कर्मचारियों की मनमानी के चलते नहीं मिल पा रहा पात्र गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ

  • ऑनलाइन पोर्टल पर हो रही शिकायतों का हो रहा फर्जी निस्तारण
  • योगी सरकार में कर्मचारी हुए बेलगाम किसी का खौफ नहीं

स्वतंत्र प्रभात
जलालाबाद शाहजहांपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही देश के बेघर परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत घर देकर उन्हें छत का सहारा देना चाह रहे हैं, लेकिन योगी सरकार में बेलगाम हो चुके कर्मचारी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गरीब पात्रों तक नहीं  पहुंचा  रहे हैं  जिम्मेदार अधिकारी  अपनी अपनी जेब भरने के चक्कर में गरीब पात्रों को बेवकूफ बनाने में लगे हैं जब उनकी किसी अधिकारी द्वारा नहीं सुनी जाती तब मजबूरन मुख्यमंत्री ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत करते हैं लेकिन बेखौफ कर्मचारी उसमें भी झूठी आख्या लगा कर जिला प्रशासन को ही नहीं मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी गुमराह कर देते हैं का मुख्य कारण यह है कि आज तक झूठी आख्या लगाने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है  इस स्थिति में   योगी सरकार की ऑनलाइन शिकायत सुविधा भी सिर्फ दिखावा साबित हो रही है  हालात यह है कि लाभार्थियों की जगह यह योजना अपात्रों को धड़ल्ले से दी जा रही है ।
जलालाबाद ब्लाक की ग्राम पंचायत रामपुर बैन में सचिव पंकज श्रीवास्तव ने ग्राम प्रधान के साथ मिलकर अपात्रों को आवास आवंटित कर दिए जबकि पात्र आवास के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे है।

ग्राम पंचायत रामपुर बैन निवासी भंवर पाल की आवास आईडी UP3783254 है ।भंवरपाल के पास पहले से मकान है जिस पर पहले से ही लेंटर पड़ा हुआ था।इसके अलावा भंवर पाल के पास जलालाबाद में ब्लाक के ठीक सामने प्लाट है जिस पर टीन पड़ी हुई है ।भंवरपाल के बारे में सब कुछ जानते हुए भी सचिव पंकज श्रीवास्तव ने आर्थिक सांठ गांठ कर आवास स्वीकृत कर दिया और 1 लाख 20 हजार की तीनों किस्तें भी भेज कर आवास कंप्लीट करवा दिया।इसके अलावा इसी ग्राम पंचायत की ज्ञान देवी जिनके घर मे स्वराज ट्रेक्टर भी है उनको भी आवास दे दिया।शकुंतला देवी को भी आवास दे दिया जबकि इनके ससुर दुलार सिंह को 2005 में इंदिरा आवास मिल चुका है।यही नही गॉव के दो ऐसे लोगो को 2आवास स्वीकृत कर दिए जिनके पास आवास बनाने के लिए जमीन ही नही है ।यह लोग खलिहान की जमीन पर आवास बना रहे है । तहसीलदार जलालाबाद ने खलिहान की जमीन पर बन रहे आवासों को बनने से रोक दिया है।

घूस न मिलने पर कैसे एक पात्र व्यक्ति को बना दिया अपात्र

इसी ग्राम पंचायत के सियाराम पुत्र नारायण एक बुजुर्ग व्यक्ति है जिनके नाम आवास स्थाई सूची में 22 नंबर पर है लेकिन इनको आवास नही दिया गया।जब सियाराम ने उच्च अधिकारियों  से शिकायत की तो ग्राम विकास अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने शिकायत के निस्तारण में लिख दिया कि सियाराम अपने पुत्र के साथ पक्के मकान में रह रहे है।जब दुबारा शिकायत की तो सचिव ने फिर से फर्जी निस्तारण करते हुए लिख दिया कि सियाराम की पत्नी सुरजा देवी को इंदिरा आवास मिल चुका है।जबकि सुरजा देवी सियाराम की पत्नी नही है यह सुरजा देवी ग्राम पंचायत ठिंगरी के सियाराम की पत्नी है।सियाराम अधिकारियों से शिकायत कर करके सरकारी सिस्टम से परेशान हो चुका है।  मिली जानकारी के अनुसार शिकायतों का असर इसलिए नहीं होता क्योंकि नीचे से ऊपर तक सारे अधिकारी अपना  कमीशन  लेकर  चुपचाप बैठे जाते है

सवाल यह उठता है कि आखिर गॉव का गरीब आदमी कहाँ और किसके पास अपनी फरियाद लेकर जाए।