चिराग तले अंधेरा, हाल ए …..सी. एम. सिटी

गोरखपुर स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही धड़ल्ले से संचालित है क्षेत्र में अवैध हॉस्पिटल।


गोरखपुर इलाके में फिर से सक्रिय हो रहा ख़ूनचूसवा गैंग 

गोरखपुर , स्वतंत्र प्रभात

 ध्यान रहे, कि आप की सुरक्षा सिर्फ आपके अपने हाथ में है क्योंकि जिम्मेदार बेखबर है और भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए है ।यह हम नहीं कह रहे बल्कि गोरखपुर जनपद के स्वास्थ्य महकमे के हालात  यह सब स्वयं बयां कर रहे है। जनपद में सूबे के मुखिया की नाक के नीचे स्वास्थ्य महकमे का गंदा खेल बदस्तूर जारी है यह हाल तब है जब भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात बार-बार दोहराने वाली मौजूदा सरकार ने ताबड़तोड़ कई कार्यवाही भ्रष्टाचारियों के खिलाफ की है ।
जनपद में सूबे के मुखिया की उपस्थिति तो बराबर बनी रहती है फिर भी कुछ दलाल और चाटुकार स्वास्थ्य महकमे की कारगुजारी सूबे के मुखिया के कानों तक पहुंचने ही नहीं देते।

हम बात कर रहे हैं सन 2008 की, जब गोरखपुर जनपद में चल रहे अवैध खून के काले कारोबार का खुलासा हुआ और गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी ।अवैध खून के गंदे कारोबार में लिप्त लगभग 12 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और कई हॉस्पिटल और पैथोलॉजी पर भी ताबड़तोड़ छापेमारी की गई ।ऐसे लगभग 8 से 10 मजदूर और रिक्शा चालकों को भी पुलिस ने मुक्त कराया जिन्हें बंधक बनाकर इस गैंग ने रखा था । पुलिस की मानें तो खूनचूसवा गैंग इन मजदूरों का खून जबरदस्ती निकालकर शहर के कई हॉस्पिटल में सप्लाई करता था ।मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन द्वारा इस गैंग के खिलाफ रासुका की कार्यवाही भी की गई थी । इसके खुलासे ने जहां एक और गोरखपुर पुलिस को खूब वाहवाही दिलाई वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य महकमे की खूब फजीहत भी कराई । 


ताज्जुब की बात तो यह है कि उस वक्त भी अवैध हॉस्पिटल और पैथोलॉजी की आड़ में यह गैंग अपना  गंदा खेल खेलता था, और आज जेल से छूटने के बाद भी अवैध हॉस्पिटल और पैथोलॉजी की आड़ में यह गैंग अपना खेल फिर से खेल रहा है ।उस वक्त भी स्वास्थ्य महकमे का हाथ इनके सर पर था और आज भी स्वास्थ्य महकमे ने गैंग के सदस्यों के सर पर अपना हाथ रखा हुआ है। गोरखपुर सीएमओ कुछ कर पाने में असमर्थ हैं तो दूसरी तरफ अवैध सेंटरों की जांच करने वाले स्वास्थ्य महकमे के जे डी चौधरी साहब अपनी जेब गर्म कर चुके हैं । शासन से मिले जांच के आदेश के बावजूद उस जांच में यह साहबान लीपापोती कर चुके हैं और ख़ूनचूसवा गैंग को फिर से शहर में पांव पसारने का मौका दे चुके हैं।
 आज भी फरार है आरोपी जयंत सरकार 


