PWD के 19 दागी इंजीनियरों का हो सकता है डिमोशन,

किसी भी सरकारी विभाग में भ्रस्टाचार को लेकर नहीं सहा जायेगा जीरो टॉलरेंस-मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के 19 दागी इंजीनियरों का हो सकता है डिमोशन,

किसी भी सरकारी विभाग में भ्रस्टाचार को लेकर नहीं सहा जायेगा जीरो टॉलरेंस-मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

देहरादून उत्तराखंड
राकेश दुदपुड़ी

देहरादून।

प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी विभागों को भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस के तहत दागी और नाकारा अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के कड़े आदेश दिए थे। इसी के तहत कई विभागों में ऐसे कर्मियों की सूची बनाई गई है, लेकिन कार्रवाई के मामले में लोक निर्माण विभाग सबसे आगे रहा है। विभाग के दागी इंजीनियरों पर लगातार कार्रवाई जारी है।

लोक निर्माण विभाग में विभिन्न निर्माण कार्यों में अनियमितताएं बरतने वाले 41 इंजीनियरों पर कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया गया था। प्रस्ताव में सभी इंजीनियरों को एक पद नीचे किया जाना था। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने विभागीय जांच में दोषी साबित हो चुके 19 इंजीनियरों को डिमोट करने की फरमान दे दिया है ।

जीरो टालरेंस पर बड़ी मुख्यमंत्री ने की बड़ी कार्यवाही। ेशी के साथ 22 अन्य इंजीनियरों के खिलाफ कई संगीन मामले में जांच पूरी नहीं होने के कारण डिमोशन की प्रक्रिया टाल दी है। विभाग को जल्द जांच प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।


लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के 19 दागी इंजीनियरों का डिमोशन तय हो गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस के तहत अनियमितताओं के विभिन्न मामलों में दोषी पाए गए इंजीनियरों को एक पद नीचे पदावनत (डिमोट) करने को संस्तुति दे दी है।

दिसंबर महीने में भी डिमोट हुए थे तीन इंजीनियर

शासन ने दिसंबर माह में एक्सईएन समेत तीन इंजीनियरों को थानो-रायपुर मार्ग पर पुल निर्माण में लापरवाही और गड़बड़ी बरतने के दोषी पाए जाने पर डिमोट किया था। करीब 8।84 करोड़ रुपये लागत के इस पुल निर्माण में अनियमितता बरतने पर तीनों ेंगिनीरों को निलंबित कर दिया गया था।

इसके अलावा 22 और दागी इंजीनियर और है, जिनके खिलाफ जांच पूरी नहीं होने से कार्यवही फिलहाल टाल दी है। जांच पूरी होते ही उन्हें भी डिमोट कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग जल्द ही डिमोशन करने के आदेश जारी कर देगा।