अन्ना पशुओं से त्रस्त किसानों ने जानवरों को किया ब्लॉक परिसर के हवाले

आसपास के गौशालाओं में जगह मिलने पर जानवरों को किया जाएगा शिफ्ट-एसडीएम

जयदीप शुक्ला के साथ राम नरायन जायसवाल की रिपोर्ट

गोण्डा-
खुल्ले मवेशियों से त्रस्त किसानों ने जब जानवरों को ले जाकर प्रशासन के हवाले किया तब जाकर जिला प्रशासन की नींद खुली व अन्ना पशुओ को ठिकाने लगाने की बात कही।
अन्ना पशुओं को ले जाकर किसानों ने रुपईडीह ब्लॉक परिसर मे छोड़ दिया व बाहर से गेट को बंद कर दिया।
योगी सरकार जगह-जगह गौशाला खुलने व खुलवाने की बात कहकर ढिंढोरा पीट रही है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि ग्रामीण किसान आवारा पशुओ जानवरों से त्रस्त है।
इन दिनों अन्ना जानवर से किसान की बोई गई गेंहू की फसलें उगते ही सफाचट होती जा रही हैं।किसान इससे बहुत परेशान हैं और बेबस भी हैं क्योंकि इनका सुनने वाला कोई नहीं है।
अन्ना जानवरों से परेशान छितौनी गांव के रुपएडीह ब्लॉक के किसानो ने छुट्टे जानवरो से त्रस्त होकर उन्हें ले जाकर खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सामने बांध दिया।ब्लॉक में ही सीएचसी व पंचायत भवन भी पड़ता है।मुख्यमंत्री कार्यालय से भी पत्राचार कर चुकने के बाद भी जब किसानों की समस्या का कोई समाधान नही हुआ तो किसानों ने इस तरह से कदम उठाया।

यही नही किसानों ने गांव के पंचायत सचिव की बड़ी लापरवाही से नाराज होकर आरोप लगाया कि शासन के साथ स्थानीय प्रशासन को भी गुमराह किया जा रहा है।नाराज किसानो ने बीडियो कार्यालय में जाकर विरोध में नारेबाजी भी की।

वहीं एसडीएम सदर बीर बहादुर यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सुबह संज्ञान में आया है कि रुपएडीह ब्लॉक के प्रांगण में कुछ ग्रामीणों ने अन्ना पशु जानवरों लाकर छोड़ दिए हैं।मामला संज्ञान में आते ही नायब तहसीलदार को भेजकर उन जानवरों को अस्थाई गौशाला में भिजवा दिया गया है।आसपास के जितने गौशाला है वहां पर जगह मिलने पर उनको वहां स्थापित कर दिया जाएगा।