आखिर कब थमेगा बीएसए कार्यालय का भ्रष्टाचार


यहां बिना लेन देन के नही होता है कोई काम
बीएसए के गुर्गे अंजाम देते हैं लेन देन का मामला
वेतन भुगतान के लिए शिक्षिका से मांगा 25 हजार
जिलाधिकारी के पास पंहुचा मामला



अंबेडकरनगर

बकाया वेतन के लिए शिक्षिका हाकिम की चैखट पर गुहार लगाती रही लेकिन हाकिम के गुर्गाें का दिल नही पसीजा। किसी तरह जब बात बनी तो साहब के नुमाइंदे ने वेतन भुगतान के एवज में 25 हजार की मांग कर डाली। पांच माह से वेतन न मिलने से दाने -दाने को मोहताज शिक्षिका ने जब अपना दर्द विभाग के आला हाकिम से कहा तो उनका भी दिल नही पसीजा। हार कर उसने जिले के बड़े हाकिम के दरबार में गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि बड़े हाकिम के दरबार में लगाई गई गुहार कितना असरदायक होती है।

मामला जिले के बेसिक शिक्षा विभाग का है। कटेहरी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तिवारीपुर में कार्यरत सहायक अध्यापिका कंचन शर्मा को पंाच माह से वेतन भुगतान नही हो रहा है जिसके लिए कंचन शर्मा ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी जिसके उपरान्त न्यायालय ने वेतन भुगतान का आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश के अनुकरण में वह 18 दिसम्बर को बीएसए से मिली थी जिसमें उन्होनें दो दिन का समय देने को कहा था। साथ ही सुधीर श्रीवास्तव से मिलने की सलाह दी थी।

जब वह सुधीर श्रीवास्तव के पास पंहुची तो उन्होनें वेतन भुगतान के बदले 25 हजार की मांग कर डाली। कंचन शर्मा ने जब सुधीर की इस मांग पर बीएसए को जानकारी दी तो उन्होनें न तो उसका वेतन भुगतान किया और न ही सुधीर पर कोई कार्यवाही की।

थक हार कर अब कंचन ने अगस्त 2019 से रोके गये वेतन भुगतान की मांग को लेकर जिलाधिकारी से गुहार लगाई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रकरण में शेष ऐसे लोगों का वेतन भुगतान किया जा चुका है जो न्यायालय गये थे। ऐसे में कंचन का वेतन भुगतान न किया जाना विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है।