फर्जी बेबसाइट बनाकर दो सौ करोड़ की चपत लगाने वाला कबरई का सरगना गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपी महोबा जनपद के कबरई कस्बे का निवासी है


फर्जी रॉयल्टी की निकासी में सम्बंधित अधिकारियों के नाम भी आ सकते हैं सामने


राजधानी लखनऊ: जबसे सरकार ने खनिज माल के ढुलाई के लिए EMM-11 जारी किया है तभी से प्रदेश में फर्जीवाड़ा जमकर हो रहा है जिसकी शिकायतें भी लगातार मिल रही थी लेकिन स्थानीय प्रशासन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ लीपापोती करती रही है लेकिन जब इसकी शिकायत शाशन स्तर तक पहुची तो राजधानी लखनऊ के प्रशासन को चौकन्ना होना पड़ा जिसके बाद खनन विभाग को 200 करोड़ का चूना लगाने वाले गैंग के सरगना को स्टेट साइबर क्राइम यूनिट ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सचिन सिंह महोबा जनपद के कबरई थाना क्षेत्र के झलकारी बाई नगर का रहने वाला है। उसके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड व फर्जी रायल्टी प्रपत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी वेबसाइट बनाकर फर्जी रॉयल्टी जारी करने वाले गैंग का नेटवर्क पूरे राज्य में फैला हुआ है जिसका पता लगाने के लिए बैंक खाते खंगाले जा रहे हैं। स्टेट साइबर क्राइम यूनिट के एसपी रोहन पी. कनय ने बताया कि काफी समय से खनन विभाग के अधिकारियों को शिकायतें मिल रही थीं कि खनन विभाग के फर्जी ई-रवन्ना (emm11 रायल्टी प्रपत्र) बनाकर हजारों ट्रकों से अवैध तरीके से बालू, मौरंग व गिट्टी की ढुलाई व निकासी की जा रही है। इससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। हजरतगंज स्थित खनन निदेशालय में तैनात खनन अधिकारी सुभाष रंजन ने साइबर क्राइम थाने में मामले की एफआईआर दर्ज करवाई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आया। पता चला कि खनन की अधिकांश गाड़ियां फर्जी ई-रवन्ना पर ही पास हो रही हैं। इसके पीछे एक संगठित गैंग का हाथ है जिसके सम्बंध प्रदेश के कई खनन माफियाओं, खदान संचालकों व ट्रांसपोर्टरों से हैं। खनन बाहुल्य क्षेत्र में गैंग की जड़ें सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पता चला कि गैंग के लोग महोबा, झांसी, बांदा, हमीरपुर और सोनभद्र समेत उन इलाकों में सक्रिय हैं, जहां बड़े स्तर पर खनन का काम होता है। एसपी रोहन पी. कनय के मुताबिक रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि गैंग का सरगना सचिन सिंह किसी पार्टी से डील करने के लिए पॉलीटेक्निक चौराहे पर आने वाला है। टीम ने वहां घेराबंदी करके शाम 4 बजे सचिन सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके साथी एसयूवी में बैठकर फरार हो गए। बना रखी थी फर्जी वेबसाइट सचिन ने पूछताछ में बताया कि उन लोगों ने फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए खनन विभाग की असल वेबसाइट से मिलती-जुलती तीन फेक वेबसाइट बना रखी थी। इसकी मदद से फर्जी ई-रवन्ना तैयार किया जाता था, जो हूबहू असली रायल्टी प्रपत्र जैसा दिखता था। इसके जरिए अलग-अलग मार्गों से मौरंग, बालू व गिट्टी लदे ट्रक पास कराए जाते थे। अधिकारियों के मुताबिक नियमानुसार एक गाड़ी के रायल्टी पेपर के लिए खनन विभाग में 10 से 15 हजार रुपये जमा करने होते हैं। इसके विपरीत ठगों का यह गैंग सात से आठ हजार रुपये में एक गाड़ी का रायल्टी पेपर जारी कर देता था। फेक वेबसाइट में दर्शाते थे डिटेल एसपी रोहन पी. कनय ने बताया कि रायल्टी पेपर में ट्रक/डम्पर का नंबर, ड्राइवर का नाम, मोबाइल नंबर, खनन स्थल व गंतव्य की डिटेल फेक वेबसाइट में दर्शाते थे। ई-रवन्ना एक निश्चित समय अवधि के लिए ही मान्य होता है। समय सीमा निकल जाने के बाद रायल्टी पेपर की वैद्यता खत्म हो जाती है। आरोपी सचिन ने कबूला कि वह लोग फर्जी वेबसाइड की मदद से जाली ई-रवन्ना पर ड्राइवर और गाड़ी आदि की डिटेल भरते थे। पार्टी के पूछने पर वह लोग फर्जी वेबसाइट खोलकर दिखा देते थे। उस पर डिटेल देख वह लोग भी निश्चिंत हो जाते थे। दो साल से सक्रिय है गैंग अधिकारियों के मुताबिक सचिन सिंह व उसके गैंग के लोग करीब दो साल यह काम कर रहे हैं। खनन अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों के इस फर्जीवाड़े से सरकार को करीब 200 करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति हुई है। एसपी ने बताया गैंग के सदस्यों की जानकारी जुटायी जा रही है जिसके बाद इनके बैंक खातों और संपत्ति की जानकारी जुटाकर इन्हें सील किया जाएगा।अगर जाँच ईमानदारी से होती है तो महोबा जनपद के बड़े बड़े खनन माफियाओं के साथ साथ कुछ अधिकारियों के भी नामों का हो सकता है खुलासा क्योंकि इतने बड़े फर्जीवाड़े का काम बगैर खनन माफियाओं व सम्बंधित अधिकारियों के नही हो सकता।सबसे बड़ा सवाल फर्जी रॉयल्टी की निकासी आखिर खनिज चेक पोस्टो से कैसे हो जाती है जब वहाँ पर खनिज विभाग के प्रशिक्षित कर्मचारी बैठे रहते हैं जिनके पास रॉयलटी की सत्यता की जाँच के लिए स्कैनर भी होते हैं।दो सौ करोड़ के राजस्व की क्षति पहुंचाने वाले सरगना के गिरफ्तार होने के बाद खनिज चेक पोस्ट के अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज।