शहर से पिंगली रोड पर डेयरी शिफ्टिंग की प्रक्रिया आयोजित

 करनाल  शहर से पिंगली रोड पर डेयरी शिफ्टिंग की प्रक्रिया के चलते गुरूवार को नगर निगम की ओर से निगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह की अध्यक्षता में, डेयरी प्लाटों का ड्रा आयोजित किया गया, कुल 79 प्लॉट निकाले गए। यही नहीं 28 व्यक्तियों की ओर से कुल अलॉटमेंट राशि का 20 प्रतिशत ड्राफ्ट के रूप में प्रस्तुत किए। परिणामस्वरूप कुछ को मौके पर ही प्लाटों का कब्जा दे दिया गया। इस कार्रवाई से वर्षो पुरानी डेयरी शिफ्टिंग की समस्या अब समाप्त हो जाएगी।
     

संयुक्त आयुक्त के अनुसार पिंगली रोड पर डेयरी प्लाट हासिल करने के लिए कुल 79 व्यक्तियों ने आवेदन किए थे और आज निर्धारित तिथि अनुसार साईट पर ही ड्रा के माध्यम से 79 व्यक्तियों की पर्ची निकालकर उन्हें अलग-अलग साईजो में प्लॉट नम्बर अलॉट किए गए।

ड्रा से पहले मौके पर ही शर्ते व नियम बताए गए, जिसमें बताया गया कि आवेदन के साथ 30 हजार रूपये की धरोहर राशि के बाद अलॉटमेंट की कुल राशि का 20 प्रतिशत सफल आवेदको को ड्रा के बाद देना होगा, शेष राशि 10 छमाही किश्तों में दी जाएगी। अंतिम किश्त 28 फरवरी 2025 को भरी जानी है और उसमें से धरोहर राशि को घटा दिया जाएगा। प्लॉटो को लेकर साईट पर एक ले-आउट भी लगाया गया था।
 

बता दें कि नगर निगम द्वारा विगत में शहर के अंदर 185 पशु डेयरियों का सर्वे किया गया था। इनके लिए पिंगली डेयरी शिफ्टिंग स्थल पर 188 प्लॉट उपलब्ध हैं। निगम की ओर से वहां पक्की सड़कें, बिजली की लाईने, नलकूप व केयर टेकर रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और अब डेयरियां शिफ्ट होने के बाद निगम की प्रपोजल है कि वहां फूड प्रोसेसिंग यूनिट, पशु अस्पताल, खल-चूरी की दुकाने व करियाने की दुकाने खुलवाई जाएंगी। जैसे-जैसे स्थल पर डेयरियों का विकास होगा, डेयरी मालिको की मांग पर उन्हें नगर निगम की ओर से सुविधाएं भी दी जाएंगी, लेकिन इससे पहले डेयरियों को शिफ्ट होना होगा।

दूसरी ओर संयुक्त आयुक्त ने आज ड्रा के मौके पर स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने आवेदन दिए थे, उनके आज ड्रा निकाले गए हैं, लेकिन जिन डेयरी मालिको ने अब तक भी प्लॉट के लिए अपने आवेदन नहीं किए थे, उनकी डेयरियों को अवैध घोषित कर नगर निगम सैक्शन 332 के तहत सीलिंग की कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा और यह कार्य जल्द शुरू होगा। शहर में चल रही डेयरियों से सीवरेज चौक हो रहे हैं और जनता को भी परेशानी उठानी पड़ती है, इनसे स्वच्छता भी नहीं रह पाती। उन्होंने बताया कि नगर निगम के मुख्य अभियंता को डेयरियों के नक्शे तैयार करने और डेयरी मालिको की यदि कोई समस्या है, तो उसका समाधान करने का जिम्मा दिया गया है। मुख्य अभियंता डिजाईन का काम भी देखेंगे।
 

डेयरी शिफ्टिंग स्थल पर ड्रा को सफल बनाने के लिए नगर निगम के 6 अधिकारियों की कमेटी बनाई गई थी, जिनमें उप निगमायुक्त धीरज कुमार, सचिव बल सिंह, वरिष्ठ लेखा अधिकारी संजय कालीरमन, सैक्शन ऑफिसर सतप्रकाश गांधी, सहायक इंजीनियर सुनील भल्ला तथा मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेन्द्र चौपड़ा शामिल थे। संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह की देखरेख में ड्रा की कार्रवाई प्रारम्भ की गई। इसके तहत प्लाटों के साईज को लेकर 7 केटेगरी बनाई गई थी। सबसे पहले 250 गज के 39 प्लॉटो का ड्रा निकाला गया, जिनमें प्लॉट नम्बर 41, 51, 44, 39, 42, 35, 19, 31, 32, 30, 29, 28, 27, 17, 37, 25, 36, 50, 47, 33, 49, 20, 26, 46, 43, 48, 16, 13, 14, 22, 38, 34, 18, 23, 45, 15, 21, 40 व 24 शामिल थे।
 

इसके पश्चात 266 वर्ग गज के 7 प्लॉटों का ड्रा निकाला गया। इनमें प्लॉट नम्बर 55, 62, 61, 59, 57, 56 व 60 शामिल थे। इससे आगे 340 वर्ग गज साईज के 8 प्लॉट निकाले गए। इनमें प्लॉट नम्बर 6, 7, 8, 5, 4, 2, 1 व 53 शामिल थे। तत्पश्चात 350 से 400 वर्ग गज के 6 प्लॉटो का ड्रा निकाला गया। इनमें प्लॉट नम्बर 73, 92, 93, 94, 95 व 142 शामिल थे। इसके बाद 408 से 462 वर्ग गज साईज के 12 प्लाटो का ड्रा निकाला गया। इनमें प्लॉट नम्बर 99, 98, 120, 121, 111, 178, 54, 119, 9, 11, 118 व 10 शामिल थे। इसके बाद 506 से 605 वर्ग गज साईज के 7 प्लॉटो का ड्रा निकाला गया। इनमें प्लॉट नम्बर 173, 90, 131, 72, 180, 112 व प्लॉट नम्बर 12 शामिल रहे।
बता दें कि उपरोक्त प्लॉट नम्बरों के साईज व नम्बर नगर निगम कार्यालय से लिए गए हैं।  इन सभी की सूची नगर निगम कार्यालय में डिसप्ले करवाई जाएगी। सफल आवेदक अपना नाम व प्लॉट नम्बर निगम कार्यालय में आकर सूची में देख कर वैरीफाई कर सकते हैं।