ख़ूनचूसवा कांड का मास्टरमाइंड जयंत सरकार आज भी फरार बताया जाता है। पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित कर रखा है। लेकिन सूत्रों की मानें तो आज भी जयंत सरकार गोरखपुर में अपने साथियों के संपर्क में है जो इस ख़ूनचूसवा कांड के अभियुक्त हैं और आज भी अवैध हॉस्पिटल और पैथोलॉजी की आड़ में अपना काम बखूबी अंजाम दे रहे हैं ।
 सूत्रों की मानें तो ओम साईं हॉस्पिटल जंगल सिकरी खोराबार में संचालित इस अवैध और अपंजीकृत हॉस्पिटल का संचालक अखिलेश्वर सिंह  उर्फ  राजन है । यह शातिर जेल से बाहर आने के बाद फिर से अपने पुराने काम मे सक्रिय हो गया । नियम कानून को ठेंगा दिखाकर और गोरखपुर के स्वास्थ्य महकमे में अपना जुगाड़ बैठा कर फिर से अवैध हॉस्पिटल पैथोलॉजी अल्ट्रासाउंड का संचालन करने लगा ,और उसकी आड़ में फिर से खूनचूसवा गैंग की एक नई पटकथा लिखने लगा । इस अवैध और अपंजीकृत हॉस्पिटल में आज भी आशा कार्यकत्रियों का जमावड़ा लगता है और तमाम अवैध और घृणित कार्यों को अंजाम दिया जाता है। लेकिन बड़े ताज्जुब की बात तो यह है कि शहर में ही संचालित इस अवैध हास्पिटल तथा इस में होने वाली गतिविधियों की खबर पर भी स्वास्थ्य महकमा आज तक अनजान बना हुआ है।


 क्या कर रहा है आज ख़ूनचूसवा गैंग 


सूत्र यह भी बताते हैं कि जेल से छूटने के बाद ख़ूनचूसवा गैंग के लगभग सभी अभियुक्त आज गोरखपुर तथा उसके आसपास के क्षेत्र में फिर से अवैध पैथोलॉजी और हॉस्पिटल की आड़ में खून के अवैध व काले कारोबार में लिप्त हो चुके हैं। उनसे साथ गैंग का एक अभियुक्त तो शहर में ही अवैध तरीके से अपंजीकृत और अवैध ओम साईं हॉस्पिटल संचालित कर रहा है ।लेकिन गोरखपुर पुलिस को यह नहीं पता कि आज इस गैंग के अभियुक्त क्या काम कर रहे हैं। जबकि इस तरह के अभियुक्तों के मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी पुलिस की ही है । वही गोरखपुर जनपद में आज से कुछ महीनों पूर्व किसी शिकायतकर्ता द्वारा सूबे के स्वास्थ्य मंत्री से लेकर डीजी हेल्थ तक इस तरह के संचालित अवैध  सेंटरो की शिकायत की गई थी। जिसकी जांच स्वास्थ्य महकमे के सबसे भ्रष्ट माने जाने वाले गोरखपुर जनपद के जे डी हेल्थ चौधरी साहब को मिली थी ।

जब बिल्ली को ही दूध की रखवाली का जिम्मा दे दिया जाए तो दूध की सुरक्षा तो फिर तय समझिए । यह जनाब ऐसे सेंटरों पर पहुंचे भी थे लेकिन कोई कार्यवाही न होनी थी और न हुई । शिकायतकर्ता की लिस्ट में खूनचूसवा गैंग के अभियुक्त द्वारा संचालित ओम साईं हॉस्पिटल का भी जिक्र था लेकिन जे डी हेल्थ साहब की मेहरबानी से अवैध होने के बावजूद भी ओम साईं हॉस्पिटल और ऐसे कई सेंटर आज भी खूनचूसवा गैंग की सुरक्षित पनाहगार बने हुए हैं । इन मेहरबानो की वजह से गोरखपुर जनपद में खूनचूसवा गैंग फिर से फलने फूलने लगा है सीएम सिटी में पैर पसारने लगा है ।स्वास्थ्य महकमे के जे डी साहब के कारनामों की फेहरिस्त बड़ी लंबी है ,लेकिन लगता है कि किसी माननीय की मेहरबानी से यह साहब भी आज भी सुरक्षित बचे हुए हैं ।

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