रास्ते बहुत कठिन हैं मगर चलना सम्भल-सम्भल के

राहगीरों व ग्रामीणों की इन कीचड़ व जलजमाव की समस्या से नही मिल रही निजात

महराजगंज। भारत नेपाल सीमा पर स्थित ठूठीबारी कस्बा की बात करें तो यहां थोड़ा बारिश होने से ही पूरी तरह सड़क कीचड़ में तब्दील हो गया है। आपको बता दें कि ठूठीबारी कस्बा जो कि भारी मात्रा में यहां राहगीरों का आना-जाना होता हैं लेकिन आज यह ठूठीबारी कस्बा पूरी तरह राहगीरों के लिए एक मुसीबत बना हुआ है। इस सड़क पर थोड़ी बारिश के कारण कीचड़ के अम्बारों से सफर करना राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। थोड़ी हल्की बारिश में सड़कों की सूरत कीचड़ व जल जमाव में बदल गई है। जिससे राहगीर इस नरकीय सड़क पर चलने को मजबूर हैं जिससे सड़को की मरम्मत न होने से लोगों मे काफी उबाल है। वहीं राहगीरों को सड़को पर फिसल कर गिरने का भी चिंता उमड़ता रहता है राहगीर काफी समस्या व  दिक्कत का सामना करने को मजबूर है। आये दिन राहगीर किचड़ का शिकार हाे जाते हैं। लेकिन राहगीर का दर्द सहने वाला काेई नही है। सडकाे पर कभी कभी गड्ढाे  मे पानी के जमाव से राहगीर पता नही लगा पाते की गड्ढा है या पानी का भराव जिससे वाे फिसल जाते हैं जिससे उन्हें गंभीर चोटें भी आ जाती है। दिनप्रतिदिन लाेग भारत व पडो़सी देश नेपाल के लाेग रास्ते से गूजरते रहते हैं इस प्रकार की दुर्घटना सभी के ऊपर उमड़ती रहती है। ठूठीबारी तिराहे बाजार व सीमा पर आदि क्षेत्राे में सड़काें की सूरत बदल गयी है सड़क का मरम्मत न होने से काफी राहगीर इन सफर से मुश्किल में पड़े है। ताकि राहगीराे व ग्रामीणाे की इन समस्या का संकट दुर हाे। आखिर ग्रामीणाें के लिए ऐसी समस्या का समाधान कब हाेगा। बरसात का सिलसिला जाेराे पे है तो वहीं सड़काें पर जल जमाव का कहर दिखाने काे मिल रहा है। आये दिन स्कूली बच्चे भी इस समस्या से जूझ ने काे तैयार हैं। वही ग्रामीण व राहगीरों का  कहना है की इन गड्ढो व कीचड़ युक्त से सड़कों पर चलना मुसीबत बनी हुई लाेग धैेर्य से न चले ताे उनकाे कीचड़ शिकार बना लेगी। जिससे थोड़ी ही बारिश में सड़क कीचड़ से तब्दील हो जाती व जलभराव से दुकानों में पानी रास्ता बना लेती है। आखिर ग्रामीणों व राहगीरों की इन मुसीबत से निजात कब मिलेगी। आए दिन लोगों पर इन मुसीबत का शिकंजा गुजरता रहता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here