्माण, नर्सरी में प्रयोग होने वाले आधुनिक यंत्र।

बीज से बीजू पौध तैयार कर कायिक विधियों, ग्राफ्टिंग, वडिंग व वृक्ष सुधार विधियों से नए फल के उन्नतशील प्रजातियों के पौधे तैयार करने की विधियां सिखाई गई। नर्सरी में प्रयोग होने वाली विभिन्न प्रकार की पॉलिथीन की जानकारी खाद मिट्टी बबलू का मिश्रण तैयार करने इत्यादि के विषय में जानकारी दी।

आदर्श नर्सरी स्थापित करने का रोड मैप के बारे में भी जानकारी दी गई। केंद्र के पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ० प्रदीप कुमार ने नर्सरी एवं मुख्य खेत में रोग व्याधि एवं कीट नियंत्रण सहित पौधों के स्वास्थ्य प्रबंधन के विषय में विस्तार से बताया।

केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ० विद्यासागर ने नर्सरी में केंचुए की खाद ,कम्पोस्ट खाद इत्यादि के प्रयोग की उपयोगिता बतायी। प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ० रामकुमार व श्री राजेंद्र प्रसाद ने प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया।